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पुस्तक समीक्षा

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इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |

Location: Vishva
Members: 118
Latest Activity: Nov 30, 2018

Discussion Forum

मेघदूत का छायानुवाद है ‘यक्ष का संदेश’- डॉ. पाण्डेय रामेन्द्र                                   प्रस्तुति – गोपाल नारायण श्रीवास्तव    7

यक्ष का संदेश – डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तवअंजुमन प्रकाशन, 942, मुट्ठीगंज, इलाहाबाद-3,प्रथम संस्करण 2018, कुल पृ0-92, मूल्य- रू. 150/-भारतीय वाड्मय जगत प्रसिद्ध है, सर्वमान्य है। संस्कृत भाषा के प्रख्यात कवि और नाटककार महाकवि कालिदास उँगलियों पर…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Nov 30, 2018.

पुस्तक समीक्षा : “दर्पण .... एक उड़ान कविता की”

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाता काव्य संग्रहवर्तमान अंकुर के संयोजन में, एकल पुस्तक संग्रह की श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित काव्यसंग्रह, “दर्पण... एक उड़ान कविता की” रत्ना पांडे जी का एक वैचारिक काव्य संग्रह है। वड़ोदरा गुजरात की रहने वाली रत्ना…Continue

Started by Vikas Sharma 'Daksh' Sep 20, 2018.

पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”

सभी कहानियां भावनाओं से परिपूर्ण: पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”‘दायरे.... रिश्तों के’  25 लाजवाब कहानियों का यह कहानी संग्रह रोहिणी दिल्ली की लेखिका नीलू सिन्हा की भाव-प्रधान कृति है । इस संग्रह की सभी कहानियां मुख्य रुप से समाज का खोखलापन,…Continue

Started by Vikas Sharma 'Daksh' Sep 20, 2018.

ककनमठ( उपन्यास) समीक्षा 1 Reply

प्रथम प्रयास पुस्तक : ककनमठलेखक: पं. छोटेलाल भरद्वाजप्रकाशक: प.दिनेश भरद्वाजमूल्य: ५००/- रूपयेप्रथम संस्करण: १९८८द्वितीय संस्करण: २०१७ ऐतिहासिक पुरातत्विक पृष्ठभूमि पर आधारित इस उपन्यास में भारत के अंधकार-पूर्ण काल-खण्ड को कथांकित किया गया है|…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़'). Last reply by नयना(आरती)कानिटकर Aug 9, 2018.

समीक्षा : नागफनी के दंश

समीक्षा पुस्तक : नागफनी के दंशप्रकाशक : बोधि प्रकाशन, सी-46, सुदर्शनपुरा इंडस्ट्रियल एरिया एक्स्टेंशन, नाला रोड,22 गोदाम, जयपुर-302006.मूल्य : रूपये १२०/-   “नागफनी के दंश” रेखा लोढ़ा ‘स्मित’ द्वारा रचित दोहों का एक उत्तम संग्रह है. इस पुस्तक में…Continue

Started by Ashok Kumar Raktale Apr 1, 2018.

आचमनीय है “लघुकथा कलश”

आचमनीय है “लघुकथा कलश” ‘लघु कथा कलश’ एक ऐसा कलश जिसमे ३०० पावन नदियों…Continue

Started by rajesh kumari Mar 19, 2018.

“जगमगाता रहे दुनिया को मुनव्वर "कौकब” 7 Replies

जब कोई अपने तज्रिबात और एहसासात की जमीं पर ग़ज़ल गोई ,जज्बात निगारी और…Continue

Started by rajesh kumari. Last reply by pratibha pande Mar 18, 2018.

हार्दिक बधाई 2 Replies

आदरणीया राजेश कुमारी जी आदाब,                                 आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब के ग़ज़ल संग्रह की समीक्षा पढ़कर बहुत ही अभिभूत हूँ । ग़ज़ल और अरूज़ के इतने बड़े विराट व्यक्तित्व को आपने अपनी सहज-सरल लेखनी में ढाल दिया वाकई कमाल है । इसकी जतनी…Continue

Started by Mohammed Arif. Last reply by rajesh kumari Mar 17, 2018.

“सीता सोचती थीं ” लेखक डा अशोक शर्मा एक पाठकीय समीक्षा / शुभ्रांशु पाण्डेय

“सीता सोचती थीं ” लेखक डा अशोक शर्मा एक पाठकीय समीक्षाराम-कथा भारतीयों के जीवन का हिस्सा है और अधिकांश लोग इस कथा को तुलसीदास और वाल्मीकि के लिखे के अनुसार ही जानते हैं। राम-कथा के साथ-साथ इसकी उपकथाओं को भी आम जनमानस अपने दैनिक जीवन में…Continue

Tags: ashok, sharma, shubhranshu, pandey, dr.

Started by Shubhranshu Pandey Jan 20, 2018.

 
 
 

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