For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

pratibha pande
Share

Pratibha pande's Friends

  • Kalipad Prasad Mandal
  • स्वाति सोनी 'मानसी'
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Dipu mandrawal
  • Priya mishra
  • Seema Singh
  • Ashish Painuly
  • maharshi tripathi
  • vijay nikore
  • Abid ali mansoori
 

pratibha pande's Page

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीय अशोक जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन करती स्नेहिल टिप्पणी के लिये हार्दिक आभार प्रिय प्राची जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना आपको प्रभावित कर सकी लेखन सफल हुआ। इस प्रशंसा और उत्साहवर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"उत्साहवर्धन करती इस प्रतिक्रिया के लिये हार्दिक आभार आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आपको गीत प्रभावित कर सका लेखन सफल हुआ। उत्साहवर्धन के लिये हार्दिक आभार आदरणीयअखिलेश जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"मोहक छंदबद्ध उत्साहवर्धन के लिये हार्दिक धन्यवाद आदरणीय सतविन्दर भाई"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीय अजय गुप्ता जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"सीमित साधन हों जीवन में, किंतु न हम  घबरायें। इच्छाशक्ती प्रबल आत्मबल, गुलमोहर सा पायें।/ बहुत खूब  इस सुन्दर छंद गीत प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"प्यासे-प्यासे दो नयना हैंदर्शन प्यास बुझाएंगेरंग केसरी चोला पहनेसजन-पुष्प जब आएंगे//  वाह  सुन्दर अभिव्यक्ति छंद आधारित इस मोहक गीत के लिये हार्दिक बधाई आदरणीय सतविन्दर भाई"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"सभी क्षेत्र की ऊँचाई से, पेड़ करे पहरेदारी। पथिक श्रमिक के आश्रयदाता, माँ जैसी जिम्मेदारी॥// बहुत खूब   सुन्दर शब्दों में गुलमोहर का गुणगान। हार्दिक बधाई आदरणीय अखिलेश जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"मौसम और प्रकृति का गुणगान करते हुए सुन्दर छंदों की रचना। हार्दिक बधाई प्रेषित है आदरणीय अशोक जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"पृष्ठभूमि में हरा भरा है, आगे बिखरा केसर,लगे तिरंगा घुलता जाए, नील गगन के ऊपर।//सुन्दर  सार छंद प्रस्तुति पर बधाई आपको आदरणीय अजय गुप्ता जी"
Sunday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"गीत( ताटंक छंद) यादों में तुम आते हो मन गुलमोहर हो जाता है पत्र कई लिखकर थे फाड़े कह न सकी मन की बातें शब्द ढूँढती रही हमेशा  बीत गईं कितनी रातें नहीं लौट कर आया फिर जो समय हथेली से छूटा अल्हड़पन का सपना थे तुम नींद खुली सपना टूटा पागल मन…"
Saturday
pratibha pande commented on vijay nikore's blog post आज फिर ...
"आज फिर ... ठहरता नहीं है "आज" मुठ्ठी में रुकी है अभी गई-गुज़री कुछ रोशनी अन्धेरा होने को है सहने दो//अप्रतिम भाव बहुत गहरे तक छूते हैं। बधाई इस सृजन पर आदरणीय विजय निकोर जी"
Jul 17
pratibha pande commented on amita tiwari's blog post आई थी सूचना गाँव में
"प्रश्न उबल रहा था मगर उत्तर मौन था कि युद्ध घोषित हुआ नहीं तो कैसे घोषित हो गए शहीद होरी ,पंसेरी और फैनी फरीद// सीमा पर सालों से जारी छद्म युद्ध पर बहुत गहन रचना हार्दिक बधाई आदरणीया अमिता जी"
Jul 16
pratibha pande commented on amita tiwari's blog post रजनीगन्धा मुस्कुराए न मुस्कुराए
"बहुत दिन बीते स्वयं ही जीते जीते दे के मुल्क को बाकी दस महीने अपने जो घर फ़ौजी सावन नहाए भले ही न फिर कोई रजनी हँसे न ही भले रजनीगन्धा मुस्कुराए//  वाह    दो महिने की सालाना छुट्टी पर घर लौटे फौजी को केन्द्र में रख…"
Jul 16

Profile Information

Gender
Female
City State
Ratlam Madhya Pradesh
Native Place
Almora Uttarakhand
Profession
was a teacher , currently house wife and a social worker
About me
I am from a sahitya premi family ,love to read and write

Pratibha pande's Blog

राज़ [ लघुकथा प्रतिभा पाण्डे ]

“ कब से इंतज़ार कर रहा हूँ तेरा I एक राज़ की बात बतानी है I’’ राधा के बाहर आते ही अब्दुल ड्राईवर झट उसके पास आ गया I

“जल्दी बता, बहुत काम पड़ा है I” झटके का कपड़ा कमर में खोंसती राधा बोली I

“ कल तू बता रही थी ना कि मेमसाब आजकल बदली बदली हैं, बहुत मीठा बोलती हैं , टूट फूट में चिल्लाती  भी नहीं हैं I’’

“ हाँ तो ?’’

“दोनों कड़वे करेलों की दरियादिली का राज़ आज खुल गया है I’’ अब्दुल का अंदाज़ भेद भरा था  I

“दोनों मतलब ?’’

