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C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" Online Now
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"आद0 शून्य आकांक्षी जी सादर अभिवादन।  कुछ बातों पर गौर कीजिए। मगर को म+गर या मग+र में किस तरह पढ़ते हैं।  इस पर गौर कीजिए। जब आप पढ़ेगी तो देखेगी की मगर को म+गर अर्थात इसकी मापनी 12 हुई। इसी तरह आपको अभी अभ्यास करना है। लेखन के लिए बधाई…"
Nov 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"आ. शून्य आकांक्षी जी,रचना का प्रयास अच्छा है। हार्दिक बधार्ई स्वीकार करें । साथ ही भाई समर जी की बात पर पुनः विचार करें। मगर की मापनी १२ है इसे 'किन्तु' करके ठीक किया जा सकता है। भटकना' भी 122 है इसे प्रतिस्थापित करने का प्रयास…"
Nov 27
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
" आदरणीय  Samar kabeer साहब सादर प्रणाम | आपने मेरी लिखी सरस्वती वंदना पढ़ी, मुझे बहुत प्रसन्नता हुई | आपने मेरे प्रयास को सराहा और बधाई दी | आपका हार्दिक आभार सर |  दी गई मापनी पर मैं अपने विचार आपके सामने रखने की…"
Nov 27
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"आदरणीय  Samar kabeer  साहब सादर प्रणाम | आपने मेरी लिखी सरस्वती वंदना पढ़ी, मुझे बहुत प्रसन्नता हुई | आपने मेरे प्रयास को सराहा और बधाई दी | आपका हार्दिक आभार सर |  दी गई मापनी पर मैं अपने विचार आपके सामने रखने की कोशिष…"
Nov 27
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"आदरणीय    साहब सादर प्रणाम | आपने मेरी लिखी सरस्वती वंदना पढ़ी, मुझे बहुत प्रसन्नता हुई | आपने मेरे प्रयास को सराहा और बधाई दी | आपका हार्दिक आभार सर |  दी गई मापनी पर मैं अपने विचार आपके सामने रखने की कोशिष कर रहा हूँ…"
Nov 27
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"आदरणीय  Samar kabeer  साहब सादर प्रणाम | आपने मेरी लिखी सरस्वती वंदना पढ़ी, मुझे बहुत प्रसन्नता हुई | आपने मेरे प्रयास को सराहा और बधाई दी | आपका हार्दिक आभार सर |  दी गई मापनी पर मैं अपने विचार आपके सामने रखने की कोशिष…"
Nov 27
Samar kabeer commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post सरस्वती वंदना
"जनाब शून्य आकांक्षी जी आदाब,रचना का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'मगर रचना प्रस्फुटित होती न इस संसार में' 'भटकते कमजोर पीड़ित लेखनी बल दीजिए' ये पंक्तियाँ दी गई मापनी पर नहीं हैं,देखियेगा ।"
Nov 25
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" posted a blog post

