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Dr Ashutosh Mishra
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Dr Ashutosh Mishra commented on Mohammed Arif's blog post कविता--नए संस्करण
"आदरणीय आरिफ से कड़वा सच लिखा है आपने इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर "
Tuesday
Dr Ashutosh Mishra commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल ( दूर माशूक़ से आशिक़ कहाँ जाना चाहे )
"आदरणीय तस्दीक जी इस सुन्दर ग़ज़ल केलिए हार्दिक बधाई sa मुफ़लिसी के हैं यह मारे हुए ज़ालिम वरना तेरी दहलीज़ पे सर कौन झुकाना चाहे......इस शेर पर मन एक उलझन में है "
Tuesday
Dr Ashutosh Mishra commented on Rahila's blog post ***माँ का वेलेंटाइन***(लघुकथा)राहिला
"आदरणीया राहिला जी आपकी रचना में हमेश एक नयी सोच और ताजगी रहती है रचना का अंत सुखद लगा हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर "
Tuesday
Dr Ashutosh Mishra commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अगला वेलेंटाइन (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहजाद जी कटाक्ष करती हुयी शानदार लघु कथा के लिए तहे दिल बधाई स्वीकार करें सादर"
Tuesday
Dr Ashutosh Mishra commented on VIRENDER VEER MEHTA's blog post आशियाँ' - लघुकथा
"उम्दा प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय वीरेंद्र जी सादर "
Tuesday
vijay nikore commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"बहुत ही खूबसूरत लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीय  डॉ.आशुतोष मिश्रा जी"
Dec 14, 2017
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"लाजवाब कोटि कोटि बधाई"
Nov 29, 2017
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरनीय समर सर रचना पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए आशीर्वाद सम होती है ह्रदय से आभारी हूँ आपका सादर"
Nov 28, 2017
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी लघु कथा लेखन के आरती झुकाव आपकी रचनाये सतत पढ़कर ही हुआ है आपका मार्गदर्शन मुझे मिलता रहे इस कामना के साथ सादर"
Nov 28, 2017
Samar kabeer commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 28, 2017
Sheikh Shahzad Usmani commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"वाह। बेहतरीन सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी। जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब और जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'जी की टिप्पणियों से सहमत हूं।"
Nov 27, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"डॉ आशुतोष मिश्रा जी सादर अभिवादन। बढ़िया विषय लिया है आपने, वैसे गेंहू के साथ घुन भी पीस जाता है, क्योकि ऐसा माहौल बनाने में केवल एक पक्ष दोषी नहीं है, तथापि इसमें अच्छे लोग भी हैं। बढ़िया विषय को लघुकथा के रूप में ढालकर बेहद संजीदगी से आपने इसे…"
Nov 27, 2017
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय तेजवीर जी रचना पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए ह्रदय से आभारी हूँ सादर"
Nov 27, 2017
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय आरिफ जी रचना पर आपकी उत्साहवर्धक और मार्गदर्शल प्रतीक्रिया के। लिए ह्रदय से आभारी हूँ पात्र के नाम के सम्बन्ध में आपके अनमोल सुझाव के लिए हार्दिक आभार सादर"
Nov 27, 2017
TEJ VEER SINGH commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष जी।बेहतरीन एवम संदेश प्रद लघुकथा।"
Nov 26, 2017
Mohammed Arif commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय आशुतोष जी आदाब, वर्तमान अविश्वास के दौर में बेटियाँ पिता समान अपने शिक्षक और अन्य मार्ग दर्शकों से निर्भय होकर बातचीत भी नहीं कर सकती । हर तरफ बुरी निगाहें खुफिया कैमरे की तरह घूम रही है । हर इक बेटियों को लेकर सशंकित है । बहुत ही बेहतरीन और…"
Nov 26, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Uttar Pradesh
Native Place
Agra
Profession
ACADEMIC
About me
DIRECTOR AT ANDCP BABHNAN GONDA UP

Dr Ashutosh Mishra's Blog

बदला परिवेश

“सर, दरवाजा खोलिए” प्रोफेसर राघव की शोध छात्रा नूर ने दरवाजे पर दस्तक देते हुए आवाज दी

“अरे! नूर तुम, दोपहर में अचानक, कैसे?” दरवाजा खोलते हुए प्रोफेसर राघव ने आने की वजह जाननी चाही

“ हाँ सर, एक रिसर्च पेपर में करेक्शन के लिए आई थी”

“ पर अभी तो मैडम घर पर नहीं हैं,और बाज़ार से कब तक लौटें इसका भी अंदाज नहीं है,आखिर तुम कब तक इस धूप में बाहर इंतज़ार करोगी”  प्रोफेसर राघव् ने त्वरित जवाब  दिया

