For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गनेश जी "बागी")

Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
Share Twitter

Ashok Kumar Raktale's Friends

  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • अनिल कुमार 'अलीन'
  • Pradeep Kumar Shukla
  • D P Mathur
  • Priyanka Tripathi
  • Dr Ashutosh Vajpeyee
  • Priyanka singh
  • Usha Taneja
  • कल्पना रामानी
  • Kedia Chhirag
  • अशोक कत्याल   "अश्क"
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • Savitri Rathore
 

Ashok Kumar Raktale's Page

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Saurabh Pandey's discussion ओबीओ ’चित्र से काव्य तक’ छंदोत्सव" अंक- 40 की समस्त रचनाएँ चिह्नित in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी एवं आदरणीया डॉ. प्राची सिंह जी का बहुत-बहुत आभार जिन्होंने ने छ्न्दोत्सव की रचनाओं का चिन्हित संकलन इतनी शीघ्रता से प्रस्तुत किया.सादर."
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया डॉ. प्राची सिंह जी सादर, आपकी प्रतिक्रया से मेरे रचनाकर्म को मान मिला. आपका हृदयातल से आभार. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लड़ीवाला साहब सादर, आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया और दोहा के लिए दिल से आभार. सादर. आपको भी स्वाधीनता दिवस की बहुत बधाइयां.सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय प्रभाकर जी सादर प्रणाम, आपकी स्नेहमयी और सार्थक प्रतिक्रया से मेरा रचनाकर्म सफल हुआ. सादर आभार."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया छाया शुक्ला जी सादर, आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया से मेरे रचनाकर्म को मान मिला. आपका दिल से आभार. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"नेह आपका पा गया, धन-धन मोरे भाग | बना रहे भ्राता युहीं, सदा-सदा अनुराग || "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, हर छंद पर मिली आपकी प्रतिक्रिया रचनाकर्म को मान दे रही हैं और मेरा उत्साहवर्धन कर रही है. आपके शब्द-शब्द के लिए दिल से आभार. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"अरुण निगम जी साधते, शब्दों के ही बाण | लगें निशाने पर सदा, करें जगत कल्याण ||"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सचिन जी सादर, चित्र अनुरूप सुन्दर भाव प्रस्तुत करती रचनाएं हुई है. बहुत बधाई. किन्तु इतने दोहे रचने के पश्चात भी शिल्प में कमजोरी अवश्य ही दिल दुखाती है. सादर. झंडा ऊँचा हो सदा, वीरों का अरमान तीन रंग मैं हैं छिपे, कितने…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अरुण निगम साहब सादर, दिए चित्र अनुरूप तीनो ही छंद कामयाब रचे हैं.हर छंद मन मोह रहा है. हृदयातल से बधाई स्वीकारें. सादर. धरे   तिरंगा  हाथ  में , धरा   धरा  पर  पाँव यहीं  बसाना   है   मुझे…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अनिल चौधरी जी सादर, दिए चित्र अनुरूप सुन्दर भावपूर्ण छंद रचे हैं. समूह से शिल्प पर जानकारी भी कर लें. सुंदर प्रयास पर बहुत-बहुत बधाई. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी सादर, चित्र अनुरूप सुन्दर भाव शिल्प पर सजे छंद रचे हैं आपने बहुत-बहुत बधाई. कहन में कुछ कमजोरी रही है. सतत रचनाकर्म के पश्चात भी ऐसी कमियाँ ही आपके साथ हमें भी डॉक्टर बहन जी से डांट पडवाती हैं.सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जवाहर जी भाई सादर, चित्र अनुरूप सुन्दर रचना हुई है किन्तु छंद पर कार्य करना होगा. महोत्सव में शिरकत के लिए मेरा  आग्रह यही कुछ है. सादर. सहभागिता के लिए साधुवाद ! "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गिरिराज भंडारी साहब सादर, दोनों ही छंद बहुत सुन्दर रचे हैं. क्या  खोजता  है , दौड़ता  ये , ले  तिरंगा  हाथ क्यों है अकेला, इस खुशी में, क्या मिलेगा साथ................ओह हो हो जब देश उत्सव मना रहा है तब एक बच्चे का…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लड़ीवाला साहब सादर, दोनों ही छंद बहुत कमाल रचे हैं. लिए तिरंगा दौड़ता रुके न इसके पाँव   यह तो एक प्रतीक है, देख समूचे गाँव |.........चित्र बहुत सुन्दर परिभाषित हुआ है. बहुत कमाल. दौड़े नंगे पाँव ही, लिए तिरंगा हाथ, कांटे चुभते जा रहे, भली…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-40 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जवाहर जी भाई सादर, छ्न्दोत्सव में आपकी सहभागिता से प्रसन्नता हुई. महोत्सव में भी सहभागिता किया करें. लिए तिरंगा हाथ में, बालक जैसे कृष्ण!झंझा वातों से निडर, दौड़ता वह वितृष्ण!...........बालक को भगवान कृष्ण की उपमा देकर आपने उसकी कर्तव्य के…"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

