For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Male
  • noida
  • India
Share

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Friends

  • Afroz 'sahr'
  • सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Samar kabeer
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • vijay nikore
 

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Page

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on santosh khirwadkar's blog post गुज़रे वक़्तों की वो तहरीर.....संतोष
"वाह वाह आदरणीय..बेहतरीन ग़ज़ल"
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post लल्ला गया विदेश
"वाह क्या खूब गीत रचा है आदरणीय शर्मा जी..बहुत सुन्दर"
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post पर्यावरण (दोहा छन्द)
"वाह बड़े ही सुन्दर दोहे रचे आदरणीय.."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की-जिस्म है मिट्टी इसे पतवार कैसे मैं करूँ
"बहुत ही खूब ग़ज़ल कही है आदरणीय..."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Hariom Shrivastava's blog post - कुण्डलिया छंद -
"वाह उत्तम छंद रचना आदरणीय.."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post मैं सजनी उसकी हो गयी .....
"वाह बहुत सुन्दर रचना आदरणीय..."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह वाह आदरणीय त्रिपाठी खूब ग़ज़ल कही..."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post विकल्पहीन (लघु कथा )
"आदरणीय डा साहब हलके फुल्के अंदाज में बड़ी अच्छी लघुकथा रची है...सादर"
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post नीयत और नियति (लघुकथा)
"समाज की विद्रूपता की उजागर करती हुई लघु कथा के लिए बधाई आदरणीय.."
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Harash Mahajan's blog post ऐ ज़माने अब चला ऐसी हवा (गैर मुरद्दफ़)
"उम्दा ग़ज़ल हुई आदरणीय..सादर"
Apr 18
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(डर लग रहा है तेवरे दिलदार देख कर )
"बहुत ही खूब ग़ज़ल कही है आदरणीय..सादर"
Apr 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on vijay nikore's blog post मुंतज़िर मुंतज़िर रहा
"वाकई कमाल हैं आपकी कवितायेँ.."
Apr 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on vijay nikore's blog post तब्दीले आबोहवा
"क्या कहने आदरणीय विजय जी..निशब्द हूँ.."
Apr 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post आज फिर ....
"बेहतरीन बेहतरीन..शानदार भाव चित्रण किया है आदरणीय.."
Apr 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on vijay nikore's blog post जज़्बात
"अद्भुत रचना है..वाकई "
Apr 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- ख़ुद को क़िस्सा-गो समझे है हर क़िरदार कहानी में
"वाकई बड़ी ही अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय..सादर"
Apr 13

Profile Information

Gender
Male
City State
noida
Native Place
jhansi

बृजेश कुमार 'ब्रज''s Blog

ग़ज़ल...परेशां रहा हूँ मैं अहल-ए-सितम से-बृजेश कुमार 'ब्रज'

122 122 122 122

गम-ए-दिल उठाऊँ,अज़ीमत नहीं है

मगर बच निकलने की सूरत नहीं है

सुनो बख़्श दो मुझको वादों वफ़ा से

यहाँ अब किसी की जरुरत नहीं है

परेशां रहा हूँ मैं अहल-ए-सितम से

तुम्हारी भी क़ुर्बत की नीयत नहीं है

ओ महताब तू है तो ग़ज़लें हैं रौशन

वगरना सुख़नवर की अज़्मत नहीं है

सरेआम  'ब्रज' की ग़ज़ल गुनगुनाना

ये है और क्या गर मुहब्बत नहीं है

अज़ीमत-इरादा

अहल-ए-सितम-तानाशाह…

Continue

Posted on April 8, 2018 at 1:30pm — 20 Comments

ग़ज़ल...कभी तो दिल को करार आये-बृजेश कुमार 'ब्रज'

