For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
Share

Ashok Kumar Raktale's Friends

  • Anamika singh Ana
  • Kalipad Prasad Mandal
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • प्रदीप नील वसिष्ठ
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Dipu mandrawal
  • TEJ VEER SINGH
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • अनिल कुमार 'अलीन'
  • Pradeep Kumar Shukla
  • गिरिराज भंडारी
 

Ashok Kumar Raktale's Page

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"सीमित साधन हों जीवन में, किंतु न हम  घबरायें। इच्छाशक्ती प्रबल आत्मबल, गुलमोहर सा पायें।..........वाह ! वाह ! बहुत सुंदर और सार्थक पंक्तिया.  आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रदत्त चित्र पर सार छंद आधारित सुन्दर गीत रचा है  आपने.…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रदत्त चित्र पर ताटंक आधारित सुंदर गीत रचा है आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें.सादर."
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"शोभा घर की बढ़ जाती है, रंग बिरंगे फूलों से। बाग बगीचे वृक्ष लतायें, घुँघरू वाले झूलों से॥............वाह ! वाह !  छ्न्दोत्सव की शान बढ़ाई, रंग बिखेरे हैं ऐसे । चुन-चुन गुल तैयार किया हो, गुलदस्ता कोई जैसे ।। गुलमोहर शोभा है वन की,…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया डॉ. प्राची सिंह जी सादर, बहुत लम्बे अंतराल पश्चात छ्न्दोत्सव में रचना पर आपकी प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है. आपकी छंदमय सराहना अवश्य ही प्रस्तुत छंदों को सार्थकता प्रदान कर रही है.आपका बहुत-बहुत आभार. सादर. "
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, आपसे मिली सराहना रचना को और भी समृद्ध कर रही है आपका हृदयातल से आभार. सादर ."
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर,प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदयातल से आभार. सादर ."
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई सत्यनारायण सिंह जी सादर, प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए आपका ह्रदय से आभार. सादर."
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, आपको चित्र के भावों का यह विस्तार अच्छा लगा मेरा प्रयास सफल हुआ. हार्दिक आभार आपका. सादर "
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"लगता है रंगों का मेला, सावन जब-जब आता । लौट-लौट आते वे लिखने, जिनको छंद सुहाता ।। आदरणीय भाई सतविन्द्र कुमार जी, प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए आपका दिल से आभार. सादर. "
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"यादों में तुम आते हो मन गुलमोहर हो जाता है...........वाह ! वाह ! बहुत सुंदर. आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रदत्त चित्र पर बहुत सुंदर भावपूर्ण गीत आपने रचा है. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. "
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी सादर, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते सुन्दर सार छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. गुणीजनों ने बहुत कुछ कहा है, अवश्य ही उसपर ध्यान दें.सादर "
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"सार छंद   आहट पाकर सावन की फिर , झूमे डाली-डाली । हर्षित हैं सब बाग़-बगीचे, छायी है हरियाली ।। मोर पपीहा बोल रहे हैं, गूँज रहा है कानन । टर्र-टर्र कर दादुर बोलें, हरा हो गया उपवन ।।   गुलमोहर ने रंग बिखेरे, झूमे अम्बर प्यारा । वर्षा ऋतु ने…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय भाई शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी सादर, प्रदत्त विषय पर कबूतरों के माध्यम से आपने बहुत कुछ कह दिया है. इस सुंदर और सार्थक प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. "
Jul 13
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी सादर, प्रदत्त विषय पर सुंदर प्रस्तुति आपकी. हार्दिक बधाई स्वीकारें. बाकी तो आदरणीय समर साहब ने कह ही दिया है. सादर. "
Jul 13
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"अपने मन का  राजा बादल करता रहता है मनमानी............वाह ! सुंदर मुखड़ा और प्रदत्त विषय पर सार्थक अंतरों से सजा उत्तम गीत रचा है आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीया प्रतिभा पांडे जी. सादर "
Jul 13
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रदत्त विषय पर आपकी बहुत सुंदर और सार्थक प्रस्तुति. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर "
Jul 13

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

Ashok Kumar Raktale's Photos

  • Add Photos
  • View All

Ashok Kumar Raktale's Blog

सावन आया है

फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन

 

गुपचुप उसपर मन आया है

लगता है सावन आया है

 

महका है हर कोना-कोना

अम्बर से चन्दन आया है

 

देखो नभ पर छाये बादल

दूल्हा ज्यों बनठन आया है 

 

भीग रही है प्यासी धरती

ज्यों बीता यौवन आया है

 

रह-रह नाच रही हैं बूँदें

राधा का मोहन आया है

 

झूला झूल रही हैं सखियाँ

सज रक्षा बंधन आया है

 

