For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य

Information

बाल साहित्य

यहाँ पर बाल साहित्य लिखा जा सकता है |

Location: World
Members: 162
Latest Activity: 13 hours ago

इस समूह में सभी रचनाकारों द्वारा बाल साहित्य के साथ-साथ ही, बच्चों द्वारा रचित कवितायेँ, कहानियाँ और चित्र भी सादर आमंत्रित है.

Discussion Forum

लघुकथा 1 Reply

......नव वर्ष.....नव वर्ष की पूर्व सन्ध्या की पार्टी में जाने के लिए, पलाश ने, सुबह से ही अपने पिता के पीछे भुन भुन शुरू कर दी थी, "पापा, चलिए न प्लीज़। मेरे सारे दोस्त हर साल पार्टी मनाते हैं। एक हम ही हैं जो कहीं नही जाते।""लेकिन बेटा...." मीनू कुछ…Continue

Started by Anagha Joglekar. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani 13 hours ago.

ग़ज़ल ( यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे )

ग़ज़ल ( यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे )----------------------------------------------------------(फऊलन-फऊलन-फऊलन-फऊलन)यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे |ख़ुदा को भी बच्चे निहायत हैं प्यारे | सवेरे लड़ें शाम को साथ खेलेंतखैउल हैं बच्चों के सब से…Continue

Started by Tasdiq Ahmed Khan Nov 16, 2017.

बाल कविता 4 Replies

नहीं मिठाई मोबाइल परदेनी हो तो सच्ची दो1- जाया होता वक्त हमाराइन भ्रमजालों में पड़करपढ़ें पाठशाला में जाएँबुद्धि हमें तुम पक्की दोनहीं---------------2- दूर रहें ऐसे खेलों सेगलत राह ले जाएँ जोतोड़ तिलस्मों की दुनियाँ कोसीख हमें कुछ अच्छी…Continue

Started by Usha Awasthi. Last reply by Usha Awasthi Nov 1, 2017.

गजल(पानी)

कहते हैं मुझको सब पानी मेरी भी है एक कहानी।1 दो गैसों का मेल कराता धरती को करता मैं धानी।2 जीवन का पर्याय बनूँगा बस इतनी-सी मैंने ठानी।3 खूब सँजोकर रखना मुझको वरना याद करोगे नानी।4 बेमतलब बर्बाद करोगे, चिल्लाओगे पानी-पानी।5 टूटेंगे तटबंध कहीं फिर हो…Continue

Started by Manan Kumar singh Aug 26, 2017.

आलस ( कथा) 1 Reply

अनुष्का एक आलसी लड़की थी | लाख समझाने पर भी वह टस से मस नहीं होती थी | सुबह देर से उठना ,अपने कमरे में ही चाय दूध पीना , नाश्ता करना , और फिर सब बर्तन वहीँ रख देना | कमरे की न तो वह सफाई करती और सामान भी सब अस्तव्यस्त रखती थी |उसकी माँ और भाभी उसके…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़'). Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Aug 24, 2017.

मोबाइल संस्कृति ( कथा) 1 Reply

सन्देश ने अपने पापा से मोबाइल की जिद्द की , उन्होंने बहुत समझाया -" बेटा , अभी तुम बहुत छोटे हो , अभी तो तुम पाँचवी में हो , अभी से मोबाइल का क्या करोगे ?"सन्देश ने पापा को समझाते हुए कहा , " पापा, मेरे बहुत सारे दोस्तों के पास मोबाइल है , आज कल तो…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़'). Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Aug 24, 2017.

गजल(कद्दू)

#गजल#(कद्दू)^^^^^सब्जी चाहे सूप बनाओकद्दू खाओ, रोग भगाओ।1कहता--सेवन कर लो साथी!दिल का रोगी मत कहलाओ।2चाप चढ़ायेगा क्या बीपी?डाईबीटिज को भी सरकाओ।3कब्ज-हरण कर लेगा कद्दू,मुखड़े पर खुशियाँ बिखराओ।4नींद नहीं आती है,फिर तोबीज चबाओ, पास बुलाओ।5लौह…Continue

Started by Manan Kumar singh Jul 5, 2017.

गजल(पेड़)

बच्चो! मीठी बोली बोलोबातों में कुछ मिसरी घोलो।1काँटे लाख तुम्हे भटकायें,फूलों का उपहार सँजो लो।2पेड़ लगाओ,पानी दो फिरउनके अच्छे साथी हो लो।3फल-फूलों से घर भर देंगेछाँव तले मस्ती में डोलो।4पी जाते जहरीली गैसेंऑक्सीजन में खुद को तोलो।5काट रहे जो, उनको…Continue

Started by Manan Kumar singh Jun 19, 2017.

गजल(आम)

22 22 22 22आम बनाता काम सुनो जीरोग रहें सुरधाम सुनो जी।1भिन्न बने सब,रंग अलग हैंइनके कितने नाम, सुनो जी।2बीजू की बलिहारी जाऊँबंबइया अभिराम सुनो जी।3पेड़ झुके जाते हैं लदकरटपकें, खाओ आम सुनो जी।4लटके ऊँचे,ढ़ेला मारो,गिरते,पूरनकाम सुनो जी।5रखवाला…Continue

Started by Manan Kumar singh Jun 13, 2017.

‘गिलहरी दोहे’ (बाल रचना )

एक गिलहरी चुनमुनी,पहने भूरा कोट|कुट कुट करके शान से ,खाती है अखरोट|| बच्चों को प्यारी बहुत,लगती उनको ख़ास|   आती मटक मटक कभी,फुदक-फुदक कर पास||   कतरन कपड़े की मिले ,या धागों का जाल|मुँह में लेकर भागती ,इस डाली उस डाल|| बिस्तर सुन्दर गदबदा,अच्छा…Continue

Started by rajesh kumari Jun 13, 2017.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैंकंठ चीर तरु सरकंडों केअल्गोज़े की बीन बनी हैअंतड़ियों के बान…See More
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार posted a blog post

बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल

1222 1222 122 बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है अबस आँखों से झर कर टूटता हैगुमाँ ने कस लिया जिस पर शिकंजा…See More
1 hour ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”
"आदरणीय आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया!!!"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आपको मिला ये सम्मान हम सबके लिये असीम  गौरव का विषय है। हार्दिक बधाई आदरणीया राजेश कुमारी जी"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० शेख़ उस्मानी साहब, आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया. "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० अखिलेश जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...धूल की परतें-बृजेश कुमार 'ब्रज

1222 1222 1222 1222 गुलाबों से किताबों तक समाईं धूल की परतें जरा देखो तो अब माथे पे आईं धूल की…See More
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post चाँद से पूछें...
"आदरणीय बृजेश जी सृजन आपकी प्रशंसा का आभारी है।"
4 hours ago
Sushil Kumar Verma and K.Kumar are now friends
11 hours ago
Sushil Kumar Verma posted a blog post

ताकत कलम की

हे भारत के वीर युवाओं, कर लो नमन माँ सरस्वती को, दिखा दो ताकत दुनियाँ को, कितनी शक्ति है तेरे…See More
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अक़्ल पर ताले (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी। आपकी लघुकथायें सदैव ही एक संदेश छोड़ती हैं।इस लघुकथा के माध्यम…"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service