For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रामबली गुप्ता
  • Male
  • Deoria, U.P.
  • India
Share

रामबली गुप्ता's Friends

  • Lalit Nageshwar Maharaj
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • सतविन्द्र कुमार
  • Samar kabeer
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Sushil Sarna
  • Shyam Narain Verma
  • मिथिलेश वामनकर
 

रामबली गुप्ता's Page

Latest Activity

रामबली गुप्ता commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (चढ़ी है एक धुन मन में पढ़ेंगे जो भी हो जाए)
"बहुत ही सुंदर आदरणीय भाई वासुदेव शरण जी। हर शेर मन को प्रभावित करता है। बेहतरीन भावों से सजी इस ग़ज़ल के लिये। बधाई स्वीकारें।सादर"
Mar 15
रामबली गुप्ता commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post नारी ( सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' )
"वाहहह बढियाँ रचना हुई है भाई सुरेन्द्रनाथ जी। बधाई स्वीकारें।सादर"
Mar 15
रामबली गुप्ता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल- कह रहे लोग बचो ,अब है ये गन्दा पानी
"भाई नवीन मणि जी बहुत ही सुंदर प्रयास हुआ है ग़ज़ल पर। दिल से बधाई लीजिये। आद समर भाई साहब की बातों पर गौर करियेगा। सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल- कह रहे लोग बचो ,अब है ये गन्दा पानी
"भाई नवीन मणि जी बहुत ही सुंदर प्रयास हुआ है ग़ज़ल पर। दिल से बधाई लीजिये। आद समर भाई साहब की बातों पर गौर करियेगा। सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on rajesh kumari's blog post दुर्मिल सवैया ‘फाग बयार’
"आदरणीया बहन राजेश कुमारी जी सवैयों पर प्रयास अच्छा हुआ है। दिल से बधाई लीजिये। बताना चाहूँगा कि सवैये के चारों पदों में तुकांतता का निर्वहन होता है जबकि आपने दोनों सवैयों के तीसरे पद में तुकांतता नही रखी है। ये दुर्मिल मुक्तक हो सकता है सवैया नही।…"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on amod srivastav (bindouri)'s blog post इश्क की दास्ताँ यह छुपानी नही (गजल)
"अच्छा प्रयास है भाई आमोद जी बधाई स्वीकारें। समर भाई साहब के सुझावों पर ध्यान दीजियेगा।सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -ये किसका दर्द रूह में मेरी समा गया - ( गिरिराज )
"आद0 भाई गिरिराज जी बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। शैर दर शैर दिली दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाएं। दूसरे शैर के सानी में ऐब ए तनाफुर तो नही देख लीजियेगा। इस बारे में स्पष्ट करियेगा ताकि हमारी भी जानकारी में वृद्धि हो सके। सादर"
Mar 8
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार आद0 भाई मिथिलेश जी"
Mar 5

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली जी, बहुत शानदार ग़ज़ल कही है आपने. दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाएं. सादर "
Mar 1
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय गुरुदेव आपकी प्रशंसा से रचनाकर्म को बल मिलता है। आशीष यूँ ही बनाये रखें। हृदय से आभार।सादर"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद जी आपका अतिशय आभार"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"भाई बृजेश नीरज जी सादर आभार आपका"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय लक्षमन रामानुज जी आपकी प्रशंसा से मन आह्लादित है। लिखना सार्थक हुआ। प्रतिक्रिया एवं प्रोत्साहन के लिए हृदयतल से आभार आदरणीय।सादर"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय सुशील सरना जी प्रतिक्रिया एवं प्रशंसा के लिए हृदयतल से आभार"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय प्रतिक्रिया एवं प्रशंसा के लिए हृदयतल से आभार"
Feb 28
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय बृजेश कुमार जी हृदय से आभार"
Feb 28

Profile Information

Gender
Male
City State
DEORIA
Native Place
KOTHA
Profession
TEACHING
About me
NATIONALIST

रामबली गुप्ता's Blog

दीपक सा उजियार करोगे-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

22 22 22 22



जब जलना स्वीकार करोगे,

दीपक सा उजियार करोगे।।



श्रद्धा-स्नेह-समर्पण से ही,

हर दिल पर अधिकार करोगे।



दुर्ग दिलों के जीत सके तो,

विजित सकल संसार करोगे।



भजन नही जनसेवा से ही,

जन्म यहाँ साकार करोगे।



दिल में द्वेष-दंभ का दानव,

उसका कब संहार करोगे?



राष्ट्र हितों पर मिट न सके तो,

जीवन यह बेकार करोगे।



दिल पर रख कर हाथ बता दो,

"हमसे कितना प्यार करोगे?"



