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धार्मिक साहित्य

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धार्मिक साहित्य

इस ग्रुप मे धार्मिक साहित्य और धर्म से सम्बंधित बाते लिखी जा सकती है,

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भक्तिरस के दोहे :

भक्तिरस के दोहे :देना हो तो दीजिए, प्रभु ऐसा वरदान। मुख से निकले राम जब, प्राण करें प्रस्थान।1।पाना हो जो राम तो , बन जाओ हनुमान। अंतर्घट के तीर पर, करो राम का ध्यान।2।श्रद्धा से पाषाण भी, बन जाते भगवान। बिन श्रद्धा तो राम के , दरस नहीं आसान…Continue

Started by Sushil Sarna Jan 4.

गणपति वंदना

गणपति महाराजा, पूर्ण करो काजा, दयावंत, दयाधारी.गौरी नंदन , दूर करो क्रंदन, जाऊँ मैं  बलिहारी.रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, अंतर्यामी, तुम हो बड़े दयालु.शरण जो आवे, सब पा जावे, कृपावंत हे कृपालु.बुद्धिमान तुम बुद्धिबल दाता, मूषक तुम्हरी सवारी.हे लम्बोदर,…Continue

Tags: गौरी, नन्दन, विनायक, मंगलमूर्ति, पूज्य

Started by Anita Sharma Oct 5, 2018.

तुलसी : एक सच्चे गुरु

तुलसी :एक सच्चे गुरु'उमा कहेउ मैं अनुभव अपना. सत हरि भजन जगत सब सपना.' इस एक चौपाई में संतकवि तुलसी जीवन के उस परम सत्य से साक्षात् कराते हैं जो सभी ग्रंथों का सार है.यह बात जिस सरलता के साथ देवाधिदेव भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को बताई जा रही है…Continue

Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' Aug 25, 2018.

जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया

(छंद-उड़ियाना पद, विधान- उड़ियाना-12, 10 अंत में एक गुरू, उड़ियाना पद 12,12,12,10 अंत में एक गुरू)जपत रटत राम नाम, तरना है दुनियाजपत रटत राम नाम, तरना है दुनियाकर्म करत एक घ्येय, एक लक्ष्य एक गेह,भक्ति शक्ति मान रखे, भक्त बड़ा गुनिया ।।स्वार्थ मोह राग…Continue

Started by रमेश कुमार चौहान May 31, 2018.

हरो बाधा सभी हनुमन........

हरो बाधा सभी हनुमन.....विधाता छंद हरो बाधा सभी हनुमन.........शरण मैं आपकी आया। करो मुझपर कृपा ऐसी,....विमल हो बुद्धि मन काया।। नमन करता सदा भजता,.........हृदय से केशरी नंदन। द्रवित हों अंजनी लाला, पवन सुत सुन विनय वंदन।१। सिया के राम लगते…Continue

Tags: छंद, विधाता

Started by Satyanarayan Singh Apr 1, 2018.

मौसे कह गयो थो कान्हा (कविता)

मौसे कह गयो थो कान्हाबेगी ही आ जावेगोसलौनी सन्ध्या हो चली हैजाने कब वो आवेगोमाखन देखो सूख गयो हैधूप में कान्हा जब से गयो हैहाय हाय अब मैं का करूँमेरो कान्हा खो गयो है ।देखो ग्वाल सब आये गए हैमाय माय कह बुलाये रहए हैसब के ललना आये गए हैंकान्हा कू…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़') Oct 12, 2017.

राधा राधा नाम रटे

राधा राधा नाम रटे, सारे बन्धन तुरंत कटे।आप तरे भवसागर से, युक्त रहे नटनागर से।।नाम धन जो लूटेगा,  चौरासी से छूटेगा।।गाएंगे जो प्रेम से,  हरि नाम को नेम से।।जो उनसे प्रीत लगाएगा, वो उनका ही हो जाएगा।राधा राधा नाम रटे, सारे बन्धन तुरंत कटे।आप तरे…Continue

Tags: प्रेम, राधा

Started by डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा Aug 29, 2017.

कान्हा को नाच नचा गयी राधा 2 Replies

बैरिन बंशी चुराने चली जब तो पहले सकुचा गयी राधा चोरी से चुपके से हौले से धीरे से कान्हा की आँख बचा गयी राधा पूछा किये मुरलीधर श्याम तो लीला अनेक रचा गयी राधा नाच नचाते हैं जो सबको उन्हीं कान्हा को नाच नचा गयी राधामौलिक एवं अप्रकाशितआलोक रावत Continue

Started by Alok Rawat. Last reply by Alok Rawat Aug 29, 2017.

शक्ति के रूप 2 Replies

शक्ति के रूप  (मौलिक एवं अप्रकाशित )हिमालय की लाली मां, हैं बैल पर सवार |दिव्य रूप हाथ त्रिशूल, सुशोभित पद्म सार || सत्व सत्ता प्रकृति रूप, शिखरों पर हैं धाम |सती यज्ञ से दुर्गा का, ‘ शैलपुत्री ’ है नाम एक हाथ में जप माला, दूजे कमण्डल नीर |तपाचार की…Continue

Started by VINOD GUPTA. Last reply by VINOD GUPTA Sep 6, 2017.

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो 2 Replies

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो ,मो कहूँ आवत नाही कबहू -२ना मुख चंद्र दिखायो ,मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो।बहुत सुनिन्ह है तोरे बतिया ,तुम बिन गुजरे ना दिन रतिया ,राधा के ओ मोहन प्यारे -२मोको बहुत सतायो ,मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे…Continue

Started by Mohit mishra (mukt). Last reply by Mohit mishra (mukt) Aug 30, 2017.

 
 
 

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मेरे घर अब उजाला बन के मुझमे कौन रहता है

बह्र 1222-1222-1222-1222बता हर सिम्त तेरा बनके मुझमें कौन रहता है।।तुझे लेकर अकेला बनके मुझमे कौन…See More
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'वतन को आग लगाने की चाल किसकी है'

मफ़ाइलुन फ़इलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन1212     1122     1212      22ग़ज़लउठा है ज़ह्न में सबके सवाल,किसकी हैतू…See More
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुचिसंदीप अग्रवालl's blog post हास्य कुंडलिया
"आद0 सुचिसंदीप अग्रवाल सादर अभिवादन। बढिया कुण्डलिया लिखी आपने,, हास्य भी गजब का ओत प्रोत हुआ। अंतिम…"
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"आद0 महेंद्र जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर दाद के साथ बधाई स्वीकार कीजिये"
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"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।"
28 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post दुर्मिल सवैया
"आद0 फूल सिंह जी सादर अभिवादन। रचना पसंद करने के लिए कोटिश आभार"
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"आ. भाई महेंद्र जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जागो उठो हे लाल तुम (मधुमालती छंद)
"आद0 महेंद्र जी सादर अभिवादन। प्रतिक्रिया से नवाजने के लिए आभारी हूँ।"
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Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दिल ने जिसे बना लिया गुलफाम दोस्तो)
"जनाब महेंद्र कुमार साहिब , ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
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Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"हृदय से आभारी हूँ आदरणीय तेज वीर सिंह जी. बहुत-बहुत शुक्रिया. सादर."
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Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"लिखना सार्थक रहा आदरणीय अजय जी. बहुत-बहुत शुक्रिया. हार्दिक आभार. सादर."
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"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय तेज वीर सिंह जी. हृदय से आभारी हूँ. सादर."
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