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आशीष यादव
  • 29, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
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आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

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vijay nikore commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"रचना अच्छी लगी। बधाई, मित्र आशीष जी।"
Jan 7

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"शुभकारी भावोद्गार के लिए साधुवाद. नववर्ष की अशेष शुभकामनाएँ"
Jan 7
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"आदरणीय श्री Samar kabeer जी उत्साह वर्धन हेतु बहुत बहुत धन्यवाद।"
Jan 7
Samar kabeer commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"जनाब आशीष यादव जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 3
आशीष यादव commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post मनुष्य और पयोनिधि
"आदरणीय श्री प्रदीप देवीशरण भट्ट जी इस सार्थकरचना पर बधाई।"
Jan 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' and आशीष यादव are now friends
Jan 3
आशीष यादव commented on SALIM RAZA REWA's blog post ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा
"बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति है। अनेकता मे एकता कायम रखना ही हमारा धर्म होना चाहिए। बहुत बहुत बधाई।"
Jan 2
आशीष यादव commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल - पत्थरों से रही शिकायत कब ? // --सौरभ
"वाह सर, हर एक शेर शानदार है।"
Jan 2
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post ३ क्षणिकाएँ ....
"गहरे अर्थ लिए क्षणिकाएँ, बधाई स्वीकारकरें।"
Jan 2
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"आदरणीय श्री रेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी रचना को मान देने के लिए धन्यवाद। कृपा दृष्टिबनी रहे और आप लोगों का आशिर्वाद मिलता रहे।"
Jan 2
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सराहना हेतु धन्यवाद। ऐसे ही नेह बनाए रखिए।"
Jan 2
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"आदरणीया Dr. Geeta Chaudhary जी उत्साहवर्धन हेतु बहुत बहुत धन्यवाद। "
Jan 2
आशीष यादव commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post नव विहान (नवगीत)
"मधुर शहद सी सुन्दर गीत सुनाता चल.........  बहुत सुन्दर।"
Jan 2
आशीष यादव commented on Vivek Pandey Dwij's blog post नव वर्ष गीत
"बहुत अच्छी कृति। हार्दिक बधाई।"
Jan 2
आशीष यादव commented on Usha Awasthi's blog post कविता : चलो, विश्वास भरें
"नये वर्ष मे नई प्रेरणा प्रदान करती हुई सुन्दर रचना। बधाई।"
Jan 2
आशीष यादव commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post छोड़ दो काफ़ी सियासत हो गयी है
" आदरणीय श्री सतविन्दर सर अच्छी गजल की रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
Jan 2

Profile Information

Gender
Male
City State
GHAZIPUR, U.P.
Native Place
GHAZIPUR
Profession
work in defence
About me
एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

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आशीष यादव's Blog

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

घर आँगन में उजियारा हो

दुःखों का दूर अँधियारा हो

हो नई चेतना नवल स्फूर्ति

नित नव प्रभात आभामय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

नित नई नई ऊँचाई हो

हृद प्राशान्तिक गहराई हो

नित नव आयामों को चूमो

चहुँओर तुम्हारी जय जय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

जो खुशियाँ अब तक नहीं मिलीं

जो कलियाँ अब तक नहीं खिलीं

जीवन के नूतन अवसर पर

उनका मिलना-खिलना तय हो

नव वर्ष तुम्हे मंगलमय…

Continue

Posted on January 1, 2020 at 12:31am — 11 Comments

सच सच बोलो आओगी ना

सच सच बोलो आओगी ना

जब सूरज पूरब से पश्चिम

तक चल चल कर थक जाएगा

और जहाँ धरती अम्बर से

मिलती है उस तक जाएगा

चारो ओर सुनहला मौसम

और सुनहली लाली होगी

और लौटते पंछी होंगें

खेत-खेत हरियाली होगी 

 

दिन भर के सब थके थके से

अपने घर को जाते होंगे

कभी झूम कर कभी मन्द से

पवन बाग लहराते होंगे 

 

तुम भी उसी बाग के पीछे

आकर उसी आम के नीचे

झूम-झूम कर मेरे ऊपर

तुम खुद को लहराओगी ना

सच सच बोलो…

Continue

Posted on December 22, 2019 at 10:30pm — 4 Comments

फ़लक पे चाँद ऊँचा चढ़ रहा है


फ़लक पे चाँद ऊँचा चढ़ रहा है।
तेरी यादों में गोते खा रहा हूँ
हवा हौले से छूकर जा रही है।
तेरी खुशबू में भीगा जा रहा हूँ।


लिपट कर चाँदनी मुझसे तुम्हारे
बदन का खुशनुमा एह्सास देती
कभी तन्हा अगर महसूस होता
ढलक कर गोद में एक आस देती


नहीं हो तुम मगर ये सब तुम्हारे
यहाँ होने का एक जरिया बने हैं
समा पाऊँ तेरी गहराइयों में
हवा खुशबू फ़लक दरिया बने हैं। 

 

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on December 20, 2019 at 10:13am — 2 Comments

तुमने उसकी याद दिला दी

जाने अनजाने में कितनी

जिसे सोचते रातें काटीं

लम्हों-लम्हों में किश्तों में

जिनको अपनी साँसें बाटीं

कभी अचानक कभी चाहकर

जिसे ख़यालों में लाता था

और महकती मुस्कानों पर

सौ-सौ बार लुटा जाता था 

उसकी बोली बोल हृदय में

तुमने जैसे आग लगा दी

तुमने उसकी याद दिला दी



अँधियारी रजनी में खिलकर

चम-चम करने लगते तारे

इक चंदा के आ जाने से

फ़ीके पड़ने लगते सारे

शीतल शांत सजीवन नभ में

रजत चाँदनी फैलाता था

तम-गम में भी…

Continue

Posted on December 20, 2019 at 10:00am — 4 Comments

Comment Wall (45 comments)

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At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

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