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Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाइयों को सराहने के लिए दिल से आभार आदरणीया प्रतिभा पांडे जी. सादर."
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरनीय तस्दीक खान साहब चौपाइयां पसंद कर उत्साहवर्धन करने के लिए बहुत-बहुत आभार. सादर."
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाइयों को सराहकर उत्साहवर्धन करने के लिए आपका दिल से आभार आदरणीय डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव साहब. सादर."
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर, रचना पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से आभार. सादर. "
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"जी ! आदरणीय उस्मानी साहब  इसे मैं इसतरह कर लेता हूँ  "भारत की वह एक सिपाही | दुश्मन बोलें जिसे तबाही ||" सादर. आपके सुझावों के लिए दिल से आभार. सादर. "
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी सादर अंतिम दो  को छोड़कर सुंदर सार छंद रचे हैं. "सेना नेवी एयरफोर्स में" मात्रा आधार पर इसे भी जांच लें. सादर."
Jan 16
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"नहीं रहेंगे पीछे हम अब, वीर-धर्म का जानें मतलब। सैनिक जीवन है अपनाया, सेवा मेवा ने हर्षाया।।.............वाह ! सही कहा है. आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी साहब सादर, प्रदत्त चित्र पर बहुत सुंदर चौपाइयां रची हैं बहुत-बहुत बधाई स्वीकारे.सादर. चन्दा से ये…"
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"एक एक होते हैं ग्यारह सत्य बात यह न्यारी सावधान ये दुनिया वालों हम भारत की नारी...........वाह ! वाह ! बहुत सुंदर. आदरनीय गोपाल नारायण श्रीवास्तव साहब सादर प्रणाम, प्रदत्त चित्र पर  बहुत सुंदर मन्त्र मुग्ध करता गीत रचा है आपने. बहुत-बहुत बधाई…"
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविंदर कुमार जी सादर, मेरी चौपाइयों को सुंदर पाने के लिए आपका दिल से आभार. सादर."
Jan 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरनीय शेख शहजाद उस्मानी जी सादर, आपको चौपाइयां अच्छी लगी मेरा रचना कर्म सफल हुआ. सादर आभार. "//दुश्मन की बन खडी तबाही //...इन शब्दों को किसी दूसरी तरह कह सकते हैं क्या?"......जी अवश्य ही. आप निसंकोच कहें, जो आप कहना चाहते हैं, आपके…"
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"बढ़ती गाड़ी के पहियों का छुक छुक एक तराना जाति धर्म का भेद हटा दे गर विकास पथ जाना देश धर्म से बडा नहीं है ,काशी और मदीना बैठी गाड़ी में मुस्काती ,राधा और सकीना..............सुंदर सन्देश देता है यह अंतिम अंतरा. आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रदत्त…"
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"ये दो खाकी वर्दी धारी ,भारत सेना की हैं नारी| कोमल तन है मन फौलादी,संरक्षित इनसे आज़ादी||.....सचमुच वर्दीधारी नारी | एक लाख पर लगती भारी ||   जज्बा इनका इनकी ब्यूटी, रेल सफ़र कर जाना ड्यूटी| ना  कंगन बिंदी  रंगोली , इनके गहने पिस्टल…"
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरनीय सतविंदर कुमार जी सादर, प्रदत्त चित्र पर सार छंद  आधारित सुंदर गीत रचा है बहुत-बहुत बधाई.किन्तु एक दो जगह गेयता कम लगी "देश के लिए जीना-मरना" इसे "आज देशहित जीना मरना" करके देखें. सादर."
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"छन्न पकैया – छन्न पकैया, गाडी ने मन मोहा | जोश मर्द सा दिखलाना भी, नारी को अब सोहा || आदरणीय समीर कबीर जी सादर, बहुत सुंदर सार छंद रचे हैं. सिर्फ एक जगह इतनी /अपनी का तुक उचित नहीं लगा. अन्यथा सभी छंद प्रदत्त चित्र पर बहुत ही सुंदर रचे हैं.…"
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय पंकज कुमार मिश्र जी सादर, सार छंद पर सुंदर प्रयास हुआ है. प्रारम्भ के दो छंद सुंदर रचे भी हैं आपने, उसमें भी दुसरे छंद में 'हम सबला हैं नारी' को  'हम हैं सबला नारी' कहना अधिक उपयुक्त होता. चौपाई छंद का शायद आपने विधान…"
Jan 15
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 57 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाइयां   लगीं नारियां कदम बढाने | जीवटता का पन दिखलाने || देखो ये मुसकातीं बाला | इनका भी अंदाज निराला ||   भूल गयी बालाएं सर्दी | पहनी जब सेना की वर्दी || देशभक्ति का रंग चढ़ा है | नारी का फिर कदम बढ़ा है ||   पढ़ी लिखी भारत की नारी |…"
Jan 15

