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Shyam Narain Verma
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Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Shyam Narain Verma's discussion तब ही मंज़िल पाओगे | in the group बाल साहित्य
"ग्रीष्मावकाश के दौरान बढ़िया प्रेरणा देती प्रोत्साहक रचना के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब श्याम नारायण वर्मा साहिब।"
11 hours ago
Shyam Narain Verma added a discussion to the group बाल साहित्य
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तब ही मंज़िल पाओगे |

उठो  पढ़ो  नित  नव उमंग  से , आलस दूर भगा डालो | सुबह शाम करो  याद  मन से , रोज  आदत बना डालो  | मेहनत से कभी डरो नहीं ,   आगे  कदम बढाते जा   | रोज  सुबह  की बेला में उठ , सभी पाठ दुहराते जा  | डरना नहीं किसी मौसम से , सर्दी गर्मी  हो  जाड़ा   |  लगन रहे हरदम  पढ़ने में , मनन करो हरदम गाढ़ा |थोड़ा खेलो  करो पढ़ाई , हर सबक पर मन लगाओ |समय की  भी रहे पाबन्दी , कभी  ऐसे  ना  गवाओ | पढ़ कभी  कामयाब  बनोगे , फिर  जाकर नाम करोगे |आएगा तब साथ  जमाना , ख़ुशी ख़ुशी  काम करोगे |पास कभी आएगी मंज़िल , जब बढ़िया  काम…See More
16 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दोस्तों वक़्त के रहबर का तमाशा देखो)
"इस शानदार ग़ज़ल के लिए दिल से बधाईयाँ "
yesterday
Shyam Narain Verma commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post कड़वे जलवे (लघुकथा)
"इस अच्छी लघु कथा के लिए बधाई, आदरणीय"
Wednesday
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जिस को कुछ ग़म न हो कमाई का)
"वाह बेहद खूबसूरत प्रस्तुति … हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
Wednesday
Shyam Narain Verma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल कहते हैं क्यों लोग सताने आया हूँ
"इस शानदार ग़ज़ल के लिए दिल से बधाईयाँ "
May 11
Shyam Narain Verma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह बेहद खूबसूरत प्रस्तुति … हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
May 11
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(हुस्न और इश्क़ की कहानी है)
"इस शानदार ग़ज़ल के लिए दिल से बधाईयाँ "
May 9
Shyam Narain Verma commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी , उत्साह वर्धन करने के लिए आपका हार्दिक आभार | सादर"
May 7
Shyam Narain Verma commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"आदरणीय बृजेश कुमार जी , रचना पर प्रतिक्रिया देने के आपका हार्दिक आभार | सादर"
May 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"आ. भाई श्यामनारायन जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
May 6
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"वाह बहुत सुन्दर और उत्तम सृजन आदरणीय.."
May 6
Shyam Narain Verma commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"उत्साह वर्धन के लिये आपक आभार । सादर।"
May 5
babitagupta commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"आदरणीय सरजी,वर्तमान हो रही व्रक्षों की दशा व उनका दुःख खूब्सूर्त शब्दों में व्यान करने के लिए सधन्यवाद."
May 5
Shyam Narain Verma commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post यहाँ जिंदा की है खबर नहीं यहाँ फोटो पे ही वबाल है
"इस लाजवाब, उम्दा ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई   सादर"
May 5
Shyam Narain Verma commented on Shyam Narain Verma's blog post काल चले ऐसी ही चाल |
"आपका ह्रदय से आभारी हूँ आदरणीय"
May 5

Profile Information

Gender
Male
City State
BHIWANDI-MH
Native Place
BALLIA
Profession
SERVICE
About me
श्री श्याम नारायण वर्मा का जन्म एक जुलाई सन् १९६८ में उत्तर पर्देश में बलिया जनपद के मनियर ब्लाक के पिलुई गांव में हुआ । इनके पिता का नाम श्री सुदर्शन वर्मा और माता का नाम श्रीमती सुनरी देवी था तथा आपके बाबा का नाम श्री फूलेना वर्मा था। आपकी एक बड़ी बहन , एक बड़े भाई , और एक छोटे भाई भी हैं । सन् १९८५ में आपकी शादी हीरावती वर्मा से हुई । आपका एक बेटा तथा दो बेटियाँ हैं । आप ने सन् १९८३ में हाई स्कूल तथा सन् १९८५ में इण्टरमीडिएट की परिक्षा यू पी बोर्ड इलाहाबाद से पास की तथा उस्मानिया यूनिवरसीटी हैदराबाद से बी ए किया । आप सन् १९८९ में मेसर्स ट्रान्सपोर्ट कार्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड में भर्ती होकर हैदराबाद गये तथा हैदराबाद और दिल्ली तथा हरियाणा प्रदेश के गुड़गाँव में काम किया ! आप अभी महाराष्टर में थाने जिले के भिवांडी तहसील के अंतर्गत डापोडा में आपरेशन आफिसर के पद पर कायर्रत हैं।