121 22 121 22 121 22 121 22

कभी जरा सा मैं मुस्कुरा लूँ कभी तो दिल को करार आये

कभी तो भूले से इस चमन में उतर के फ़स्ल-ए-बहार आये

कि इससे पहले ये साँस टूटे सफ़ीना डूबे ये ज़िन्दगी का

चले भी आओ सनम कहीं से कहाँ कहाँ हम पुकार आये

बड़ी अदा से नजर झुकाये वो पूछते हैं कहाँ थे अब तक

सुनाये कैसे वो आपबीती वो ज़िन्दगी जो गुजार आये

हजार लम्हे हजार बातें जिन्हें तड़पता ही छोड़ आया

वो शाम वो गेसुओं के साये वो याद फिर बेशुमार…

Continue

Posted on March 26, 2018 at 10:00am — 24 Comments

विश्व कविता दिवस पर एक कविता मंच को समर्पित

विश्व कविता दिवस पर महाभारत युद्धकाल में भगवान के वचनों को अपने शब्दों में पिरोने की कोशिश

​​रे रे पार्थ ये क्या करते हो?

धनु धरा पर क्यों धरते हो?

ओ शूरवीर मत हो अधीर

नैनों में क्यों भरते हो नीर

जीवन तो आना जाना है

चिरकाल किसे रह जाना है

मन में यूँ न मोह धरो

गांडीव उठाओ कर्म करो

मृत्यु बंन्धन से मुक्ति है

किस बात की आसक्ति है

धर्म विमुख हो पाप न कर

रक्षा कर संताप न कर

हे धनंजय हे महारथी

मत भूलो 'मैं' तेरा…

Continue

Posted on March 21, 2018 at 4:30pm — 12 Comments

ग़ज़ल...तू खुश्बू है चन्दन है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

22 22 22 2
खन खन करता कंगन है
साँसों में भी कम्पन है

मैं पत्थर हूँ राहों का
तू खुश्बू है चन्दन है

आहट है किन कदमों की
उर में कैसा स्पंदन है

आँखों ने क्या कह डाला
आकुल ये मन वंदन है

मन मन्दिर में आ जाओ
स्वागत है अभिनन्दन है
(मौलिक एवं अप्रकाशित)
बृजेश कुमार 'ब्रज'

Posted on March 17, 2018 at 8:30am — 20 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:59pm on October 24, 2017, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

स्वागत है आदरणीय ,  आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है .

At 11:43pm on November 17, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post वार हर बार (लघुकथा)
"रचना पर समय देकर अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई के लिए हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तस्दीक़ अहमद ख़ान साहिब और…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post नीयत और नियति (लघुकथा)
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया डॉ. रमा द्विवेदी जी रचना पर अपना अमूल्य समय देकर अनुमोदन और हौसला…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post शील्डिंग ( ढाल) [लघुकथा]
"अपने विचार साझा करने, अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post धतूरे (लघुकथा)
"बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब नवीन मणि त्रिपाठी साहिब।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"आप मतले में क्या कहना चाहते हैं?भाव बताइये,मिसरा में बता दूँगा ।"
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"आदरणीय समर कबीर जी ,सादर नमन! मतले के सानी के लिए भी मागर्गदर्शन की दरकार है। सादर निवेदन!"
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"आदरणीय तेजवीर जी,उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार नमन!"
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"आदरणीय श्याम नारायण जी हौंसलाफ़ज़ाई के लिए सादर आभार नमन!"
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"आदरणीय मुहम्मद आरिफ जी,सादर नमन ! हौंसलाफ़ज़ाई के लिए सादर हार्दिक आभार"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post अतुकांत
"आदरणीय डॉ छोटेलाल जी आपने न लिख के भी सब कुछ लिख दिया। ... अति सुंदर ... शब्द सौंदर्य देखते ही बनता…"
4 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post अतुकांत
"आदरणीय समर साहब जी सादर अभिवादन आपके उत्साह वर्धन से मन प्रफुल्लित हुआ,लेखनी सार्थक हुई ,उत्साह…"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post तन की बात - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी। आदाब"
7 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service