सरस्वती वंदना

(2122 2122 2122 212 ).वाग्देवी माँ हमें अपनी शरण में लीजिए | ज्ञान के जलने लगें माता हृदय में अब दिए ||   दर्द का सागर डुबाता है हमें मझधार में |  मगर रचना प्रस्फुटित होती न इस संसार में | भटकते कमजोर पीड़ित लेखनी बल दीजिए | ज्ञान के जलने लगें माता हृदय में अब दिए ||     शब्द में हो शक्ति दिल में पाक मैया भावना | प्रेम की गंगा बहे निष्पाप तन-मन कामना | द्वेष के बादल छँटें नहिं घृणा से कोई जिए | ज्ञान के जलने लगें माता हृदय में अब दिए ||  गिरि बहुत ऊँचे हुए माँ शारदा व्यवधान के | वन सघन षड्यंत्र…See More
Nov 20
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Sushil Sarna's blog post अभिव्यक्ति का संत्रास ...
"Sushil Sarna जी,सुन्दर रचना के लिए बधाई स्वीकार करें | "
Aug 14
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post मुक्तक
"सर Samar kabeer जी,आपका आशीर्वाद पाकर ये मुक्तक धन्य हुए | आपका कथन सही है कि अंतिम मुक्तक में तुकांतता का अभाव है | वहाँ अर्द्ध तुकांत है | आगे से आपके आदेश का पालन किया जाएगा | आपकी सारगर्भित टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार सर | "
Aug 11
Samar kabeer commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post मुक्तक
"जनाब शून्य आकांक्षी जी आदाब,अच्छे मुक्तक लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें । अंतिम मुक्तक में तुकांतता यानी क़वाफ़ी नदारद हैं,ग़ौर करें ।"
Aug 8
Pratibha Pandey commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post दुर्मिल सवैया
"आदरणीय "शून्य आकांक्षी " जी उत्तम ख्याल ,बधाई हो"
Aug 8
dandpani nahak left a comment for C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"
"आदरणीय शुन्य आकांक्षी जी प्रणाम एवम् बहुत बहुत धन्यवाद् ! आभारी हूँ आपका"
Aug 7
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Sushil Sarna's blog post चंद हाइकु ...
" Sushil Sarna जी, सभी हाइकु अच्छे | खास तौर से इसके लिए बहुत-बहुत बधाई :छुप न पाया विरह का सावन दर्द बहाया"
Aug 6
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Pratibha Pandey's blog post आगाज़
" Pratibha Pandey जी,सुन्दर कथ्य युक्त रचना | "
Aug 6
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Sushil Sarna's blog post ले बाहों में सोऊँगी ....
" Sushil Sarna जी,सुन्दर रचना | "
Aug 6

Profile Information

Gender
Male
City State
Kota, Rajasthan
Native Place
Mathura
Profession
Retired from Indian Railways
About me
Reading & Writing Literature.

C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s Blog

सरस्वती वंदना

(2122 2122 2122 212 )
.
वाग्देवी माँ हमें अपनी शरण में लीजिए | 
ज्ञान के जलने लगें माता हृदय में अब दिए ||  
 …
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Posted on November 19, 2019 at 11:00pm — 4 Comments

मुक्तक

ललालाला ललालाला ललालाला ललालाला

.

न मंदिर में मिले ईश्वर,  गुफाओं में न जाने से .

न भूखे  पेट रहने से, न गंगा ही नहाने से .

उसे पाना अगर सच में, हृदय में झाँक कर देखो ,

मिले रैदास, मीरा - प्रेम की बगिया खिलाने से .

.

कभी है धूप जीवन में, कभी मिलते यहाँ साए.

सहारे को नहीं ढूँढ़ो, मिले या फिर न मिल पाए. 

गिराती शाख कैसे फल, धरा पर सीख लो…

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Posted on August 3, 2019 at 2:00pm — 2 Comments

दुर्मिल सवैया

सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा 
----------
जबसे वह जीत चुनाव लिए, तब से नित रौब जमावत हैं | 
उनके चमचे घर आकर के,…
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Posted on July 17, 2019 at 7:30pm — 3 Comments

आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी

आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे |
जाएँगे  जी  जाएँगे, भद्दे  दिन  भग  जाएँगे || 
 
योगासन    प्रारम्भ    करो | 
आँख, कान, मुँह बन्द करो | 
पेट   भींचकर   भीतर   को ,
साँसों   को   पाबन्द   करो | 
 
उदर-पीठ दोनों हों एक, तब उनको हम भाएँगे | 
आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे || 
 
क्यों  मेहनत तुम करते हो | 
दिन - भर  खटते रहते  हो…
Continue

Posted on August 11, 2017 at 1:00am — 8 Comments

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At 12:35am on August 7, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय शुन्य आकांक्षी जी प्रणाम एवम् बहुत बहुत धन्यवाद् ! आभारी हूँ आपका
At 3:49pm on March 14, 2014, Omprakash Kshatriya said…

शून्य आकांक्षी जी जोरदार दोहों के लिए मेरी बधाई स्वीकार करे 

 
 
 

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