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अमीरुद्दीन 'अमीर'
  • Male
  • बाग़पत, उत्तर प्रदेश.
  • India
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  • Samar kabeer

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सालिक गणवीर commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"मोहतरम अमीरूद्दीन 'अमीर' साहब आदाब एक शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाइयां स्वीकारें. जो ले के जाँ हथेली पे हरदम रहा खड़ा तुमने उसी को ज़ह्र का प्याला पिला दिया.... वाह"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"वाह। सुश्री अन्विता जी, ग़ज़ब का चिन्तन और सृजन है। मन के तारों को झंकृत कर दिया आपकी रचना ने।  हृदय तल से बधाईयाँ स्वीकार करें। "
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for Pratibha Sharma
"सुश्री प्रतिभा शर्मा जी, आदाब। ओबी ओ के मंच पर आपका हार्दिक स्वागत करते हैं। "
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' updated their profile
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post जीवन पर कुछ दोहे :
"आदरणीय सुशील सरना जी, आदाब। आपने जो जीवन की वास्तविकता को उकेर कर शब्दों को दोहा रूपी सच्चे मोतियों की माला में पिरो कर इतने सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया है, ऐसा कम ही मिलता है। बहुत धन्यावाद और बधाईयाँ स्वीकार करें। "जीवन नदिया आस की, बहती…"
23 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post मुँह ज़ख्मों के शे'र सुनाकर सीता है
"रूपम कुमार जी, आज शायद उस्ताद मुहतरम ओ बी ओ पर नहीं हैं।  तू पहले       222 से ज़ि-यादा  11-22 सिगरेट        22 पीता है        222 रूपम जी 'ज़्यादा' लफ़्ज़ सहीह नहीं है।…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post मुँह ज़ख्मों के शे'र सुनाकर सीता है
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब, आदाब। जी हाँ मैंने डाॅक्टरों को ज़ख़्मों को सीते हुए देखा है। बल्कि एक बार ख़ुद मेरे ज़ख्मों के मुँह पर टाँके लगे थे जो मैंने लाईव देखे थे। रूपम कुमार जी ने मतले का जो ऊला मिसरा लिया था "दिल के ज़ख़्म को शे'र…"
Tuesday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post अधूरे अफ़साने :
"आदरणीय सुशील सरना जी, आदाब। "अधूरे अफ़साने" ख़़ू़ूबसूरत रचना के लिए आपको बहुत बधाईयाँ। सादर ।"
Tuesday
अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for Pragyat Agarwal
"प्रग्यात अग्रवाल जी, ओ बी ओ के मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है। "
Tuesday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post ये ग़म ताजा नहीं करना है मुझको
"जनाब रूपम कुमार जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है।बधाई स्वीकार करें। कुछ संशोधन पेश कर रहा हूंँ। उचित लगे तो अप्लाई कर सकते हैं, अन्यथा नज़र अन्दाज़ कर दीजिएगा। "मोहब्बत वो उड़ाकर ख़ाक में अब.               …"
Tuesday
Rupam kumar -'मीत' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (इंक़लाब)
"मक्ता लाजवाब कहा है आपने  अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " जी वाह! दाद देता हूँ "
Monday
Rupam kumar -'मीत' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ईद कैसी आई है!
"अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " जी बहुत शुक्रिया आपने इसका मानी बता दिया "
Monday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उम्मीद क्या करना -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल)
"भाई लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी, आदाब । बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही है आपने। शेअ'र दर शेअ'र दाद पेश करता हूँ ।"
Monday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ईद कैसी आई है!
"रूपम जी हैफ़ का मतलब अफ़सोस, दुख, ज़ुल्म है। "
Monday
Rupam kumar -'मीत' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ईद कैसी आई है!
"हैफ़ का मतलब नहीं समझ पाया सर,  अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "
Monday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anvita's blog post "लोग"
"सुश्री अन्विता जी,  आपकी भावना को समझ रहा हूंँ और उस का सम्मान करता हूँ, लेकिन किसी से आदर पूर्वक उसके नाम के साथ संवाद करने में कोई निरादर नहीं होता है। इस के इलावा LATEST ACTIVITY/Top News · Everything में नाम से ही पता चल जाता है कि…"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
BAGHPAT , UTTAR PRADESH.
Native Place
BARAUT
Profession
Private job
About me
उर्दु शायरी हिन्दी में लिखने और पढ़ने का शौक़ है॥

अमीरुद्दीन 'अमीर''s Blog

उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।

उफ़ ! क्या किया ये तुम ने, वफ़ा को भुला दिया,  

उस शख़्स ए बावफ़ा को, कहो क्या सिला दिया।

  

जो ले के जाँ, हथेली पे, हरदम रहा खड़ा, 

तुम ने उसी को, ज़ह्र का, प्याला पिला दिया।

अब क्या भला, किसी पे कोई, जाँ निसार दे, 

जब अपने ख़ूँ ने, ख़ून का, रिश्ता भुला दिया।

गुलशन की जिस ने तेरे, सदा देखभाल की,

उस बाग़बां का तू ने, नशेमन जला दिया।

गर वो मिलेंगे हम से, कभी पूछ लेंगे हम, 

क्यूँ ख़ाक़ में हमारा,…

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Posted on May 26, 2020 at 12:08pm — 16 Comments

ईद कैसी आई है!

