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TEJ VEER SINGH
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TEJ VEER SINGH commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post उम्मीद का पेड़  (लघुकथा )
"हार्दिक बधाई आदरणीय  डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी। वरिष्ठ जनों की बच्चों जैसी खाद्य पदार्थों के प्रति रुचि होना।उसकी पूर्ति ना होने से उत्पन्न आंतरिक पीड़ा और उनकी प्रतिबंधित खान पान व्यवस्था पर लाज़वाब लघुकथा।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on Mirza Hafiz Baig's blog post प्लेन उड़ाती लडकियां
"हार्दिक बधाई आदरणीय मिर्ज़ा हफ़ीज़ बेग जी। बेहतरीन मनोवैज्ञानिक लघुकथा।बड़ी बेबाकी से समाज को आईना दिखाया है आपने।"
Mar 10
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post तपस्या [लघु कथा ]
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 6
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post परिचय [लघु कथा ]
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 6
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय नीता कसार जी।आपकी उत्साह वर्धक टिप्पणी ने मेरी विचारधारा का समर्थन तो किया ही है साथ ही मुझे एक आत्मिक एवम मानसिक बल भी प्रदान किया है।पुनः आभार।"
Mar 6
Nita Kasar commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"युद्ध किसी समस्या का समाधान नही होता है।देश और जनता प्रभावित होती है।सारगर्भित कथा के लिये बधाई आद० तेजवीर सिंह जी ।"
Mar 5
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post साँझ होते  माँ  चौबारे  पर  जलाती  थी दीया -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल )
"हार्दिक बधाई आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। अब सियासत ने सभी को कौरवों सा कर दियाराज अपने हर किसी को गलतियाँ दिखती नहीं।८।"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post ज़माने के आशियाने (लघुकथा) :
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन जी।बेहतरीन गज़ल। उन शहीदों को है सलाम मेरा ।मौत से जो निक़ाह कर बैठे ।।"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल..गैरो से जा महबूब मिले
"हार्दिक बधाई आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी।बेहतरीन गज़ल।"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "क़तरा-क़तरा मेरा-तेरा!" (लघुकथा) :
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी।"
Mar 4
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"बहुत बढ़िया ढंग से आपने अपने विचार रखें हैं लघुकथा में आदरणीय..बधाई"
Mar 4
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी साहब जी।सदैव की भाँति आपकी टिप्पणी बेहद उत्साह बर्धक, प्रेरक एवम सकारात्मक सोच उत्पन्न करने वाली है।"
Mar 3
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"आदाब। बेहतरीन सृजन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह साहिब। //युद्ध की दोहरी मार// से सब कुछ स्पष्ट है। रचना में युद्ध की मांग का समाधान अनकहे में है! "युद्ध की मांग" नेता की नज़र में महत्वहीन है हालात अनुसार। पूरे संवादों पर ग़ौर कर…"
Mar 3
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाधान - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।आदाब ।"
Mar 2

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समाधान - लघुकथा -

समाधान - लघुकथा -

युद्ध,  युद्ध,  युद्ध करो,

हमें केवल युद्ध चाहिये। दुश्मन को मसल दो। उसे कुचल दो। बरबाद कर दो।

ऐसी आवाज़ों से आसमान गूंज रहा था।

इन आवाजों को सुनकर नेता जी का मस्तिष्क फटा जा रहा था। इन आवाजों का स्वर और प्रवाह इतना तेज और उत्तेजित करने वाला था कि नेताजी अपने दैनिक क्रिया कलापों पर एकाग्र नहीं कर पा रहे थे।

दूसरी ओर उनकी आँखों के आगे पिछले युद्ध की विभीषिका स्पष्ट झलक रही थी।घायल सैनिकों की चीत्कार भरी पुकार और कराहने के दर्द भरे स्वर। उनके…

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Posted on March 1, 2019 at 5:00pm — 8 Comments

देहलीज़  -  लघुकथा -

देहलीज़  -  लघुकथा -

दिल्ली में जनवरी की कयामत की सर्दी वाली रात। रात के ग्यारह बजे के लगभग घर की डोर बेल बजी।  घर में दो बुजुर्ग प्राणी। दोनों ही सत्तर  पार। आमतौर पर नौ बजे तक रजाई में घुस जाते थे। गहरी नींद में थे। बार बार घंटी बजी तो शर्मा जी की आँख खुली तो उठकर द्वार खोलने चल दिये। खटर पटर की आवाज से तथा लाइट जलने से मिसेज शर्मा भी आँख मलते हुए उठ बैठी।

"सुनो जी, तुम रुको, मैं खोलती हूँ।"

वे थोड़ी मजबूत थीं। शर्मा जी दुबले पतले और बीमार  भी थे। वे रुक गये। मिसेज शर्मा…

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Posted on January 8, 2019 at 6:14pm — 10 Comments

कुंठा - लघुकथा -

कुंठा - लघुकथा -

आदरणीय मामाजी,

आपने मेरे लिये जो किया वह मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। आपने अपना भविष्य दॉव पर लगा दिया| आपकी बी ई की पढ़ाई छूट गयी। वह घटना मेरे जीवन की भयंकर भूल थी।जिसके अपराध बोध से आज तक ग्रसित हूँ।

उस समय मैं केवल  सात साल का था अतःइतना डर गया था कि सच नहीं बोल सका।

इतने साल बाद आज मैं आपको सच बताने का साहस जुटा पाया हूँ|

दिवाली की उस रात  खाने के बाद आप जब पान खाने जाने लगे तो मैं भी जिद करके आपके साथ चल दिया था।

आपने पान वाले को…

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Posted on December 8, 2018 at 7:28pm — 6 Comments

सन्नाटा  -  लघुकथा  -

सन्नाटा  -  लघुकथा  - 

सोनू ने स्कूल से आते ही, स्कूल बैग  पटक कर, सीधे दादा जी के कमरे का रुख किया, "दादा जी, ये ब्लफ मास्टर क्या होता है?"

 दादाजी अपने दोस्तों के साथ वर्तमान राजनीति पर चर्चा में मशगूल थे।जिनमें कुछ लोकल लीडर भी थे| अतः सोनू को टालने के लिये कहा,"सोनू, अभी तुम स्कूल से आये हो। ड्रेस बदल कर कुछ खा पी लो। फिर बात करते हैं।"

"नहीं दादाजी, मुझे पहले यह जानना अधिक जरूरी है।"

"सोनू, अभी हम लोग देश के मौजूदा हालात के बारे में कुछ आवश्यक बात कर रहे…

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Posted on November 20, 2018 at 10:34am — 15 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

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