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Dr Ashutosh Mishra
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Dr Ashutosh Mishra commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल -तरही -2(उनके सोए हुए जज़्बात जगा भी न सकूँ )
"आदरणीय तस्दीक जी इतना मजबूर भी मुझको न खुदा कर देना अपने घर बार को इज़्ज़त से चला भी न सकूँ | अश्क जो हैं मेरी आँखों में दिए दिलबर ने मैं अगर चाहूं गिराना तो गिरा भी न सकूँ |इन शेरो के लिए बिशेष रूप से बधाई स्वीकर करें सादर"
17 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र -फेलुन) यह ग़ज़ल दुनिया की सबसे छोटी ग़ज़ल है। इसे "गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स" में शामिल किया गया है ।
"आदरणीय आरिफ जी वाकई में कमाल की ग़ज़ल ..इस शानदार रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर"
17 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल -- कीचड़ के आस पास में देखा कवँल गया
"बढ़िया ग़ज़ल है नवीन भाई जी हार्दिक बधाई सादर "
18 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on rajesh kumari's blog post पशेमान सूरज पिघलने लगा(ग़ज़ल राज )
"आदरणीया राजेश जी अब बात भली भांति समझ में आ गयी है मार्गदर्शन के लिए ह्रदय से आभारी हूँ सादर"
yesterday
Dr Ashutosh Mishra commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post ग़ज़ल (2)
"आदरणीया कल्पना जी रूमानी अहसास से भरी अच्छी ग़ज़ल हुयी है इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर"
Saturday
Dr Ashutosh Mishra commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल --पाक आतंकी कभी बाज़ आएँ क्या
"आदरणीय काली प्रसाद जी वर्तमान में घटित घटनाओं का बढ़िया जिक्र है इस ग़ज़ल में  इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर "
Saturday
Dr Ashutosh Mishra commented on rajesh kumari's blog post पशेमान सूरज पिघलने लगा(ग़ज़ल राज )
"आदरणीया राजेश जी बहुत उम्दा ग़ज़ल हुयी है  मेरे आंसुओं की बनी झील में पशेमान सूरज पिघलने लगा खुदा का करम चार हाथों से ये सफीना मेरा आज चलने लगा... इन शेरो को पूरी तरह समझ नहीं पा रहा हूँ आपका मार्गदर्शन चाहिए पशेमान का अर्थ क्या होता है…"
Saturday
Dr Ashutosh Mishra commented on rajesh kumari's blog post भले ही आईने धोये हुए हैं (फिल्बदीह ग़ज़ल 'राज')
"म्हारे दाग ज्यों के त्यों दिखेंगे भले ही  आईने धोए हुए हैं   कमर टूटी ज़फ़ा की चोट खाकर  मगर फिर भी वफ़ा ढोए हुए हैं  आदरणीया राजेश जी इस उम्दा ग़ज़ल के इन शेरो के लिए बिशेष रूप से बधाई स्वीकार करें सदर "
Saturday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीय भाई नीलेश जी आज की तमाम प्रस्तुतियों में आपकी रचना का अलहदा अंदाज़ बेहद भाया।दूसरा सातवां और अंतिम शेर के लिए बिशेष रूप से दाद प्रेषित कर रहा हूँ सादर"
Saturday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीया कल्पना जी तहे दिल शुक्रगुजार हूँ रचना पर आपकी प्रतिक्रिया के लिये सादर"
Saturday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"सादर प्रणाम सर तंकड़ की गलती हो गयी है"
Friday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीय समर सर आपकी रचना से बहुत कुछ सीखने को मिलता है इस शानदार ग़ज़ल के लिए ढेर सारी बधाई सादर"
Friday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"बीच ख़ारों के सदा फूल हिफ़ाज़त से रहें मैं यही सोच के ख़ारों को हटा भी न सकूँ भाई सुरेन्द्र जी इस शानदार ग़ज़ल के लिए ढेर सारी बधाई स्वीकार करें स"
Friday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीय वासुदेव जी उम्दा ग़ज़ल पर हार्दिक बधाईऐसी दौलत से भला क्या मैं करूँगा हासिल, जब वतन को हो जरूरत तो लुटा भी न सकूँ। यह शेर विशेष रूप से पसंद आया सादर"
Friday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीय सुरेन्द्र जी आपसे हमेशा ही उत्साहवर्धन मिलता है आभारी हूँ आपका सादर"
Friday
Dr Ashutosh Mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आदरणीय वासुदेव जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार गलती से खुदा की जगह खुद टाइप हो गया है सादर"
Friday

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Agra
Profession
ACADEMIC
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DIRECTOR AT ANDCP BABHNAN GONDA UP

