For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य

Information

धार्मिक साहित्य

इस ग्रुप मे धार्मिक साहित्य और धर्म से सम्बंधित बाते लिखी जा सकती है,

Location: All world
Members: 120
Latest Activity: Jun 3, 2021

Discussion Forum

रास छंद "कृष्णावतार" 2 Replies

(रास छंद)हाथों में थी, मात पिता के, सांकलियाँ। घोर घटा में, कड़क रहीं थी, दामिनियाँ। हाथ हाथ को, भी नहिं सूझे, तम गहरा। दरवाजों पर, लटके ताले, था पहरा।।यमुना मैया, भी ऐसे में, उफन पड़ी। विपदाओं की, एक साथ में, घोर घड़ी। मास भाद्रपद, कृष्ण पक्ष की, तिथि…Continue

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'. Last reply by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' Jun 3, 2021.

#लावणी_छन्द, निधिवन 2 Replies

लता,फूल,रज के हर कण में,नभ से झाँक रहे घन में,राधे-कृष्णा की छवि दिखती,वृन्दावन के निधिवन में।प्रेम अलौकिक व्याप्त पवन में,प्रणय गीत से बजते हैं,राधा-माधव युगल सलोने,निशदिन वहाँ विचरते हैं।छन-छन पायल की ध्वनि गूँजे, मानो राधा चलती हों,या बाँहों में…Continue

Started by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप". Last reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" May 26, 2021.

#सरसी_छन्द, उपहार 2 Replies

स्वार्थहीन अनुराग सदा ही,देते हो भगवान।निज सुख-सुविधा के सब साधन,दिया सदा ही मान।अपनी सूझ-बूझ से समझी,प्रतिपल मेरी चाह,इस कठोर जीवन की तुमने,सरल बनायी राह।कभी कहाँ संतुष्ट हुई मैं,सदा देखती दोष।सहज प्राप्त सब होता रहता,फिर भी उठता रोष।किया नहीं आभार…Continue

Started by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप". Last reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" May 26, 2021.

रक्ता छंद "शारदा वंदन" 2 Replies

(रक्ता छंद)ब्रह्म लोक वासिनी।दिव्य आभ भासिनी।।वेद वीण धारिणी।हंस पे विहारिणी।।शुभ्र वस्त्र आवृता।पद्म पे विराजिता।।दीप्त माँ सरस्वती।नित्य तू प्रभावती।।छंद ताल हीन मैं।भ्रांति के अधीन मैं।।मन्द बुद्धि को हरो।काव्य की प्रभा भरो।।छंद-बद्ध साधना।काव्य…Continue

Tags: रक्ता_छंद

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'. Last reply by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' May 23, 2021.

मकरन्द छंद "कन्हैया वंदना"

(मकरन्द छंद)किशन कन्हैया, ब्रज रखवैया,     भव-भय दुख हर, घट घट वासी।ब्रज वनचारी, गउ हितकारी,     अजर अमर अज, सत अविनासी।।अतिसय मैला, अघ जब फैला,    धरत कमलमुख, तब अवतारा।यदुकुल माँही, तव परछाँही,    पड़त जनम तुम, धरतत कारा।।पय दधि पाना, मृदु…Continue

Tags: मकरन्द_छंद

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' May 14, 2021.

चामर छन्द "मुरलीधर छवि"

चामर छन्द "मुरलीधर छवि"गोप-नार संग नन्दलालजू बिराजते।मोर पंख माथ पीत वस्त्र गात साजते।रास के सुरम्य गीत गौ रँभा रँभा कहे।कोकिला मयूर कीर कूक गान गा रहे।।श्याम पैर गूँथ के कदंब के तले खड़े।नील आभ रत्न बाहु-बंद में कई जड़े।।काछनी मृगेन्द्र लंक में लगे…Continue

Tags: छंद, चामर

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' May 9, 2021.

लावणी छन्द (ईश गरिमा) 1 Reply

लावणी छन्द (ईश गरिमा)तेरी ईश सृष्टि की महिमा, अद्भुत बड़ी निराली है;कहीं शीत है कहीं ग्रीष्म है, या बसन्त की लाली है।जग के जड़ चेतन जितने भी, सब तेरे ही तो कृत हैं;जो तेरी छाया से वंचित, वे अस्तित्व रहित मृत हैं।।धैर्य धरे नित भ्रमणशील रह, धार रखे…Continue

Tags: छंद, लावणी

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'. Last reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" May 3, 2021.

पञ्चचामर छन्द, श्री हनुमान वंदना 2 Replies

उपासना करें सभी,महाबली कपीश की,विराट दिव्य रूप की,दयानिधान ईश की।कराल काल जाल से, प्रभो उबार लीजिये,अपार भक्ति दान की,कृपा सदैव कीजिये।प्रदीप्त बाल सूर्य को,मुखारविंद में लिया,पराक्रमी अबोध ने,डरा सुरेन्द्र को दिया।किया प्रहार इंद्र ने,अचेत केशरी…Continue

Tags: पर।, 8+8, चार, चरण, समतुकांत।)

Started by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप". Last reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" May 3, 2021.

मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत"

मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत"धरती जब व्याकुल, हरि भी आकुल, हो कर लें अवतार।कर कृपा भक्त पर, दुख जग के हर, दूर करें भू भार।।द्वापर युग में जब, घोर असुर सब, देन लगे संताप।हरि भक्त सेवकी, मात देवकी, सुत बन प्रगटे आप।।यमुना जल तारन, कालिय कारन, जो विष से…Continue

Tags: मरहठा

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' Apr 26, 2021.

भक्तिरस के दोहे : 2 Replies

भक्तिरस के दोहे :देना हो तो दीजिए, प्रभु ऐसा वरदान। मुख से निकले राम जब, प्राण करें प्रस्थान।1।पाना हो जो राम तो , बन जाओ हनुमान। अंतर्घट के तीर पर, करो राम का ध्यान।2।श्रद्धा से पाषाण भी, बन जाते भगवान। बिन श्रद्धा तो राम के , दरस नहीं आसान…Continue

Started by Sushil Sarna. Last reply by Sushil Sarna Aug 13, 2020.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"अदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी उम्दा गज़ल हुयी बधाई । तीसरे शेर को यूँ किया जा…"
8 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय नीलेश जी अच्छी गज़ल हुयी बधाई स्वीकारें...दूसरे शेर के साथ कनेक्ट नहीं हो पा रहा हूँ (माज़रात…"
18 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय dandpani जी उम्दा गज़ल की बधाई "साँप में औ नेवले में दोस्ताने हो गए" मिसरे में दो…"
35 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीया रिचा जी बहुत शुक्रिया आपका "
46 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"जनाब अमीरुद्दीन साहब बहुत शुक्रिया आपका हमने नोट कर लिया है आरिजिनल कॉपी में सुधार कर लेंगे…"
48 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब गज़ल तक आने और हौसला अफ़ज़ाई का शुक्रिया आपने सही कहा नीलेश जी की इस्लाह…"
50 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय नीलेश जी इस्लाह का बहुत  शुक्रिया ... आपने सही कहा गज़ल में अभी और मशक़्क़त की…"
53 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"//मैं अब भी मानता हूँ कि बिगाने सहीह नहीं है..// आपके मानने या न मानने से अरूज़ के क़ाइदे नहीं…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आ. भाई आशीश जी, हार्दिक धन्यवाद।"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय इस शे'र को ऐसे कह सकते हैं -  ऐब दुर्योधन में और रावण में इक अभिमान था दम्भ के…"
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"धन्यवाद आ. आशीष जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"धन्यवाद आ. लक्ष्मण जी "
2 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service