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TEJ VEER SINGH
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TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीता कसार जी।"
2 hours ago
Nita Kasar commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"आज की व्यवस्था में गुहार ही गले की हड्डी बन गई है ।राजनीति के दलदल में सुनवाई की गुंजायश कम हो जाती है बधाई आपको आद० तेजवीरसिंह जी ।"
3 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post वार हर बार (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी साहब जी।बेहतरीन एवम समयानुकूल संदेश देती सुंदर लघुकथा।"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post हृदय अपना जिसनें समंदर किया है-----ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय पंकज कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। युगों तक जगत में वही जी सका हैहृदय अपना जिसने समंदर किया है हक़ीक़त से नज़रें हटाने से यारोकभी झूठ भी क्या कहीं सच हुआ है?"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(अपना घाव...)
"हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। ऊपर ऊपर जैसा भी होअंदर आग जला के रखना।2"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Kumar Gourav's blog post सफेदपोश (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय कुमार गौरव जी।बेहतरीन लघुकथा।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(ओ प न बु क् स औ न ला इ न)
"हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। क्या करोगे जानकर सब सिलसिला?सच मरा है, बातें' टेढ़ी हैं अभी।3"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (कैसी ये मज़बूरी है)
"हार्दिक बधाई आदरणीय वासुदेव जी।बेहतरीन गज़ल। कारोबार किया चौपट है चंदे के इस धंधे ने,हर नेता से आँख चुराऊँ कैसी ये मज़बूरी है।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"हार्दिक बधाई आदरणीय सतबिंदर जी।बेहतरीन गज़ल। 'राणा' सच कहते रहनारंग न छूूटे तेवर का।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--बोध
"हार्दिक बधाई आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी।बेहतरीन प्रस्तुति।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नंद कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। वादा था किया ख़ुश रहने काआंसूं जो बहें तो भी मुश्किल.."
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नंद कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। जो पहले भी दोस्त नहीं थावो तो फिर से घात करेगाकुर्सी की चाहत में फिर वोगड़बड़ कुछ हालात करेगा"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम जी।"
yesterday
Dr Ashutosh Mishra commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"आदरणीय तेजवीर जी सीधे सरल तरीके से अपनी लघु कथा के माध्यम से दिल से संबाद कररही है आपकी यह रचना ..यह रचना मुझे बेहद पसंद आई रचना पर ढेरों शुभकामनाएं स्वीकार करें सादर "
yesterday
Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी ।  व्यवस्था पर कटाक्ष करती बढ़िया लघु कथा।  प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। "
yesterday

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गुहार  -   लघुकथा –

गुहार  -   लघुकथा –

 मंत्री जी की गाड़ी जैसे ही बँगले से बाहर निकली, एक जवान औरत  हाथ में खून से  सनी दरांती और गोद में  छोटी बच्ची लिये गाड़ी के आगे आकर खड़ी होगयी। ड्राइवर ने बताया कि वह सुबह से आपसे मिलने की ज़िद कर रही थी। दरबान ने नहीं आने दिया।

"क्या हुआ बेटी। यह क्या हालत बना रखी है"?

"साहब मैं एक फ़ौज़ी की विधवा हूं। मेरा ससुर और देवर मेरी ज़मीन और मेरे शरीर के लिये मुझे परेशान करते हैं”|

"तुम थाने क्यों नहीं गयी। वहाँ जाकर रिपोर्ट लिखाओ"?

"गयी थी साहब।…

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Posted on April 21, 2018 at 11:42am — 10 Comments

पथरीली डगर  - लघुकथा –

पथरीली डगर  - लघुकथा –

"माँ, अब से हम अकेले स्कूल नहीं जाया करेंगे"?

"क्यों, क्या हुआ, मेरी बच्ची"?

 "आप बापू से बोलो, हमें स्कूल छोड़ने और लेने आया करें"।

"अरे कुछ बतायेगी भी कि बस एक ही रट लगा रखी है"?

"क्या बतायें, कुछ बताने लायक बात हो तब ना"?

"बिटिया, तेरे बापू को काम पर जाना होता है। कैसे तेरे साथ जायेगा"?

"तो फिर हम पढ़ाई छोड़ देते हैं"?

"कैसी बात करती है मेरी लाड़ो? तू हमारी इकलौती संतान है। हम दोनों तेरे भविष्य के लिये ही तो रात…

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Posted on April 13, 2018 at 3:45pm — 6 Comments

मानवता की मौत -- लघुकथा –

मानवता की मौत -- लघुकथा –

 दिल्ली की ब्लू लाइन बस में आश्रम से सफ़दरगंज अस्पताल जाने के लिये एक बूढ़ी देहाती औरत अपने साथ एक जवान गर्भवती स्त्री को लेकर चढ़ रही थी।

"अरे अम्मा जी, बस में पैर रखने को जगह नहीं है। इस बाई की हालत भी ऐसी है कि ये खड़ी भी न हो पायेगी। कोई और सवारी देख लो"? बस कंडक्टर ने सुझाव दिया|

"एक घंटो हो गयो, खड़े खड़े। लाड़ी के दर्द शुरू हो गये। अस्पताल पहुंचनो जरूरी है| सारी सवारी गाड़ियों की हड़ताल है, सरकार ने पेट्रोल के दाम बढ़ा दिये, इसलिये| घनी मजबूरी है…

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Posted on April 8, 2018 at 8:02pm — 12 Comments

कच्ची फसल  -  लघुकथा   –

कच्ची फसल  -  लघुकथा   –

"माँ, मुझे अभी और पढ़ना है। आप बापू को समझाओ ना। वे इतनी जल्दी क्यों मेरा विवाह करना चाहते हैं"?

"ठीक है बेटी। मैं आज एक बार और कोशिश करके देखती हूँ"।

श्यामा के स्कूल जाते ही, राधा खेत पर मोहन के लिये खाना लेकर पहुँच गयी।

"मैं सोच रही थी कि आज इस गेंहू की फसल को काट लेते हैं। जल्दी से फ़ारिग हो जायेंगे"।

"पगला गयी हो क्या राधा, । फसल पकने में वक्त है अभी।

"क्या फ़र्क पड़ता है, दो चार दिन पहले काट लेंगे तो। मुझे श्यामा को लेकर…

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Posted on March 29, 2018 at 10:51am — 16 Comments

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At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

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