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Ashok Kumar Raktale
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Ashok Kumar Raktale commented on Neeraj Kumar 'Neer''s blog post हम फिर से गुलाम हो जायेंगे
"देश की बदलती परिस्थितियों पर सुन्दर रचना की है आदरणीय नीरज कुमार 'नीर' जी सादर बधाई स्वीकारें."
10 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on कल्पना रामानी's blog post पंछी उदास हैं/नवगीत/कल्पना रामानी
"जब से नई हवा ने अपना, रुख मोड़ा शहरों की ओर। बंद किवाड़ों से टकराकर, वापस जाती है हर भोर।..........वाह! सुन्दर गीत! आदरणीया कल्पना रामानी जी सादर, सुन्दर गीत रचा है, बहुत-बहुत बधाई. मुझको इसमें आल्हा का भी आनंद आया है. सादर."
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on गिरिराज भंडारी's blog post गज़ल -- ' व्यक्तिगत सत्यों की सबको बाध्यता है '( गिरिराज भंडारी )
"उनकी क़समों का भरोसा क्या करुं मै राज अपने कौन किसपे खोलता है.............वाह ! वाह! आदरणीय गिरिराज जी सादर, बढ़िया गजल कही है सभी अशआर अच्छे हैं. बहुत-बहुत बधाई! "
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Alka Gupta's blog post ******(लोक-गीत)*******
"आदरणीया अलका गुप्ता जी सादर, सुन्दर लोक-गीत की प्रस्तुति.सावन फागुन सब बीत गया. बहुत लम्बी जुदाई है. सादर बधाई स्वीकारें."
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on arun kumar nigam's blog post कुंडलिया छंद : अरुण कुमार निगम
"आदरणीय अरुण निगम साहब सादर, सामयिक विषय पर सुन्दर कुण्डलिया छंद रचे हैं. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें."
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"आदरणीय प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा साहब सादर प्रणाम, रचना भाव पर मिली आपकी प्रतिक्रया से रचना कर्म सार्थक हुआ सादर आभार."
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर, छंद को हर दृष्टि से परख कर दी प्रतिक्रया मेरे रचना कर्म को बल देती है. सादर आभार."
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
" सामयिक विषय पर रचे चौपई छंद पसंद कर उत्साहवर्धन करने के लिए आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी, आदरणीया अलका गुप्ता जी  व् आदरणीय जीतेंद्र 'गीत' जी आपका दिल से आभार."
11 hours ago
जितेन्द्र 'गीत' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"सामयिक चुनावी माहौल पर बहुत सुंदर चौपाई रची आपने आदरणीय अशोक जी, हार्दिक बधाई आपको"
16 hours ago
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"किसे करें अपना मतदान  राष्ट्र के भविष्य के लिए किसे मत दिया जाए. ? यक्ष प्रश्न.  आदरणीय श्री अशोक जी  सादर  संक्षिप्त में देश के ज्वलंत प्रश्नों को पटल पर प्रस्तुत किया .ये आपकी लेखनी का कमाल है . बधाई "
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"वाह.. वाह... वाह ....बहुत ही शानदार चौपई छंद लिखा है शिल्प ,लय/ प्रवाह, शब्द संयोजन हर द्रष्टि से उत्कृष्ट प्रस्तुति ,बधाई आपको आ० अशोक रक्ताले जी. "
yesterday
Alka Gupta commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
"वाह्ह्हह्ह्ह्ह अति सुन्दर एवं भावपूर्ण .......... "
yesterday
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)
" सुंदर भाव लिए, उत्तम रचना के लिए बधाई .... "
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on annapurna bajpai's blog post दो घनाक्षरी --- प्यारी गुड़िया के लिए
"आदरणीया अन्नपूर्णा जी सादर, सुन्दर मनभावन घनाक्षरी रची हैं. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें. कापी छीन लेती लेखनी वो तोड़ देती भाई,...."को है वो सताती और पापा को पकाती है...... ठीक नहीं लग रहा है गाकर देख लें. "
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)

छिड़ी हुई शब्दों की जंग | दिखा रहे नेता जी रंग ||वैचारिकता नंगधडंग | सुनकर हैरत जन-जन दंग ||जाति धर्म के पुते सियार | इनपर कहना है बेकार ||बात-बात पर दिल पर वार | जन मानस पर अत्याचार || पांच वर्ष में एक चुनाव | छोड़े मन पर कई प्रभाव ||महँगाई भी देती घाव | डुबो रही है सबकी नाव ||नारी दोहन अत्याचार | मिला नहीं अबतक उपचार ||सरकारें करती उपकार | निर्धन फिरभी हैं बीमार || तीर तराजू औ तलवार | किसे कहें अब जिम्मेदार ||चढ़ा देश को अजब बुखार | हर-हर घर-घर इक सरकार ||फूल पत्तियाँ तीर-कमान |चौसर पर हैं कई…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"एक के बाद एक लगातार मंच के दो जिंदादिल रचनाकारों का निधन. कुछ दिन पूर्व ही महोत्सव में संजय जी के छंदों को पढ़ा और भूल भी न पाए की यह दुखद समाचार. यकीन नहीं होता. संजय जी एक सशक्त रचनाकार थे और मंच पर मेरी पसंद के चुनिन्दा रचनाकारों में एक थे. अब जब…"
Apr 18

