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Manjeet kaur
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Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आदरणीय राज़ नवादवी जी ,बेहतरीन ग़ज़ल मुबारक बाद कुबूल कीजिए ।"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आदरणीय नादिर जी,बहुत खूब ग़ज़ल ,मुबारक बाद कुबूल करें ।"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आदरणीय, वंदना जी ,हौसला अफज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया , धन्यवाद"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आदरणीय मोहन जी ,ज़र्रा नवाज़ी का बहुत शुक्रिया ,धन्यवाद।"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया, धन्यवाद।"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"हौसला अफज़ाई का शुक्रिया आदरणीय राज़ नवादवी जी ।"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"प्यार से तुम यूँ न देखो, कुछ गुमां हो जाएंगे , देखना हम चाँद तारे आस्मां हो जाएंगे । कह रही है दिल की धड़कन ख़्वाब कोई फिर सजा रास्ते फिर ज़िंदगी के खुशनुमां हो जाएंगे । चाँद तारों की नहीं है कोई भी ख़्वाहिश हमें साथ तेरा गर मिले ,दोनों जहां हो…"
Jul 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-96
"आदरणीय , आदाब ,कहीं बाहर गई हुई थी ,बस यही देरी का कारण है।आप की हौसला अफ़ज़ाई का शुक्रिया।"
Jun 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-96
"रूप तेरा जो ज़ाफरानी है तुझ पे कुदरत की महरबानी है दूर होता वो जा रहा मुझ से दिल में कोई तो बदगुमानी है अब न छेड़ो ये किस्से तुम उसके दास्तां फिर वही पुरानी है लोग मिलते हैं फिर बिछुड़ते हैं ज़िंदगी की यही रवानी है कोइ आँखों में ख़्वाब है मेरे रात…"
Jun 28
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"छल गई रेत मुझे, निकला ये सहरा देखो आँख में सिमटा हुआ प्यार का दरिया देखो साँझ को जब भी ढका स्याह अंधेरों ने मिल तीरगी में है छिपा रोज़ सवेरा देखो दोस्तो 'उसने' बनाई है बड़ी फुरसत से हो मयस्सर तो कभी घूम के दुनिया देखो काम औरों के न आया…"
May 25
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"बेहतर समर साहब ,आपकी सोहबत में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा ,शुक्रिया जी।"
Apr 27
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"भले ही बुझ गई ये शमअ ,जल तो सकती है कि टूटे दिल में नई आस , पल तो सकती है रही उम्मीद तेरे आने की सदा हमको पड़ी जो बरफ की चादर ,पिघल तो सकती है भरे हैं खार ही राहों ,चलो ये माना है जुनूं हो दश्त में राहें , निकल तो सकती हैं नहीं है दोष ये माझी ,है…"
Apr 27
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"अफ़रोज़ साहब, बेहतरीन गज़ल, मुबारकबाद"
Apr 27
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब तस्दीक़ साहब, चित्र का सजीव चित्रण और कलम में महारत ,मुबारक बाद कबूल कीजिए"
Apr 20
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय प्रतिभा जी ,हौसला अफज़ाई का शुक्रिया"
Apr 20
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 84 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छंद नगर धर्म काशी कथाओं गुनी यही देव भू है कहानी सुनी यही तीर पावन यही सुर नदी यही गंग हरती सभी की बदी सभी हाथ ऊपर उठाए हुए लगे है खुदा को मनाए हुए खुशी फूल बनके महकने लगे सभी चेहरे हैं दमकने लगे हुई भोर देखो नहाने चले किए पाप सारे मिटाने…"
Apr 20

Profile Information

Gender
Female
City State
Gurgaon, harayana
Native Place
Punjab
Profession
Housewife
About me
I write hindi poetry and gazal haiku chand geet etc. ,,

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