For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Male
  • Uttar Pradesh
  • India
Share

Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Ravi Shukla
  • amod shrivastav (bindouri)
  • Samar kabeer
  • narendrasinh chauhan
  • शिज्जु "शकूर"
  • आशीष यादव
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"
 

Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s Page

Latest Activity

Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"आदरणीय विजय भाई साहब बहुत बहुत आभार"
Aug 10
vijay nikore commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"अच्छी गज़ल के लिए बधाई, मित्र पंकज जी"
Aug 9
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"आदरणीय बाऊजी प्रणाम ग़ज़ल को आशीष प्रदान करने के लिए सादर आभार, वैसे भी यह सब आपकी ही देन है"
Aug 8
Samar kabeer commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"अज़ीज़म पंकज कुमार मिश्रा आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 8
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"आदरणीय लक्ष्मण सर सादर आभार"
Aug 7
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"आदरणीय उपाध्याय जी बहुत बहुत आभार"
Aug 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
"आ. भाई पंकज जी , सुंदर गजल हुयी है। हार्दिक बधाई।"
Aug 7
dandpani nahak left a comment for Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
"आदरणीय पंकज कुमार मिश्रा जी आदाब बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें"
Aug 7
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल
""शब्द सारे भाव हर लय ताल हैं तुम से मेरे सो सदा पंकज-ग़ज़ल में तुम सजो हक़ है तुम्हें"अति सुन्दर | "
Aug 6
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted blog posts
Aug 6
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल
"आदरणीय लक्ष्मण सर बहुत आभार"
Aug 5
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल
"आदरणीय बाऊजी प्रणाम 1.नफ़र का अर्थ व्यक्ति लिया गया है 2. शेष दोनों में बह्र गड़बड़ हो रही, सुधारता हूँ"
Aug 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल
"आ. भाई पंकज जी, गजल का प्रयास अच्छा है ।हार्दिक बधाई । आ.भाई समर जी की बातों का संज्ञान लें।"
Aug 4
Samar kabeer commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल
"अज़ीज़म पंकज कुमार मिश्रा आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा' इस मिसरे में 'नफ़र' शब्द का क्या अर्थ लिया है? 'अनगिनत सपने सजाते, नैन फिर भी नींद चाहें' इस मिसरे की…"
Jul 28
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted a blog post

हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल

2122 2122 2122 212लड़खड़ाती साँस डगमग आस व्याकुल मन सदा हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहाअनगिनत सपने सजा कर, चाहते निंदिया नयनरात भर बेचैनियों की, है ग़ज़ब देखो प्रथापत्थर-ओ-फ़ौलाद की दीवारें मुझ को चुभ रहीं आप यदि अपने महल में खुश हैं फिर तो वाह वासृष्टि की हर एक रचना का अलग इक सत्य है कैसे लिख दूँ एक है व्यवहार जल औ आग काफूल की डाली कली से फुसफुसा कर कह गई ओढ़ ले काँटे सुरक्षा का यही है रास्ताबारिशों के आब सा मन उस का तन चंदन सा है इस नगर में हुस्न उस जैसा नहीं है दूसरामौलिक अप्रकाशितSee More
Jul 25
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post मुसीबत जुटातीं ग़लत फहमियाँ-----ग़ज़ल
"आदरणीय सतविंदर भाई बहुत बहुत आभार"
Jul 25

