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हिंदी की कक्षा

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हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"

Location: ओपन बुक्स ऑनलाइन
Members: 40
Latest Activity: Feb 14

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सम्मानित सदस्यों,


सादर अभिवादन,


मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि आदरणीय आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" द्वारा हिंदी विषय पर कक्षा प्रारंभ की जा रही है | आप के द्वारा  शीघ्र ही भारतीय शास्त्रीय छन्द पर विशेष आलेख प्रस्तुत किया जायेगा । आप सब से अनुरोध है कि आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" जी के अनुभवों से लाभ उठाये,
धन्यवाद |


  • आचार्य संजीव वर्मा सलिल : एक परिचय
पाठकों के लिये आचार्य संजीव वर्मा "सलिल" ले कर प्रस्तुत हुए हैं "छंद और उसके विधानों" पर केन्द्रित आलेख माला।  आचार्य संजीव वर्मा सलिल को अंतर्जाल जगत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं। आपने नागरिक अभियंत्रण में त्रिवर्षीय डिप्लोमा, बी.ई., एम.आई.ई., एम. आई. जी. एस., अर्थशास्त्र तथा दर्शनशास्त्र में एम. ए., एल-एल. बी., विशारद, पत्रकारिता में डिप्लोमा, कंप्युटर ऍप्लिकेशन में डिप्लोमा किया है।

साहित्य सेवा आपको अपनी बुआ महीयसी महादेवी वर्मा तथा माँ स्व. शांति देवी से विरासत में मिली है। आपकी प्रथम प्रकाशित कृति 'कलम के देव' भक्ति गीत संग्रह है। 'लोकतंत्र का मकबरा' तथा 'मीत मेरे' आपकी छंद मुक्त कविताओं के संग्रह हैं। आपकी चौथी प्रकाशित कृति है 'भूकंप के साथ जीना सीखें'। आपने निर्माण के नूपुर, नींव के पत्थर, राम नाम सुखदाई, तिनका-तिनका नीड़, सौरभ:, यदा-कदा, द्वार खड़े इतिहास के, काव्य मन्दाकिनी 2008 आदि पुस्तकों के साथ साथ अनेक पत्रिकाओं व स्मारिकाओं का भी संपादन किया है। आपने हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में सृजन के साथ-साथ कई संस्कृत श्लोकों का हिंदी काव्यानुवाद किया है। आपकी प्रतिनिधि कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद 'Contemporary Hindi Poetry" नामक ग्रन्थ में संकलित है। आपके द्वारा संपादित समालोचनात्मक कृति 'समयजयी साहित्यशिल्पी भागवत प्रसाद मिश्र 'नियाज़' बहुचर्चित है।

आपको देश-विदेश में 12 राज्यों की 50 सस्थाओं ने 75 सम्मानों से सम्मानित किया जिनमें प्रमुख हैं- आचार्य, वाग्विदाम्बर, 20वीं शताब्दी रत्न, कायस्थ रत्न, सरस्वती रत्न, संपादक रत्न, विज्ञान रत्न, कायस्थ कीर्तिध्वज, कायस्थ कुलभूषण, शारदा सुत, श्रेष्ठ गीतकार, भाषा भूषण, चित्रांश गौरव, साहित्य गौरव, साहित्य वारिधि, साहित्य शिरोमणि, साहित्य वारिधि, साहित्य दीप, साहित्य भारती, साहित्य श्री (3), काव्य श्री, मानसरोवर, साहित्य सम्मान, पाथेय सम्मान, वृक्ष मित्र सम्मान, हरी ठाकुर स्मृति सम्मान, बैरिस्टर छेदीलाल सम्मान, शायर वाकिफ सम्मान, रोहित कुमार सम्मान, वर्ष का व्यक्तित्व(4), शताब्दी का व्यक्तित्व आदि।

आपने अंतर्जाल पर हिंदी के विकास में बडी भूमिका निभाई है। साहित्य शिल्पी पर "काव्य का रचना शास्त्र (अलंकार परिचय)" स्तंभ से पाठक पूर्व में भी परिचित रहे हैं।

Discussion Forum

sanjiv verma 'salil'

विशेष लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिष्टय् व्याकरण और छंद विधान - 2

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by Saurabh Pandey Sep 3, 2011. 1 Reply

