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Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"प्रस्तुत गजल पर उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत आभार आदरणीय रवि शुक्ला जी. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post कुंडलिया छन्द
"आदरणीय लड़ीवाला साहब सादर, सुंदर कुण्डलिया छंद रचे हैं. बहुत बधाई स्वीकारें. फिरभी प्रथम छंद में "संस्कारी औलाद, प्रगति में हाथ बँटाते" इस पंक्ति को एक बार पुनः देख लें. सादर."
Saturday
Ravi Shukla commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय अशोक जी  , बढ़िया गज़ल कही है आपने बधाई स्‍वीकार करें । "
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"उचित कहा है आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी आपको यह गजल अच्छी लगी मेरा प्रयास सफल हुआ. सादर आभार."
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"गजल पर मेरे प्रयास को सराहने के लिए बहुत-बहुत आभार आदरणीया राजेशकुमारी जी. सादर."
Thursday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

किस तरह का ये कहो नाता है.

वज्न - 2122---1122---22 / 112किस तरह का ये कहो नाता हैउनके बिन पल न रहा जाता है लूट ले जाता है खुशियाँ सारीउसका जाना न हमें भाता है रात लाती है उम्मीदें लेकिनदिन का सूरज हमें तड़पाता है धूल हो जाते हैं अरमां सारे,चैन इस दिल को नहीं आता है रात आती है सितारे लेकरचाँद रातों की नमी लाता है मौलिक/अप्रकाशित.See More
Thursday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय अशोक रक्ताले सर, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. हार्दिक बधाई. निवेदन है कि ग़ज़ल की बह्र या वज़्न लिखना अब परिपाटी से आगे बढ़कर अनुशासन हो गया है. कृपया लिख दीजिये. सादर "
Apr 26

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"रात आती है सितारे लेकर चाँद रातों की नमी लाता है---वाह्ह्ह  बहुत सुन्दर  बहुत अच्छी ग़ज़ल कही आपने आ० अशोक रक्ताले जी दिल से बधाई आपको |  "
Apr 26
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय गिरिराज भंडारी साहब सादर नमस्कार, आपको गजल अच्छी लगी मेरा प्रयास सफल हुआ. सादर आभार."
Apr 26
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, आपको प्रस्तुति को सादगी अच्छी लगी मेरा उत्साहवर्धन हुआ. सादर आभार."
Apr 26
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, मेरी प्रस्तुति को आपकी प्रतिक्रिया का सम्बल मिला, रचनाकर्म सफल हुआ. सादर आभार."
Apr 26

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"आदरणीय अशोक भाई , बढ़िया गज़ल कही है आपने , दिल से बधाइयाँ स्वीकार करें ।"
Apr 25
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"रात आती है सितारे लेकरचाँद रातों की नमी लाता है..... वाह आदरणीय रक्ताले साहिब वाह बहुत ही खूबसूरत अशआर कहे हैं आपने। जिस सादगी के साथ आपने अहसासों को ग़ज़ल में पिरोया है निश्चित रूप से तारीफ़ के हकदार हैं। हार्दिक बधाई स्वीकार करें सर।"
Apr 25
Samar kabeer commented on Ashok Kumar Raktale's blog post किस तरह का ये कहो नाता है.
"जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब,बहुत बढ़िया ग़ज़ल से नवाज़ा आपने,दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ ।"
Apr 25
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

किस तरह का ये कहो नाता है.

वज्न - 2122---1122---22 / 112किस तरह का ये कहो नाता हैउनके बिन पल न रहा जाता है लूट ले जाता है खुशियाँ सारीउसका जाना न हमें भाता है रात लाती है उम्मीदें लेकिनदिन का सूरज हमें तड़पाता है धूल हो जाते हैं अरमां सारे,चैन इस दिल को नहीं आता है रात आती है सितारे लेकरचाँद रातों की नमी लाता है मौलिक/अप्रकाशित.See More
Apr 25
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 60 in the group चित्र से काव्य तक
"आग पेट की है बड़ी, भूख कराती काम कर्म न माने उम्र को,सांस न दे आराम...........वाह ! बहुत सुंदर दोहा हुआ है. आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, सुंदर दोहे रचे हैं आपने प्रदत्त चित्र पर. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें.एक दो जगह गेयता कम लग रही है. देख लें. आयु का…"
Apr 16

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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Ashok Kumar Raktale's Blog

किस तरह का ये कहो नाता है.

वज्न - 2122---1122---22 / 112

किस तरह का ये कहो नाता है

उनके बिन पल न रहा जाता है

 

लूट ले जाता है खुशियाँ सारी

उसका जाना न हमें भाता है

 

रात लाती है उम्मीदें लेकिन

दिन का सूरज हमें तड़पाता है

 

धूल हो जाते हैं अरमां सारे,

चैन इस दिल को नहीं आता है

 

रात आती है सितारे लेकर

चाँद रातों की नमी लाता है

 

मौलिक/अप्रकाशित.

Posted on April 24, 2016 at 4:30pm — 12 Comments

गीत

इस गीत के सभी अंतरे “हीर छंद” (६,६,११. आदि गुरु अंत रगण) पर आधारित हैं.

 

 

मानव है, मानव बन, मानव का प्यार ले,

बैर भूल, द्वेष मिटा, जिंदगी सँवार ले ||

  

लोक लाज, भूल गया, कैसा मनु कर्म…

Continue

Posted on November 8, 2015 at 10:00am — 4 Comments

कुछ दोहे !

झुमका झांझर चूड़ियाँ, करधन नथ गलहार |

बिंदी देकर मांग भर,.....कर साजन सिंगार ||

 

सूनी सेज न भाय रे, छलकें छल-छल नैन |

पी-पी कर रतिया कटे,....दिन करते बेचैन ||

 

उस आँगन की धूल भी, करती है तकरार |

अपनेपन से लीपकर , जहां बिछाया प्यार ||

 

हरियाली घटने लगी, कृषक हुए सब दीन |

राजनीति जब देश की, खाने लगी जमीन ||

 

टहनी के हों पात या, हों फुनगी के फूल |

दोनों तरु की शान हैं, तरु दोनों का मूल ||…

Continue

Posted on October 8, 2015 at 7:00pm — 8 Comments

दोहा गीत (एक प्रयास)

मनुज रूप मैं पा गया,

हुआ स्वप्न साकार

 

 

कोमल किरणे भोर की,

बिखराती जब नेह है,

दिखती उल्लासित धरा

आन्दंदित हर देह है.

 

सचमुच एक सराय सा

लगा मुझे संसार

 

प्यार भरे व्यवहार से

मिलती देखी जीत है,

बना एक अनजान जब,

मेरे मन का मीत है

 

सच्ची निष्ठा ने किया,

हरदम बेडा पार

 

लोभ मोह माया कपट,

सारे लगते काल हैं,

सत्य यहाँ है मौत ही,

बाकी सब…

Continue

Posted on July 9, 2015 at 9:07am — 14 Comments

Comment Wall (22 comments)

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At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

At 11:53pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 9:44am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......

At 8:37pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…
आदरणीय अशोक रक्ताले जी,
इस 

महीने का सक्रिय सदस्य

चुने जाने पे आपका सादर  अभिनन्दन।
..अविनाश बागडे 
 
 
 

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