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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। बहुत बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने,वाह वाह। दाद के साथ मुबारकबाद कुबुल करें। सादर"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 मिर्जा जावेद बैग साहब सादर अभिवादन। आभार आपका इस खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए।सादर"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। सब आपकी तालीम का असर है । आपकी प्रतिक्रिया स्वरूप आशीष का हृदय तल से आभार।"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 अनीस शेख जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पसंद करने और अपनी प्रतिक्रिया से उत्साहवर्धन करने के लिए आभार आपका"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 शरीफ अहमद क़ादरी हसरत साहब सादर अभिवादन। ग़ज़ल की प्रशंशा और उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हृदय तल से आभार आपका"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 अजंलि गुप्ता जी सादर अभिवादन। आप अक्सर मेरा नाम गलत ले लेती हैं। खैर। ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हृदय तल से आभार"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 योगराज भाई जी सादर अभिवादन। आपको ग़ज़ल अच्छी लगी, लिखना सार्थक हुआ। आभार आपका"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 दिगंबर नासवा साहब सादर अभिवादन। ग़ज़ल की सराहना के लिए दिली मुबारकबाद।"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 सुरखाब बशर जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ बधाई स्वीकार कीजिये"
15 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 बासुदेव अग्रवाल जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। इतने में तो देश.... यह मिसरा बह्र में नहीं है। सादर बधाई आपको"
15 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0  mirza javed baig जी सादर अभिवादन। बहुत ही बेहतरीन और बाकमाल ग़ज़ल, मतले से मकते तक। दाद के साथ मुबारकबाद पेेेश है। सादर"
15 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" जी सादर अभिवादन। मुशायरे में बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ बधाई स्वीकार कीजिये।"
16 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आद0 मिथिलेश भाई जी सादर अभिवादन। बहुत बेहतरीन ग़ज़ल, मतले से लेकर आखिरी शैर तक और गिरह भी बाकमाल। आत्महत्या और दुश्मन वाले शेर ख़ास तौर से पसंद आया। दाद के साथ बहुत बहुत मुबारकबाद।"
16 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"हमने तुमको तो मियाँ नेक बशर जाना थावादा करना ही न था जबकि मुकर जाना था देख कर फौज बड़ी पीठ दिखाई क्यों थीइससे अच्छा तो तुझे रण में ही मर जाना था ग़लतियाँ सबसे ही होती हैं जवानी में मगरआया जिस वक़्त बुढापा तो सुधर जाना था फर्क क्या पड़ता उसे राह में…"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"आद0 भैया डॉ छोटेलाल सिंह जी सादर अभिवादन। संत शिरोमणि रविदास जी को याद करती बेहतरीन दोहे पर बधाई आपको"
Tuesday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Hariom Shrivastava's blog post (कल पुलवामा हमले में शहीद 42 जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए) - एक कुण्डलिया छंद-
"आद0 हरिओम श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। बढ़िया कुण्डलिया लिखा आपने, बधाई स्वीकार कीजिये"
Tuesday

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Blog

ग़ज़ल-किनारा हूँ तेरा तू इक नदी है

अरकान-1222  1222  122

किनारा हूँ तेरा तू इक नदी है

बसी तुझ में ही मेरी ज़िंदगी है।।

हमारे गाँव की यह बानगी है

पड़ोसी मुर्तुज़ा का राम जी है।।

ख़यालों का अजब है हाल यारो

गमों के साथ ही रहती ख़ुशी है।।

घटा गम की डराए तो न डरना

अँधेरे में ही दिखती चाँदनी है।।

मुकम्मल कौन है दुनिया में यारो

यहाँ हर शख़्स में कोई कमी है।।

बनाता है महल वो दूसरों का

मगर खुद की टपकती झोपड़ी…

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Posted on February 4, 2019 at 7:00am — 8 Comments

प्रार्थना (मधुमालती छंद पर आधारित)

( १४ मात्राओं का सम मात्रिक छंद सात-सात मात्राओं पर यति, चरणान्त में रगण अर्थात गुरु लघु गुरु)

कर जोड़ के, है याचना, मेरी सुनो, प्रभु प्रार्थना।

बल बुद्धि औ, सदज्ञान दो, परहित जियूँ, वरदान दो।।

निज पाँव पे, होऊं खड़ा, संकल्प लूँ, कुछ तो बड़ा।

मुझ से सदा, कल्याण हो, हर कर्म से, पर त्राण हो।।

अविवेक को, मैं त्याग दूँ, शुचि सत्य का, मैं राग दूँ।

किंचित न हो, डर काल का, विपदा भरे, जंजाल का।।

लेकर सदा, तव नाम को, करता रहूँ, शुभ…

Continue

Posted on January 30, 2019 at 11:01am — 4 Comments

जागो उठो हे लाल तुम (मधुमालती छंद)

(14 मात्राओं का सम मात्रिक छंद, सात सात मात्राओं पर यति, चरणान्त में रगण अर्थात गुरु लघु गुरु)

जागो उठो, हे लाल तुम, बनके सदा, विकराल तुम ।

जो सोच लो, उसको करो, होगे सफल, धीरज धरो।।

भारत तुम्हें, प्यारा लगे, जाँ से अधिक, न्यारा लगे।

मन में रखो, बस हर्ष को, निज देश के, उत्कर्ष को।।

इस देश के, तुम वीर हो, पथ पे डटो, तुम धीर हो।

चिन्ता न हो, निज प्राण का, हर कर्म हो, कल्याण का।।

हो सिंह के, शावक तुम्हीं, भय हो तुम्हें,…

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Posted on January 16, 2019 at 6:00am — 8 Comments

वन्दना (दुर्मिल सवैया)

कर जोड़ प्रभो विनती अपनी, तुम ध्यान रखो हम दीनन का।

हम बालक बृंद अबोध अभी, कुछ ज्ञान नहीं जड़ चेतन का

चहुओर निशा तम की दिखती, मुख ह्रास हुआ सच वाचन का

अब नाथ बसों हिय में सबके, प्रभु लाभ मिले तव दर्शन का ।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on January 6, 2019 at 1:06pm — 2 Comments

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At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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"जनाब सुरेंद्र नाथ जी उम्दा अशआर के लिए दिली मुबारक बाद "
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