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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. नादिर ख़ान जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है , बधाई स्वीकार करें"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. अमीरुद्दीन साहब,अच्छी ग़ज़ल हुई है , बधाई स्वीकार करें .."
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"जनाब अमित कुमार जी, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बधाई .मन में उम्मीद का दीप जलता रहे,इतना काफी है इस ज़िन्दगी के लिए सादर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. आशीष जी अच्छी ग़ज़ल हुई है ..बधाई..अल्लाह और भगवान् के साथ ईसा मसीह का नाम आना ठीक नहीं हैं क्यूँ कि ईसा स्वयं ईश्वर नहीं, ईश्वर पुत्र हैं कौन अल्लाह-भगवान या देवता सादर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. आशीष जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. अमित जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. दण्डपाणी जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. दिनेश जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. नादिर जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. अमीरुद्दीन साहब "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीया ऋचा जी,गज़ल का अच्छा प्रयास  है। बधाई स्वीकार कीजिए।"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. रचना जी,बेटी के लिए प्रेम भाव से ओतप्रोत रचना के लिए बधाई .. बाकी गुणीजन कह ही चुके हैं.सादर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. दयाराम जी,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है .. बाकी बातें अमित जी कह ही चुके हैं.बधाई सादर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. ऋचा जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. संजय जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. शिज्जू भाई .."
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. रचना जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. गुरप्रीत जी,आपका ऑब्जरवेशन बिलकुल ठीक है. मैं बिलकुल समय नहीं दे पा रहा हूँ और लगभग ६ महीनों से ग़ज़ल से दूर हूँ.कोशिश करता हूँ कि आगे बेहतर कर सकूँ "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"धन्यवाद आ. दयाराम जी "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. अजय जी,स्वयं की रचना पर आई टिप्पणियों का जवाब  जिस उत्साह से आप देते हैं वही अन्य ग़ज़लों की टिप्पणी पर भी अपेक्षित रहता है. बात मेरे सम्मान के बढ़ने अथवा घटने कि नहीं अपितु आयोजन में आप कि सक्रियता तथा अन्य सदस्य मित्रों की  आप से टिप्पणी…"
Jan 27

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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Nilesh Shevgaonkar's Blog

ग़ज़ल नूर की- दर्द है तो कभी दवा है ये



दर्द है तो कभी दवा है ये,

इश्क़ है या कि मोजज़ा है ये.

.

जो बिख़रने का सिलसिला है ये

ख़ुशबू होने ही की सज़ा है ये.

.

हम जो रोते हैं कुफ़्र होता है

मज़हब-ए-इश्क़ में मना है ये.

.

अपनी ताक़त को वो समझता है  

हुस्न के साथ मसअला है ये.

.

ख़त भला तेरा मैं जलाऊँगा?

आँसुओं से भभक गया  है ये.

.

हम तो फिरऔन इसको कहते हैं

ये समझता रहे ख़ुदा है ये. 

.

ग़म यहीं है यहीं कहीं होगा

तेरे देखे से छुप…

Continue

Posted on September 29, 2022 at 11:30am — 17 Comments

ग़ज़ल नूर की- ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

.

ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

किस किस को हम पीर बना कर बैठ गए.

.

यादें हम से छीन के कोई दिखलाओ

लो हम तो  जागीर बना कर बैठ गए.  

.

दुनिया की तस्वीर बनानी थी हम को

हम तेरी तस्वीर बना कर बैठ गए.  

.

मौक़ा रख कर भेजा था नाकामी में

आप जिसे तक़दीर बना कर बैठ गए.

.

मैंने कॉपी में इक चिड़िया क्या मांडी

दुनिया वाले तीर बना कर बैठ गए.

.

चलती फिरती मूरत देख के हम नादाँ

मंदिर की तामीर बना कर बैठ गए.

.

हँसते…

Continue

Posted on January 23, 2022 at 9:02am — 1 Comment

ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो

.

कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो

सो चाहते हैं कि उन से कोई सवाल न हो.

.

कोई फ़िराक़ न हो और कोई विसाल न हो

उठे वो मौज कि अपना हमें ख़याल न हो.   

.

तेरी तलब में हमें वो मक़ाम पाना है

कि लुट भी जाएँ तो लुट जाने का मलाल न हो.

.

हमें सफ़र जो ये बख़्शा है क्या बने इसका

न हो उरूज अगर इस में या ज़वाल न हो.

.

बशर न हो तो ख़ुदा भी न हो जहाँ में कोई 

न हो जहाँ में ख़ुदा तो कोई वबाल न हो.

.

मैं चाहता हूँ ये दुनिया वहाँ…

Continue

Posted on January 12, 2022 at 9:00am — 4 Comments

ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो

,

उस के नाम पे धोके खाते रहते हो

फिर भी उस के ही गुण गाते रहते हो.

.

उस के आगे बोल नहीं पाते हो तुम

मैं बोलूँ तो हाथ दबाते रहते हो.

.

कोई नया इस दुनिआ में कब आता है

तुम ही जा कर वापस आते रहते हो.

.

तुम को वापस अपने घर भी जाना है

क्यूँ दुनिआ से लाग  लगाते रहते हो.

.

अक्सर मिलता है वो इन्साँ पूजता है 

वो जिस को तुम ख़ुदा बताते रहते हो.

.

वाइज़ जी क्या तुम ने वो सब सीख लिया 

हम को जो कुछ तुम समझाते रहते…

Continue

Posted on December 27, 2021 at 8:30am — 8 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 7:53pm on September 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय नीलेश जी आदाब बहुत बहुत शुक्रिया मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ आपने मेरी ग़ज़ल को सराहा मेरा तो आज का दिन बन गया ! ह्रदय से शुक्रिया
At 8:17pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का
At 8:16pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
हौसला बढ़ने का
At 8:15pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

 
 
 

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