“ बाहर क्यों सर ?” नूर ने कौतूहल से…

Continue

Posted on November 26, 2017 at 2:30pm — 11 Comments

जनाजा

“क्या पढ़ रही हो बेटा, लैपटॉप पर इस कदर आखें गडाये?”-साहित्यकार मनमोहन ने अपनी बेटी रूपा से सवाल किया

“कुछ नहीं पापा, साहित्य सेवा मंच पर प्रकाशित रुपेश जी की कहानी पढ़ रही हूँ, लेकिन पापा इस शानदार रचना पर किसी की कोई भी प्रतिक्रिया नहीं है” रूपा ने जवाब देते हुए प्रश्न किया

“शानदार रचना! नहीं बेटा बड़ी कमियाँ हैं इसके लेखन में“

“कमियाँ हैं! कमियां हैं तब तो आपको निश्चित रूप से मंच से जुड़े हर सदस्य को इस पर प्रतिक्रिया करनी चाहिए थी”

“ हाँ, बेटा तुम सही कह रही हो, लेकिन ये… Continue

Posted on November 13, 2017 at 11:41am — 13 Comments

डूबता जहाज

"सारा शहर दिवाली के जश्न में डूबा है और तुम किस सोच में डूबे हो" दिवाली की पूजा ख़त्म होने के बाद राहुल से मुलाकात करने गए उसके मित्र रोहित ने उसकी ओर मुखातिब होते हुए पूंछा।

" कुछ नहीं! दिवाली मनाते हुए तो सालों गुजर गए पर आज न जाने क्यों दिवाली मुझे मेरी पहली मुहब्बत सी लगी"

"वो कैसे"

" अरे!पहली बार मुहब्बत में आँखों को जो कुछ भी भाया था उसके खतरे को भी नाक ने सूँघा था और फिर सारा दर्द दिल को ही हुआ था। और आज आतिशबाजी देखकर नाक खतरे से आगाह कर रही है पर सारा दर्द सारी तकलीफ दिल… Continue

Posted on October 20, 2017 at 11:21am — 11 Comments

हुआ क्या आपको जो आप कहती बढ़ गयी धड़कन

मुझे लगता है दिल जलता ये कैसी है मुझे तड़पन

उसे भी लग रहा कुछ तो हुआ जबसे बढ़ी धड़कन



दिखा है जबसे उसकी आँखों में वीरान इक सहरा

मुझे क्या हो गया जाने कहीं लगता नहीं है मन



गले को घेर बाँहों से बदन करती कमानी वो

मुझे भी दर्द सा रहता मेरा भी टूटता है तन



वो रो लेती पिघल जाता हिमालय जैसा उसका गम

मगर सूरज के जैसे जलता रहता है मेरा तन मन



नजर मिलते ही मुझसे झुकती उसकी पलकें औ गर्दन

ये मंजर देख उठती है काशिस क्यूँ खो गया… Continue

Posted on September 26, 2017 at 4:30pm — 14 Comments

Comment Wall (21 comments)

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At 12:24pm on March 27, 2017, नादिर ख़ान said…

 आदरणीय डा आशुतोष मिश्रा जी आदाब,जनाब समर कबीर साहब का मोबाईल नम्बर 09753845522  है किसी करणवश  समर साहब मैसेज नहीं कर पा रहे हैं | आप उनसे इस नंबर पे रास्ता कायम कर सकते है बाकी शुभ शुभ..... 

At 5:30pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय आशुतोषजी देश भक्ति से ओतपप्रोत रचना के लिए बधाई कुबूल फरमाये । यह देश सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है । यही इस देश की विशेषता है ।नववर्ष की शुभकामनाएँ स्वीकार करें ।
At 5:30pm on April 1, 2016, Sushil Sarna said…

आ. डॉ. आशुतोष मिश्रा  जी आपकी  बधाई का हार्दिक आभार। ये सब आपके स्नेह का प्रतिफल है। 

At 4:28pm on July 20, 2015, kanta roy said…
आभार आपको आदरणीय डा. आशुतोष मिश्रा जी हृदयतल से ।
At 8:29pm on June 17, 2015, Dr. Vijai Shanker said…

बहुत बहुत बधाई , आदरणीय डॉo आशुतोष मिश्रा जी , सादर।  

At 8:22pm on June 17, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० आशुतोष जी

आपको सक्रिय सदस्य बनना ही था बस  इन्तजार समय का था . आपको बहुत बहुत बधाई.  

At 4:05pm on June 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
डॉ आशुतोष मिश्रा जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 4:42pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 11:30am on August 10, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
Thank you very much Dr. Ashutosh Misraa ji .
Regards .
Vijai
At 10:16am on August 8, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
You are welcome Dear Dr. Ashutosh Misra ji .
Regards.
 
 
 

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