Ashok Kumar Raktale's Photos

Loading…
  • Add Photos
  • View All

Ashok Kumar Raktale's Blog

चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)

छिड़ी हुई शब्दों की जंग | दिखा रहे नेता जी रंग ||

वैचारिकता नंगधडंग | सुनकर हैरत जन-जन दंग ||

जाति धर्म के पुते सियार | इनपर कहना है बेकार ||

बात-बात पर दिल पर वार | जन मानस पर अत्याचार ||

 

पांच वर्ष में एक चुनाव | छोड़े मन पर कई प्रभाव ||

महँगाई भी देती घाव | डुबो रही है सबकी नाव ||

नारी दोहन अत्याचार | मिला नहीं अबतक उपचार ||

सरकारें करती उपकार | निर्धन फिरभी हैं बीमार ||

 

तीर तराजू औ तलवार | किसे कहें अब जिम्मेदार…

Continue

Posted on April 23, 2014 at 2:00pm — 27 Comments

दोहे-मोहें.

नेकनीयती वृन्द के, मुरझाये..….हैं फूल |

कहकर पुष्प गुलाब का, दिए सैकड़ों शूल ||

 

बही नाव……..पतवार भी, तूफानों की धार |

बढ़ा प्रेम तब सरित का, जब पाया मँझधार ||

 

कुल की करुणा कान में, बोली थी चुपचाप |

देख समय सूरज चढा, तू भी इसको भाप ||

 

अवसर का उपहास है, अनजाने ही हार |

भोग रहे पीड़ा कई, गए समय की मार ||

 

कागज़ पर लिखता रहा, विरह प्रेम के गीत |

जुडी कलम की छंद से, अनजाने ही प्रीत ||

 

तप…

Continue

Posted on December 10, 2013 at 9:30pm — 13 Comments

हँसते रहे रोते रहे |

गूंजती थी जब खमोशी, हादसे होते रहे |

रात जागी थी जहां पर दिन वहीँ सोते रहे ||

 

अनमने से भाव थे वह अनमनी सी थी नजर

अनमने सिंगार पर ही मुग्ध हम होते रहे ||

 

कौंध कर बिजली गिरी वसुधा दिवाकर भी डरा,

कुंध तनमन क्रोध संकर बीज हम बोते रहे ||

 

भावना विचलित हुई जब चीर नैनो से हटा,

चार अश्रु गिर धरा पर माटी में खोते रहे ||

 

पीर बढती ही गई जब भावना के वेग से,

हम किनारे पर रहे हर शब्द को धोते रहे…

Continue

Posted on November 20, 2013 at 7:00pm — 25 Comments

कुछ दोहे

जीवन में सद्काम का,........... हुआ सदा सम्मान |

आये दिन अब कर्म के,........ जाने सजग किसान ||

 

कारी रैना भोर में,..................... बीती देकर ज्ञान |

चार प्रहर में दोपहर,.............…

Continue

Posted on May 22, 2013 at 10:00pm — 7 Comments

Comment Wall (22 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

At 11:53pm on February 22, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
बृजेश नीरज
said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 9:44am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......

