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सामाजिक सरोकार

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सामाजिक सरोकार से जुड़ी हुई लेख और रचनायें यहाँ पर पोस्ट किया जा सकता है,

Location: विश्व
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Latest Activity: Dec 29, 2017

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डूबते सूरज की बिदाई नववर्ष का स्वागत कैसे

डूबते सूरज की बिदाई नववर्ष का स्वागत कैसे पेड़ अपनी जड़ों को खुद नहीं काटता, पतंग अपनी डोर को खुद नहीं काटती, लेकिन मनुष्य आज आधुनिकता की दौड़ में अपनी जड़ें और अपनी डोर दोनों काटता जा रहा है। काश वो समझ…Continue

Started by dr neelam mahendra Dec 29, 2017.

सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ

"चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँगिद्दडां नूँ मैं शेर बणावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ" सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में कहे गए ये शब्द आज भी सुनने या…Continue

Started by dr neelam mahendra Dec 20, 2017.

एक अनुसंधान : ईश्वर क्या हैं?

जब भी 'ईश्वर' शब्द हमारे जेहन में आता है, मस्तिष्क स्वतः धार्मिक चिंतन में प्रवेश करने को अग्रसर हो जाता है| वास्तव में अगर हम हजारों वर्षों के मानवीय इतिहास पर एक गहरी नजर डाल सकें, एक स्पष्ट…Continue

Started by K.Kumar Nov 30, 2017.

आपका ‘धर्म’ क्या है?

'धर्म' मानव इतिहास के किसी भी कालखंड में सर्वाधिक चर्चित विषय रहा हैं | 'धर्म' को लेकर विभिन्न…Continue

Started by K.Kumar Nov 30, 2017.

'विकास' की कसौटी 2 Replies

आज हर इंसान सोते-जागते, उठते -बैठते विकास की बात कर रहा हैं!चार लोग जुटे नहीं, गली-मुहल्लों, चौक चौराहों,..चाय से लेकर पान कि दुकानों पर विकास कि पाठशाला शुरू हो जाती है | विशेषकर जब मौसम चुनाव का…Continue

Started by K.Kumar . Last reply by K.Kumar Nov 30, 2017.

दिल्ली एनसीआर की प्रदूषण खतरा की घंटी

दिल्ली एनसीआर में इस समय वायु प्रदूषण बहुत भयावह स्थिति में है ! सड़क पर कहीं भी सांस लेना मुश्किल हो गया है! लेकिन सरकार और अन्य जिम्मेदार विभाग इसका उपाय नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं,बल्कि एक दूसरे के ऊपर…Continue

Started by Sushil Kumar Verma Nov 15, 2017.

सत्ता परिवर्तन या हृदय परिवर्तन

भारत वर्ष में जो राजनीतिक व्यवस्था है वह लोकतंत्रात्मक है। इसमें जनता के द्वारा जनता की और जनता के लिए सरकार बनाई जाती है। भारत वर्ष को आजाद हुए आधी शताब्दी से अधिक गुजर चुका है। इस दौरान कई चुनाव…Continue

Tags: भ्रष्टता, बेहयाई।, भुनाना, कमाई, प्रत्याशी

Started by indravidyavachaspatitiwari Nov 6, 2017.

विश्व बैंक रिपोर्ट एक ठंडी हवा का झोंका बनकर आई है

विश्व बैंक रिपोर्ट एक ठंडी हवा का झोंका बनकर आई है…Continue

Started by dr neelam mahendra Nov 3, 2017.

गुजरात चुनाव परीक्षा आखिर किसकी

गुजरात चुनाव परीक्षा आखिर किसकी…Continue

Started by dr neelam mahendra Nov 2, 2017.

बलात्कार पर बलात्कार, कहाँ है सरकार 2 Replies

यह शर्मनाक है, बेहद शर्मनाक...अफ़सोस जनक घटना...हमें खेद है, यह दुखद घटना है, उफ़.. फिर बलात्कार की घटना- इस तरह की तमाम प्रतिक्रियायें एवं संवेदनायें हर बलात्कार के बाद ज़ाहिर की जाती हैं. और फिर एक…Continue

Started by DR. HIRDESH CHAUDHARY. Last reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Sep 4, 2016.

 
 
 

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मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैंकंठ चीर तरु सरकंडों केअल्गोज़े की बीन बनी हैअंतड़ियों के बान…See More
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बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल

1222 1222 122 बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है अबस आँखों से झर कर टूटता हैगुमाँ ने कस लिया जिस पर शिकंजा…See More
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"आदरणीय आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया!!!"
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"आद० शेख़ उस्मानी साहब, आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया. "
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"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
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ग़ज़ल...धूल की परतें-बृजेश कुमार 'ब्रज

1222 1222 1222 1222 गुलाबों से किताबों तक समाईं धूल की परतें जरा देखो तो अब माथे पे आईं धूल की…See More
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"आदरणीय बृजेश जी सृजन आपकी प्रशंसा का आभारी है।"
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ताकत कलम की

हे भारत के वीर युवाओं, कर लो नमन माँ सरस्वती को, दिखा दो ताकत दुनियाँ को, कितनी शक्ति है तेरे…See More
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TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अक़्ल पर ताले (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी। आपकी लघुकथायें सदैव ही एक संदेश छोड़ती हैं।इस लघुकथा के माध्यम…"
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