Profile Information

Gender
Male
City State
Azamgarh
Native Place
Azamgarh
Profession
Teaching

Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s Blog

तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में मिलो------ग़ज़ल

2122 2122 2122 212

तुम मेरे ख़ाबों के गुलशन में रहो हक़ है तुम्हें

मुझ से जब चाहो ख़यालों में मिलो हक़ है तुम्हें

तुम को तकने की ख़ता, नींदें गँवाने की सज़ा

बदला आँखों से मेरी ऐसे ही लो हक़ है तुम्हें

बस तुम्हारा नाम हर पल जप रहा है मेरा दिल

मेरे सीने से लगो तुम भी सुनो हक़ है तुम्हें

कल्पना के व्योम में जितना मेरा विस्तार है

वह क्षितिज पूरा तुम्हारा, तुम उड़ो हक़ है तुम्हें

शब्द सारे भाव हर लय ताल…

Continue

Posted on August 6, 2019 at 10:45am — 8 Comments

हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा--------ग़ज़ल

2122 2122 2122 212

लड़खड़ाती साँस डगमग आस व्याकुल मन सदा

हर नफ़र इस शह्र का कुछ इस तरह बस जी रहा

अनगिनत सपने सजा कर, चाहते निंदिया नयन

रात भर बेचैनियों की, है ग़ज़ब देखो प्रथा

पत्थर-ओ-फ़ौलाद की दीवारें मुझ को चुभ रहीं

आप यदि अपने महल में खुश हैं फिर तो वाह वा

सृष्टि की हर एक रचना का अलग इक सत्य है

कैसे लिख दूँ एक है व्यवहार जल औ आग का

फूल की डाली कली से फुसफुसा कर कह गई

ओढ़ ले काँटे सुरक्षा का यही है…

Continue

Posted on July 25, 2019 at 4:00pm — 4 Comments

मुसीबत जुटातीं ग़लत फहमियाँ-----ग़ज़ल

122 122 122 12

मुसीबत जुटातीं ग़लत फहमियाँ
सुकूँ यूँ चुरातीं ग़लत फहमियाँ

किसी रिश्ते के दरमियाँ आएँ तो
महब्बत जलातीं ग़लत फहमियाँ

जहाँ तक भी हो इससे बच के रहो
तबाही मचातीं ग़लत फहमियाँ

अगर गर्व हावी हुआ शक्ति पे
ग़लत पथ धरातीं ग़लत फहमियाँ

उन्हें सच से जिसने न पोषित किया
उन्हीं को चबातीं ग़लत फहमियाँ

मौलिक अप्रकाशित

Posted on July 10, 2019 at 10:11pm — 4 Comments

ये भँव तिरी तो कमान लगे----ग़ज़ल

12112 12112

ये भँव तिरी तो, कमान लगे

तिरे ये नयन, दो बान लगे

कहीं न रुके, रमे न कहीं

इसे तू ही तो, जहान लगे

मैं जब से मिला हूँ तुम से, मिरी

हरेक अदा जवान लगे

अमिय है तिरी अवाज़ सखी

तू गीत लगे है गान लगे

है खोजती महज़ तुझे ही निगा'ह

न और कहीं मिरा धियान लगे

मौलिक अप्रकाशित

Posted on July 8, 2019 at 10:55pm — 5 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:01am on August 7, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय पंकज कुमार मिश्रा जी आदाब बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें
At 4:23pm on February 28, 2016, kanta roy said…

स्वागत आपका तहेदिल आदरणीय पंकज जी।  

At 6:34pm on October 26, 2015, kanta roy said…

महीने के सक्रीय सदस्य चुने जाने के इस गौरव पल के  लिए ढेरों बधाई आपको आदरणीय पंकज जी।  

At 11:27pm on October 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

पंकज कुमार मिश्रा 'वात्स्यायन' जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:35pm on August 7, 2015, Ravi Shukla said…

स्‍वागत है पंकज जी आपका

At 11:39am on July 26, 2015, Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" said…
सभी लोगों का सादर अभिवादन
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो.. "
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाई साहब, आपकी अपेक्षाओं पर अब खरा उतर पा रहा हूँ, इसी की हार्दिक प्रसन्नता…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय-जय  इस मुखर अनुमोदन के लिए हार्दिक धन्यवाद, गनेस भाई  शुभातिशुभ"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय बाग़ी जी सादर, प्रस्तुत दोहों को सुन्दर पाने के लिए आपका ह्रदय से आभार. सादर "
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया अनामिका सिंह जी सादर, प्रस्तुत दोहों को चित्र पर बेहतरीन पाने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार.…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जी ! उत्तम. सादर नमस्कार. आदरणीय बागी जी. सादर."
2 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
" ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 का समय कल तक के लिए बढ़ा दिया गया है, अब…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, मैं तो बिलकुल सहमत हूँ. सौंवे आयोजन की अवधि तीन दिवस होगी मैं तो ऐसा…"
2 hours ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय बागी जी रचना को मान देने के लिए आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय सादर नमन"
2 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जी आदरणीय सौरभ भाई साहब, आयोजन को एक दिन के लिए बढ़ा देना उचित होगा. "
2 hours ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय बागी जी सादर प्रस्तुति पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु आपका हृदय से आभार आदरणीय "
2 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"भाई सत्यनारायण जी, आपकी दूसरी प्रस्तुति भी अच्छी और चित्र के अनुरूप हुई है, बहुत बहुत बधाई आपको."
2 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service