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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"आ. भाई महेंद्र जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
34 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post जाने कितने बढ़े हुए हैं
"आ. ऊषा जी, अच्छी रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९१
"आ. भाई राजनवादवी जी, अच्छी गजल हुयी है। हार्दिक बधाई ।"
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14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

खुशी बाँटो कि बँटकर  भी  - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

१२२२/१२२२-/१२२२/१२२२ किसी के घर बहुत आवागमन से प्यार कम होगा इसी  के  साथ  हर बारी  सदा  सत्कार कम होगा।१। जरूरत सब को पड़ती है यहाँ कुछ माँगने की पर हमेशा   माँगने   वाला  सही  हकदार  कम  होगा।२। खुशी बाँटो कि बँटकर  भी  नहीं भंडार होगा कम अगर साझा करोगे दुख तो उसका भार कम होगा।३। नजाकत देख  रूठो  तो  मिलेगा  मान रिश्तों को जहाँ रूठोगे पलपल में सुजन मनुहार कम होगा।४। वही है काम की नेकी बहा दी जो भी नदिया में बखानोगे अगर उसको सदा आभार कम होगा।५। कहो मत हद से मीठा भी कि होगी चापलूसी वो करोगे शब्द कड़ुवे तो  बहुत  व्यवहार कम होगा।६। मौलिक.अप्रकाशित लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'See More
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-99
"आ. भाई महेंद्र जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Saturday
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९०
"आ. भाई राजनवादवी जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 8
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नव वर्ष के दोहे
"आ. भाई बृजेश जी, सादर आभार ।"
Jan 4
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नव वर्ष के दोहे
"वाह वाह आदरणीय बहुत ही उत्तम दोहे.."
Jan 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित करती कविता (पञ्चचामर छंद)
"आ. भाई सुरेन्द्र नाथ जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 2
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"आ. भाई पंकज जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (रब से कीजिए दुआएं नए साल में)
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, नववर्ष पर सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नव वर्ष के दोहे
"आ. भाई सुरेंद्र नाथ जी, दोहों की प्रशंसा के लिए आभार । आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ..."
Jan 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ८९
"आ. भाई राजनवादवी जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 2
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नव वर्ष के दोहे
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन।,, बेहतरीन दोहों के लिए हार्दिक बधाई और नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित हैं। सादर"
Jan 1
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नव वर्ष के दोहे
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन।,, बेहतरीन दोहों के लिए हार्दिक बधाई और नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित हैं। सादर"
Jan 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post दिल जो टूटा अभी तक जुड़ा ही नहीं
"आ. भाई नवीन जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: बारम्बार सियासत की क्या (५ )
"आ. गिरधारीलाल जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post नववर्ष पर हाइकु - [हाइकु]/शेख़ शहज़ाद उस्मानी :
"आ. भाई शेख शहजाद जी, नव वर्ष पर अच्छे हाइकू हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
Jan 1

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

खुशी बाँटो कि बँटकर  भी  - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

१२२२/१२२२-/१२२२/१२२२

किसी के घर बहुत आवागमन से प्यार कम होगा

इसी  के  साथ  हर बारी  सदा  सत्कार कम होगा।१।



जरूरत सब को पड़ती है यहाँ कुछ माँगने की पर

हमेशा   माँगने   वाला  सही  हकदार  कम  होगा।२।



खुशी बाँटो कि बँटकर  भी  नहीं भंडार होगा कम

अगर साझा करोगे दुख तो उसका भार कम होगा।३।



नजाकत देख  रूठो  तो  मिलेगा  मान रिश्तों को

जहाँ रूठोगे पलपल में सुजन मनुहार कम होगा।४।…

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Posted on January 17, 2019 at 5:58pm

नव वर्ष के दोहे

संस्कार  की  नींव दे, उन्नति  का  प्रासाद

हर मन बंदिश में रहे, हर मन हो आजाद।१।



महल झोपड़ी सब जगह, भरा रहे भंडार

जिस दर भी जायें मिले, भूखे को आहार।२।



लगे न बीते साल सा, तन मन कोई घाव

राजनीति ना भर सके, जन में नया दुराव।३।



धन की बरकत ले धनी, निर्धन हो धनवान

शक्तिहीन अन्याय हो, न्याय बने बलवान।४।



घर आँगन सबके खिलें, प्रीत प्यार के फूल

और जले नव वर्ष मेें, हर नफरत का शूल।५।



निर्धन को नव वर्ष की, बस इतनी…

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Posted on December 31, 2018 at 5:54pm — 8 Comments

एक ही  सपना  हमारा  जी  हजूरी की जगह - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२२/२१२२/२१२२/२१२

अब किसी के मुख न उभरे कातिलों के डर दिखें

इस वतन में हर तरफ खुशहाल सब के घर दिखें।१ ।



काम हासिल हो सभी को जैसा रखते वो हुनर

फैलते सम्मुख किसी के अब न यारो कर दिखें।२।



भाईचारा जब हो कहते हम सभी के बीच तो

आस्तीनों में छिपाये  लोग  क्यों खन्जर दिखें।३।



हौसला कायम रहे  यूँ सच बयानी का सदा

आईनों के सामने आते न अब पत्थर दिखें।४।…

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Posted on December 26, 2018 at 10:51am — 3 Comments

तिजारत वो  चुनावों  में  हमेशा  वोट  की करते - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' ( गजल)

१२२२/१२२२/१२२२/१२२२

हुआ कुर्सी का अब तक भी नहीं दीदार जाने क्यों

वो सोचें  बीच  में  जनता  बनी  दीवार  जाने क्यों।१।



बड़ा ही भक्त है या  फिर  जरूरत वोट पाने की

लिया करता है मंदिर नाम वो सौ बार जाने क्यों ।२।



तिजारत वो  चुनावों  में  हमेशा  वोट  की करते

हकों की बात भी लगती उन्हें व्यापार जाने क्यों ।३।



नतीजा एक भी अच्छा नहीं जनता के हक में जब

यहाँ सन्सद…

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Posted on December 21, 2018 at 3:35pm — 12 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
At 2:53pm on July 8, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना 

At 2:27pm on July 8, 2014, Nilesh Shevgaonkar said…

बधाई 

At 2:21pm on July 8, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
 
 
 

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"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।"
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"आद0 फूल सिंह जी सादर अभिवादन। रचना पसंद करने के लिए कोटिश आभार"
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"आद0 महेंद्र जी सादर अभिवादन। प्रतिक्रिया से नवाजने के लिए आभारी हूँ।"
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