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रामबली गुप्ता
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रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"अँधियार में "अँ" को एक मात्रा गिनिये।"
Sunday
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"आदरणीय समर भाई साहब सादर प्रणाम। आपके सुझाव एवं मशविरे के लिए हृदय से आभार। बताना चाहूँगा कि ग़ज़ल पूरी तरह वह्र में है। मात्रिक वह्र में भी नियमानुसार मात्रा गिरायी जा सकती है। अधिकांश मिसरों में "है' भइया" में है'पर मात्रा गिराई…"
Sunday
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार****"
Sunday
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"आदरणीय समर भाई साहब सादर प्रणाम। आपके सुझाव एवं मशविरे के लिए हृदय से बधाई। बताना चाहूँगा कि ग़ज़ल पूरी तरह वह्र में है। मात्रिक वह्र में भी नियमानुसार मात्रा गिरायी जा सकती है। अधिकांश मिसरों में "है' भइया" में है'पर मात्रा गिराई…"
Sunday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली भाई जी सादर नमस्कार, उम्दा ग़ज़ल पर बधाई।"
Mar 29
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"सादर आभार आदरणीय भाई मु0 आरिफ़ जी।"
Mar 28
Samar kabeer commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । ग़ज़ल के कई मिसरों में एक रुक्न(मात्रा)बढ़ रही है,कृपया जाँच लें,जैसे :- ये कै/22 सा सं/22 सार है/यहाँ पांच मात्रा भइया/22 फैला/22 बस अंधि/22 यार है/ यहाँ पांच मात्रा भइया/22 इसी तरह…"
Mar 26
Mohammed Arif commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली गुप्ता जी आदाब, बहुत बेहतरीन ग़ज़ल ,वर्तमान संदर्भ में बिलकुल सामयिक ग़ज़ल । शेर दर शेर मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए ।"
Mar 25
रामबली गुप्ता posted blog posts
Mar 25
रामबली गुप्ता commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (चढ़ी है एक धुन मन में पढ़ेंगे जो भी हो जाए)
"बहुत ही सुंदर आदरणीय भाई वासुदेव शरण जी। हर शेर मन को प्रभावित करता है। बेहतरीन भावों से सजी इस ग़ज़ल के लिये। बधाई स्वीकारें।सादर"
Mar 15
रामबली गुप्ता commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post नारी ( सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' )
"वाहहह बढियाँ रचना हुई है भाई सुरेन्द्रनाथ जी। बधाई स्वीकारें।सादर"
Mar 15
रामबली गुप्ता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल- कह रहे लोग बचो ,अब है ये गन्दा पानी
"भाई नवीन मणि जी बहुत ही सुंदर प्रयास हुआ है ग़ज़ल पर। दिल से बधाई लीजिये। आद समर भाई साहब की बातों पर गौर करियेगा। सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल- कह रहे लोग बचो ,अब है ये गन्दा पानी
"भाई नवीन मणि जी बहुत ही सुंदर प्रयास हुआ है ग़ज़ल पर। दिल से बधाई लीजिये। आद समर भाई साहब की बातों पर गौर करियेगा। सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on rajesh kumari's blog post दुर्मिल सवैया ‘फाग बयार’
"आदरणीया बहन राजेश कुमारी जी सवैयों पर प्रयास अच्छा हुआ है। दिल से बधाई लीजिये। बताना चाहूँगा कि सवैये के चारों पदों में तुकांतता का निर्वहन होता है जबकि आपने दोनों सवैयों के तीसरे पद में तुकांतता नही रखी है। ये दुर्मिल मुक्तक हो सकता है सवैया नही।…"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on amod srivastav (bindouri)'s blog post इश्क की दास्ताँ यह छुपानी नही (गजल)
"अच्छा प्रयास है भाई आमोद जी बधाई स्वीकारें। समर भाई साहब के सुझावों पर ध्यान दीजियेगा।सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -ये किसका दर्द रूह में मेरी समा गया - ( गिरिराज )
"आद0 भाई गिरिराज जी बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। शैर दर शैर दिली दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाएं। दूसरे शैर के सानी में ऐब ए तनाफुर तो नही देख लीजियेगा। इस बारे में स्पष्ट करियेगा ताकि हमारी भी जानकारी में वृद्धि हो सके। सादर"
Mar 8

