For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"
Share

C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s Friends

  • बसंत कुमार शर्मा
  • Ravi Shukla
  • anand murthy
  • rajesh kumari
 

C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s Page

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा and C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" are now friends
Sep 15
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय  Mohammed Arif जी,गीत पर सार्थक टिप्पणी करने और बधाई देने के लिए आपका हार्दिक आभार | इसी प्रकार प्रेम बनाए रखिएगा | "
Aug 14
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय Samar kabeer साहब,आपकी सराहना पाकर मेरे गीत का लेखन सफल हुआ | आपका हार्दिक आभार | "
Aug 14
Ravi Shukla commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय चंद्र मोहन जी बहुत बहुत बधाई इस सुंदर गीत के लिये । अतुकांत के आगे गीतो में भी आपकी कलम चलते देख कर खुशी हुई जितना भी साथ रहा आपके अतुकांत से ही परिचय हो पाया था । सादर"
Aug 14
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल नम्बर 2
"आदरणीय  Samar kabeer साहब,यूँ तो पूरी ग़ज़ल ही बहुत शानदार है पर इस शेर का तो जवाब ही नहीं :"अब तक भरी हुई थी जो तेरे दिमाग़ मेंफैलाई है वो तूने ग़िलाज़त कहाँ कहाँ"दिली मुबारकबाद स्वीकार करिएगा | "
Aug 14
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय  Niraj Kumar जी,आपकी बेहतरीन, सार्थक और मेरे लेखन को प्रोत्साहित करती टिप्पणी पाकर मन प्रसन्न हो गया | आपका बहुत-बहुत शुक्रिया | इसी प्रकार प्रेम बनाए रखिएगा | "
Aug 14
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा---सोच
"नर-नारी समानता के अधिकार और हमारी सुरक्षा व्यवस्था पर एक अच्छी लघुकथा पढ़ने को मिली | आपको हार्दिक बधाई |  "
Aug 14
Mohammed Arif commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय सी.एम.उपाध्याय जी आदाब, अच्छे दिन पर करारा व्यंग्यपूर्ण गीत की सौगात ।अच्छे दिन का झुनझुना ख़ूब बजाया प्रधान सेवक जी मगर जनता से संवाद कब करते हैं ,किसानों की ख़ुदकुशी पर चुप रहते हैं ,नफ़रत की हिंसा और लक्षित हिंसा पर बोलने के बजाय विदेशों की…"
Aug 13
Samar kabeer commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"जनाब उपाध्याय जी आदाब,बहुत अच्छा लगा आपका गीत,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 13
Niraj Kumar commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी
"आदरणीय शून्य आकांक्षी जी, बहुत अच्छा गीत ! मारक व्यंग ! साहसपूर्ण ! जितनी दाद दी जाय कम है. इस गीत से पता चलता है कि साहित्यकार को सत्ता का शाश्वत प्रतिपक्ष क्यों कहते हैं . सादर "
Aug 13
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Ravi Shukla's blog post गीत : एक भारत श्रेष्ठ भारत
" Ravi Shukla जी,देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत शानदार गीत के लिए बधाई स्वीकार करें | यूँ तो पूरा गीत ही भावों  और सधे शिल्प का संगम है पर रेल सेवा में कार्य करने और अभी भी ट्रेड यूनियन गतिविधियों में सक्रिय रहने के…"
Aug 11
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on rajesh kumari's blog post ये जो इंसान आज वाले हैं (एक ही रदीफ़ पर दो गज़लें ---'राज')
"आदरणीया  rajesh kumari जी,बेहतरीन व्यंग्य, हकीकत बयां करतीं शानदार ग़ज़लों के लिए बधाई स्वीकार कीजिएगा |  "
Aug 11
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" posted a blog post

आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी

आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे |जाएँगे  जी  जाएँगे, भद्दे  दिन  भग  जाएँगे ||  योगासन    प्रारम्भ    करो | आँख, कान, मुँह बन्द करो | पेट   भींचकर   भीतर   को ,साँसों   को   पाबन्द   करो |  उदर-पीठ दोनों हों एक, तब उनको हम भाएँगे | आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे ||  क्यों  मेहनत तुम करते हो | दिन - भर  खटते रहते  हो | करो    राजनैतिक    खेती ,भूख, प्यास क्यों  सहते हो |  मंत्री  बन पूँजीपति भी, तलवे तब सहलाएँगे | आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन यूँ  आएँगे ||  तेरी   पेंशन  …See More
Aug 11
Samar kabeer commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post दोहे
"मेरे कहे को मान देने के लिये धन्यवाद मुहतरम ।"
Aug 8
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post कहने को शर्मीली आँखें
"श्री  बसंत कुमार शर्मा जी,बहुत सुन्दर ग़ज़ल हुई है | सभी शेर बहुत उम्दा हैं | निम्न शेर के लिए विशेष मुबारकबाद भाई :" बढती बेलें देख के’ अपनी होतीं  हैं    गर्वीली  आँखें"  सप्रेम…"
Aug 8
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post दोहे
"आदरणीय  Samar kabeer साहब,सादर प्रणाम | यह उक्त दोहों की खुशकिस्मती है कि ये आपको पसंद आए | दोहों की प्रशंसा और बधाई देने के लिए आपका हार्दिक आभार | आपका सुझाव सिर आँखों पर | तदानुसार दोहे में मैंने संशोधन कर दिया है |…"
Aug 8

Profile Information

Gender
Male
City State
Kota, Rajasthan
Native Place
Mathura
Profession
Retired from Indian Railways
About me
Reading & Writing Literature.

