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योगराज प्रभाकर
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
3 Replies

(१). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी  विदाई .  " मैंने शैलजा की स्वीकृति ले ली है । वह पूरी तरह से सहमत है ।" आनंद जी ने पत्नी को खुश होकर कहा । " क्या कहा ! ज़रा फिर से तो कहना , मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है । "…Continue

Started this discussion. Last reply by TEJ VEER SINGH 2 hours ago.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-38 में शामिल लघुकथाएँ
12 Replies

(1). आ० महेंद्र कुमार जी   मृग-मरीचिका‘‘प्यार से कोई आदमी कैसे डर सकता है?’’ यही वो सवाल था जिसने उसे उस पागल को केस स्टडी बनाने पर मजबूर कर दिया। जब वह पहली बार उससे मिली तो वो ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by Dr Ashutosh Mishra Jun 3.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
6 Replies

(1). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी उपाय------------------------------ब्रह्म ज्योतिषी के आगे हाथ बढ़ाते हुए -" इन रेखाओं को देखकर बताइए आखिर ये क्या कहती है ? "ब्रह्म ज्योतिषी ने जैसे ही उसके हाथों की रेखाओं को…Continue

Started this discussion. Last reply by Mahendra Kumar May 14.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-36 में स्वीकृत लघुकथाएं
8 Replies

(1).  आ० तेजवीर सिंह जी  क़ुदरत की मार  कल लगने वाली साप्ताहिक हाट के लिये,  भीकम अपने खेत की सब्जियों पर एक नज़र मार कर देख रहा था कि कौन कौन सी सब्जियाँ हाट में ले जाने के लिये तैयार हैं। फिर उसने…Continue

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Apr 9.

 

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TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक 39 के सफल संचालन और शानदार संकलन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी ।मुझे बेहद अफ़सोस है कि इस लघुकथा गोष्ठी के समय पर मैं होंगकोंग में था।भारत के और वहाँ के समय में ढाई घंटे का अंतर होता है।इस वज़ह से कुछ…"
2 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
"मुहतरम जनाब योगराज साहिब, ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक _39 के कामयाब संचालन और संकलन के लिए मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं l"
yesterday
Samar kabeer replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
"जनाब योगराज प्रभाकर साहिब आदाब,इस बार आपकी मसरूफ़ियत कुछ ज़ियादा रही,इसी कारण से संकलन कुछ देर से आया, कोई बात नहीं इंसान अपनी मजबूरियों के आगे बेबस हो जाता है,ख़ैर लघुकथा गोष्ठी के सफ़ल संचालन और संकलन के लिए बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ

(१). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी  विदाई .  " मैंने शैलजा की स्वीकृति ले ली है । वह पूरी तरह से सहमत है ।" आनंद जी ने पत्नी को खुश होकर कहा । " क्या कहा ! ज़रा फिर से तो कहना , मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है । " शारदा देवी ने बड़े आश्चर्य से कहा । " यह सच है भाग्यवान । शैलजा ने हामी भर दी है ।" " मुझसे भी अब उसका दु:ख देखा नहीं जाता । इसी दिन का इंतज़ार कर रही थीं । " " हम शैलजा को बहू नहीं बेटी की तरह विदा करेंगे । आज से पाँच साल पहले हमारी बहू बनकर आई थी मगर ईश्वर को कुछ और ही मंज़ूर था । हमारा बेटा असमय ही…See More
yesterday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"यह परिमार्जित रचना आपके लिए भाई महेंद्र कुमार जी का उपहार है भाई जी।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"रचना के मर्म तक पहुँच कर उसे सराहने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया उस्मानी भाई।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"हार्दिक आभार कल्पना भट्ट जी।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"दिल से शुक्रिया भाई वीर मेहता जी।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"रचना अच्छी है मगर आपके क़द से मेल नही खा रही आ० प्रतिभा पांडेय जी। बहरहाल हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"अच्छा प्रयास है, बधाई प्रेषित है।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"एकदम सधी हुई और विषयानुकूल लघुकथा हुई है, वाह। हार्दिक बधाई भाई वीर मेहता जी।"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"वाह वाह वाह! प्रदत्त विषय को कितनी सरलता और सटीकता से यथार्थवादी अभिव्यक्ति में ढाला है भाई विनय कुमार सिंह जी. बिना अधिक शब्द खर्च किए कही गई यह लघुकथा पढ़कर आनंद आ गया. रोज़मर्रा की एक साधारण घटना को जिस सुन्दरता से शब्दांकित किया है उसके लिए आपको…"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"प्रदत्त विषय पर लघुकथा कहने का अच्छा प्रयास है. लेकिन निन्नी और नौकर के घर न पहुँचने का मतलब यह कैसे निकाल लिया कि वे दोनों भाग गए? कोई और कारण भी तो हो सकता है न? तो इसका अर्थ तो यह निकला कि पति-पत्नी की तकरार महज़ एक क़यास पर ही आधारित है. बहरहाल,…"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"प्रदत्त विषय को इस रचना के माध्यम से परिभाषित करने का सद्प्रयास हुआ है आ० आशीष श्रीवास्तव जी. लेकिन यह रचना लघुकथा न होकर लघु-कथा बन गई है क्योंकि लघुकथा में कोई अंतराल अथवा एक से अधिक कालखंड नहीं होता है. यदि कालखंड एक से अधिक हो तो उन्हें…"
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"रचना के मर्म तक पहुँचकर उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार महेंद्र कुमार जी.   "
Jun 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-39 (विषय: समीकरण")
"हार्दिक आभार आ० तेजवीर सिंह जी."
Jun 30

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 16 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 14 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (79 comments)

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At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

 
 
 

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