For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna
Share

Sushil Sarna's Friends

  • Mohammed Arif
  • रामबली गुप्ता
  • Arpana Sharma
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Dipu mandrawal
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'
  • harivallabh sharma
  • narendrasinh chauhan
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Nilesh Shevgaonkar
  • अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव
  • गिरिराज भंडारी
  • Alok Mittal
 

Sushil Sarna's Page

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"लघुता में तीक्ष्णता। बहुत ही विचारोत्तेजक क्षणिका सृजन के लिए हार्दिक बधाई और मार्गदर्शन हेतु हार्दिक आभार मुहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब।"
11 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"जनाब सुशील सरना साहिब, अच्छी रचना हुई है , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l"
13 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बढ़िया प्रस्तुति।"
15 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"बेहतरीन प्रस्तुति "
17 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"खूब सुंदर रचना  पर हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील जी"
18 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"बहुत खूब "
18 hours ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"एक लम्हा जो तेरा हुआ एक लम्हा जो मेरा हुआ कुछ तुझको दे गया कुछ मुझको दे गया बहुत कुछ जीने को दे गया जाने अब उसकी आस है हरदम रहती बस! प्यास है अजब लम्हों का ताना-बाना होता है जो बुनता रहता है कभी ख्व़ावों को जगाता है हसीन रातों में    …"
21 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्दा क्षणिका हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
23 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन क्षणिका।"
23 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"बहुत खूब "
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

क्षणिका :विगत कल

क्षणिका :विगत कलदिखते नहीं पर होते हैं अंतस भावों की अभियक्ति के क्षरण होते पल कुछ अनबोले घावों के तम में उदित होते द्रवितविगत कलसुशील सरनामौलिक एवं अप्रकाशितSee More
yesterday
Sushil Sarna commented on rajesh kumari's blog post हाशिये पर आपकी दस्तार है कुछ कीजिये (ग़ज़ल राज)
"बेसबब बेसाख़्ता रफ़्तार है कुछ कीजिये लड़खड़ाती जिंदगी हर बार है कुछ कीजिये उठ रही हैं उँगलियाँ सब आपके घर की तरफ़ हाशिये पर आपकी दस्तार है कुछ कीजिये वाह आदरणीया राजेश कुमारी जी वाह .... दिलकश अशआर की इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- ख़ुद-परस्ती का दायरा क्या था / दिनेश कुमार
"आदरणीय निशब्द हूँ आपकी इस गहन भावों की अभिव्यक्ति वाली बेहतरीन ग़ज़ल पर। हार्दिक हार्दिक बधाई सर।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी वाह इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए दिल मुबारकबाद कबूल फरमाएं सर।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post माँ   ....
"आदरणीय बृजेश जी सृजन पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा के लिए दिल से आभार।"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

Sushil Sarna's Photos

  • Add Photos
  • View All

Sushil Sarna's Blog

क्षणिका - तूफ़ान ....

क्षणिका - तूफ़ान ....

शब्
सहर से
उलझ पड़ी
सबा
मुस्कुराने लगी
देख कर
चूड़ी के टुकड़ों से
झांकता
शब् की कतरनों में
उलझता
सुलझता
जज़्बात का
तूफ़ान

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on July 18, 2018 at 2:17pm

एक लम्हा ....

एक लम्हा ....

मेरे लिबास पर लगा

सुर्ख़ निशान 

अपनी आतिश से

तारीक में बीते

लम्हों की गरमी को

ज़िंदा रखे था

मैंने



उस निशाँन को

मिटाने की

कोशिश भी नहीं की



जाने

वो कौन सा यकीन था

जो हदों को तोड़ गया

जाने कब

मैं किसी में

और कोई मुझमें

मेरा बनकर

सदियों के लिए

मेरा हो गया

एक लम्हा

रूह बनकर

रूह में कहीं

सो गया

सुशील सरना

मौलिक एवं…

Continue

Posted on July 18, 2018 at 12:25pm — 5 Comments

क्षणिका :विगत कल

क्षणिका :विगत कल

दिखते नहीं
पर होते हैं
अंतस भावों की
अभियक्ति के
क्षरण होते पल
कुछ अनबोले
घावों के
तम में उदित होते
द्रवित
विगत कल


सुशील सरना

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on July 17, 2018 at 6:50pm — 5 Comments

हार ....

हार ....

ज़ख्म की
हर टीस पर
उनके अक्स
उभर आते हैं
लम्हे
कुछ ज़हन में
अंगार बन जाते हैं
उन्स में बीती रातें
भला कौन भूल पाता है
ख़ुशनसीब होते हैं वो
जो
बाज़ी जीत के भी
हार जाते हैं

उन्स=मोहब्बत

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on July 13, 2018 at 6:41pm — 14 Comments

Comment Wall (34 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
1 hour ago
TEJ VEER SINGH left a comment for Dr Ashutosh Mishra
"जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 39 में शामिल सभी लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक 39 के सफल संचालन और शानदार संकलन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज…"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post खरा सोना - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी जी।"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - ढूँढ रहा हूँ
"आदरणीय बसंत कुमार जी आदाब,                    …"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी ।"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"आ. भाई बसंत जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"आ. भाई आरिफ जी, मन को सराबोर करती बारिश पर सुंदर क्षणिकाएँ हुई हैं , हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service