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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गीत

इस गीत के सभी अंतरे “हीर छंद” (६,६,११. आदि गुरु अंत रगण) पर आधारित हैं.

 

 

मानव है, मानव बन, मानव का प्यार ले,

बैर भूल, द्वेष मिटा, जिंदगी सँवार ले ||

  

लोक लाज, भूल गया, कैसा मनु कर्म…

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Posted on November 8, 2015 at 10:00am — 4 Comments

कुछ दोहे !

झुमका झांझर चूड़ियाँ, करधन नथ गलहार |

बिंदी देकर मांग भर,.....कर साजन सिंगार ||

 

सूनी सेज न भाय रे, छलकें छल-छल नैन |

पी-पी कर रतिया कटे,....दिन करते बेचैन ||

 

उस आँगन की धूल भी, करती है तकरार |

अपनेपन से लीपकर , जहां बिछाया प्यार ||

 

हरियाली घटने लगी, कृषक हुए सब दीन |

राजनीति जब देश की, खाने लगी जमीन ||

 

टहनी के हों पात या, हों फुनगी के फूल |

दोनों तरु की शान हैं, तरु दोनों का मूल ||…

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Posted on October 8, 2015 at 7:00pm — 8 Comments

दोहा गीत (एक प्रयास)

मनुज रूप मैं पा गया,

हुआ स्वप्न साकार

 

 

कोमल किरणे भोर की,

बिखराती जब नेह है,

दिखती उल्लासित धरा

आन्दंदित हर देह है.

 

सचमुच एक सराय सा

लगा मुझे संसार

 

प्यार भरे व्यवहार से

मिलती देखी जीत है,

बना एक अनजान जब,

मेरे मन का मीत है

 

सच्ची निष्ठा ने किया,

हरदम बेडा पार

 

लोभ मोह माया कपट,

सारे लगते काल हैं,

सत्य यहाँ है मौत ही,

बाकी सब…

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Posted on July 9, 2015 at 9:07am — 14 Comments

चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)

छिड़ी हुई शब्दों की जंग | दिखा रहे नेता जी रंग ||

वैचारिकता नंगधडंग | सुनकर हैरत जन-जन दंग ||

जाति धर्म के पुते सियार | इनपर कहना है बेकार ||

बात-बात पर दिल पर वार | जन मानस पर अत्याचार ||

 

पांच वर्ष में एक चुनाव | छोड़े मन पर कई प्रभाव ||

महँगाई भी देती घाव | डुबो रही है सबकी नाव ||

नारी दोहन अत्याचार | मिला नहीं अबतक उपचार ||

सरकारें करती उपकार | निर्धन फिरभी हैं बीमार ||

 

तीर तराजू औ तलवार | किसे कहें अब जिम्मेदार…

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Posted on April 23, 2014 at 2:00pm — 27 Comments

Comment Wall (22 comments)

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At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

At 11:53pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 9:44am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......

At 8:37pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…
आदरणीय अशोक रक्ताले जी,
इस 

महीने का सक्रिय सदस्य

चुने जाने पे आपका सादर  अभिनन्दन।
..अविनाश बागडे 
 
 
 

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