For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लावणी छंद पर आधारित रचना =कालीपद 'प्रसाद'

मुसीबतों से लोकतंत्र को, जल्दी उबारना होगा

निर्धनों के हक़ में देश में कानून बदलना होगा |

निर्धन नहीं खड़ा हो सकता, पार्षद के भी चुनाव में

लाखों रुपये चाहिए उसे, चुनाव दंगल लड़ने में |

गणतंत्र अभी धनतंत्र हुआ, धनाढ्य चुनाव लड़ते हैं

गरीब कैसे लडेगा भला, पास न लाखो रूपये हैं’ |

धनबल बाहुबल की प्रचुरता, ताकत बड़ी अमीरों की

निर्धनता ही कमजोरी है, इस देश के गरीबो की |

भ्रष्टाचार और महँगाई, साथ यौन शोषण भी है

कालाबाजारी के भीषण संकटों के भँवर भी है |

नेता आफिसर कर्मचारी, सब जेब भरने लगे हैं |

अब तो न्यायाधीशों पर भी, ऊँगली उठाने लगे हैं |

राजनीतिक अपराधीकरण, अब सभी रोकना होगा

विषधरों के सिर को शक्ति से,अब हमें कुचलना होगा |

चुनाव कानून बने ऐसा, अपराधी अपात्र होगा

गुनाह करने वाले सबको, पावक में जलना होगा |

शर्म की बात यह है ‘काली’,  बोलने झेंप होती है

मृत्य की प्रमाण पत्र लेने, रिश्वत देने पड़ती है |

मौलिक व अप्रकाशित  
 

Views: 260

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 1, 2018 at 6:34am

देश के हाल को बयाँ करती रचना के लिए बधाई ।

Comment by Kalipad Prasad Mandal on January 30, 2018 at 10:52am

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी ! हौसला  अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया | लिखा था कुकुभ में परन्तु तकती के समय एक जगह २२ के स्थान पर १२ से अंत हो रहा हथा  | इसीलिए इसे लावनी का नाम  दिया || सादर 

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on January 29, 2018 at 5:16am

देश की एक और तस्वीर दिखाती बेहतरीन रचना पर कालीपद जी सादर बधाई, वाकई मन मोह लिया आपने। बहुत बहुत बधाई आपको। 

लावणी छंद में अंत मे 2 गुरु होता है पर आपकी रचना में कहीं तीन भी हैं। जो इसे ताटंक की ओर कर दें रहे हैं।

Comment by Kalipad Prasad Mandal on January 28, 2018 at 8:14pm

सादर आभार आ राम अवध विश्वकर्मा जी 

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on January 28, 2018 at 4:23pm

मृत्यु का प्रमाणपत्र लेने रिश्वत देनी पड़ती है। कटु सत्य को बयान करती कविता कहने के लिये बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय गुप्ता जी बहुत बहुत बधाई स्वीकार करें।"
39 minutes ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय धामी जी बहुत बढ़िया बहुत बधाई स्वीकार किजिए।"
42 minutes ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया जी बहुत बहुत बधाई बहुत अच्छी कोशिश की सादर ।"
46 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी हौसला अफजाई के लिए आपका अत्यंत आभार ।"
51 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
" आदरणिया अंजलि गुप्ता जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया । जी  बताई गई कमियों को दूर करने का पूरा…"
52 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"बहुत बहुत शुक्रिया जनाब नादिर खान साहब "
1 hour ago
dandpani nahak left a comment for नादिर ख़ान
"आदरणीय नादिर खान साहब आदाब , बहुत शुक्रिया आपकी हौसलाअफजाई का"
1 hour ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"नाम पर यूँ मज़हब के बाँटते हो बच्चों कोज़्ह्र बो रहे हो क्यों अपने नोनिहालों में उम्दा बात कही…"
1 hour ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"बेरहम हवाओं ने उसके पर कतर डाले जो फ़लक पे उड़ता था रात दिन ख़यालों में  आदरणीया राजेश…"
2 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय मोहन बेगोवाल सर बहुत आभार"
2 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया अंजली जी बहुत आभार"
2 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय राजेश दीदी बहुत आभार"
2 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service