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रामबली गुप्ता's Blog

ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

22 22 22 22



ये कैसा संसार है भइया,

फैला बस अँधियार है भइया।



जनता के हिस्से की रोटी,

खा जाती सरकार है भइया।



नेता भ्रष्ट हुए, संतों को,

शासन का अधिकार है भइया।



जाति-धर्म की नीति बनी अब,

जनमत का आधार है भइया।



अधर अरुण कलियाँ धनु भौहें,

अंजन हाय! कटार है भइया।



उसने हर निधि पा ली जिसने,

पाया सच्चा यार है भइया।



'बली' कर्म कुछ अच्छे कर लो,

जीना दिन दो चार है भइया।।



मौलिक… Continue

Posted on March 25, 2017 at 5:00pm — 8 Comments

दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

22 22 22 22



जब जलना स्वीकार करोगे,

दीपक सा उजियार करोगे।।



श्रद्धा-स्नेह-समर्पण से ही,

हर दिल पर अधिकार करोगे।



दुर्ग दिलों के जीत सके तो,

विजित सकल संसार करोगे।



भजन नही जनसेवा से ही,

जन्म यहाँ साकार करोगे।



दिल में द्वेष-दंभ का दानव,

उसका कब संहार करोगे?



राष्ट्र हितों पर मिट न सके तो,

जीवन यह बेकार करोगे।



दिल पर रख कर हाथ बता दो,

"हमसे कितना प्यार करोगे?"



दृष्टि… Continue

Posted on February 26, 2017 at 7:06am — 18 Comments

ग़ज़ल-इन्सां सीधा साधा हूँ-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

2222222



इंसां सीधा साधा हूँ।

सच्ची बातें करता हूँ।।



जलकर करूँ प्रकाशित जग,

मैं सूरज के जैसा हूँ।।



दिल की इस पर बात लिखो,

बिल्कुल कोरा पन्ना हूँ।।



सुख-दुख की परवाह नही,

''अपनी धुन में रहता हूँ।।''



तुझे हँसाए नींदों में

मैं वो सुंदर सपना हूँ।।



देखूँ कहूँ न सुनूँ बुरा

बंदर गांधी जी का हूँ।।



मन्दिर-मस्जिद-गुरुद्वारा,

सबको दिल में रखता हूँ।।



रचना-रामबली… Continue

Posted on February 14, 2017 at 1:00pm — 18 Comments

दोहे-रामबली गुप्ता

कृपा करो जगदीश हे! करो जगत कल्याण।

प्रेम दया सद्भाव दो, हो शुभ तन-मन-प्राण।।1।।



हो कण-कण में व्याप्त तुम, हे! जग पालनहार।

पद-पावन में तीर्थ सब, है सुरसरि की धार।।2।।



सदा तुम्हारी भक्ति में, रहूँ समर्पित नाथ!

ऐसा दो वरदान अब, रखो शीश पर हाथ।।3।।



प्रभो! सकल ब्रह्माण्ड के, एक तुम्ही हो नाथ।

सदा कामना है यही, रहे कृपा-कर माथ।।4।।



सूर्य-चंद्र-तारक सभी, जीव-जन्तु इत्यादि।

सबका तुम से अंत हरि! है तुमसे ही… Continue

Posted on February 5, 2017 at 6:00pm — 23 Comments

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At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 3:10pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय रामबली गुप्ता जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपका गीत-हृदय का भ्रमर गुनगुनाता चला है को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:47am on May 14, 2016, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ०  रामबली जी

आप जैसा सुन्दर कवि -मित्र पाकर आप्यायित हूँ . आपको सदैव शुभ .  

At 10:17pm on February 25, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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