For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Kalipad Prasad Mandal
Share

Kalipad Prasad Mandal's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • Arpana Sharma
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Dr T R Sukul
  • Ravi Shukla
  • amod shrivastav (bindouri)
  • pratibha pande
  • Samar kabeer
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • गिरिराज भंडारी
  • vandana
  • नयना(आरती)कानिटकर
  • vijay nikore
  • Ashok Kumar Raktale
 

Kalipad Prasad Mandal's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Pune
Native Place
Pune
Profession
Retired Principal, Writer, Poet
About me
Writer of "Value Based Education" published in 2000, two kavita sangrah Published ,!. Kavya saurabh" 2. "Andhere se ujaale ki or" writer of Haiku and Tanka (Japaani vidha),Write tukant ,atukant poem , ,dohe,muktak, learning gaza writingt

ओ बी ओ तरही ....-----71

सारी सारी रात जग जिन के लिए 

पूछते वे जागरण किन के लिए |1|

चाँद तारों तो  झुले  हैं  रात में 

एक सूरज को रखा दिन के लिए |२|

आसान नहीं भूलना यूँ भूत को 

आज तक तो मोह है इन के लिए |३|

रात भर आँसू कभी थमती नहीं  

अश्रु जल यूँ लुडकते किन के लिए|४ |

वो सुखी हैं या दुखी किस को पता

फूल जंगल में खिले किन के लिए |५|

जानते थे हम जुदा होंगे कभी 

क्या जतन करते कभी इन के लिए |६|

अब इन्हें संसार में आना नहीं 

कौन रोये इस जहाँ इन के लिए |७|

वो कभी पीड़ा समझना चाहती 

क्लेश हम पीते गए जिनके लिए |८|

मौलिक और अप्रकाशित 

 

Kalipad Prasad Mandal's Blog

एक व्यंग रचना

कभी है ऊपर कभी नीचे, यह साँप सीडी का खेल

बजट में मंत्री खेलते हैं, यह साँप सीडी का खेल |

आँकड़ों का खेल है सबकुछ, आँकड़े सब जादुई का

टैक्स घटाया सेस बढ़ाया, यह साँप सीडी का खेल |

 

एक थैली का मॉल निकाल, रखा दूसरी थैली में

नया बोतल शराब पुरानी, यह साँप सीडी का खेल |

सब चीजों का भाव बढ़ गए, फिर भी बजट गरीबों का

उलटी गंगा बही खेल में, यह साँप सीडी का खेल |

आशाओं के दीप जलाकर, उस पर पानी डाल…

Continue

Posted on February 3, 2018 at 4:34pm — 2 Comments

लावणी छंद पर आधारित रचना =कालीपद 'प्रसाद'

मुसीबतों से लोकतंत्र को, जल्दी उबारना होगा

निर्धनों के हक़ में देश में कानून बदलना होगा |

निर्धन नहीं खड़ा हो सकता, पार्षद के भी चुनाव में

लाखों रुपये चाहिए उसे, चुनाव दंगल लड़ने में |

गणतंत्र अभी धनतंत्र हुआ, धनाढ्य चुनाव लड़ते हैं

गरीब कैसे लडेगा भला, पास न लाखो रूपये हैं’ |

धनबल बाहुबल की प्रचुरता, ताकत बड़ी अमीरों की

निर्धनता ही कमजोरी है, इस देश के गरीबो की |

भ्रष्टाचार और महँगाई, साथ यौन शोषण भी…

Continue

Posted on January 28, 2018 at 10:17am — 5 Comments

ग़ज़ल-ये'  माया मोह का  चक्कर है’ कैसे काटे’ बंधन को|

काफिया :अन ; रदीफ़ : को

बहर : १२२२  १२२२  १२२२  १२२२

अलग अलग बात करते सब, नहीं जाने ये' जीवन को

ये'  माया मोह का  चक्कर है’ कैसे काटे’ बंधन को|

किए  आईना’दारी मुग्ध  नारी जाति  को जग में

नयन मुख के  सजावट  बीच भूले  नारी’ कंगन को |

सुधा रस  फूल का पीने दो’ अलि  को पर कली को छोड़

कली को नाश कर अब क्यों उजाड़ो पुष्प गुलशन को|

बदी की है वही जिसके लिए हमने दुआ माँगी

न ईश्वर दोस्त ऐसे दे मुझे या मेरे…

Continue

Posted on January 23, 2018 at 11:02am — 8 Comments

ग़ज़ल -महात्मा जो हैं, वो करम देखते हैं=कालीपद 'प्रसद'