“ साहब भी आजकल मीठे हो रहे हैं I…

Continue

Posted on July 6, 2017 at 6:00pm — 9 Comments

मेरी दादी [गीत ] प्रतिभा पांडे

ऊन सलाई संग दादी का

बहुत पुराना था याराना

चपल उँगलियों का दादी की  

जाड़े ने भी लोहा माना

 

छत पर जब दादी को पाती

धूप गुनगुनी  मिलने आती

ख़ास सहेली बन दादी की  

वो भी फंदों से बतियाती

 

सीधे पर दो उल्टे फंदे

बुनता जाता ताना बाना

 

कल जो था बाबा का स्वेटर

अब छोटू का टोपा मफलर

नई पुरानी ऊनों के संग

चपल उँगलियाँ चलतीं सर सर

 

इस रिश्ते से उस रिश्ते तक

गर्माहट का आना…

Continue

Posted on December 18, 2016 at 1:00pm — 8 Comments

फिर आओ गोपाल [ दोहा गीत जन्माष्टमी पर ]

 

हे पार्थ के सारथी, हे जसुमति के लाल

हरने जन की पीर अब , फिर आओ  गोपाल

 

ध्वस्त किया था कंस का ,इक दिन तुमने मान

निडर हो गया कंस अब ,और हुआ बलवान

घूम रहा है ओढ़ कर ,सज्जनता की खाल

हरने जन की पीर अब ,  फिर आओ  गोपाल

 

पाँचाली के चीर का ,किया खूब विस्तार   

नयनों में भर नीर फिर ,तुमको रही पुकार

अंध सभा में ठोकता , दुःशासन फिर  ताल

हरने जन की पीर अब  ,फिर आओ गोपाल

 

अर्जुन का रथ थाम कर…

Continue

Posted on August 25, 2016 at 8:00am — 14 Comments

‘बेच रहा है आज तिरंगा’

 

चौराहे नाके पर बालक

बेच रहा है आज तिरंगा

 

झंडे लेकर उससे इक दो

कुछ पैसे उसको दे डालो

फिर गाडी में उन्हें लगा कर

आज़ादी की रस्म निभा लो

 

खाली हाथों घर जो लौटा

बाप करेगा पी कर पंगा

 

शनि लेकर कल घूम रहा था

सरसों तेल व जलती बाती

भूखे बच्चे चौराहे पर

कब बीतेगी साढ़े साती

 

रोजी उसकी ही खा जाता 

खादी  जाली का हर दंगा

 

बीते न बस रस्मी…

Continue

Posted on August 15, 2016 at 11:18am — 4 Comments

Comment Wall (20 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 3:07pm on November 18, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

 

आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक बधाई और  शुभकामनाएँ।

At 1:39pm on November 18, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीया प्रतिभा पांडे साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रखे. सादर 

At 12:19pm on November 18, 2018, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय प्रतिभा पांडे जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें।प्रभु आपकी समस्त मनोकामनायें पूर्ण करें।माता रानी का सदैव आशीर्वाद मिले। जीवन में सुख, शाँति,समृद्धि और सेहत से मालामाल रहें।सदैव उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 7:55am on June 24, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आपको कविता पर कविता पसंद आई हार्दिक आभार।
At 7:35pm on June 23, 2016, kanta roy said…
इस बीच मैने महसूस किया है कि कई गहरे आत्मीय संबंध मेरी मित्र सूची में शामिल नहीं है तो अचरज से भर गई । वास्तव में हमारा रिश्ता बहुत गहरा है । अपनी सौम्य ,सहज साझीदार को हृदय से अभिनंदन प्रेषित करती हूँ । :)))
At 6:57pm on November 19, 2015, maharshi tripathi said…

धन्यवाद  आ.प्रतिभा जी |

At 3:58pm on November 19, 2015, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिवस पर शुभ कामनाएं व्यक्त करने अनुग्रहित करने के  लिए ह्रदयतल से आभारी हूँ आपका  आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी, सादर   -
ईश कृपा से ही हुऐ,सात दशक ये पार,
मित्रों इस सद्भाव का, बहुत बहुत आभार ।

- लक्ष्मण रामानुज लडीवाला,जयपुर

At 6:27pm on November 18, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया प्रतिभा जी आपको सपरिवार जन्मदिन की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं। 

At 5:24pm on November 18, 2015, नादिर ख़ान said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीया प्रतिभा जी । 

At 2:55am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
जन्मदिन की सालगिरह पर तहे दिल बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी।
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post बीच समंदर कश्ती छोड़े धोका गर मल्लाह करे (५४)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
45 minutes ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post प्रश्न-गुंथन
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, 'आदतन एक ख़याल  एक अंगारी सवाल -- शीशे के गिलास का हाथ से…"
53 minutes ago
Samar kabeer commented on Dr.Prachi Singh's blog post ऐसा हो तो फिर क्या होगा ....डॉ प्राची सिंह
"मुहतरमा डॉ. प्राची सिंह जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
56 minutes ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तन्हाई में ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
59 minutes ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Amit Kumar "Amit"'s blog post गीत - मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।
"जनाब अमित जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post सजन रे झूठ मत बोलो ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post दिल का कोना
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'दिल के बदले दिया तुमने…"
1 hour ago
Usha Awasthi posted a blog post

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर कामचोर को क्यों मिलें लड्डू मोतीचूर ? बैठे - बैठे खा रहे…See More
3 hours ago
SALIM RAZA REWA posted a blog post

बुलन्दी मेरे जज़्बे की - सलीम 'रज़ा' रीवा

1222 1222 1222 1222बुलन्दी मेरे जज़्बे की ये देखेगा ज़माना भी फ़लक के सहन में होगा मेरा इक आशियाना…See More
3 hours ago
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद-

- "कुण्डलिया छंद"- ========================= तेरा मुखड़ा चाँद सा, उतर न जाए यान। गंजा पति कहने लगा,…See More
5 hours ago
Gurpreet Singh posted a blog post

दो ग़ज़लें (2122-1212-22)

1.शमअ  देखी न रोशनी देखी । मैने ता उम्र तीरगी देखी । देखा जो आइना तो आंखों में, ख़्वाब की लाश तैरती…See More
5 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service