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TEJ VEER SINGH
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TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय सुभाष लखेरा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय डॉ प्राची सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी।"
Oct 12
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"वाह बेहतरीन सीख प्रदान करती हुई लघु कथा...वाह आदरणीय"
Oct 12
TEJ VEER SINGH commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post छंद मुक्त कविता : रावण दहन
"हार्दिक बधाई आदरणीय गणेश जी बागी जी। बेहतरीन प्रस्तुति।"
Oct 11
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post रिक्तता :.....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। बेहतरीन प्रस्तुति।"
Oct 11
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी। बेहतरीन प्रस्तुति।"
Oct 11
TEJ VEER SINGH commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल..डरावनी सी रात थी बड़ा अजीब ख्वाब था-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"हार्दिक बधाई आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी। वर्तमान हालात पर तंज करती बेहतरीन गज़ल। शानदार कटाक्ष। चमन में छा रही थी बेशुमार बदहवासियांन  टेसुओं  पे नूर था  न सुर्खरू  गुलाब था"
Oct 11
TEJ VEER SINGH commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"हार्दिक बधाई आदरणीय धर्मेंद्र कुमार सिंह जी। वर्तमान हालात पर तंज करती बेहतरीन प्रस्तुति। शानदार कटाक्ष।"
Oct 11
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post विकासोन्मुखी (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी साहब जी।प्रतीकों के माध्यम से समाज में व्याप्त अनगिनत बुराइयों को सशक्त लघुकथा के रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय कदम।"
Oct 8
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय विजय निकोरे जी।"
Oct 8
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी।"
Oct 8
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post विजयदशमी पर कुछ दोहे :
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन दोहे। जीवन में लंकेश सा, जो भी करता काम।ऐसे पापी को कभी , क्षमा न करते राम।।"
Oct 8
vijay nikore commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"बहुत ही अच्छी लघु कथा के लिए बधाई, मित्र तेजवीर सिंह जी।"
Oct 8
Sushil Sarna commented on TEJ VEER SINGH's blog post दादाजी का वोट - लघुकथा -
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी बहुत ही गहन भावों की अभियक्ति करती लघु कथा का सृजन हुआ है। हार्दिक बधाई सर।"
Oct 8
TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post उसका हक़- लघुकथा
"हार्दिक बधाई विनय कुमार जी।बाल मनोविज्ञान की गहराई और गंभीरता को वर्णित करती बेहतरीन लघुकथा।"
Oct 8

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दादाजी का वोट - लघुकथा -

दादाजी का वोट - लघुकथा -

विवेक विलायत से इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा गोल्ड मैडल सहित पास करके लौटा था। उसके पास कई विदेशी और भारतीय कम्पनियों के ऑफर थे।

आज परिवार के सभी सदस्य इसी मुद्दे पर अंतिम फैसला करने के लिये बड़े हॉल में एकत्रित हुए थे। सभी की रॉय भिन्न भिन्न थी। लंबी बहस चली लेकिन कोई अंतिम हल नहीं निकला।

तब दादाजी ने सुझाव दिया कि सब अपनी अपनी सलाह लिख कर पर्ची डालें। सभी पर्चियों को खोल कर बहुमत से फैसला होगा।वह सबको मान्य होगा।सभी इससे सहमत हो गये।

सभी की…

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Posted on October 5, 2019 at 1:32pm — 10 Comments

यक्ष प्रश्न - लघुकथा -

यक्ष प्रश्न - लघुकथा -

गौतम ने बैंड बाजे  के साथ अपनी  एस यू वी गाड़ी से गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जन हेतु दोनों बांहों में सहेज कर बाहर निकाला।

गौतम जैसे ही मूर्ति को लेकर  विसर्जन हेतु नदी के तट पर पहुंचा और मूर्ति को विसर्जित करने ही वाला था कि एक अज्ञात हाथ ने उसका हाथ पकड़ लिया।

गौतम अचंभित होकर उस हाथ को पहचानने की चेष्टा करने लगा। उसे यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि यह तो उसकी बाँहों में बैठे प्रभु गणेश का ही हाथ था।

 उसे लगा कि प्रभु इस अंतिम विदा की बेला में…

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Posted on September 27, 2019 at 12:47pm — 8 Comments

नज़रिया - लघुकथा ---

नज़रिया - लघुकथा ---

अमर अपने सहपाठी के साथ घर से लगे लॉन में क्रिकेट खेल रहा था। उसके मित्र को प्यास लगी तो अमर अंदर पानी लेने चला गया। इसी बीच अमर की विधवा बुआजी तुलसी के पत्ते  लेने बाहर आईं।

"ए लड़के कौन हो तुम? यहाँ क्या कर रहे हो?"

"मैं अमर के साथ पढ़ता हूँ। उसने ही बुलाया था।"

"अमर के सभी दोस्तों को जानती हूँ।तुम्हें तो कभी नहीं देखा।"

"हाँ आँटी, मैं पहली बार आपके यहाँ आया हूँ।"

"क्या नाम हैं तुम्हारा?"

"असगर अली।"

"तुम मुसलमान…

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Posted on September 19, 2019 at 8:32pm — 2 Comments

जलेबी - लघुकथा -

जलेबी - लघुकथा -

आज स्कूल की छुट्टी थी इसलिये गुल्लू बिस्तर से उठते ही सीधा दादा दादी के कमरे की तरफ दौड़ पड़ा। कमरा खाली मिला तो माँ के पास जा पहुंचा,"माँ, दादा जी और दादी जी कहाँ चले गये?"

"यहीं पड़ोस वाले मंदिर तक गये हैं। अभी आने वाले हैं।"

"पर वे लोग रोज तो नहीं जाते मंदिर। आज कोई त्योहार है क्या?"

"आज उनकी शादी की पचासवीं साल गिरह है। इसलिये भगवान जी के दर्शन करने गये हैं।"

"अरे वाह, फिर तो आज विशेष पकवान बनेंगे।"

"हाँ जरूर बनेंगे।"

"माँ…

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Posted on September 11, 2019 at 2:44pm — 6 Comments

Comment Wall (9 comments)

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At 10:17am on September 8, 2019, Samar kabeer said…

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,आपकी महब्बतों के लिए दिल की गहराई से धन्यवाद ।

At 9:51pm on August 31, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय तेजवीर सिंह जी नमस्कार ! बहुत धन्यवाद् आपका आपने समय निकाला मेरी पहली ही लघुकथा के लिए और मेरा हौसला बढ़ाया आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:43pm on August 15, 2019, Dr T R Sukul said…
हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तेजवीर सिंह जी।
At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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