For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गनेश जी "बागी")

MAHIMA SHREE's Page

Latest Activity

श्रीराम left a comment for MAHIMA SHREE
" सुंदर प्रस्तुति ... बहुत-बहुत बधाई"
Mar 31
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय विन्धेश्वरी जी .. बहुत -२ धन्यवाद आपने अपना विचार साझा किया और उत्साहवर्धन किया / पर मैंने जैसा कहने की कोशिश की है उतार चढाव जैसे व्यक्ति अपने जीवन में देखता है वैसे ही देश की संस्कृति के साथ भी है . अगर कुछ अच्छी चीजें होती हैं तो कुछ नयी…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"जी सर .. सादर"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"जी आदरणीय . ओबिओ का मंच अनोखा है हम सौभाग्शाली है  .. जन्हा हम सीखते है और निखरते हैं .इस मंच का जवाब नहीं जन्हा आप जैसे विद्वान्  गुरुजनों का   मार्गदर्शन उपलब्ध है जो बारीक़ से बारीक गलतियों को सुधारने को तत्परता से आगे आते है / ओबिओ…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी  कहने को ये तिन दोहें है . पर ये भारतीय समाज की ऐसी कडवी सच्चाई को बयाँ कर रहे हैं जिससे हम आये दिन मुंह छुपा के निकल जाना चाहते हैं . या सुन देख के बस अफ़सोस करते रह जाते हैं .. हम कितनी भी अपनी संस्कृति की महानता पर गर्व…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीया प्राची जी  आप जैसी विदुषी से उत्साहवर्धन पा कर रचना का मान बढ़ गया .. आपने सराहा ..लिखना सार्थक हो गया / मार्गदर्शन करते रहे .. जी आदरणीया  एडमिन जी ने अब ठीक कर दिया है  / स्नेह बनाये रखे / आपकी प्रतिक्रिया के लिए दिल से…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय सत्यनारायण जी , नमस्कार    आपकी ह्रदय से आभारी हूँ .. सहयोग बनाये रखे "
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय  सत्यनारायण जी .. महोत्सव प्रस्तुत आपकी कुंडली छंद के लिए बधाई स्वीकार करें "
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"क्या  बात है आदरणीया राजेश दी एकादशी पर भी आपकी लेखनी दौड़ पड़ी .. बहुत बधाई ..आपको  "
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"क्या  बात है  सर जी .. एक से बढ़ कर एक प्रस्तुति ...  बिलकुल सही कहा आपने जन्हा भारतीय संस्कृति में अपनी हरेक तरह की लिप्सा पे संतुलन रखने की लिए हजारो नियम बनाए गए है ..वही पाश्चात्य में इसे सिर्फ बढावा ही दिया जाता है .. अंकुश कंही…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"मानव में जन्म ले मानवता क्यों भूलने लगे .. आदरणीया शुभ्रा जी नमस्कार  पहली रचना पढ़ रही हूँ आपकी .. बदलते परिवेश में अपनी संस्कृति के क्षरण होने का दुःख आपकी रचना में बखूबी आया है ... बहुत -२ बधाई आपको "
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"रिश्ते खून के  खून हो गए  शागिर्द  अफलातून हो गए  आयात निर्यात के  खेल में  शाश्वत मूल्य न्यून  हो गए  पेट भरा फिर भी हैं  खा रहे  भूखे बच्चे यों ही सो जा रहे  पहनने को वस्त्र हैं दीखते…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय प्रदीप सर .. वाह क्या बात है ...बहुत ही सुंदर अभिवयक्ति ...बधाई स्वीकार करे.  आदरणीया राजेश दी सहमत बिलकुल गागर में सागर ..."
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"कुम्भ में पी एम् चुने जब संत सब - हाथ धर कर बैठ मत यूं हाथ पर । । जब धरा पे है बची बंजर जमीं-- बीज सरसों का उगा ले हाथ पर.. क्या बात है . आदरणीय .. बहुत-२ बधाई . समसामयिक कुसस्कृति पे कटाक्ष के लिए "
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"रामराज्य सा आदर्श यहाँ मिलता है,  सर्व-धर्म सदभाव यही  खिलता है ।  अनेकता में एकता का दर्शन यहाँ होता,  गंगा जमनी तहजीब का संगम भी होता   दुनिया में जिसे एक नाम से सभी जानते,  विश्व में "भारतीय-संस्कृति"इसे ही बताते... वाह बहुत ही सुंदर प्रस्तुति .…"
Feb 10
MAHIMA SHREE replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय एडमिन महोदय  आपका बहुत आभार / आपको एक बार फिर कष्ट दे रही हूँ / क्रप्या  रचना में उपयुक्त शब्द डिगा रहा के जगह पे डिगी नहीं कर दें / पर जो हर झंझावात में डिगी नहीं  वही संस्कृति हमारी है सादर  "
Feb 10

