For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

indravidyavachaspatitiwari
Share on Facebook MySpace

Indravidyavachaspatitiwari's Friends

  • vijay nikore
 

indravidyavachaspatitiwari's Page

Latest Activity

indravidyavachaspatitiwari commented on AMAN SINHA's blog post ले चल अपने संग हमराही
"मनुहार अच्छी रही।ऐसी मनमोहक रचना के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Jul 10
indravidyavachaspatitiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कभी तो पढ़ेगा वो संसार घर हैं - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"जमाने को अच्छा अगर कर न पाये, ग़ज़ल के लिए धन्यवाद।करता कहना।काश सभी ऐसा सोचते?"
Jul 3
indravidyavachaspatitiwari commented on Saurabh Pandey's blog post पाँच दोहे : उच्छृंखल संकोच // -- सौरभ
"अधरों पर मोती सजल आंखों में उद्भाव मन में एक ज्वार सा उमड़ने लगता है। रचना के लिए साधुवाद।"
Oct 4, 2021
indravidyavachaspatitiwari commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"मंहगाई पर कटाक्ष करने के लिए आपको बधाई। इतनी सुंदर कविता से मन प्रसन्न हो गया।"
Oct 15, 2019
indravidyavachaspatitiwari commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post ये भँव तिरी तो कमान लगे----ग़ज़ल
"बहुत बढ़िया गजल है। मन प्रसन्न हो गया। "
Jul 10, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
ballia utter predesh
Native Place
india
Profession
journlism
About me
i am simple man. i want peacefull nature

Indravidyavachaspatitiwari's Blog

जाम का झाम

गोलम्बर पर वह खड़ा था। अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर दिया। जब सामने को निगाह फैलाई तो देखता है कि आंख के आगे जो गाड़ी खड़ी है उससे आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। इसलिए उसके पास इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं था। सामने से कुछ गाड़ियां आगे को बढीं लेकिन वह जस का तस ही था। उसकी बाध्यता थी कि वह आगे की गाड़़ी को हटाकर आगे को नहीं जा सकता था। पीछे की तरफ कुछ दूर पर एम्बुलैन्स के हार्न की आवाज सुनाई दे रही थी।

चैराहे पर जाम का दबाव कम हुआ। वह भी आगे बढ़ गया। लेकिन संयोग से उसे थोड़ी दूर जाने पर…

Continue

Posted on February 27, 2019 at 4:30pm — 2 Comments

समझ

मंदिर के भीतर भीड़ उमड़ रही थी। तिल धरने की जगह नहीं बची थी। सभी को अपनी धुन लगी थी। सभी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और चाहते थे कि उनका जल मूर्ति पर चढ़ जाय जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका मिले। औरतों का रास्ता दूसरी तरफ से था। औरते उसी तरफ से आ कर मूर्ति का दर्शन पूजन कर रही थीं। मरछही भी उन्हीं महिलाओं में शामिल थी। आगे बढ़ रही थी पीछे से धक्का लग रहा था। वह जब मूर्ति के सामने आई और उसने अपना जल गिराया। उसके बाद सिर नवाकर आशीष मांगा। मरछही ने जब सिर उठाकर मूर्ति के अलावा पहली बार देखा तो… Continue

Posted on March 26, 2018 at 6:14am — 2 Comments

आशा का पौधा

एक पौधा हमने रोपा था

सात वर्ष पहले

सोचा था वह

बढेंगा , फूलेगा, फलेगा।

धीरे-धीरे

उसमें आया विकास का

बवंडर

जो हिला गया

चूल-चूल उस वृक्ष के

जिसके लिए हम सोच रहे थे

कि कैसे उसे जड़ से

उखाड़ फेंके

एक ही झटके से उखड़ कर

धराशायी हो गया

हमने चैन की सांस ली

उस तरफ देखा तो

हमारा पौधा जो

अभी नाबालिग बच्चा था

अपनी हरियाली लिए

धीरे-धीरे झूम रहा था

हमें यह देख कर प्रसन्नता हुयी

उससे आशा की…

Continue

Posted on April 25, 2017 at 7:30am — 2 Comments

धोखा न देना

सीमा पार से आके तुमने हमको जो ललकारा है

भागो तुम उस पार चलो यह भारतवर्ष हमारा है।

आये दिन जो तुम करते रहते हो उत्पात यहां

अब हम नहीं सहेंगे यह सब यह संकल्प हमारा है।

ऐसा क्या व्यवहार तुम्हारा जो कहके जाते हो पलट

अपनी सीमा पर है नहीं नियंत्रण यह दुर्भाग्य तुम्हारा है।

सरहद पर जो आते हैं करते स्वागत है हम उन का

मित्र तुम्हारे चरणों में यह झुका शीश हमारा है।

आये हो तो रहो यहां होकरके निर्भीक मगर

धोखा देने वालों पर गिरता फिर खड्ग…

Continue

Posted on October 15, 2016 at 6:19am — 3 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 2:26am on September 12, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा वलघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on AMAN SINHA's blog post लडकपन
"आ. भाई अमन जी, अभिवादन।अच्छी प्रवाहमय रचना हुई है। हार्दिक बधाई। प्रबुद्धजनों की बातों का संज्ञान…"
1 hour ago
Manan Kumar singh posted a blog post

आजकल(लघुकथा)

‘मीलॉर्ड! इसने मुझे हमेशा गलत ढ़ंग से छुआ है,मेरी रजा के खिलाफ भी।’‘और?’‘मुझे नींद से भी जगाता रहा…See More
6 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (तुम्हारी एक अदा पर ही मुस्कराने की)
"मुहतरम रवि भसीन 'शाहिद' साहिब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से…"
7 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (तुम्हारी एक अदा पर ही मुस्कराने की)
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, बहुत उम्दा ग़ज़ल कही है आपने, इस पर आपको दाद और मुबारकबाद…"
9 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- दर्द है तो कभी दवा है ये
"आदरणीय नीलेश शेवगांवकर साहिब, इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर आपको हार्दिक बधाई।/आपका कहना सही है लेकिन मैं मना…"
14 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, प्रस्तुत प्रयास पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार. सादर"
14 hours ago
Chetan Prakash commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- दर्द है तो कभी दवा है ये
"पुनश्च  : ग़ज़ल कहने के  _कौशल  ! शुभ प्रभात  !"
15 hours ago
Chetan Prakash commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- दर्द है तो कभी दवा है ये
"आ. नीलेश शेवगांवकर साहब,  बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही आपने। विशेषत: यह शे'र मुझे अच्छा…"
15 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय तेज वीर सिंह साहिब!"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आपका हार्दिक आभार आदरणीय प्रतिभा पांडे साहिबा।"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदरणीय प्रतिभा पांडे साहिबा, मुझे आपकी लघुकथा बहुत पसंद आई, आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदरणीय योगराज प्रभाकर साहिब, हौसला-अफ़ज़ाई और इस्लाह के लिए आपका तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।"
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service