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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

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Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें । 'पेट जब भरता नहीं गुफ़्तार उसका दोस्तो' इस मिसरे में 'गुफ़्तार' शब्द स्त्रीलिंग है, अगर ये पुल्लिंग भी मान लें तब भी आप क्या कहना चाहते…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद.."
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्षमण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब, बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ। मतले के ऊला में 'गुफ़्तार' शब्द स्त्रीलिंग है, देखियेगा। सादर। "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और समर्थन के लिए आभार। "
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसको भाया भीड़ का होकर खो जाना -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए आभार। "
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसको भाया भीड़ का होकर खो जाना -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी ।लाज़वाब गज़ल। पीर हमें अब लगती सच में अपनी सीफूल के  बदले  पथ में  काँटे  बो जाना।५।**"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी।लाज़वाब गज़ल। भाण जिनको बोलते जब दे रहे नित गालियाँकर रहे गुणगान क्यों हुशियार उसका दोस्तो। काट मेरी बात का रख वो रिझायेगा तुम्हेंहै जमूरे से न कम किरदार उसका दोस्तो।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (उगलते भी नहीं बनता निगलते भी नहीं बनता)
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई दण्डपाणि नाहक जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए हार्दिक आभार ।"
Monday
dandpani nahak commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर ' जी नमस्कार बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post खंडित मूर्ति - लघुकथा –
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी संदेशपरक कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२२/२१२२/२१२२/२१२पेट जब भरता नहीं गुफ़्तार उसका दोस्तोढोइए अब और मत यूँ भार उसका दोस्तो।१।**नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसीहर वचन जाता रहा  बेकार उसका दोस्तो।२।**है खबर रस्ते से करने वो लगा है दरकिनाररास्ता जिस ने किया  तैयार उस का दोस्तो।३।**हाल देखे से न भरनी जो हमारी झोलियाँ क्या करें इस हाल में दीदार उसका दोस्तो।४।**यूँ चमन पूरा खफ़ा हैं फूलों से बरताव परदे रहे हैं साथ लेकिन  ख़ार उसका दोस्तो।५।**भाण जिनको बोलते जब दे रहे नित गालियाँकर रहे गुणगान क्यों हुशियार उसका दोस्तो।६।**काट मेरी बात का रख वो रिझायेगा तुम्हेंहै जमूरे से न कम किरदार उसका दोस्तो।७।**दान में पायी जिन्होंने थैलियाँ अहसान कीकरते हैं चुपचाप वो आभार उसका दोस्तो।८।मौलिक/अप्रकाशितलक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. रचना बहन, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. मुझ कम अक्ल के हिसाब से भी भाषा सीखनी या सिखानी ही पड़ती हैं । सिखाना नहीं ...शेष विद्वजन ही जानें"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. भाई अमित जी, सादर आभार.."
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. भाई नादिर खान जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है ।हार्दिक बधाई ।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. भाई अमीरूदीन जी , उम्दा गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए आभार ।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. डिम्पल जी, सादर आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी, सादर आभार.."
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२२/२१२२/२१२२/२१२



पेट जब भरता नहीं गुफ़्तार उसका दोस्तो

ढोइए अब और मत यूँ भार उसका दोस्तो।१।

**

नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी

हर वचन जाता रहा  बेकार उसका दोस्तो।२।

**

है खबर रस्ते से करने वो लगा है दरकिनार

रास्ता जिस ने किया  तैयार उस का दोस्तो।३।

**

हाल देखे से न भरनी जो हमारी झोलियाँ

क्या करें इस हाल में दीदार उसका दोस्तो।४।

**

यूँ चमन पूरा खफ़ा हैं फूलों से बरताव पर

दे रहे हैं साथ लेकिन  ख़ार उसका दोस्तो।५।

**

भाण…

Continue

Posted on October 24, 2020 at 9:54am — 7 Comments

उसको भाया भीड़ का होकर खो जाना -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२२२/२२२२/२२२



हाथ पकड़ कर चाहा जिसका हो जाना

उसको भाया भीड़ का होकर खो जाना।१।

**

किस्मत किस्मत रटते सबको देखा पर

एक न पाया जिस ने किस्मत को जाना।२।

**

मीत  अकेलेपन  सा  कोई  और  नहीं

लेकिन ये भी सब  को पाया तो जाना।३।

**

नींद  न  आये  तो  ये  कैसे  भूलें  हम

झील किनारे गोद में सर रख सो जाना।४।

**

पीर हमें अब लगती सच में अपनी सी

फूल के  बदले  पथ में  काँटे  बो…

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Posted on October 13, 2020 at 6:40pm — 14 Comments

नेता कम - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)

२२२२/२२२२/२२२२/२२२



देश की सुन्दर तस्वीरें अब रचने वाले नेता कम

सच में जन के हित में नेता बनने वाले नेता कम।१।

**

बाँट रहे  हैं  जाति-धर्म  में  दशकों  पहले जैसा ही

एक रहो सब देश की खातिर कहने वाले नेता कम।२।

**

सब धनिकों का पक्ष उठाते अपनी अण्टी भरने को

अब निर्धन की पीड़ाओं  को  सुनने वाले नेता कम।३।

**

ठाठ  पुराने  राजा  जैसे  अब  हर  नेता अपनाता

लाल …

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Posted on October 6, 2020 at 7:01pm — 4 Comments

जन के हाथों थमी थालियाँ - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)

२२२२/२२२२/२२२२/२२२



झण्डे बैनर टँगे हुए हैं और निशसतें ख़ाली हैं

भाषण  देने  वाले  नेता  सारे  यार  मवाली हैं

**

इन के दिन की  बातें  छोड़ो रातें तक मतवाली हैं

जनसेवक का धार विशेषण रहते बनकर माली हैं

**

कहते  तो  हैं  नित्य  ग़रीबी  यार  हटाएँगे  लेकिन

जन के हाथों थमी थालियाँ देखो अबतक ख़ाली हैं

**

देश की जनता तरस रही है देखो एक निवाले को

पर  ख़र्चे  में  इन की  आदतें  हैराँ  करने वाली हैं

**

काम न करते कभी सदन में देश को उन्नत करने…

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Posted on October 4, 2020 at 11:01am — 6 Comments

Comment Wall (17 comments)

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At 8:37am on May 14, 2020, Om Prakash Agrawal said…
आदरणीय
सराहना हेतु सहृदय आभार एवं धन्यवाद
At 4:12pm on May 7, 2020, सालिक गणवीर said…
हौसला अफजाई के लिए आपका ममनून हूँ आदरणीय
At 10:58am on October 18, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत शुक्रिया
At 2:30pm on September 28, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी ' मुसाफिर' जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला अफ़जाई का आपने समय निकाला मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:47am on August 24, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्षमण धामी जी
At 10:03pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब
बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने के लिए!
At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

 
 
 

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