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योगराज प्रभाकर
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
33 Replies

(1). सुश्री सीमा सिंह जी   दूध का जला “चलो, अविनाश, तुम भी हमारे साथ चलो! आज ओडियन में फिल्म देखने का प्रोग्राम है।” नेगी मैडम ने मुस्कुरा कर कहा। “नहीं, मैडम। आज माँ को डॉक्टर के पास ले जाना है,…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Mar 9.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 में स्वीकृत लघुकथाएँ
59 Replies

(1). श्री मिथिलेश वामनकर जी ढहते किले का दर्द “आइये पंडितजी, आइये, बैठिये।” “ठाकुर साहब ये क्या सुन रहा हूँ? आप पुत्री के विवाह के लिए सहमत हो गए हैं। आपको पता है शास्त्रों में प्रतिलोम-विवाह…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Manan Kumar singh Feb 8.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-21 में सम्मिलित सभी लघुकथाएँ
36 Replies

(1). श्री विजय जोशी जी  दोयम दर्जा. 'रागिनी ज़िद छोड़ दो।' 'कोई और रास्ता अपना लो।' 'खुले आसमान के नीचे रहना ज्यादा आसान है, किन्तु हम गरीबों के लिए महलों का सुख छलावा है, जीवन से खिलवाड़ है।" ' घुटनभरे…Continue

Tags: लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Sudhir Dwivedi Jan 11.

"ओबीओ लाईव लघुकथा गोष्ठी" अंक-20 की सभी रचनाएँ
13 Replies

(1). योगराज प्रभाकर"पर्दे".“मारो-मारो” की आवाजें हर तरफ से उठ रहीं थीI लाठियाँ और तलवारें हवा में लहराते हुए इतने बड़े हुजूम के बीच घिरा हुआ वह बूढ़ा सूखे पत्ते की तरह काँप रहा थाI कुछ अति-उत्साही…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by TEJ VEER SINGH Dec 2, 2016.

 

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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर
"कृपया ऐसे प्रश्न "लघुकथा की कक्षा" में पोस्ट करें आ० मोहम्मद आरिफ साहिब. "
Monday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें नयना ताई, अगले आयोजन में आपकी प्रतीक्षा रहेगी. "
Mar 9
नयना(आरती)कानिटकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
" आ. योगराज भाई जी लघुकथा गोष्ठी 23 के शानदार  सफ़ल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई .  आज सभी  सार्थक रचनाएँ पढी. इस बार मै खराब स्वास्थय के चलते गोष्टी मे सहभागिता नही कर पाई इस बात का मलाल रहा."
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"यथा निवेदित तथा प्रतिस्थापित. "
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"बहुत बहुत शुक्रिया आ० ओमप्रकाश क्षत्रिय जी. "
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"हार्दिक आभार, आपने बिलकुल सही कहा, इस बार का आयोजन वाकई बहुत बढ़िया रहा भाई उस्मानी जी, हालाकि कई सदस्यों की अनुपस्थिति खलती रही.  "
Mar 8

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"दिल से शुक्रिया आ० तसदीक़ अहमद खान साहिब. "
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"हार्दिक आभार आ० सीमा मिश्रा जी, अगली गोष्ठी में आपकी रचना का इंतज़ार रहेगा."
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"बहुत बहुत शुक्रिया भाई विनय कुमार सिंह जी. "
Mar 8

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"हार्दिक आभार आ० नीता कसार जी. "
Mar 8

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"हार्दिक आभार भाई मिथिलेश जी. "
Mar 8

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योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा गोष्ठी" अंक-23 में स्वीकृत लघुकथाएँ
"आपकी बधाई सर आँखों पर आ० मोहन बेगोवाल जी. "
Mar 8

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"हार्दिक आभार आ० डॉ आशुतोष मिश्रा जी. "
Mar 8

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"बहुत बहुत शुक्रिया भाई महेंद्र कुमार जी. "
Mar 8

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"हार्दिक आभार आ० तेजवीर सिंह जी. "
Mar 8

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"बहुत बहुत शुक्रिया आ० मोहम्मद आरिफ साहिब. "
Mar 8

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आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 15 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

ग़ज़ल - आग यूँ ही नहीं लगी होगी

2122 1212 22/112

.

आह मज़लूम ने भरी होगी.

आग यूँ ही नहीं लगी होगीI



एक गोली कहीं चली होगी.

एक दुनिया उजड़ गई होगीI



शर्म से लाल हो गया पीपल,

बेल कोई लिपट गई होगीI



झूमकर नाचने लगी मीरा, 


शाम की बांसुरी बजी होगीI



जुगनुओं का हुजूम जब निकला,

चाँद की नींद…
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Posted on October 17, 2016 at 11:24am — 23 Comments

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At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

At 7:37pm on November 28, 2014, Rahul Dangi said…
आदरणीय समझाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद! क्या "गुनाह " शब्द भी उर्दू में गुना हो सकता है और क्या हम ये शब्द हिन्दी गजल में भी उपयोग कर सकते है !

राहत इन्दौरी जी के इस अशआर में भी काफिया समझाने का कष्ट करे!

3
सूरज सितारे चाँद मेरे साथ मेँ रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे

शाख़ों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
 
 
 

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