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Ujjain
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Ujjain
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About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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चुनावी चौसर ! (चौपई छंद)

छिड़ी हुई शब्दों की जंग | दिखा रहे नेता जी रंग ||

वैचारिकता नंगधडंग | सुनकर हैरत जन-जन दंग ||

जाति धर्म के पुते सियार | इनपर कहना है बेकार ||

बात-बात पर दिल पर वार | जन मानस पर अत्याचार ||

 

पांच वर्ष में एक चुनाव | छोड़े मन पर कई प्रभाव ||

महँगाई भी देती घाव | डुबो रही है सबकी नाव ||

नारी दोहन अत्याचार | मिला नहीं अबतक उपचार ||

सरकारें करती उपकार | निर्धन फिरभी हैं बीमार ||

 

तीर तराजू औ तलवार | किसे कहें अब जिम्मेदार…

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Posted on April 23, 2014 at 2:00pm — 8 Comments

दोहे-मोहें.

नेकनीयती वृन्द के, मुरझाये..….हैं फूल |

कहकर पुष्प गुलाब का, दिए सैकड़ों शूल ||

 

बही नाव……..पतवार भी, तूफानों की धार |

बढ़ा प्रेम तब सरित का, जब पाया मँझधार ||

 

कुल की करुणा कान में, बोली थी चुपचाप |

देख समय सूरज चढा, तू भी इसको भाप ||

 

अवसर का उपहास है, अनजाने ही हार |

भोग रहे पीड़ा कई, गए समय की मार ||

 

कागज़ पर लिखता रहा, विरह प्रेम के गीत |

जुडी कलम की छंद से, अनजाने ही प्रीत ||

 

तप…

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Posted on December 10, 2013 at 9:30pm — 13 Comments

हँसते रहे रोते रहे |

गूंजती थी जब खमोशी, हादसे होते रहे |

रात जागी थी जहां पर दिन वहीँ सोते रहे ||

 

अनमने से भाव थे वह अनमनी सी थी नजर

अनमने सिंगार पर ही मुग्ध हम होते रहे ||

 

कौंध कर बिजली गिरी वसुधा दिवाकर भी डरा,

कुंध तनमन क्रोध संकर बीज हम बोते रहे ||

 

भावना विचलित हुई जब चीर नैनो से हटा,

चार अश्रु गिर धरा पर माटी में खोते रहे ||

 

पीर बढती ही गई जब भावना के वेग से,

हम किनारे पर रहे हर शब्द को धोते रहे…

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Posted on November 20, 2013 at 7:00pm — 25 Comments

कुछ दोहे

जीवन में सद्काम का,........... हुआ सदा सम्मान |

आये दिन अब कर्म के,........ जाने सजग किसान ||

 

कारी रैना भोर में,..................... बीती देकर ज्ञान |

चार प्रहर में दोपहर,.............…

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Posted on May 22, 2013 at 10:00pm — 7 Comments

Comment Wall (20 comments)

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At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

At 11:53pm on February 22, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
बृजेश नीरज
said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 9:44am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

नये साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ आदरणीय रक्ताले सर.......

At 8:37pm on December 15, 2012, AVINASH S BAGDE said…
आदरणीय अशोक रक्ताले जी,
इस 

महीने का सक्रिय सदस्य

चुने जाने पे आपका सादर  अभिनन्दन।
..अविनाश बागडे 
At 2:24pm on December 11, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

आदरणीय अशोक जी, सादर अभिवादन 

पुरुस्कृत हुए आप खुश हुआ मेरा  मन 

यूँ ही  रचनाओं कि झड़ी लगते रहना 

महकेगा अपना ये ओ.बी.ओ. चमन 

बधाई. 

At 8:14pm on December 9, 2012, Abhinav Arun said…

आदरणीय श्री अशोक जी महीने का सक्रिय  सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई आपको !!आप साहित्य संस्कृति के शिखर चूमें यही कामना है !!

 
 
 

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"आदरणीय रमेश जी, प्रोत्साहित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद"
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कल्पना रामानी commented on कल्पना रामानी's blog post बेटियाँ होंगी न जब /गजल/कल्पना रामानी
"आदरणीय भुवन जी, सराहना भरे शब्दों के लिए आपका हार्दिक आभार"
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कल्पना रामानी commented on कल्पना रामानी's blog post बेटियाँ होंगी न जब /गजल/कल्पना रामानी
"प्रिय बृजेश जी, रचना पर आपकी उपस्थिति  से अपार हर्ष हुआ। आपका हृदय से धन्यवाद"
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"आदरणीय गिरिराज जी, सुंदर टिप्पणी द्वारा प्रोत्साहित करने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद"
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"आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी, रचना की सराहना करके प्रोत्साहित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद आपका।"
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कल्पना रामानी commented on कल्पना रामानी's blog post पंछी उदास हैं/नवगीत/कल्पना रामानी
"आदरणीय रक्ताले जी, रचना को स्नेह प्रदान करने के लिए आपका हार्दिक आभार।"
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कल्पना रामानी commented on कल्पना रामानी's blog post पंछी उदास हैं/नवगीत/कल्पना रामानी
"आदरणीय जितेंद्र जी, प्रशंसात्मक टिप्पणी के लिए हार्दिक धन्यवाद"
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गिरिराज भंडारी commented on जितेन्द्र 'गीत''s blog post तुझ बिन..! ( अतुकांत )
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