For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

surender insan
Share

Surender insan's Friends

  • पंकजोम " प्रेम "
  • Samar kabeer
  • योगराज प्रभाकर
 

surender insan's Page

Latest Activity

surender insan commented on KALPANA BHATT's blog post बया का घोसला (कहानी)
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी कहानी बहुत सुंदर हुई है जी ।बधाई स्वीकार करे जी।"
8 hours ago
surender insan commented on KALPANA BHATT's blog post रक्त संचार ( लघुकथा)
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी सादर नमन जी। आपका प्रयास अच्छा है। बधाई स्वीकार करे जी। बाकि आदरणीय रवि जीने कह ही दिया है ।सादर जी।"
8 hours ago
surender insan commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - रोशनी है अगर तेरे दिल में- ( गिरिराज भंडारी )
"साथ ही सार्थक चर्चा भी पढ़ी जी। सादर जी।"
22 hours ago
surender insan commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - रोशनी है अगर तेरे दिल में- ( गिरिराज भंडारी )
"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी आदाब। बेहद खूबसूरत गजल के लिए बहुत बहुत बधाई हो जी ।"
22 hours ago
surender insan commented on डॉ.कंवर करतार 'खन्देह्ड़वी''s blog post ग़ज़ल
"आदरणीय डॉक्टर कंवर करतार साहब आदाब। ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ है।बधाई स्वीकार करे जी । यक़ीनन अभी ग़ज़ल और मेहनत मांग रही है। अभ्यास से धीरे धीरे खुद ब खुद निख़ार आएगा। गुणीजनों की राय पर गौर करियेगा जी। सादर जी।"
23 hours ago
surender insan commented on मंजूषा 'मन''s blog post ग़ज़ल
"आदरणीया मंजूषा'मन'जी आदाब,ग़ज़ल का बहुत अच्छा प्रयास हुआ है,दाद के साथ मुबारकबाद कबूल करे जी। दूसरे शैर में क़ाफ़िया दोष है मोहतरम समर कबीर साहब की सलाह पर गौर कीजियेगा। सादर जी।"
yesterday
Gurpreet Singh commented on surender insan's blog post ग़ज़ल " जिंदगी से जी भर गया कब का "
"आदरणीय सुरेंद्र इंसां जी,,बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने,,,मकता विशेष तौर पर बेहद पसंद आया "
Monday
Niraj Kumar commented on surender insan's blog post ग़ज़ल " जिंदगी से जी भर गया कब का "
"आदरणीय सुरेन्द्र जी, उम्दा ग़ज़ल हुयी है दाद के साथ मुबारकबाद. और उतनी ही उम्दा है जनाब समर कबीर साहब की इस्लाह. सादर "
Sunday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"आदरणीया नयना जी सादर नमन जी। बहुत अच्छी कविता हुई है जी ।बधाई स्वीकार करे जी।"
Saturday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर and surender insan are now friends
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"शब्दों में ही प्यार है, शब्दों से मत मार। एक शब्द घायल करे, एक करे उपचार॥ .................. देवा गणेशा शिवा कहें, रामा हैं प्रभु राम। देशी अंग्रेजों ने किया, उल्टा सीधा काम॥ वाह जी वाह बहुत सुंदर हुए है जी दोहे। बधाई स्वीकार करे जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"वाह जी वाह बहुत अच्छे हायकू हुए है जी। बधाई स्वीकार करे जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"वाह जी वाह बेहद सुंदर रचना जी ।बधाई स्वीकार करे जी। सादर नमन आदरणीय अशोक जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"आदाब आदरणीया सुनन्दा जी। वाह जी बेहतरीन हुए है जी सभी सरसी छंद जी।बधाई स्वीकार करे जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आदाब। वाह जी बहुत सुंदर कविता हुई है जी।बधाई स्वीकार करे जी।"
Saturday
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82
"आदाब आदरणीय तस्दीक अहमद खां साहब। वाह बहुत बेहतरीन मतले से शुरुआत जी। सभी अशआर बेहद उम्दा हुए है जी । शेर दर शेर दिली मुबारक़बाद कबूल करे जी ।"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

Surender insan's Blog

ग़ज़ल " जिंदगी से जी भर गया कब का "