At 8:37pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…
आदरणीय अशोक रक्ताले जी,
इस 

महीने का सक्रिय सदस्य

चुने जाने पे आपका सादर  अभिनन्दन।
..अविनाश बागडे 
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विजय मिश्र commented on Laxman Prasad Ladiwala's blog post कुण्डलिया छंद
"दर्शन और यथार्थ का सुंदर ताल-मेल है इन सुंदर छंदों में |बधाई लक्ष्मण भाई |"
14 minutes ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on laxman dhami's blog post बेगानों की महफिल में तो - ग़ज़ल ( लक्ष्मण धामी ‘मुसाफिर’ )
"बहुत बढ़िया गजल कही आपने आद्नीय लक्ष्मण जी, सभी शे'र बहुत अच्छे लगे होते  हो …"
30 minutes ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Ajay Agyat's blog post ग़ज़ल
"ये दिल भी एक लय में धड़कता है दोस्तोसांसो का आना जाना भी क्या खूब छंद है आदरणीय अजय जी .हर शेर…"
1 hour ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Santlal Karun's blog post माँ, बहन, बेटी के आँसू
"इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनायें सादर बधाई के साथ "
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post अगर तुम टूटने के दर्द को महसूस कर जाते (ग़ज़ल 'राज'
"प्रिय जितेन्द्र भैया,आपकी प्रतिक्रिया हमेशा उत्साह वर्धक होती है मेरे लिए, आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा…"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post अगर तुम टूटने के दर्द को महसूस कर जाते (ग़ज़ल 'राज'
"प्रिय सविता मिश्रा जी,आपको ग़ज़ल पसंद आई दिल से आभार आपका | "
2 hours ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on जितेन्द्र 'गीत''s blog post कमाई...(लघुकथा)
"आदरणीय रवि जी, लघुकथा पर आपकी और आदरणीय शुभ्रांशु जी के परामर्श से मुझे बहुत ख़ुशी मिली. यही तो…"
2 hours ago

AMOM
Dr. Vijai Shanker commented on Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul''s blog post माँ की महिमा
"कविता गीत ग़ज़ल रूबाई। सबने माँ की महिमा गाई।। बहुत सुन्दर , कुछ जोडू , फिर भी ये निष्ठुर दुनिया माँ…"
2 hours ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post गिरने पे चोट नहीं लगती--डा० विजय शंकर
"कितनी कडवी सच्चाई है. सच इंसानों में कोई डर नही है, क्या होगा..? कुछ नही. बहुत ज्यादा आत्मबल भरा…"
3 hours ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on गिरिराज भंडारी's blog post ( ग़ज़ल ) जलाने को तुम्हारे हौसले तैयार बैठे हैं (गिरिराज भंडारी )
"बहुत ही बढ़िया गजल लगी. वाह! आदरणीय गिरिराज जी क्या कमाल के शे'र लिखे है आपने. तहे दिल से बधाई…"
3 hours ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on rajesh kumari's blog post अगर तुम टूटने के दर्द को महसूस कर जाते (ग़ज़ल 'राज'
"बहुत ही खुबसूरत गजल आदरणीया राजेश दीदी. हर शे'र तारीफ़ ए काबिल, दिली बधाई स्वकार कीजियेगा"
3 hours ago

AMOM
Dr. Vijai Shanker posted a blog post

गिरने पे चोट नहीं लगती--डा० विजय शंकर

आजकल गिरने पे चोट नहीं लगती , तभी तोलोग कहीं भी कितना भी गिरने को तैयार रहते हैंचोट लगेगी भी कैसे ,…See More
4 hours ago

© 2014   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service