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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (5,280)

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"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182

9 on Sunday
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। सुझाव के बाद अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। आ. नीलेश भाई ने अच्छा मार्गदर्शन क…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन। यूँ तो पूरी गजल ही लाजवाब हुई है पर ये दो शेर पर अतिर…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदमी दिल का वह बुरा तो नहीं सिर्फ इससे  खुदा  हुआ  तो नहीं।। (पर जमाने से कुछ जुदा…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185

59 Nov 28, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन।  गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार। भाई तिलकराज ज…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185

59 Nov 28, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"आ. भाई तिलकराज जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185

59 Nov 28, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"आ. भाई शिज्जू शकूर जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। गिरह भी खूब हुई है। हार्दिक…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185

59 Nov 28, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"आ. भाई चेतन जी , सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई। "टपकती छत हमें तो याद…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Nov 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185

59 Nov 28, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
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"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
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"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
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"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
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देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
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"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
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"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
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मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
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