For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
  • Male
Share

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's Friends

  • Mohinder Kumar
  • S. C. Brahmachari
  • गिरिराज भंडारी
  • Lata tejeswar
  • Sumit Naithani
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • annapurna bajpai
  • अशोक कत्याल   "अश्क"
  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
  • बृजेश नीरज
  • वेदिका
  • विजय मिश्र
  • Parveen Malik
  • प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
  • अरुन शर्मा 'अनन्त'

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's Discussions

आभार सम्पादक महोदय , प्रधान सम्पादक महोदय और प्रिय मित्रों का

आभार सम्पादक महोदय , प्रधान सम्पादक महोदय और प्रिय मित्रों का प्रिय मित्रों आप सभी हिंदी साहित्य प्रेमियों को 'भ्रमर' का नमन !आप सब के साथ ये साझा करते बहुत ही हर्ष हो रहा है की  मुझे (21.08.2012 -…Continue

Started Aug 25, 2012

 

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
PRATAPGARH
Native Place
PRATAPGARH
Profession
BLOGGING, SERVICE
About me
INSANIYAT , EEMANDARI , ACHHAIYON KA PUJARI

दे ऐसा आशीष मुझे माँ आँखों का तारा बन -जाऊं ---भ्रमर ५ 

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's Photos

  • Add Photos
  • View All

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR's Blog

चीख रही माँ बहने तेरी -क्यों आतंक मचाता है

क्यों मरते हो हे ! आतंकी

कीट पतंगों के मानिंद

हत्यारे तुम-हमे बुलाते

जागें प्रहरी नहीं है नींद…

Continue

Posted on November 25, 2017 at 11:00am — 8 Comments

गुमशुदा हूँ मैं

गुमशुदा हूँ  मैं

तलाश जारी है

अनवरत 'स्व ' की

अपना ‘वजूद’

है क्या ?

 आये खेले ..

कोई घर घरौंदा बनाए..

लात मार दें हम उनके 

वे हमारे घरों को....

रिश्ते  नाते उल्का से लुप्त

विनाश ईर्ष्या विध्वंस बस

'मैं ' ने जकड़ रखा  है मुझे

झुकने नहीं देता रावण सा

एक 'ओंकार'  सच सुन्दर

मैं ही हूँ - लगता है

और सब अनुयायी

'चिराग'  से डर लगता है

अंधकार समाहित है

मन में ! तन - मन दुर्बल…

Continue

Posted on May 10, 2016 at 12:30pm — 5 Comments

तुम तो जिगरी यार हो

तुम तो जिगरी यार हो

==================

दोस्त बनकर आये हो तो

मित्रवत तुम दिल रहो

गर कभी मायूस हूँ मैं

हाल तो पूछा करो ..?

-------------------------------…

Continue

Posted on April 15, 2016 at 1:00pm — 4 Comments

अभिव्यक्ति की आजादी

पढ़ते हुए बच्चे का अनमना मन

टूटती ध्यान मुद्रा

बेचैनी बदहवासी

उलझन अच्छे बुरे की परिभाषा

खोखला करती खाए जा रही थी .......

कर्म ज्ञान गीता महाभारत

रामायण राम-रावण

भय डर आतंक

राम राज्य देव-दानव…

Continue

Posted on March 4, 2016 at 11:00am — 6 Comments

Comment Wall (27 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:35am on May 19, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आपकी मित्रता का ह्रदय से स्वागत है आदरणीय सुरेन्द्र जी

सादर!

At 7:28pm on October 12, 2013, D.K.Nagaich 'Roshan' said…

आपका बहुत बहुत दिली शुक्रिया, आदरणीय शुक्ल जी .. आपको मेरी कोशिश पसन्द आई, मेरी मेहनत कामयाब हुई..

At 1:05pm on September 2, 2013, annapurna bajpai said…
आ० सुरेन्द्र कुमार जी आपका हमारी मित्र मंडली मे आपका स्वागत है ।
At 9:58am on April 25, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

 मित्रता सौभाग्य लाती है। मैं पावन हुआ।   आपका हार्दिक स्वागत है।

At 9:04pm on October 22, 2012, VISHAAL CHARCHCHIT said…

आपका हृदय से आभारी हूं सुरेन्द्र भाई.......मुझे भी अत्यंत प्रसन्नता हुई कि आप भी मेरे ही जनपद के हैं.......यह स्नेह दिनोंदिन प्रगाढ हो ऐसी कामना है !!!!

