For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रामबली गुप्ता
  • Male
  • Deoria, U.P.
  • India
Share

रामबली गुप्ता's Friends

  • Lalit Nageshwar Maharaj
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • सतविन्द्र कुमार
  • Samar kabeer
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Sushil Sarna
  • Shyam Narain Verma
  • मिथिलेश वामनकर
 

रामबली गुप्ता's Page

Latest Activity

रामबली गुप्ता commented on khursheed khairadi's blog post ग़ज़ल -- किसी का कहा मानता ही कहाँ है
"भाई खुर्शीद जी मुग्ध कर दिया आपकी इस शानदार ग़ज़ल ने। मतले से लेकर मक्ते तक हर शैर दमदार है। दिल से बधाई स्वीकार करें।सादर"
Jul 21
KALPANA BHATT commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"उम्दा दोहे | हार्दिक बधाई आदरणीय |"
Jul 16
vijay nikore commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"बहुत ही अच्छे दोहे कहे हैं । ऐसे ही लिखते रहें। बधाई।"
Jul 13
Mahendra Kumar commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-रामबली गुप्ता
"वाह-वाह आ. रामबली जी. मज़ा आ गया आपकी ग़ज़ल पढ़कर. बहुत ख़ूब! इस शानदार ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Jul 12
रामबली गुप्ता posted a blog post

दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता

जग में बिन गुरु ज्ञान के, नर-पशु एक समान।गुरु के शुचि सानिध्य में, बनता मूढ़ सुजान।।1।।ज्ञान जगत का मूल है, संस्कृति का आधार।किन्तु बिना गुरु ज्ञान कब, पाये यह संसार?2।।निज गुरु पद में बैठ नित, खुद को लो यदि जान।कलुष-भेद हिय-तम मिटे, हो शुचि तन-मन-प्रान।।3।।ज्ञान ज्योति गुरु दीप सम, और तिमिर-अज्ञान।अर्पित कर श्रम-स्नेह-घृत, बनते शिष्य सुजान।।4।।नित गुरु-पद वंदन करें, इसमें चारो धाम।गुरु को श्री-हरि-पार्थ भी, नत हो करें प्रणाम।।5।।गुरु की बातें जो सुने, नित्य लगाकर ध्यान।उसका बढ़ता निशि-दिवस,…See More
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी"
Jul 11
Sushil Sarna commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली जी पर्व विशेष पर बहुत ही सुंदर और सार्थक दोहे बन पड़े हैं।  दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं सर। "
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"सराहना के लिए हार्दिक आभार आदरणीय गोपाल नारायण जी। सुझाव भी उत्तम है। तद्नुसार परिवर्तन कर दिया है मैंने। सादर"
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"आद0 समर भाई साहब आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया से लिखना सार्थक हुआ। हृदय से आभार आपको।"
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"भाई सुरेंद्र जी सराहना एवं प्रोत्साहन के लिये हृदय से आभार"
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार आदरणीय श्याम नारायण जी"
Jul 11
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"सादर आभार आद0 आरिफ़ जी"
Jul 11
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"आ० रामबली जी , बढिया दोहे हुए हैं ---बस एक  जगह मैं क्रम  परिवर्तन करना चाहूँगा शायद  आपको भी पसंद आये . -----अर्पित कर श्रम -स्नेह घृत -----सादर ."
Jul 10
Samar kabeer commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु को समर्पित बहुत उम्दा दोहे रचे आपने,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली जी सादर अभिवादन, गुरु महिमा को रेखांकित करती बेहतरीन दोहे बने हैं।बधाई स्वीकारिये, इस सृजन पर।"
Jul 10
Shyam Narain Verma commented on रामबली गुप्ता's blog post दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता
"बहुत सुन्दर दोहे आदरणीय  । हार्दिक बधाई आपको "
Jul 10

Profile Information

Gender
Male
City State
DEORIA
Native Place
KOTHA
Profession
TEACHING
About me
NATIONALIST

रामबली गुप्ता's Blog

दोहे-गुरु पूर्णिमा विशेष-रामबली गुप्ता

जग में बिन गुरु ज्ञान के, नर-पशु एक समान।

गुरु के शुचि सानिध्य में, बनता मूढ़ सुजान।।1।।



ज्ञान जगत का मूल है, संस्कृति का आधार।

किन्तु बिना गुरु ज्ञान कब, पाये यह संसार?2।।



निज गुरु पद में बैठ नित, खुद को लो यदि जान।

कलुष-भेद हिय-तम मिटे, हो शुचि तन-मन-प्रान।।3।।



ज्ञान ज्योति गुरु दीप सम, और तिमिर-अज्ञान।

अर्पित कर श्रम-स्नेह-घृत, बनते शिष्य सुजान।।4।।



नित गुरु-पद वंदन करें, इसमें चारो धाम।

गुरु को श्री-हरि-पार्थ भी, नत हो करें… Continue

Posted on July 9, 2017 at 10:30pm — 14 Comments

ग़ज़ल-रामबली गुप्ता

1222 1222 1222 1222



जो लड़कर आँधियों से जीत का इनआम लेता है,

जमाना फ़ख़्र से उसका युगों तक नाम लेता है।



सहारा जो यहाँ हर डूबते इंसान का बनता,

खुदा भी हाथ उसका मुश्किलों में थाम लेता है।



नही सर पे दुआओं की कमी होती उसे यारों,

यहाँ माँ बाप का जो हाल सुबहो शाम लेता है।



पता सबको कि मुश्किल की घड़ी होती बड़ी छोटी,

कहाँ हर आदमी हिम्मत से लेकिन काम लेता है?



