For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani
  • Male
  • SHIVPURI M.P.
  • India
Share

Sheikh Shahzad Usmani's Friends

  • Archana Gangwar
  • Mohammed Arif
  • Mirza Hafiz Baig
  • surender insan
  • Kalipad Prasad Mandal
  • Rahila
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • Ashish Painuly
  • Madanlal Shrimali
  • VIRENDER VEER MEHTA
  • शिज्जु "शकूर"
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • Dr Ashutosh Mishra
 

Sheikh Shahzad Usmani's Page

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बारिश और वर्षा-धन  पर बेहतरीन शब्द-चित्रमाला। बहुत बढ़िया विचारोत्तेजक क्षणिकाएं। तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार मुहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ़  साहिब।"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"लघुता में तीक्ष्णता। बहुत ही विचारोत्तेजक क्षणिका सृजन के लिए हार्दिक बधाई और मार्गदर्शन हेतु हार्दिक आभार मुहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब।"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post खरा सोना - लघुकथा –
"बेहतरीन शीर्षक के साथ बहुत बढ़िया प्रेरक व विचारोत्तेजक रचना।हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी।"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"ज़िन्दगी के एक अहम मोड़ पर सामाजिक सरोकार की समसामयिक सकारात्मक रचना। हार्दिक बधाई और आभार मार्गदर्शन हेतु आदरणीय तेजवीर सिंह  साहिब।"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बढ़िया समापन के साथ बढ़िया रचना।हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार  जी।"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post चलती का नाम औपचारिकता (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर इसके मर्म तक जाकर अपने विचार व प्रतिक्रिया सांझा करते हुए मेरी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरमा जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब, जनाब समर कबीर साहिब,जनाब विजय…"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सोज़-ए-शहर (लघुकथा)
"एक बार पुनः हार्दिक धन्यवाद आदरणीय राज़ नवादवी साहिब। आपकी रचना ने मेरी रचना के भावव मक़ासिद पर चार चांद लगाये हैं!"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'समय तू ढर्रे-ढर्रे मत चल' (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर इसके मर्म तक जाकर अपने विचार सांझा करते हुए मेरी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब, जनाब   लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर …"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'गुड टाइम, बैड टाइम' (लघुकथा)
"आपकी इस्लाह पर ग़ौर करूंगा।बहुत बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब।"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर इसके मर्म तक जाकर अपने विचार सांझा करते हुए मेरी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरमा जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब, जनाब समर कबीर साहिब,जनाब विजय निकोरे साहिब, जनाब तस्दीक़ अहमद ख़ान साहिब, जनाब सुशील…"
12 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"जनाब शहज़ाद उस्मानी साहिब आ दाब , उम्दा लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"आदरणीय उस्मानी साहिब , आदाब .... वर्तमान को जीती इस बेहतरीन लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
yesterday
vijay nikore commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"अच्छी लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई"
yesterday
babitagupta commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"आधुनिकता की दौड़ में चाहे जितनी संतुष्टि करले लेकिन सही आत्म संतुष्टि माँ बनने पर ही मिलती हैं.बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।"
Monday
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी , सच कहा।  स्त्री की परिपूर्णता तभी होती है जब माँ बनती है।  अच्छी लघु कथा की पेशकश।  बधाई स्वीकार करें । "
Monday
Samar kabeer commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)
"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
Shivpuri M.P.
Native Place
Shivpuri
Profession
Radio Announcer
About me
A Private School- teacher, Freelancer and a Casual Radio Announcer. Simlple living, high thinking, fond of reading and writing.

Sheikh Shahzad Usmani's Blog

'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)

अपने इस मुकाम पर वह अब अपनी डायरी और फोटो-एलबम के पन्ने पलट कर आत्मावलोकन कर रही थी।

"सांस्कृतिक परंपरागत रस्म-ओ-रिवाज़ों को निबाहती हुई मैं सलवार-कुर्ते-दुपट्टे से जींस-टॉप के फैशन की चपेट में आई और फिर आधुनिक कसी पोशाकों को अपनाती हुई वाटर-पार्क व स्वीमिंगपूलों के लुत्फ़ लेती हुई अत्याधुनिक स्वीमिंग सूट तक पहुंच ही गई!" तारीख़ों पर नज़रें दौड़ाती हुई एक आह सी भरती हुई उसने अपनी आपबीती पर ग़ौर फ़रमाते हुए अपने आप से कहा - "ओह, धन-दौलत और नाम कमाने की लालच में फैशनों का अंधानुकरण…

Continue

Posted on July 14, 2018 at 7:27pm — 8 Comments

'दो सितारों का मिलन' (लघुकथा)

"हैलो! आदाब! ठीक तो हैं न! कहां तक पहुंच गईं आप? ज़रा अपनी घड़ी साहिबा पर भी इक नज़र तो डालियेगा!" शायर 'राज़' साहिब ने साहित्यिक सम्मेलन परिसर के मुख्य द्वार पर अगली सिगरेट का अगला लम्बा कश लेते हुए मोबाइल फ़ोन पर एक बार में ये सवाल दाग़ दिये!



