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Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय खुर्शीद साहब सादर, वाह ! सामयिक परिस्थिति पर यह मतला कमाल का कहा है. बहुत सुन्दर गजल कही है. बहुत बधाई और इस शेर के लिए जो दिल को छू रहा है. विशेष बाधाई. सादर. हैरान मौलवी भी है इस बात पर बहुत क्यों गाँव रोजादार है रमजान तो गया"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी सादर, आपकी शेर दर शेर प्रतिक्रिया की सदैव आवश्यकता महसूस होती है. विशेष कर जहां गलती हुई है.  दौलत मिली तमाम हमें शान भी मिली जज्बात जोश बोल के इंसान तो गया.....इस शेर को स्पष्ट करना चाहता हूँ. किसी वीर सिपाही के…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय हरी प्रकाश दुबे साहब सादर, आपको यह प्रयास पसंद आया. मुझे संतोष हुआ. सादर आभार."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय मोहन बेगोवाल साहब सादर, आपकी बधाई मेरा संबल है. बहुत-बहुत आभार. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय दिगंबर नसावा साहब सादर, उत्साहवर्धन करने के लिए आपका हृदयातल से आभार. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"भाई शिज्जू शकूर जी सादर, आपको मतला और अंत का शेर पसंद आया यह भी क्या कम है. मेरे प्रयास को कुछ सफलता तो मिली. बहुत-बहुत आभार आपका. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय गिरिराज भंडारी साहब सादर, गजल पसंद करने के लिए आपका दिल से आभार. जरूर ही गलतियों को दुरुस्त करने का प्रयास रहेगा. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय मोहन बेगोवाल साहब सुन्दर गजल कही है, बहुत-बहुत बधाई. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"जाने कहाँ ले जाए तरक्की का यह सफ़र निन्यानवे के फेर में इंसान तो गया..........वाह ! बहुत खूब. आदरणीया वन्दना जी सादर, सुन्दर गजल कही है.बहुत बधाई.  सुधार के उद्देश्य से लाभकारी चर्चा भी हुई है. आपके ही साथ मेरे लिए भी लाभकारी. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय नादिर खान साहब सादर, बहुत उम्दा गजल कही है सभी अशआर एक से बढ़कर एक हुए हैं. और ये पुछल्ला भी खूब है कैसा था इम्तेहान ये कैसी थी  बेबसी मिलने का तुमसे आखिरी अरमान तो गया.....वाह ! वाह ! बहुत बधाई. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय उमेश कटारा  जी सादर, सुन्दर गजल कही है सभी अशआर उम्दा. बहुत-बहुत  बधाई. सादर."
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"कर के हलाल दो ही दिनों में मेरा बजट अच्छा हुआ जो घर से ये मेहमान तो गया........हा हा हा बहुत खूब. आदरणीय दिगंबर नसावा साहब सादर, बहुत सुन्दर गजल कही है सभी अशआर अपना प्रभाव छोड़ रहे हैं. बहुत बधाई. किन्तु मंच के नियम से कहीं चूक हो गई है. सादर."
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"//किन्तु, आश्वस्त रहता हूँ कि ये मंच ओबीओ का है और सुधीजन सचेत रहते हैं.//..........जी सादर.यही सच्चा आकर्षण भी  है  और इसके सुखद परिणामों को देखा और महसूस किया है सदैव. सादर प्रणाम आदरणीय सौरभ जी."
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सादर आप गुनीजनो की चर्चा अवश्य लाभकारी रहेगी. सादर."
23 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर, आपकी प्रतिक्रिया से संबल मिला. /जज्बाती बात बोल के / अवश्य हो सकता होगा किन्तु मैं कुछ और ही कहना चाह रहा हूँ. सादर आभार."
23 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57
"आदरणीय निलेश शेगांवकर साहब सादर जी उचित कहा है अवश्य ही मैं इसमे सुधार का प्रयास करूंगा. सादर आभार."
23 hours ago

Profile Information

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City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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Ashok Kumar Raktale's Blog

चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)

छिड़ी हुई शब्दों की जंग | दिखा रहे नेता जी रंग ||

वैचारिकता नंगधडंग | सुनकर हैरत जन-जन दंग ||

जाति धर्म के पुते सियार | इनपर कहना है बेकार ||

बात-बात पर दिल पर वार | जन मानस पर अत्याचार ||

 

पांच वर्ष में एक चुनाव | छोड़े मन पर कई प्रभाव ||

महँगाई भी देती घाव | डुबो रही है सबकी नाव ||

नारी दोहन अत्याचार | मिला नहीं अबतक उपचार ||

सरकारें करती उपकार | निर्धन फिरभी हैं बीमार ||

 

तीर तराजू औ तलवार | किसे कहें अब जिम्मेदार…

Continue

Posted on April 23, 2014 at 2:00pm — 27 Comments

दोहे-मोहें.

नेकनीयती वृन्द के, मुरझाये..….हैं फूल |

कहकर पुष्प गुलाब का, दिए सैकड़ों शूल ||

 

बही नाव……..पतवार भी, तूफानों की धार |

बढ़ा प्रेम तब सरित का, जब पाया मँझधार ||

 

कुल की करुणा कान में, बोली थी चुपचाप |

देख समय सूरज चढा, तू भी इसको भाप ||

 

अवसर का उपहास है, अनजाने ही हार |

भोग रहे पीड़ा कई, गए समय की मार ||

 

कागज़ पर लिखता रहा, विरह प्रेम के गीत |

जुडी कलम की छंद से, अनजाने ही प्रीत ||

 

तप…

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Posted on December 10, 2013 at 9:30pm — 13 Comments

हँसते रहे रोते रहे |

गूंजती थी जब खमोशी, हादसे होते रहे |

रात जागी थी जहां पर दिन वहीँ सोते रहे ||

 

अनमने से भाव थे वह अनमनी सी थी नजर

अनमने सिंगार पर ही मुग्ध हम होते रहे ||

 

कौंध कर बिजली गिरी वसुधा दिवाकर भी डरा,

कुंध तनमन क्रोध संकर बीज हम बोते रहे ||

 

भावना विचलित हुई जब चीर नैनो से हटा,

चार अश्रु गिर धरा पर माटी में खोते रहे ||

 

पीर बढती ही गई जब भावना के वेग से,

हम किनारे पर रहे हर शब्द को धोते रहे…

Continue

Posted on November 20, 2013 at 7:00pm — 25 Comments

कुछ दोहे

जीवन में सद्काम का,........... हुआ सदा सम्मान |

आये दिन अब कर्म के,........ जाने सजग किसान ||

 

कारी रैना भोर में,..................... बीती देकर ज्ञान |

चार प्रहर में दोपहर,.............…

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Posted on May 22, 2013 at 10:00pm — 7 Comments

Comment Wall (22 comments)

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At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

At 11:53pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 9:44am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......

At 8:37pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…
आदरणीय अशोक रक्ताले जी,
इस 

महीने का सक्रिय सदस्य

चुने जाने पे आपका सादर  अभिनन्दन।
..अविनाश बागडे 
 
 
 

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