At 6:50am on October 3, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आदरणीय ज्येष्ठ भ्राता सुरेन्द्र जी........आपका बहुत-बहुत धन्यवाद..........जय श्री राधे............

At 12:32pm on August 10, 2012, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

सुरेन्द्र भाई नमस्कार
"हम दोनों सागर के तट पर ना जाने कितनी बार एक साथ बैठ के साझा सूरज डुबा दिया करते थे क्या उन्हें उसका एक भी लम्हा याद नहीं आता होगा ! उनके स्पर्स को मै दिल से महसूस किया करता था ! क्या उनका स्पर्स मात्र एक छलावा था ? जो भी कुछ हो मै आज भी उन्हें यही दुवा दूंगा की

ओ जहाँ रहे वहाँ दर्द न हो...खुशी हो...रौशनी हो...खुशबुएं हों मुरादे मन की पूरी हो,..........!!! मै एक संस्था की अस्थापना करूंगा जो जरुरत मंद के लिए हमेशा कम करती रहेगी >>!!!!!!!!!!!!

At 12:09pm on August 10, 2012, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

सुरेन्द्र भाई नमस्कार ....!!!
दर्द में भी जीने का अपना एक मज़ा होता है ! उन्होंने जितने भी वादे किये थे उस वक्त बहुत सहज और सरल लगा था ! लेकिन आज ऐसा लगता है की उन्होंने एक बड़ा अजीब सा वादा किया था ! मुझे ख़ुशी इस बात की है की मैंने एक भी वादा तोड़ा नहीं ....किये भी वही...तोड़े भी वही......... !!!!

At 12:43am on August 4, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

सुरेन्द्र भाई नमस्कार ! ग़ज़ल पर आपकी सधी हुई प्रतिक्रिया और उत्साहबर्धन के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ! ऐसे ही स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखें ! साभार !

At 6:27pm on July 9, 2012, Albela Khatri said…

आदरणीय भ्रमर जी आपका हार्दिक हार्दिक हार्दिक धन्यवाद 
देवकृपा  से  यात्रा सफल रही  और यहाँ भी ओ बी ओ का प्यार मिला

मन से आभार .धन्यवाद !

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई, मित्र ऊषा जी।"
22 minutes ago
vijay nikore commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई, मित्र ऊशा जी"
23 minutes ago
vijay nikore commented on Dr.Prachi Singh's blog post प्रेम: विविध आयाम
"  इस सुन्दर भावपूर्ण रचना के लिए बधाई, प्राची जी।"
25 minutes ago
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, मित्र सुशील जी।"
28 minutes ago
vijay nikore commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल - क़यामत का मंज़र दिखाने लगे हैं
"इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, मित्र तस्दीक अहमद जी।"
30 minutes ago
vijay nikore commented on PHOOL SINGH's blog post मुक्ति का द्वार
"इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, मित्र फूल सिंह जी"
30 minutes ago
vijay nikore commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post कुण्डलिया छंद
"इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, मित्र सुरेन्द्र जी।"
31 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आज ओ बी ओ परिवार के वरिष्ठ सदस्य, अभिभावक, प्रधान संपादक और भूतपूर्व युवा आदरणीय योगराज प्रभाकर जी…"
3 hours ago
JAWAHAR LAL SINGH commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post कुण्डलिया छंद
"बेहतरीन कुण्डलिया और सार्थक सन्देश भी. बहु बहुत बधाई आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी!"
5 hours ago
JAWAHAR LAL SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भिड़े प्रहरी न्याय के - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"समसामयिक घटनाओं पर बेहतरीन दोहे आदरणीय लक्ष्मण धामी जी! बहुत बहुत बधाई!"
5 hours ago
JAWAHAR LAL SINGH left a comment for TEJ VEER SINGH
"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!"
7 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय सुश्री उषा जी , आज के घोर सांसारिकता पूर्ण युग में एक अत्यंत संवेदन शील मानवीय विषय पर लिखी…"
13 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service