"आदाब राज़ साहिब! मैं वहीं हूं अपनी क़लम संग, जहां मुझे इस वक़्त होना चाहिए!" दूसरी तरफ़ से चिर-परिचित सुरीली आवाज़ में सोशल मीडिया की आभासी सहेली शायरा शबाना ने आश्चर्य-मिश्रित लहज़े में कहा - "माना कि आप घड़ी नहीं पहनते, लेकिन अपने मोबाइल पर मेरे…

Continue

Posted on July 8, 2018 at 9:19pm — 6 Comments

'गुड टाइम, बैड टाइम' (लघुकथा)

"अब तो बता दो कि 'गुड टेररिज़्म (आतंकवाद)' और 'बैड टेररिज़्म' में वाक़ई क्या फ़र्क है?" एक धर्मावलंबी ने कहा।



"वही फ़र्क है न, जो इंसां की ज़िन्दगी में 'गुड टाइम' और 'बैड टाइम' में है; जो 'गुड ह्यूमन' और 'बैड ह्यूमन' के बीच में है!" दूसरे ने जवाब दिया।



"जी नहीं, अंतर वही है, जो 'गुड ह्यूमन' के 'बैड टाइम' और 'बैड ह्यूमन' के 'गुड टाइम' के बीच में है!" एक हारे हुए परेशां शिक्षित बेरोज़गार ने अपनी पथराई आंखों से दो बूंदे टपकाते हुए कहा - "नासमझी या दुर्भाग्य से 'गुड टाइम' किसी…

Continue

Posted on July 7, 2018 at 6:30pm — 2 Comments

'समय तू ढर्रे-ढर्रे मत चल' (लघुकथा)

"मैं ... मैं समय हूँ!"



"चुप कर यह "मैं .. मैं" ! मालूम है कि तू समय है और इस सृष्टि का सब कुछ मय समय है तय समय में!" विज्ञान और तकनीक ने एक स्वर में व्यंग्य किया।



"लेकिन तू कितनी भी फुर्ती से कहीं से भी फिसल ले, तुझे अपनी हथेली में किसी कठपुतली की तरह नचा सकते हैं हम, भले मुट्ठी में तुझे क़ैद न कर सकें, समझे!" 'तकनीक' ने 'विज्ञान' के कंधों पर टांगें पसारते हुए आगे की तरफ़ क़दमताल कर अपनी हथेली दिखा कर पलटाते हुए कहा।



"इतने आत्ममुग्ध मत हो! जीत-हार,…

Continue

Posted on July 6, 2018 at 9:59am — 5 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:43am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

"आदरणीय Sheikh Usmani साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर "

At 11:59am on April 12, 2018, MD SHAFIQUE ASHRAF said…

जी बहूत  बहुत शुक्रिया जनाब ... नया हूँ .... थोड़ा सीखने का मौका दीजिये  

At 10:23am on January 8, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय शेख भाई जी आपके मित्रों की सूची में खुद को शामिल पाकर मैं सुखद अनुभूति कर रहा हूँ आपकी लघु कथाएं इस मंच पर मेरे बिशेष आकर्षण का केंद्र है आपकी हर लघु कथा मैं पढता हूँ आपकी कलम सृजन के नए आयाम स्थापित करती रहे ऐसी अपनी शुभकामनाओं के साथ सादर
At 8:23pm on August 5, 2016, pratibha pande said…

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ  आदरणीय उस्मानी जी  ,आपका रचनाकर्म हर दिन नई बुलंदियां छुएँ ,ये कामना करती हूँ 

At 7:30am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
श्रद्धेय शेख शहजाद उस्मानी साहब ये सब तो आप जैसे मित्रों के सहयोग से ही हुआ है और आशा करता हूं कि भविष्य में भी मेरा मार्गदर्शन करते रहेंगे। हृदय की गहराईयों से धन्यवाद ।
At 8:42am on May 24, 2016, महिमा वर्मा said…

आभार आपका आ.शेख उस्मानी सर जी,अभी जानकारी  पूरी नहीं है ,तो आपको जवाब देने में देर हो गई.पुनः आभार आपका .

At 2:11pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

मित्रता के लिए आभार 

At 8:41am on November 18, 2015, pratibha pande said…

हार्दिक आभार आपका आदरणीय 

At 9:27am on November 4, 2015, kanta roy said…

देखी वफ़ा-ए-फ़ुरसत-ए-रंज-ओ-निशात-ए-दहर

ख़मियाज़ा यक दराज़ी-ए-उमर-ए-ख़ुमार था---- 

मिर्ज़ा ग़ालिब साहब का ये शेर आज आपके लिए
असीम शुभकामनाएँ आपको आदरणीय शहजाद जी।

 

At 3:47pm on October 17, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
आदरणीय Er. Ganesh Jee "Bagi" जी सूचना अनुसार वांछित जानकारी एडमिन की ई-मेल परआज प्रेषित कर दी है ।सादर सधन्यवाद
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
1 hour ago
TEJ VEER SINGH left a comment for Dr Ashutosh Mishra
"जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक 39 के सफल संचालन और शानदार संकलन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज…"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post खरा सोना - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी जी।"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - ढूँढ रहा हूँ
"आदरणीय बसंत कुमार जी आदाब,                    …"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी ।"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"आ. भाई बसंत जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"आ. भाई आरिफ जी, मन को सराबोर करती बारिश पर सुंदर क्षणिकाएँ हुई हैं , हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service