विशेष लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिष्टय् व्याकरण और छंद विधान - 2  जन-मन को भायी चौपाई छंद पर इस महत्वपूर्ण लेख माला की प्रथम श्रंखला में आपने जाना कि  वेद के 6 अंगों 1. छंद, 2. कल्प, 3. ज्योतिऽष , 4. निरुक्त, 5. शिक्षा तथा 6. व्याकरण में छंद का…Continue

sanjiv verma 'salil'

लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिऽष्टय् छंद और छंद विधान: 1 --आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by ved 'vyathit' Dec 1, 2011. 6 Replies

आत्मीय!वन्दे मातरम. इस विषय पर कुछ सामग्री पहले प्रेषित की थी. उसे संशोधित-परिवर्तित कर पुनः भेज रहा हूँ. कृपया पूर्व सामग्री को निरस्त कर उपयुक्त प्रतीत होने पर इसे प्रयोग करें. लेखमाला:              जगवाणी हिंदी का वैशिऽष्टय् छंद और छंद विधान:…Continue

Tags: छंद_विधान

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Ambarish Srivastava Comment by Ambarish Srivastava on February 3, 2012 at 1:01pm

भाई राजीव जी दोनों ही सही शब्द  हैं ......

हलकान†

हलकान† - की परिभाषा हलकान† , का अर्थ हलकान†


हलकान†वि० [हिं० हलका ( = हिलना, कंपन ?) अ० हलाकत या हैरान] दे० 'हैरान' । उ०—गिरह माँहि धंधा घना, भेस माँहि हलकान । जन दरिया कैसे भजूँ, पूरन ब्रह्म निदान ।—दरिया० बानी, पृ० ४० ।

हलाकानDagger; - की परिभाषा व अर्थ :

हलाकान‡वि० [अ० हलाकत या हैरान + ई] परेशान । हैरान । तंग । उ०—क्यों निर्दोषियों के हलाकान करने की ठान ठानते हो ।—प्रेमघन०, भाग २, पृ० ४६७ । क्रि० प्र०—करना ।—ह

Rajiv Gupta Comment by Rajiv Gupta on February 3, 2012 at 12:10pm

मैंने खबरों में कई बार ' हलकान ' और कई बार 'हलाकान' शब्द पढ़ा है. इसका सही शब्द क्या है .....

mohinichordia Comment by mohinichordia on September 1, 2011 at 10:20am

 मातृभाषा हिन्दी को गहराई से सीखने का सुनहरा अवसर मिला है |धन्यवाद 

Tilak Raj Kapoor Comment by Tilak Raj Kapoor on August 22, 2011 at 10:49pm

मैं भी उपस्थि‍त हूँ कक्षा में।

Sanjay Mishra 'Habib' Comment by Sanjay Mishra 'Habib' on August 22, 2011 at 8:22pm

ओ बी ओ का एक और महत्वपूर्ण पहल...

निश्चित ही यह मुझ जैसे विद्यार्थी के लिए बहुत लाभप्रद होने जा रहा है...

सादर आभार ओ बी ओ ...

Rajendra Malla Comment by Rajendra Malla on August 1, 2011 at 12:56pm

क्या बात हैं, मुझे तो ये बहुत अच्छा लगा । मेरा हिन्दी अच्छा नहीं हैं । अब हमको हिंन्दी सीखने के लिए एक अच्छा मैदान मिलगया । सुक्रियां ।

 

Saurabh Pandey Comment by Saurabh Pandey on August 1, 2011 at 11:04am

सभी कितने सौभाग्यशाली हैं..!!.

आभार.

GOPAL BAGHEL 'MADHU' Comment by GOPAL BAGHEL 'MADHU' on July 24, 2011 at 12:50am

इस कक्षा में आने से हिन्दी की कुछ गहराइयों से परिचय हो सकेगा..हिन्दी सीखने वालों से भी परिचय होगा 

Rohit Sharma Comment by Rohit Sharma on July 20, 2011 at 6:15pm

बहुत अच्छा प्रयास है.

DR SHRI KRISHAN NARANG Comment by DR SHRI KRISHAN NARANG on June 30, 2011 at 1:55pm
Salil ji ko naman is prayas ke liye, kintu is Hindi seekhane ka madhyam kya hoga. Yadi ise english ke madhyam se sikhayenge to meri bahu jo Germany main hai, woh bhi is ki sadasya banegi. Abhi woh yahan munich main paise de kar hindi seekhna shuru ki hai. Wiase mujhe to Acharyaji se seekhne main anand aayega. Abhaar aur bahut bahut badhai, OBO ko bhi
 

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