कागज़ की नैया ले आओ

याद मुझे बचपन आया…

Continue

Posted on November 30, 2018 at 9:00am — 9 Comments

रसाला छंद एक प्रयास – (भ न ज भ ज ज ल)

जीवन विषम अबोध , जानकर ना डर मानव |

प्राप्त प्रथम कर ज्ञान, ज्ञान बिन पार न हो भव ||

अंतर तल अँधियार , दूर कर रोशन हो मग |

हो जगमग हर पंथ , पंथ अति रोशन हो जग ||

 

श्रेष्ठ जटिल हर कर्म, है मनुज उन्नति दायक |

भूल बिसर मत कृत्य, सत्य हर भूपति नायक ||

भूमि सतह पर स्वर्ग, कर्म बिन हो कब संभव |

जीवन पथ पर कर्म , धर्म सम भूल न मानव ||

 

मानव परहित कार्य , हैं न बस दाहकता दुख |

कष्ट सहन कर लाख, एक यदि जीवन का सुख…

Continue

Posted on September 22, 2017 at 1:30pm — 2 Comments

आया मधुमास (अति बरवै पर आधारित गीत)

सजनी ने साजन को, खींच लिया पास |

अमराई फूल गई, आया मधुमास ||

  

धूप खिली निखरी-सी, आयी मुस्कान |

बागों में छेड़ दिया, भँवरों ने तान ||

कलियों के मन जागी, खिलने की आस......... 

खिड़की से झाँक रही, जिद्दी है धूप |

रंग बिना लाल हुआ, गोरी का रूप  ||

सखियों की सुधियों में, कौंधा परिहास........... 

 

डाली है अल्हड पर , फिरभी है भान |

बौराए महुए के , खींच रही कान ||

महक रहे वन-कानन, महका…

Continue

Posted on February 2, 2017 at 11:00pm — 21 Comments

‘वागीश्वरी’ सवैया पर एक प्रयास

१२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२

भजो राम को या भजो श्याम को या, भजो नित्य ही मित्र माँ बाप को |

चुनों धर्म का मार्ग सच्चा हमेशा , बढ़ावा न देना कभी पाप को,

सिखाना सभी को सिखाना स्वतः को, भुलाना यहाँ व्यर्थ संताप को,

नई ये हवाएं कहें क्या सुनो तो, सुनो थाप को वक्त की चाप को ||

तजो लाज सारी करो कर्म अच्छे, रहोगे जहां में तभी शान से |

न लेना किसी का न देना किसी का, जिलाता यही मार्ग सम्मान से,

बिना कर्म पाते सभी दुःख देखो,…

Continue

Posted on November 5, 2016 at 10:53pm — 9 Comments

Comment Wall (25 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:20pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का
At 3:43pm on September 4, 2016, kanta roy said…
सार्थक रचना का सम्मानित होना अच्छा लगता ही है।
"मन उस आँगन ले जाय" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित होने के लिये बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय अशोक जी।
At 11:52pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  गीतिका : मन उस आँगन ले जाय को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post बीच समंदर कश्ती छोड़े धोका गर मल्लाह करे (५४)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
47 minutes ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post प्रश्न-गुंथन
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, 'आदतन एक ख़याल  एक अंगारी सवाल -- शीशे के गिलास का हाथ से…"
55 minutes ago
Samar kabeer commented on Dr.Prachi Singh's blog post ऐसा हो तो फिर क्या होगा ....डॉ प्राची सिंह
"मुहतरमा डॉ. प्राची सिंह जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
59 minutes ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तन्हाई में ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Amit Kumar "Amit"'s blog post गीत - मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।
"जनाब अमित जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post सजन रे झूठ मत बोलो ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post दिल का कोना
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'दिल के बदले दिया तुमने…"
1 hour ago
Usha Awasthi posted a blog post

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर कामचोर को क्यों मिलें लड्डू मोतीचूर ? बैठे - बैठे खा रहे…See More
3 hours ago
SALIM RAZA REWA posted a blog post

बुलन्दी मेरे जज़्बे की - सलीम 'रज़ा' रीवा

1222 1222 1222 1222बुलन्दी मेरे जज़्बे की ये देखेगा ज़माना भी फ़लक के सहन में होगा मेरा इक आशियाना…See More
3 hours ago
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद-

- "कुण्डलिया छंद"- ========================= तेरा मुखड़ा चाँद सा, उतर न जाए यान। गंजा पति कहने लगा,…See More
5 hours ago
Gurpreet Singh posted a blog post

दो ग़ज़लें (2122-1212-22)

1.शमअ  देखी न रोशनी देखी । मैने ता उम्र तीरगी देखी । देखा जो आइना तो आंखों में, ख़्वाब की लाश तैरती…See More
5 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service