दृष्टि… Continue

Posted on February 26, 2017 at 7:06am — 18 Comments

ग़ज़ल-इन्सां सीधा साधा हूँ-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

2222222



इंसां सीधा साधा हूँ।

सच्ची बातें करता हूँ।।



जलकर करूँ प्रकाशित जग,

मैं सूरज के जैसा हूँ।।



दिल की इस पर बात लिखो,

बिल्कुल कोरा पन्ना हूँ।।



सुख-दुख की परवाह नही,

''अपनी धुन में रहता हूँ।।''



तुझे हँसाए नींदों में

मैं वो सुंदर सपना हूँ।।



देखूँ कहूँ न सुनूँ बुरा

बंदर गांधी जी का हूँ।।



मन्दिर-मस्जिद-गुरुद्वारा,

सबको दिल में रखता हूँ।।



रचना-रामबली… Continue

Posted on February 14, 2017 at 1:00pm — 18 Comments

दोहे-रामबली गुप्ता

कृपा करो जगदीश हे! करो जगत कल्याण।

प्रेम दया सद्भाव दो, हो शुभ तन-मन-प्राण।।1।।



हो कण-कण में व्याप्त तुम, हे! जग पालनहार।

पद-पावन में तीर्थ सब, है सुरसरि की धार।।2।।



सदा तुम्हारी भक्ति में, रहूँ समर्पित नाथ!

ऐसा दो वरदान अब, रखो शीश पर हाथ।।3।।



प्रभो! सकल ब्रह्माण्ड के, एक तुम्ही हो नाथ।

सदा कामना है यही, रहे कृपा-कर माथ।।4।।



सूर्य-चंद्र-तारक सभी, जीव-जन्तु इत्यादि।

सबका तुम से अंत हरि! है तुमसे ही… Continue

Posted on February 5, 2017 at 6:00pm — 23 Comments

पिया का पत्र-रामबली गुप्ता

222222222222222



आज खुशी से झूमूँ सखि री पत्र पिया का आया है।

भाव भरे अक्षर-अक्षर ने तन-मन को हर्षाया है।।



लिखते, प्रिये! तुम्ही से सब कुछ, सुख-दुख की सहभागी तुम।

सतरंगी स्वप्नों सा सुंदर जीवन तुमसे पाया है।।



रहता था निर्वासित सा मन जीवन के निर्जन वन में।

पावन प्यार भरा गृह इसको तुमने ही लौटाया है।



कहते, मन मरु-थल था तपता दर्द रेत सा फैला था।

होकर सिंचित स्नेह से' तेरे हरा भरा हो आया है।।



मन था पंक भरा सर जैसे,… Continue

Posted on December 3, 2016 at 6:30am — 16 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 3:10pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय रामबली गुप्ता जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपका गीत-हृदय का भ्रमर गुनगुनाता चला है को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:47am on May 14, 2016, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ०  रामबली जी

आप जैसा सुन्दर कवि -मित्र पाकर आप्यायित हूँ . आपको सदैव शुभ .  

At 10:17pm on February 25, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Seema mishra commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -चुप कह के, क़ुरआन, बाइबिल गीता है - ( गिरिराज )
" आदरणीय गिरिराज जी शानदार ग़ज़ल, मुबारकबाद कुबूल फरमाएँ| सादर "
26 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (इंसानियत)
"आदरणीय वासुदेव भाई , गज़ल अच्छी हुई है ,  आपने बहर निभाने मे  सफल रहे आप । शब्दों का चुनाव…"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -तड़प तड़प के क्यूँ वो बाहर निकले हैं - ( गिरिराज )
"आदरणीय सतविन्द्र भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हृदय से आभार ।"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -तड़प तड़प के क्यूँ वो बाहर निकले हैं - ( गिरिराज )
"आदरणीय वासुदेव भाई , हौसला अफज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया ।"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -तड़प तड़प के क्यूँ वो बाहर निकले हैं - ( गिरिराज )
"आदरणीय वासुदेव भाई , हौसला अफज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया ।"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल....अब कहाँ गुम हुये आसरे भीड़ में
"आदरनीय बृजेश भाई , अच्छी गज़ल कही है आपने , हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें । मेरा सोचना है कि .. अगर…"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आदरनीय नवीन भाई , खूबसूरत गज़ल के लिये बधाइयाँ आपको । आ,रवि भाई की बातों का ख्याल कीजियेगा । -- कुछ…"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी posted a blog post

ग़ज़ल -चुप कह के, क़ुरआन, बाइबिल गीता है - ( गिरिराज )

22   22   22   22   22   2हर चहरे पर चहरा कोई जीता हैऔर बदलने की भी खूब सुभीता है सांप, सांप को…See More
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

ई-मौजी ...

ई-मौजी ...आज के दौर में क्या हम ई-मौजी वाले स्टीकर नहीं हो गए ?भावहीन चेहरे हैं संवेदनाएं…See More
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Sushil Sarna's blog post एक शब्द ....
"आदरनीय सुशील भाई , खूब सूरत दार्शनिक कविता के लिये हार्दिक बधाइयाँ ।"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Mohit mukt's blog post अरे पगली (याचना} (कविता ):- मोहित मुक्त
"आदरनीय मोहित भाई , प्रेम भाव से ओत प्रोत कविता के लिये बधाई । शब्दों की वर्तनी का ख्याल कीजिये ...…"
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post दशा और दिशा [लघुकथा] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"बहुत खूब ... मै इस् विधा की बारीकैयाँ नही समझ सकता .. बात बहुत अच्छी लगी । बधाई"
4 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service