Profile Information

Gender
Female
City State
NEW DELHI
Native Place
PATNA
Profession
Private sector( corporate)
About me
SEARCH IN MEANING OF MY LIFE
तुम्हारा मौन
विचलित कर देता है
मेरे मन को
सुनना चाहती हूँ तुम्हे
और
मुखर हो जाती हैं
दीवारें , कुर्सियां
टेबल , चम्मचे
दरवाजे
सभी तो कहने लगते हैं
सिवाए तुम्हारे

MAHIMA SHREE's Blog

तुम्हारे साथ ....

Posted on December 23, 2012 at 6:30pm 22 Comments

ओ तरुणी

मेरे आंसू

तेरे दुख

कम नहीं कर पाएँगे

मेरी संवेदनाएँ

तेरे जख्म नहीं भर पायेंगे 

तार -तार हैं सपने तेरे

रोम रोम में जहर भर गए

कुंठित होगा मन का कोना

घृणा के ज्वार पे तुम सवार

बदले की आग में भी जलोगी

ना कुछ करने की विवशता

आत्महत्या के लिए प्रेरित करेगी

ओ मेरी अनजान…

Continue

उलझन

Posted on December 5, 2012 at 4:22pm 17 Comments

जानती हूँ
या कहो
बखूबी समझती हूँ
तुम्हारे चुपचाप रहने का सबब
हमारे बीच समझ का
जो अनकहा पुल है
कभी सच्चा लगता है और
कभी दिवास्वप्न सा
दुविधा की कई बातें हैं
जज्बातों की कई सौगाते भी हैं
जो अकेले बैठ के
अपने मन मंदिर में
कोमल अहसासों से पिरोयें हैं
साझा करने को कभी
पुल के इस पार तो आओ
दो बातें तो कर जाओ
जानती हूँ तुम्हें
या नहीं जानती की
उलझन तो सुलझा जाओ

प्रवंचनाएं

Posted on June 3, 2012 at 9:46pm 24 Comments

 

सांसे जब तक चलती हैं

तब तक चलता है

सुख- दुःख का एहसास 

मान -अपमान की पीडाएं 

उंच -नीच , जात -पात  का भेद

सम्पन्नता -विपन्नता का आंकलन

नहीं मिलने मिलाने के उलाहने

प्रतियोगिता की अंधी दौड़

एक दुसरे को मिटा डालने का षड़यंत्र

सांसे जब तक टूटती हैं

उस क्षण को

ग्लानी से भरता है मन

और छोड़ देता है तन को

बची रह जाती है

उसकी कुछ यादें

अंततः कुछ भी नहीं बचता शेष

और फिर से शुरू हो…

Continue

नियति तू कब तक खेल रचाएगी ..

Posted on June 3, 2012 at 9:29pm 11 Comments

नियति तू कब तक खेल रचाएगी

क्या हम सचमुच हैं

तेरे ही कठपुतले

तू जैसा चाहेगी

वैसा ही पाठ सिखाएगी

नियति तू कब तक खेल रचाएगी

कभी कुछ खोया था

कंही कुछ छुट गया था

कभी छन् से कुछ टूट गया था

भीतर जख्मो के कई गुच्छे हैं

गुच्छो के कई सिरे भी हैं

पर उनके जड़ो का क्या

तेरा ही दिया खाद्य  औ पानी था

नियति तू कब तक खेल रचाएगी

कंही कुछ मर रहा है

कंही कुछ पल रहा…

Continue

Comment Wall (32 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:00am on March 31, 2013, श्रीराम said…

 सुंदर प्रस्तुति ... बहुत-बहुत बधाई

At 9:59am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

महिमा जी, नववर्ष की हार्दिक बधाई स्वीकार करें.....