Dr Ashutosh Mishra's Blog

घरोंदों को जलाया है किसी ने दोस्ती करके

१२२२ १२२२ १२२२ १२२२

घरोंदों को जलाया है किसी ने दोस्ती करके 

चिरागों को बुझाया है किसी ने दोस्ती करके 

सुकूं था जिसके जीवन में जिसे आती थी मीठी नींद 

उसे शब् भर जगाया है किसी ने दोस्ती करके 

जो दुश्मन था जमाने से जो प्यासा था लहू का ही 

उसी को अब बचाया है किसी ने दोस्ती करके 

अँधेरे में मेरा साया हुआ कुछ इस तरह से गुम

ज्यूँ रिश्ता हर भुलाया है किसी ने दोस्ती करके 

फकीरों की तरह जीता, था खुश तन्हाई…

Continue

Posted on September 8, 2017 at 5:27pm — 5 Comments

पूर्वजों की विरासत

हे महान पूर्वजों गर्व करो

हम निखार रहे हैं

वो तमाम सम्पदा

जो सौंपी थी तुमने, हमें बिरासत में...

बहुत घने हो गए थे जंगल

खो जाते थे बेश- कीमती हांथी दांत

गल जाती थी शेर की खाल

हो जाता था सदैव

तुम्हारी सम्पदा का नुक्सान,

सहन नहीं होता था ये हमसे

इसलिए मार दिए हमने हांथी और शेर

काट दिए जंगल,

बना लिए सोफे, बेड, ड्रेसिंग टेबल और मकान,

इनपे बैठे , लेटे अपना चेहरा जब भी संवारते हैं

मकान में सजे हांथी दांत और शेर की खाल ,

पूरी… Continue

Posted on September 5, 2017 at 11:47am — 2 Comments

खुद आंसू पीते हैं

अहदे नौ में
माएं दूध पिलाती नहीं हैं
गायें भैसें  कसाईयों से बच पाती नहीं हैं
इससे तकलीफ उन्हें नहीं होती है
जो खरीद सकते हैं दूध
सोने की कीमतों पर…
Continue

Posted on April 22, 2017 at 5:51pm — 10 Comments

दो कवितायें

दो कवितायें

 

दोस्त

जब मेरे पास दोस्त थे

तब दोस्तों के पास कद हद पद नहीं थे

और जब दोस्तों के पास पद हद कद थे

मेरे पास दोस्त नहीं

 

धन 

 जब मेरे पास धन नहीं था

तब समझते थे सब मुझे बदहाल

पर मैं खुश था , बहुत खुश था

और जब मेरे पास है अकूत सम्पति

दुनिया मुझे खुशहाल समझती है

और मैं  तडपता हूँ बिस्तर पर

नींद के सुकून से भरे एक झोंके के…

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Posted on April 18, 2017 at 3:10pm — 10 Comments

Comment Wall (21 comments)

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At 12:24pm on March 27, 2017, नादिर ख़ान said…

 आदरणीय डा आशुतोष मिश्रा जी आदाब,जनाब समर कबीर साहब का मोबाईल नम्बर 09753845522  है किसी करणवश  समर साहब मैसेज नहीं कर पा रहे हैं | आप उनसे इस नंबर पे रास्ता कायम कर सकते है बाकी शुभ शुभ..... 

At 5:30pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय आशुतोषजी देश भक्ति से ओतपप्रोत रचना के लिए बधाई कुबूल फरमाये । यह देश सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है । यही इस देश की विशेषता है ।नववर्ष की शुभकामनाएँ स्वीकार करें ।
At 5:30pm on April 1, 2016, Sushil Sarna said…

आ. डॉ. आशुतोष मिश्रा  जी आपकी  बधाई का हार्दिक आभार। ये सब आपके स्नेह का प्रतिफल है। 

At 4:28pm on July 20, 2015, kanta roy said…
आभार आपको आदरणीय डा. आशुतोष मिश्रा जी हृदयतल से ।
At 8:29pm on June 17, 2015, Dr. Vijai Shanker said…

बहुत बहुत बधाई , आदरणीय डॉo आशुतोष मिश्रा जी , सादर।  

At 8:22pm on June 17, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० आशुतोष जी

आपको सक्रिय सदस्य बनना ही था बस  इन्तजार समय का था . आपको बहुत बहुत बधाई.  

At 4:05pm on June 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
डॉ आशुतोष मिश्रा जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 4:42pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 11:30am on August 10, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
Thank you very much Dr. Ashutosh Misraa ji .
Regards .
Vijai
At 10:16am on August 8, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
You are welcome Dear Dr. Ashutosh Misra ji .
Regards.
 
 
 

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