खुदा को भी शिकायत होगी शायद अपने बंदे से,

कि है खुदगर्ज़ बस दुख में ही… Continue

Posted on July 4, 2017 at 11:46am — 21 Comments

गीत-हे हरि हर लो हिय के दुख सब-रामबली गुप्ता

हे हरि हर लो हिय के दुख सब।



सकल चराचर जग के स्वामी! कृपा करो कर शीश रखो अब।

हे हरि हर लो......



चतुर्वेद-वेदांग-पुराणों से भी ऊपर ज्ञान तुम्हारा।

वन-वन गिरि-गिरि भटका नर पर तुमको जान न पाया हारा।

भेद मिटाकर सभी प्यार का जिसने दिल में दीप जलाया।

नही किसी मंदिर-मस्जिद में उसने तुमको खुद में पाया।



सत्य न यह स्वीकारे जग में ऐसा कौन मनुज या मज़हब?

हे हरि हर लो.......



सूर्य-चंद्र की ज्योति तुम्हीं गति ग्रह-उपग्रह ने तुमसे पाई।

जग… Continue

Posted on June 11, 2017 at 7:45pm — 8 Comments

ग़ज़ल-फैला बस अँधियार है भइया-रामबली गुप्ता

ग़ज़ल

22 22 22 22



ये कैसा संसार है भइया,

फैला बस अँधियार है भइया।



जनता के हिस्से की रोटी,

खा जाती सरकार है भइया।



नेता भ्रष्ट हुए, संतों को,

शासन का अधिकार है भइया।



जाति-धर्म की नीति बनी अब,

जनमत का आधार है भइया।



अधर अरुण कलियाँ धनु भौहें,

अंजन हाय! कटार है भइया।



उसने हर निधि पा ली जिसने,

पाया सच्चा यार है भइया।



'बली' कर्म कुछ अच्छे कर लो,

जीना दिन दो चार है भइया।।



मौलिक… Continue

Posted on March 25, 2017 at 5:00pm — 8 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 11:21am on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय रामबली जी आपकी इस सफलता पर आपको तहे दिल बधाई ..
At 3:10pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय रामबली गुप्ता जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपका गीत-हृदय का भ्रमर गुनगुनाता चला है को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:47am on May 14, 2016, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ०  रामबली जी

आप जैसा सुन्दर कवि -मित्र पाकर आप्यायित हूँ . आपको सदैव शुभ .  

At 10:17pm on February 25, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Naveen Mani Tripathi posted blog posts
2 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

लौट आओ ....

लौट आओ .... बहुत सोता था थक कर तेरे कांधों पर मगर जब से तू सोयी है मैं आज तक बंद आँखों में भी चैन…See More
2 minutes ago
Niraj Kumar commented on rajesh kumari's blog post हैं वफ़ा के निशान समझो ना (प्रेम को समर्पित एक ग़ज़ल "राज')
"जनाब समर कबीर साहब, आदाब, 'रोजे का दरवाजा' क्या होता है मै इससे वाकिफ नहीं हूँ. स्पष्ट कर…"
5 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--इशारा
"मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब ,अच्छी लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
6 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's blog post " फर्ज " ( लघु कथा )
"जनाब मुज़फ्फर साहिब ,अच्छी लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें"
7 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Naveen Mani Tripathi's blog post नए चेहरों की कुछ दरकार है क्या
"जनाब नवीन साहिब ,अच्छी ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
10 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on rajesh kumari's blog post हैं वफ़ा के निशान समझो ना (प्रेम को समर्पित एक ग़ज़ल "राज')
"मुहतर्मा राजेश कुमारी साहिबा ,अच्छी ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं । शेर 4 का उला मिसरे की बह्र…"
14 minutes ago
Sushil Sarna commented on Dr.Prachi Singh's blog post चलो अब अलविदा कह दें......
"न मैं अब राह देखूँगी, न अब मुझको पुकारो तुम न अब उम्मीद होगी ये कि फिर मुझको सँवारो तुममुझे हर बार…"
21 minutes ago
Ajay Kumar Sharma commented on Dr.Prachi Singh's blog post चलो अब अलविदा कह दें......
"सुन्दर रचना.. बधाई हो."
25 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Dr.Prachi Singh's blog post चलो अब अलविदा कह दें......
"मुहतर्मा प्राची साहिबा ,बहुत ही सुन्दर रचना हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
37 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on vijay nikore's blog post दरगाह
"मुहतरम जनाब विजय निकोरे साहिब ,बहुत ही सुन्दर रचना हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
40 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...वही बारिश वही बूँदें वही सावन सुहाना है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

१२२२   १२२२ ​   १२२२    १२२२​वही बारिश वही बूँदें वही सावन सुहाना हैतेरी यादों का मौसम है लवों पे…See More
41 minutes ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service