Posted on April 30, 2013 at 8:07am 20 Comments 1 Like
नदिया का यह नीर भी, कुछ दिन का ही हाय |
उथला जल भी नहि बचा, जलप्राणी कित जाय ||
नदिया जल मल मूत्र सब, कैसा बढ़ा विकार |
मानव अवलम्बित धरा, सहती अत्याचार ||
क्षुधा तृप्त करता…
ContinuePosted on April 12, 2013 at 7:00am 13 Comments 1 Like
चक्र घंटा शूल मूसल, धर धनुष अरु बान,
शंख साजे हाथ गौरी, शीत चन्द्र समान |
शुंभ दलना मात शारद, सृष्टि जननी जान,
है नमन माता चरण में, मात दें वरदान ||
कर कमल अरु अक्षमाला, विश्व ध्यावे मात, …
ContinuePosted on April 4, 2013 at 2:00pm 16 Comments 0 Likes
ढाक अमलतास पे, आ गयी बहार देखो,
सेमर भी कुसुमित, फाग का महीना है |
सारे रंग लाल-लाल, फूलों पर दिखाई दें,
कुहु-कुहू कोयल की, राग का महीना है |
सूरज का ताप तन, बदन झुलसायेगा,
तपन दहन…
ContinuePosted on April 1, 2013 at 8:08am 13 Comments 0 Likes
बीते इसके साथ में, माह दिवस अरु साल,
छंद ‘चित्र से काव्य तक’, लगता बहुत कमाल,
लगता बहुत कमाल, गजब के छंद सुनाता,
छ्न्दोत्सव आगाज, महोत्सव सबको भाता,…
Continue
Dr Dilip Mittal said… आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें
Dr Dilip Mittal said… आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया
KISHAN KUMAR said…
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आपकी सहायता के लिए ये सूचि यहा पर हर विधा की समस्त रचना देख सकते हे
Meena Pathak said… सादर आभार
बृजेश नीरज said… आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!
कुमार गौरव अजीतेन्दु said… नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......
AVINASH S BAGDE said…
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said… आदरणीय अशोक जी, सादर अभिवादन
पुरुस्कृत हुए आप खुश हुआ मेरा मन
यूँ ही रचनाओं कि झड़ी लगते रहना
महकेगा अपना ये ओ.बी.ओ. चमन
बधाई.
Abhinav Arun said… आदरणीय श्री अशोक जी महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई आपको !!आप साहित्य संस्कृति के शिखर चूमें यही कामना है !!
संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' said…
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