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pratibha pande
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pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"यह भ्रमर देख कर मिल रही है ख़ुशी- आप  भी   सीखिए  प्रेम  मकरंद  से।//वाह ..वाह ..बहुत सुन्दर ...हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"प्रदत्त विषय पर सुन्दर रचना हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"‎ ‎उम्मीदों की डोर पकड़ नर रोज भगाये संशय यम के।8 अपने हिस्से सीमित घड़ियाँ उत्सव आज मनायें जम के।//  प्रदत्त विषय पर शानदार ग़ज़ल ...हार्दिक बधाई आदरणीय मनन जी "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"परेशानियों से डरूँ किस लिए मैं लिखा रब ने जब मेरी क़िस्मत में सुख है |// वाह ..वाह ..प्रदत्त विषय पर  बेहतरीन ग़ज़ल ..हार्दिक बधाई आदरणीय तस्दीक जी   "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"प्रदत्त विषय के साथ न्याय करती शानदार रचना ...हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"सुख... एक एहसास है अंतरात्मा की आवाज़ का परिणाम है हमारे ज़िंदा होने का सबूत है ।// वाह ..वाह    शानदार अतुकांत ...  हार्दिक बधाई आदरणीय नादिर खान जी   "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"सुख की कलियाँ जब खिले,दुख काँटों के संग समता ममता सब मिले, मिले हुनर औ ढंग.11// वाह ..वाह ...प्रदत्त विषय पर शानदार दोहावली  के लिए हार्दिक बधाई  आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"सच है सुख की परिभाषा किसी के पास नहीं है ... विषय को सार्थक करती सार्थक रचना ...हार्दिक बधाई आदरणीया डॉ संगीता गांधी जी "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"हम जो चाहते हैं उसी के पाने को सुख मानते हैं। // बहुत  खूब ,बहुत गूढ़  बात .. हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"बढ़िया रचना प्रिय कल्पना जी  हार्दिक बधाई    "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"कब चुकता है बोलिए, धन से सुख का मोलऐसा ही होता अगर, करता धनिक किलोल।७।//वाह ...  प्रदत्त विषय  पर शानदार दोहवाली .हार्दिक बधाई आदरणीय  लक्ष्मण धामी जी   "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"सुख तो स्वस्थ शरीर में ,  करता सदा निवास । खुश  रहिये औ  राखिये ,   जो हों अपने पास ।// सुन्दर दोहावली प्रदत्त विषय पर ..हार्दिक बधाई आदरणीय "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"प्रदत्त विषय पर सुन्दर रचना ...हार्दिक बधाई आपको आदरणीय अफरोज जी "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"सुख की महता खूब  बताई  वाह जी वाह सतविंदर भाई ...... हार्दिक बधाई आपको "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"बहुत खूबसूरत रचना ...हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील जी "
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87
"(2) बाज़ारवाद की दुनिया मेंउद्योगपतिसुख बेच रहे हैंनींद की गोलियाँ बनाकर ।// बहुत खूब आदरणीय ..सभी कटाक्षिकाए   लाजवाब हैं ...हार्दिक बधाई आपको "
Saturday

Profile Information

Gender
Female
City State
Ratlam Madhya Pradesh
Native Place
Almora Uttarakhand
Profession
was a teacher , currently house wife and a social worker
About me
I am from a sahitya premi family ,love to read and write

Pratibha pande's Blog

राज़ [ लघुकथा प्रतिभा पाण्डे ]

“ कब से इंतज़ार कर रहा हूँ तेरा I एक राज़ की बात बतानी है I’’ राधा के बाहर आते ही अब्दुल ड्राईवर झट उसके पास आ गया I

“जल्दी बता, बहुत काम पड़ा है I” झटके का कपड़ा कमर में खोंसती राधा बोली I

“ कल तू बता रही थी ना कि मेमसाब आजकल बदली बदली हैं, बहुत मीठा बोलती हैं , टूट फूट में चिल्लाती  भी नहीं हैं I’’

“ हाँ तो ?’’

“दोनों कड़वे करेलों की दरियादिली का राज़ आज खुल गया है I’’ अब्दुल का अंदाज़ भेद भरा था  I

“दोनों मतलब ?’’