काफिया : अम   रदीफ़: देखते हैं

बह्र : १२२  १२२  १२२  १२२

महात्मा जो हैं, वो करम देखते हैं

अधम लोग उसका, जनम देखते हैं |

बहुत है दुखी कौम  गम देखते हैं

सुखी कौम गम को तो’ कम देखते हैं |

अतिथि मुल्क में जो भी’ आये यहाँ पर  

मनोहर बियाबाँ, इरम देखते है |

दिशा हीन सब नौजवान और करते क्या

वज़ीरों के’ नक़्शे कदम देखते हैं |

किया देश हित काम जनता ही’ देखे

विपक्षी तो’ केवल सितम देखते हैं…

Continue

Posted on January 17, 2018 at 11:30am — 2 Comments

Comment Wall (8 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:57pm on September 27, 2016, Samar kabeer said…
जनाब कालीपद प्रसाद जी आदाब,इस बह्र के अरकान होते हैं :-

फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन

आप इसलिये अटक रहे हैं कि आपने मात्रा नहीं गिराई है,मात्रा गिराकर देखेंगे तो सही नतीजे पर पहुँच जाऐंगे ।
At 11:32pm on July 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

कालीपद प्रसाद मंडल जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 7:27pm on July 8, 2016, pratibha pande said…

आपको जन्म दिन की ढेरों शुभकामनाएँ .. 

At 3:45pm on June 22, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय श्री काली प्रसाद मंडल जी आपको कविता पसंद आई हार्दिक धन्यवाद।
At 8:05pm on June 21, 2016, Sheikh Shahzad Usmani said…
सादर हार्दिक आभार अवसर प्रदान करने के लिए। सभी विधाओं सहित जापानी काव्य विधाओं में मेरे लेखन अभ्यास में आपसे भी कुछ सीखने को मिलता रहेगा।
At 11:46pm on May 21, 2016, Kalipad Prasad Mandal said…

स्वागत के लिए धन्यवाद मिथिलेश जी ! जन्म दिन की बधाई आपने दी उसे भी सधन्यवाद स्वीकार करता हूँ क्योकि जन्मदिन मेरा भाई का है मेरा नहीं | सुबह मैंने दोहा पोस्ट किया था वो मुझे कहां दिखाई देगा ?

At 11:55am on May 16, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 1:11pm on May 11, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore posted blog posts
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post प्रतीक्षा
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । बहुत अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
14 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

ग्राहक फ्रेंडली(लघुकथा)

बैंक ने रेहन रखी संपत्तियों की नीलामी की सूचना छपवाई।साथ में फोन पर बात करती किसी लड़की की भी फोटो…See More
16 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

सहर हो जाएगा

जिस्म तो नश्वर है, ये मिट जाएगाप्रेम पर अपना अमर हो जाएगा सोच मत खोया क्या तूने है यहाँएक लम्हा भी…See More
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"आ. भाई विवेक जी, अच्छी गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post हमारा दीपक - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मिट्टी की तासीरें जिस को ज्ञात नहीं -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और निरन्तर प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसके पुरखे भटकाने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । गजल पर मनोहारी प्रतिक्रिया के लिए आभार। ओबीओ परिवार के गुणी…"
20 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल - पत्थरों से रही शिकायत कब ? // --सौरभ
"आ. सौरभ सर.  लम्बे समय बाद आपको पढ़ना सुखद है. ऐसा लगता है मानों ग़ज़ल कच्ची ही उतार ली…"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मिट्टी की तासीरें जिस को ज्ञात नहीं -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। लूटपाट  है …"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post हम पंछी भारत के
"आद0 प्रदीप देवी शरण भट्ट जी सादर अभिवादन। इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसके पुरखे भटकाने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आप गज़ल अच्छी लिखते हैं। हार्दिक बधाई, मित्र लक्ष्मण जी।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service