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अनिल कुमार 'अलीन'
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Sarita Sinha and अनिल कुमार 'अलीन' are now friends
Apr 19, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Ajay Agyat's blog post ग़ज़ल
"वाह-वाह..बहुत खूब जनाब................सकारात्मकता को प्रबल करती रचना............"
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on गिरिराज भंडारी's blog post हर रास्ता दुश्वार होगा ( ग़ज़ल ) गिरिराज भन्डारी
"चॉंद मुस्काता रहा हर रात में, चॉंदनी बीती शदी होने लगी।...बहुत खूब...........क्या कहा आपने.............? हकीकत व्यान करती रचना ..........."
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Kewal Prasad's blog post चॉंद मुस्काता रहा हर रात में
"चॉंद मुस्काता रहा हर रात में, चॉंदनी बीती शदी होने लगी।....यह तो बिलकुल हटकर है......बहुत खूब............"
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on कल्पना रामानी's blog post कह मुकरियाँ 26से 35/कल्पना रामानी
"सुन्दर............."
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Anurag Anubhav's blog post ग़ज़ल- जिंदगी कितनी हंसीं है आओ आकर देख लो
"भावनाओं की सुन्दर अभिव्यक्ति......................................"
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on बृजेश नीरज's blog post ग़ज़ल..........बृजेश
"धर्म के जब मायने बदले गए नीति सारी आसुरी होने लगी सूखती संवेदना घर-घर दिखे चेतना भी ठूँठ सी होने लगी...............बहुत खूब सर..............."
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Neeraj Kumar Neer's blog post कुछ कह मुकरियां
"कमाल की प्रस्तुति..............शब्द सजीव हो उठे............."
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on atul kushwah's blog post मोहब्बत के कलैंडर में कभी इतवार ना आए..
"जमाने में मोहब्बत के नशे में चूर हैं हम भी, नाम बदनाम हो कितना मगर मशहूर हैं हम भी. जमीं की याद में आंसू बहाते आसमां सुन लो, जमीं से दूर गर तुम हो, किसी से दूर हैं हम भी।।.............बहुत खूब...............जवाब नहीं............."
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Poonam Shukla's blog post ग़ज़ल - जीत गाएगी थोड़ा सबर कीजिए - पूनम शुक्ला
"जुल्म की रात हरदम डराती हमेंजालिमों का खुलासा मगर कीजिए................बहुत खूब आदरणीया!"
Mar 2, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on अनिल कुमार 'अलीन''s blog post मौत आती है पर मरते-मरते
"आदरणीया! ............................आपका हार्दिक आभार!"
Feb 18, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on Admin's group सुझाव एवं शिकायत
"आदरणीय संपादक महोदय!                                               श्रीमान  दिनांक १६/०२/२०१४ को  'अजीब दुनिया है ये'  नाम से  एक कविता पोस्ट की थी, जो अभी तक आपके वेब साईट पर ऑनलाइन नहीं हुई. कृपया  रचना ऑनलाइन न होने के  कारणों से…"
Feb 18, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' joined Admin's group
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सुझाव एवं शिकायत

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Feb 18, 2014

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on अनिल कुमार 'अलीन''s blog post मौत आती है पर मरते-मरते
"सीखने की चाहत या जुनून है तो सीख जायेंगे यूँ ही लिखते लिखते ....बहुत सुन्दर प्रयास है कोशिश कीजिये विश्वास है इसी ग़ज़ल को एक दिन आप बेहतरीन बना कर पेश करेंगे शुभकामनायें हाँ इस प्रयास पर मेरी बधाई आपको "
Feb 18, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on गिरिराज भंडारी's blog post लफ़्ज़ कब जज़्बात को पूरे पड़े ? ( ग़ज़ल ) गिरिराज भंडारी
"सिर्फ  भारी रह सकूँ , ये सोच  मत  कैसे उड़ते, हलके  गुब्बारे  भी  देख  चन्द  हँसती  सूरतों  से  खुश न हो  देख  आँसू , दर्द  के  मारे  भी  देख.............बहुत खूब…"
Feb 17, 2014
अनिल कुमार 'अलीन' commented on संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी''s blog post "यार दौलत फिर कमा ली जाएगी"- ग़ज़ल
"बंदरों के हाथ में है उस्तरा, अब विरासत यूँ सँभाली जाएगी;।।2।।......बहुत खूब भाई..................."
Feb 17, 2014

Profile Information

Gender
Male
City State
बलिया उत्तर प्रदेश
Native Place
नारायनपुर, करची नारायनपुर, तहसील-बलिया, जिला-बलिया
Profession
SERVICE
About me
The word Anil means Prana Vayu moves towards the centre of the body. It is energy that receives things coming into the body in the form of solid, liquid, and air as well as all sensory perception and mental experiences. It works to maintain the proper temperature of the relative to one’s environment. From my childhood, I have showed inclination towards mystery of universe, spirituality and social systems. I m here to share ideas and knowledge related with individual, social, mental, universal and spiritual issues. I want to be a human that will be known for a human being and a social activist. Anil Kumar ‘Aline’, Additional program officer (MGNREGA), belongs to Ballia, UP. I have completed my graduation from Government P. G. College Obra, Sonebhadra and MBA-HR from Punjab Technical University Jalandher. I believe in honesty, discipline and punctuality. I hate making execuse. I have strong presentation skill, positive will power and analytical skills. My hobbies are composing poems, songs and playing badminton.

अनिल कुमार 'अलीन''s Blog

मौत आती है पर मरते-मरते

कोई कैसे सुने दास्ताँ मेरी

खुद को भूल जाते सुनते-सुनते.

 

वो भी साथ होते मेरे लेकिन

पांव थक जाते हैं चलते-चलते.

 

याद आती मुझे जब कभी उसकी

आँसू बहाते हैं चुपके-चुपके.

 

दिल बहुत चाहता आज हँसने को

आँख भर आती है हँसते-हँसते.

 

मर गये होते चाहत में उसके

मौत आती है पर मरते-मरते.

 

(मौलिक व अप्रकाशित )

अनिल कुमार 'अलीन'

Posted on February 5, 2014 at 11:30pm — 11 Comments

मेरी अनकही बातों पर ऐतबार न कर.

जमाना बेताब है मुश्किलें पैदा करने को,

मेरी अनकही बातों पर ऐतबार न कर.

बढ़ते रहे दरमियाँ दिलों के बीच,

चाहत ये जमाने की कामयाब न कर.

एक लकीर है हमारे और उसके बीच,

डर है गुम  होने का, उसे पार न कर.

कल का सूरज किसने देखा है,

आ भर ले बाहों में इन्कार न कर.

यक़ीनन ढला ज़िस्म फौलाद के सांचें में,

पर दिल है शीशे का, तू वार न कर.

शक अपनों पर, परायों के खातिर,

यकीं नहीं है तो फिर प्यार न…

Continue

Posted on January 23, 2014 at 11:30pm — 12 Comments

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At 5:28pm on January 25, 2014, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

आपका इस मंच पर हार्दिक स्वागत है .सादर सस्नेह 

 
 
 

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