“ साहब भी आजकल मीठे हो रहे हैं I…

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Posted on July 6, 2017 at 6:00pm — 9 Comments

मेरी दादी [गीत ] प्रतिभा पांडे

ऊन सलाई संग दादी का

बहुत पुराना था याराना

चपल उँगलियों का दादी की  

जाड़े ने भी लोहा माना

 

छत पर जब दादी को पाती

धूप गुनगुनी  मिलने आती

ख़ास सहेली बन दादी की  

वो भी फंदों से बतियाती

 

सीधे पर दो उल्टे फंदे

बुनता जाता ताना बाना

 

कल जो था बाबा का स्वेटर

अब छोटू का टोपा मफलर

नई पुरानी ऊनों के संग

चपल उँगलियाँ चलतीं सर सर

 

इस रिश्ते से उस रिश्ते तक

गर्माहट का आना…

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Posted on December 18, 2016 at 1:00pm — 8 Comments

फिर आओ गोपाल [ दोहा गीत जन्माष्टमी पर ]

 

हे पार्थ के सारथी, हे जसुमति के लाल

हरने जन की पीर अब , फिर आओ  गोपाल

 

ध्वस्त किया था कंस का ,इक दिन तुमने मान

निडर हो गया कंस अब ,और हुआ बलवान

घूम रहा है ओढ़ कर ,सज्जनता की खाल

हरने जन की पीर अब ,  फिर आओ  गोपाल

 

पाँचाली के चीर का ,किया खूब विस्तार   

नयनों में भर नीर फिर ,तुमको रही पुकार

अंध सभा में ठोकता , दुःशासन फिर  ताल

हरने जन की पीर अब  ,फिर आओ गोपाल

 

अर्जुन का रथ थाम कर…

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Posted on August 25, 2016 at 8:00am — 14 Comments

‘बेच रहा है आज तिरंगा’

 

चौराहे नाके पर बालक

बेच रहा है आज तिरंगा

 

झंडे लेकर उससे इक दो

कुछ पैसे उसको दे डालो

फिर गाडी में उन्हें लगा कर

आज़ादी की रस्म निभा लो

 

खाली हाथों घर जो लौटा

बाप करेगा पी कर पंगा

 

शनि लेकर कल घूम रहा था

सरसों तेल व जलती बाती

भूखे बच्चे चौराहे पर

कब बीतेगी साढ़े साती

 

रोजी उसकी ही खा जाता 

खादी  जाली का हर दंगा

 

बीते न बस रस्मी…

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Posted on August 15, 2016 at 11:18am — 4 Comments

Comment Wall (17 comments)

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At 7:55am on June 24, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आपको कविता पर कविता पसंद आई हार्दिक आभार।
At 7:35pm on June 23, 2016, kanta roy said…
इस बीच मैने महसूस किया है कि कई गहरे आत्मीय संबंध मेरी मित्र सूची में शामिल नहीं है तो अचरज से भर गई । वास्तव में हमारा रिश्ता बहुत गहरा है । अपनी सौम्य ,सहज साझीदार को हृदय से अभिनंदन प्रेषित करती हूँ । :)))
At 6:57pm on November 19, 2015, maharshi tripathi said…

धन्यवाद  आ.प्रतिभा जी |

At 3:58pm on November 19, 2015, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिवस पर शुभ कामनाएं व्यक्त करने अनुग्रहित करने के  लिए ह्रदयतल से आभारी हूँ आपका  आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी, सादर   -
ईश कृपा से ही हुऐ,सात दशक ये पार,
मित्रों इस सद्भाव का, बहुत बहुत आभार ।

- लक्ष्मण रामानुज लडीवाला,जयपुर

At 6:27pm on November 18, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया प्रतिभा जी आपको सपरिवार जन्मदिन की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं। 

At 5:24pm on November 18, 2015, नादिर ख़ान said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीया प्रतिभा जी । 

At 2:55am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
जन्मदिन की सालगिरह पर तहे दिल बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी।
At 12:41am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 12:40am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीया प्रतिभा जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 4:03pm on November 7, 2015, Abid ali mansoori said…

आदरणीया प्रतिभा जी हार्दिक आभार आपका!

 
 
 

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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आद0 सौरभ पांडेय जी सादर अभिवादन। आपका भी हार्दिक स्वागत है। सादर"
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
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"आदरणीय सौरभ भाईजी आपका भी हार्दिक स्वागत है और इस आयोजन के लिए मेरी शुभकामनाएँ"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
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