ईद कैसी आई है ! ये ईद कैसी आई है !

ख़ुश बशर कोई नहीं, ये ईद कैसी आई है !

जब नमाज़े - ईद ही, न हो, भला फिर ईद क्या,

मिट गये अरमांँ सभी, ये ईद कैसी आई है!

दे रहा कोरोना कितने, ज़ख़्म हर इन्सान को,

सब घरों में क़ैैद हैं, ये ईद कैसी आई है!

गर ख़ुदा नाराज़ हम से है, तो फिर क्या ईद है,

ख़ौफ़ में हर ज़िन्दगी, ये ईद कैसी आई है!

रंज ओ ग़म तारी है सब पे, सब परीशाँ हाल हैं,

फ़िक्र में रोज़ी की सब, ये ईद कैसी आई…

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Posted on May 25, 2020 at 6:00am — 11 Comments

ग़ज़ल (इंक़लाब)

चेहरा छुपा  लिया है सभी  ने नका़ब में, 

परदा नशीं बने  हैं सभी  इस अ़ज़ाब में।

आक़ा हो या अ़वाम सभी फ़िक्रमन्द हैं, 

हाँ घिर चुकी है पूरी जमाअ़त इताब में।

फ़ाक़ाकशी न कर दे कहीं ज़िन्दगी फ़ना,

सौ ज़ख़्म खा रहे  हैं  सभी इज़्तिराब में।

करता  रहा ग़रूर सदा जिस  ग़िना पे  तू , 

क़ुदरत न आज कुछ है तेरे इस निसाब में।

क्या ये अ़ज़ाब है या कोई  इम्तिहान है ?, 

ये  बेकली  सी  क्यूं  है दिले तंग-ताब…

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Posted on April 20, 2020 at 5:49pm — 3 Comments

ग़ज़ल (अन्दाज़ ए नज़र )

रौशनी दिल में नहीं हो तो ख़तर बनता है,

आग सीने में लगी  हो तो शरर  बनता है।

जिसको ढाला न गया हो किसी भी साँचे में, 

इब्ने आदम यूं ही हरगिज़ न बशर बनता है। 

टूट  जाते  हैं कई  रिश्ते  ग़लत  फ़हमी  से,

रंजिशें ख़ुद ही भुला दे जो, बशर बनता है।

बात जो निकली ज़बां से न वो फिर रुकती है,

राज़  हो जाए  अ़यां  गर, तो ज़ह'र  बनता है।

अदबियत जिसको विरासत में ही मिल जाती हो,

तब कहीं  जा के  'अ़ली'  कोई  'जिगर'…

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Posted on April 6, 2020 at 6:26pm — 6 Comments

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At 6:21pm on March 9, 2020, Samar kabeer said…

जनाब अमीरुद्दीन साहिब,ओबीओ पर आपका स्वागत है,मैं हर ख़िदमत के लिए हाज़िर हूँ ।

 
 
 

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"आदरणीय, अग्रज कबीर जी नमन। उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
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Anvita commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"माननीय अमीरूददीन साहब प्रणाम ।आपका हार्दिक धन्यवाद ।रचना पसंद आई जानकर अच्छा लगा ।सादर।अन्विता ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post जीवन पर कुछ दोहे :
"आ . भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
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Samar kabeer commented on Admin's page FAQ
"डिम्पल जी,मैंने आपको फ़ोन पर समझाया तो था,अगर और समझना हो तो फिर से फ़ोन कर सकती हैं । आपकी टिप्पणी…"
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Dimple Sharma commented on Admin's page FAQ
"अपनी रचना पर आए कमेंट्स पर अपनी प्रतिक्रिया कैसे दें..?"
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Pratibha Sharma left a comment for Pratibha Sharma
"बहुत बहुत शुक्रिया आपका"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"वाह। सुश्री अन्विता जी, ग़ज़ब का चिन्तन और सृजन है। मन के तारों को झंकृत कर दिया आपकी रचना…"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for Pratibha Sharma
"सुश्री प्रतिभा शर्मा जी, आदाब। ओबी ओ के मंच पर आपका हार्दिक स्वागत करते हैं। "
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