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धर्मेन्द्र कुमार सिंह
  • Male
  • Raigarh, CG
  • India
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions

बहर सारिणी
7 Replies

ग़ज़ल की बहरें समझना बहुत टेढ़ी खीर है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि बहर के बारे में जानकारी तो बहुत ज्यादा मिल जाती है अंतर्जाल पर पर कहीं भी व्यवस्थित ढंग से नहीं मिलती। तो जहाँ सूचना ज्यादा हो वहाँ उसको…Continue

Started this discussion. Last reply by Admin Jan 30, 2011.

 

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Page

Latest Activity

Mahendra Kumar commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post फुलवारी बन रहना (नवगीत)
"बढ़िया नवगीत है आदरणीय धर्मेन्द्र जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
Dec 4, 2019
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post फुलवारी बन रहना (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी आदाब,बहुत सुंदर नवगीत लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 28, 2019
Dr. Geeta Chaudhary commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post फुलवारी बन रहना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी, बहुत अच्छा लगा गीत, बहुत बधाई आपको।"
Nov 27, 2019
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post फुलवारी बन रहना (नवगीत)
"आ. भाई धर्मेंद्र जी, सादर अभिवादन। सुंदर गीत की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई ।"
Nov 26, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

फुलवारी बन रहना (नवगीत)

जब तक रहना जीवन मेंफुलवारी बन रहनापूजा बनकर मत रहनातुम यारी बन रहनादो दिन हो या चार दिनों काजब तक साथ रहेइक दूजे से सबकुछ कह देंऐसी बात रहेसदा चहकती गौरैया सीप्यारी बन रहनाफटे-पुराने रीति-रिवाजों को न ओढ़ लेनागली मुहल्ले का कचराघर में न जोड़ लेनादेवी बनकर मत रहनातुम नारी बन रहनागुस्सा आये तो जो चाहोतोड़-फोड़ लेनाप्यार बहुत आये तोये तन-मन निचोड़ लेनाआँसू बनकर मत रहनासिसकारी बन रहना-----------------(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Nov 25, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय dandpani nahak जी"
Nov 3, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी"
Nov 3, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"इस उत्साहवर्द्धन के लिये हृदयतल से शुक्रगुज़ार हूँ आदरणीय  Saurabh Pandey जी। स्नेह बना रहे।"
Nov 3, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया Dr. Geeta Chaudhary जी"
Nov 3, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ जनाब Samar kabeer साहब"
Nov 3, 2019
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Sheikh Shahzad Usmani साहब"
Nov 3, 2019
dandpani nahak commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी नमस्कार बहुत ही सुन्दर कविता हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें! बहुत ही सुन्दर भाव उम्दा शब्द चयन और सुघड़ता आपने मुग्ध कर दिया ! पुनः बधाई"
Nov 3, 2019
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आद0 धर्मेंद्र जी सादर अभिवादन। बेहतरीन भाव पक्ष और विषय को सुघड़ता से शब्दों में बांधने पर आपको कोटिश बधाइयाँ। सादर"
Nov 2, 2019

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र जी, मुखड़े से ही आपने भावों को बाँध लिया है जिसका निर्वहन पूरी रचना में बहुत ही ख़ूबसूरती से हुआ है. साथ ही, मुग्ध करता है, विषय और कथ्य का सुगढ़ सम्मिलन ! हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीय.  हालाँकि, नवगीत के निकष को लेकर कई…"
Nov 2, 2019
Dr. Geeta Chaudhary commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार जी प्रणाम, बहुत भावपूर्ण गीत की रचना हुई, बहुत अच्छा लगाI सुंदर नवगीत के लिए बधाई स्वीकार करेंI"
Nov 2, 2019
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी आदाब,अच्छा नवगीत लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 1, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
रायगढ़, छत्तीसगढ़
Native Place
प्रतापगढ़
Profession
अभियांत्रिकी

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Blog

फुलवारी बन रहना (नवगीत)

जब तक रहना जीवन में

फुलवारी बन रहना

पूजा बनकर मत रहना

तुम यारी बन रहना

दो दिन हो या चार दिनों का

जब तक साथ रहे

इक दूजे से सबकुछ कह दें…

Continue

Posted on November 25, 2019 at 7:33pm — 4 Comments

तेरा हाथ हिलाना (नवगीत)

ट्रेन समय की 

छुकछुक दौड़ी

मज़बूरी थी जाना

भूल गया सब

याद रहा बस 

तेरा हाथ हिलाना

तेरे हाथों की मेंहदी में

मेरा नाम नहीं…

Continue

Posted on October 31, 2019 at 8:07pm — 12 Comments

ऐसी ही रहना तुम (नवगीत)

जैसी हो

अच्छी हो

ऐसी ही रहना तुम

कांटो की बगिया में

तितली सी उड़ जाना

रस्ते में पत्थर हो

नदिया सी मुड़ जाना

भँवरों की…

Continue

Posted on October 19, 2019 at 10:42am — 2 Comments

जाते हो बाजार पिया (नवगीत)

जाते हो बाजार पिया तो 

दलिया ले आना

आलू, प्याज, टमाटर 

थोड़ी धनिया ले आना

आग लगी है सब्जी में 

फिर भी किसान भूखा

बेच दलालों को सब 

खुद…

Continue

Posted on October 10, 2019 at 10:05pm — 11 Comments

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At 12:19am on September 23, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय बड़े भाई  धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 8:41pm on September 22, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें " आदरणीय धर्मेन्द्र जी

At 11:20am on September 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:23pm on December 13, 2012, seema agrawal said…

स्वागत है धर्मेन्द्र जी 

At 6:18pm on September 22, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:06am on September 22, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई धर्मेन्द्रजी, 

सरल, सफल, सहज, सुगढ़
सुफल, सुमिल, सुधी
सस्वर.. .
संयत, सुहृद, सुभाव, सशब्द
संभव सदा
सबल-प्रखर.. .
शुभभावना-शुभकामना-सुसंस्मरण संप्रेष्य है !

अनेकानेक बधाइयाँ.

At 9:20am on September 22, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

कविता शुचिता शिल्प से, शोभित मित्र कविन्द्र.

जन्मदिवस    शुभकामना,   भाई   जी   धर्मेन्द्र..    सादर   

At 8:15am on September 22, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ आदरणीय धर्मेन्द्र सर.........

At 12:10pm on September 21, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाए स्वीकारे आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

प्रभु आपको समाज और देश निर्माण में योगदान देने की शक्ति प्रदान करे | आपका 

हमारा स्नेह बना रहे |

At 1:55pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
aapki zarra-nawazee ke liye sukariya.
 
 
 

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