2122 1212 22

जिंदगी से जी भर गया कब का।
टूट कर मैं बिखर गया कब का ।।

***
इक मुहब्बत का था नशा मुझको।
वो नशा भी उतर गया कब का।।
***
चाहता था तुझे दिल-ओ-जां से।
वक़्त वो तो गुज़र गया कब का।।

***
देख हालत नशे के मारों की।
ख़ुद-ब-ख़ुद वो सुधर गया कब का।।

***
देख कर छल फ़रेब दुनिया के।
एक "इंसान" मर गया कब का।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on August 9, 2017 at 5:20pm — 8 Comments

ग़ज़ल "दिखाना ख़्वाब यूँ अच्छा नहीं है"

1222 1222 122

दिखाना ख़्वाब यूँ अच्छा नहीं है।

फ़क़त बातों से कुछ होता नहीं है।।



***

बुरा अंजाम होता है बुरे का।

ख़ुदा से कुछ भी तो छुपता नहीं है।।



***

कई धोख़े मिले हैं जिंदगी में।

किसी पर अब यकीं होता नहीं है।।



***

मुहब्बत में मुझे इक बेवफा ने।

दिया वो जख़्म जो भरता नहीं है।।



***

यकीं कोई न अब उस पर करेगा।

वो अपनी बात पर टिकता नहीं है।।



***

उसे है याद बातें सब पुरानी।

मगर अब गाँव वो… Continue

Posted on August 3, 2017 at 9:54am — 21 Comments

ग़ज़ल

2222 2222 222
दूरी अपने बीच मिटा भी नहीं सकता।
आना चाहूँ तो मैं आ भी नहीं सकता।

मैं तुझ से मिलने को आ भी नहीं सकता।
क्या दिल पे गुजरती है बता भी नहीं सकता।।

बेईमानी से मैं कमा भी नहीं सकता।
भूखा बच्चों को मैं सुला भी नहीं सकता।।

मैं इतना दूर चला आया हूँ उस से।
वो आना चाहे तो आ भी नहीं सकता।

पहले से दुख इतने हैं मेरे अंदर।
और कोई दिल मेरा दुखा भी नहीं सकता।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on July 25, 2017 at 11:58pm — 7 Comments

ग़ज़ल

22 22 22 2

उसकी रज़ा में रहता हूँ।
मैं दरिया सा बहता हूँ।।

शेर अगर हों आमद के।
ग़ज़ल तभी मैं कहता हूँ।।

कह कर सच्ची बात यहाँ।
तंज़ सभी के सहता हूँ।।

मिट्टी की इस दुनिया में।
मिट्टी जैसे रहता हूँ।।

जैसे को तैसा मिलता।
सच यह सबको कहता हूँ।।


मौलिक व अप्रकाशित

Posted on June 26, 2017 at 12:00am — 6 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

श्याम किशोर सिंह 'करीब' commented on श्याम किशोर सिंह 'करीब''s blog post बस यूँ ही दशरथ माँझी... / किशोर करीब
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
20 minutes ago
Samar kabeer replied to Saurabh Pandey's discussion दोहा छंद में शुद्धता की आवश्यकता // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब आदाब,बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिये आपका धन्यवाद । सरसी छन्द की मिसाल…"
23 minutes ago
Samar kabeer joined Admin's group
Thumbnail

भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के…See More
23 minutes ago
BS Gauniya updated their profile
1 hour ago
KALPANA BHATT replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-२ में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"आज इन कथाओं को पढ़कर अच्छा लगा | पहले संकलन में शामिल रचनाये मिल नहीं रही है पर कुछ कथाये पढ़ी उसकी…"
1 hour ago
Gurpreet Singh posted a blog post

ग़ज़ल --इस्लाह के लिए

      (122-122-122-12)रहे हम तो नादां ये क्या कर चले कि दौर ए जफ़ा में वफ़ा कर चले।वो तूफ़ान के जैसे आ…See More
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

नज़र की हदों से .....

नज़र की हदों से .....अग़र तेरे बिम्ब ने मेरे स्मृति पृष्ठ पर दस्तक न दी होती मैं कब का तेरी नज़र…See More
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार।"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब, आदाब, सृजन को अपने स्नेह से प्रोत्साहित करने का हार्दिक आभार।"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब, सृजन के मर्म को अपनी स्नेहिल प्रशंसा से अलंकृत करने का दिल से आभार।…"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय रवि शुक्ला जी सृजन के भावों को अपनी स्नेहाशीष से उत्साहित करने का हार्दिक आभार। "
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी सृजन को मान देने का हार्दिक आभार।"
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service