At 12:54pm on December 11, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

महिमा जी, सस्नेह
प्रतियोगिता में प्रस्तुत आपकी रचना दिल की गहराईयों को छु गयी. बधाई.

At 10:19pm on September 7, 2012, Laxman Prasad Ladiwala said…

महिमा जी आभार आप का,

At 11:38pm on August 15, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

.महिमा जी आभार आप का देश भक्ति रचना को आप ने सराहा ..आज कल उपस्थिति कुछ कम दर्ज हो रही ही ..प्रभु सब मंगले करें ...जय  हिंद ..प्रोत्साहन के लिए आभार ....स्वतन्त्रता  दिवस की बधाई 

भ्रमर ५ 
At 10:40pm on June 26, 2012, Raj Kumar Rohilla said…

bahut hi acchi likhi hai khas kar saanse.(parvanchnaye)

aap to lagta hai adhyatmikta me bhi ruchi rakhti hai.

bahut bahut badhai.

At 2:18am on June 5, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

महिमा जी नमस्कार ! आपकी बधाइयों के लिए बहुत आभारी हूँ । धन्यवाद !

At 12:32pm on June 4, 2012, DEEPAK SHARMA 'KULUVI' said…

MAHIMA JI IT WAS WONDERFUL TO BE WITH YOU  YESTERDAY IN THE FUNCTION ORGANISED BY SHRI.LAL BIHARI LAL JI & WE WERE FOUR FROM OPEN BOOKS ON LINE WITH OUR POEMS...........

DEEPAK KULUVI

9350078399

At 11:48pm on May 24, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

महिमा जी बहुत बहुत शुक्रिया आपके उत्साह वर्धक प्रतिक्रियाओं के लिए !

At 3:28pm on April 29, 2012, praveen singh "sagar" said…

NIJATWA KI KHATIR ko mahine ki sarwashresth rachna ghishit hone par aapko tahe dil se dher saari badhaiyaan.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

New

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा,रचना शीघ्र अनुमोदित कराने हेतु रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिख दें । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रिय प्राची सभी दोहे आज की जल समस्या का चीख- चीख कर बखान कर रहे हैं बहुत सुन्दर ये दोहा तो बहुत…"
52 seconds ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"गीता छंद पर प्रयास बहुत सम्यक हुआ है, भाई रामशिरोमणि जी.. . इस छंद को देख कर जाना जा सकता है कि…"
1 minute ago
गीतिका 'वेदिका' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"धन्यवाद "
1 minute ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"भाई बृजेश नीरज जी, सन्देश बढ़िया है लेकिन शिल्प काफी ढीला, फिर भी आपकी प्रविष्टि का अभिनन्दन है.…"
3 minutes ago
गीतिका 'वेदिका' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"जी आदरणीय "
4 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
SANDEEP KUMAR PATEL replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गुरुदेव क्यूँ बच्चे पर इल्जाम लगा रहे हैं  निर्देश नहीं निवेदन था  आपकी कोई भी…"
10 minutes ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"स्नेही गीतिका जी, उम्र में आपसे बहुत बड़ा हूँ,  लिहाज़ा एक दो बातें जो मन में आ रही है आपसे साझा…"
12 minutes ago
Abhinav Arun replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"पूर्व इसके चेत जाएँ हम  बचा लें जल जो बचा है कम  सन्देश देती रचना आदरणीया गीतिका जी…"
12 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"//ये महोत्सव सीखने-सिखाने की द्रष्टि से बहुत महत्त्व रखता है// आदरणीय यह छंदोत्सव है.. . महोत्सव तो…"
18 minutes ago
गीतिका 'वेदिका' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अरुण जी! मै इस प्रयास को और सुधार दूंगी ....."
21 minutes ago
POOJA AGARWAL liked POOJA AGARWAL's blog post फेरीवाला
22 minutes ago
गीतिका 'वेदिका' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26 in the group चित्र से काव्य तक
"धन्यवाद "
22 minutes ago

© 2013   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service