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Amit Kumar "Amit"
  • Male
  • ujhani
  • India
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"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल नमन जी गजल का बेहतरीन प्रयास हुआ है बहुत-बहुत बधाइयां"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"धन्यवाद आदरणीय"
Oct 26
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"धन्यवाद आदरणीय। कृपया करके अलिफ वस्ल की प्रक्रिया को विस्तार में बताएं या कोई लिंक शेयर करें जहां हम इसके बारे में पढ़ सकें धन्यवाद।"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय अनीस शेख जी एक बेहतरीन ग़ज़ल कहने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय तनवीर जी गजल का अच्छा प्रयास हुआ बधाइयां स्वीकार करें और मुशायरे में सक्रियता दिखाएं"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय नादिर खान जी ग़ज़ल का अच्छा प्रयास रहा बधाइयां"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय दंड पानी नाहक जी ग़ज़ल पसंद करने और हौसला अफजाई के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय वासुदेव जी गजल पसंद करने के लिए धन्यवाद"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय सुरेंद्र नाथ सिंह जी गजल पसंद करने के लिए धन्यवाद"
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Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय आशिफ जैदी साहब हौसला अफजाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय समर कबीर साहब पिछले मुशायरे में सक्रिय ना रहने के लिए क्षमा चाहूंगा मैं किसी जरूरी कार्य से बाहर गया था और पूरे समय व्यस्त था नेटवर्क भी मोबाइल में सही नहीं आ रहे थे। उनको हमारे इश्क पे एतबार भी नहीं ये मिसरा बह्र में नहीं…"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय अजय गुप्ता जी ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ बधाइयां स्वीकार करें"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय दंडपानी जी एक अच्छी ग़ज़ल कहने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां"
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Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय सुरेंद्र नाथ जी अच्छी ग़ज़ल कहने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब अच्छी ग़ज़ल हुई बधाइयां स्वीकार करें इस शेर को देखें शायद वहृ में नहीं है बाकी गुणीजन बताएंगे। आज उनकी बोल चाल में तकरार भी नहीं l ।"
Oct 26
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
" आदरणीय आसिफ जैदी साहब अच्छी गजल हुई बधाइयां स्वीकार करें।"
Oct 26

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujhani ,UP
Native Place
Ujhani
Profession
DM QA
About me
Amit

Amit Kumar "Amit"'s Blog

गीत - मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।

तुम मुझको चाहे जो भी समझो लेकिन सुनो प्रिय।

मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।



तुम अमृत जैसी दुर्लभ हो, तुम गंगाजल सी पावन हो।

तुम खुशबू से लबरेज पवन, तुम बहका-बहका सावन हो।

तुम कलियों में कचनार प्रिय, तुम नील गगन में चंदा हो।

उर्वशी-मेनका से सुंदर, जो जग पूजे वो वृंदा हो।



उस जीवन दाता रब का मुझ पर फजल समझता हूं।

मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।।१।।



सांसो की मधुमय हाला से मदहोश सदा हो जाता हूं।

इन नैनो की मधुशाला… Continue

Posted on July 19, 2019 at 6:09pm — 3 Comments

गज़ल - गमों का नाम हो जाये हमारे नाम से साकी।

पिला दे घूंट दो मुझको, ज़रा नजरों से ऐ साकी।।

मिलुंगा मैं तुझे हर मोड़ पे पहचान ले साकी।।१।।

अभी तो दिन भी बाकी है ये सूरज ही नहीं डूबा।

इसे दिलबर के आंचल में जरा छुप जान दे साकी।।२।।

जिसे पूजा किये हरदम जिसे समझा खुदा मैंने।

किया बर्बाद मुझको तो उसी इन्सान ने साकी।।३।।

मेरा महबूब भी तू है मेरा हमराज भी तू है।

वे दुश्मन थे मेरे पक्के जो मेरे साथ थे साकी।।४।।

नहीं इससे बड़ी कोई भी अब अपनी तमन्ना है।

गमों का नाम हो जाये हमारे नाम से…

Continue

Posted on January 6, 2019 at 10:30pm — 10 Comments

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At 7:42am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय अमित कुमार अमित जी
At 10:31am on May 26, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अमित कुमार 'अमित' जी हौसला अफजाई का बहुत शुक्रिया
At 6:50am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीय Amit Kumar साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर

At 5:13pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शीमान अमित कुमार जी नमस्कार
शुक्रिया आपका
At 5:01pm on September 29, 2014, Vivek Jha said…

थैंक्स अमित जी, उस दिन आपसे मिलकर काफी अच्छा लगा 

 
 
 

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