Shyam Narain Verma's Blog

काल चले ऐसी ही चाल |

एक  एक  कर  काटे   डाली  , ठूंठ खड़ा  मन  करे  विचार |
बीत  गए  दिन   हरियाली  के  ,  निर्जन  बना  पेड़ फलदार |
दिन भर  चहल पहल रहती थी ,  जब  होता था    छायादार | 
पास   नहीं   अब    आये  कोई , सूखा   तब   से  है  लाचार |
भरा  रहा जब  फल फूलों  से ,  लोग  आते तब  सुबह शाम |
कोई  खाये   मीठे  फल को  ,  कोई   पौध   लगा   ले दाम  | 
रंग…
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Posted on May 4, 2018 at 2:30pm — 8 Comments

भाई बैरी से मिलके भाई को मार डाले |

२२     २२    २२    २२   २२   २२  २२ 
भाई  बैरी  से मिलके भाई को मार डाले |
जिस ने नाजों से पाला उसको ही जार डाले | 
अनबन गर कभी हो जाये बोले ना  भाई से     , 
जलता है दिल में  जैसे…
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Posted on June 30, 2017 at 6:14pm — 3 Comments

बेटी

किसी से कम रहो ना  बेटी  , पढ़ो बढ़ो  तुम आगे जाओ  |
अडिग रहो अपने ही पथ पर ,  तुम कदम ना पीछे हटाओ  |
नाम करो अपना इस  जग में , बढ़ो  सुता  तुम कदम बढ़ाओ |
हर मुश्किल में रहे हौसला , हर गम सहकर बढ़ते जाओ   |…
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Posted on June 3, 2017 at 4:39pm — 4 Comments

दो चार कहीं लगते पौधे , रोज कटते हैं पेड़ हज़ार |

दो चार कहीं लगते  पौधे , 
रोज कटते हैं  पेड़ हज़ार |
वन झाड़ी का होत सफाया , बाग कानन  का  मिटता नाम |
कहीं  पेंड नज़र  नहीं आते  ,    कहाँ   जा करे  राही विश्राम…
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Posted on August 9, 2016 at 2:26pm — 10 Comments

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At 10:21pm on March 18, 2015, Dr. Vijai Shanker said…
आपका ह्रदय से स्वागत है , आदरणीय।
At 6:15pm on November 7, 2014, Hari Prakash Dubey said…
आपका हार्दिक आभार आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी
At 1:04pm on May 23, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

मित्र कुछ लेखन में व्यस्त था  i अब कुछ राहत में हूँ सबसे विचार का साझा  करने हेतु i सस्नेह i

At 11:55am on November 22, 2013, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आपकी मित्रता से मै गौरवान्वित  हूँ  i  सस्नेह  i

At 5:44pm on October 21, 2013, Dr Dilip Mittal said…

मेरे छोटे से प्रयास को मान देने के लिए सादर आभार
बहुत दिनों बाद समय निकल पाया हूँ क्षमा करें

At 8:33pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

     

       धन्यवाद आदरणीय श्यामनारायण जी

At 9:36pm on August 13, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 श्याम नारायण सर जी,  सादर प्रणाम!  आपका हार्दिक अभिनन्दन और स्वागत सहित हृदय तल से बहुत-बहुत आभार।  सादर,

At 7:42am on June 19, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय श्याम जी आपका सादर आभार ।

At 3:27pm on June 7, 2013, बृजेश नीरज said…

आदरणीय आपका आभार कि आपने मुझे मित्रता योग्य समझा!

At 12:47pm on April 27, 2013, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

मित्रता हेतु सादर आभार सर जी 

 
 
 

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