C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s Blog

आएँगे जी आएँगे, अच्छे दिन यूँ आएँगे ...गीत / शून्य आकांक्षी

आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे |
जाएँगे  जी  जाएँगे, भद्दे  दिन  भग  जाएँगे || 
 
योगासन    प्रारम्भ    करो | 
आँख, कान, मुँह बन्द करो | 
पेट   भींचकर   भीतर   को ,
साँसों   को   पाबन्द   करो | 
 
उदर-पीठ दोनों हों एक, तब उनको हम भाएँगे | 
आएँगे  जी   आएँगे, अच्छे  दिन  यूँ  आएँगे || 
 
क्यों  मेहनत तुम करते हो | 
दिन - भर  खटते रहते  हो…
Continue

Posted on August 11, 2017 at 1:00am — 8 Comments

दोहे

दोहे 
राजनीति   दलदल   यहाँ, मिट्टी  हुई पलीद।

मजहब  मजहब लड़ रहे, कहाँ  दिवाली ईद।।1।।



कहने   को  करवा  रहे,  ये  रोजा   इफ्तार।

मगर  दृष्टि  में  तैरता, वोटों  का  व्यापार।।2।।



बादल  अब  बरसे वहाँ, जहाँ बहुत सा नीर।

सूखी भू  तरसे  कृषक, बढ़ी  जा  रही  पीर।।3।।



सरकारी घन छा गए, रिमझिम पड़े…
Continue

Posted on August 1, 2017 at 1:00pm — 7 Comments

ग़ज़ल

उजाड़े हैं हमारे घर, चले शकुनी के पासे हैं . 
तुम्हारे हाथ में हंटर, हुकुम हम तो बजाते  हैं . 
 
हमारी बेटियाँ, बहिनें तुम्हें जायदाद लगती हैं,
हमारा लुट रहा सब कुछ, मगर हम ही लजाते हैं . 
 
इधर जयघोष शंकर का, उधर अल्लाह-ओ-अकबर,
सुना दोनों तरफ दागी, तुम्हारी ही कृपा से  हैं . 
 
अँधेरा हँस रहा रौशन अनाचारी, दुराचारी,
निशा उपभोग करते हैं, दिवस जी भर सताते  हैं…
Continue

Posted on September 23, 2016 at 11:30pm — 2 Comments

दोहे

लिखो किसी भी शिल्प में, मोटा लिखो महीन । 
कलम चले पर इस  तरह, पीड़ित  करे यकीन ॥01॥  
  
रिश्तों   के   पर्वत  किए,  हरियाली   से  हीन । 
चाह   रहा   शीतल  हवा,  कैसा   मूरख  दीन ॥02॥  
 
बंधन   तो  था  जनम  का, हुआ बीच में भंग । 
कैसे   चलता   दूर   तक, धुंध - धूप का  संग ॥03॥   
 
पश्चिम  की आँधी  चली,  भूले  पनघट  गीत । 
गमलों…
Continue

Posted on September 24, 2014 at 9:00pm — 12 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 3:49pm on March 14, 2014, Omprakash Kshatriya said…

शून्य आकांक्षी जी जोरदार दोहों के लिए मेरी बधाई स्वीकार करे 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ramkunwar Choudhary left a comment for Ramkunwar Choudhary
"आप सभी को सादर प्रणाम, मैं पहली बार कुछ लिखने का प्रयास कर रहा हूँ। मैंने भुजंगप्रयात छंद के आधार…"
11 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"मेरे लिए 'आदरणीय' ही है।"
22 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"आदरणीय कालीपद जी,शुक्रिया। मेरे 'आदरणीय' पर्याप्त है,सादर।"
23 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"आदरणीय अजय जी,आपका आभार।"
24 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय आरिफ जी।"
25 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"आभारी हूँ आदरणीय अफरोज जी।"
26 minutes ago
Profile IconRamkunwar Choudhary and Manika Dubey joined Open Books Online
1 hour ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"आदरणीया मनन जी , खुबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें "
2 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - यूँ ही गाल बजाते रहिये
"आदरणीय राम अवध विश्वकर्मा जी , सामयिक विषय पर बहुत खुबसूरत ग़ज़ल हुई है |बधाई आपको "
2 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Samar kabeer's blog post 'ग़ालिब'की ज़मीन में एक ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब ,आदाब बहुत गज़ब की ग़ज़ल  हुई है | है तो यह ग़ज़ल फिर भी मेरा विचार है तीसरा…"
2 hours ago
दिनेश कुमार posted a blog post

तज़्मीन बर ग़ज़ल // "ज़िन्दगी में मज़ा नहीं बाक़ी" // दिनेश कुमार

एक कोशिश।तज़मीन बर ग़ज़ल जनाब फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ साहब।..फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन..इश्क़ का…See More
2 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post लम्बे रदीफ़ की ग़ज़ल (कज़ा मेरी अगर जो हो)
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल जी  , बहुत सुन्दर ग़ज़ल हुई है | इस नया प्रयोग के लिए हार्दिक बधाई "
2 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service