For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr. Geeta Chaudhary
  • Female
  • Ghaziabad, U.P.
  • India
Share

Dr. Geeta Chaudhary's Friends

  • Samar kabeer
  • Sushil Sarna
  • आशीष यादव
 

Dr. Geeta Chaudhary's Page

Latest Activity

Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post ऐ पागल पथिक !
"आदरणीय समर कबीर जी उत्साहवर्धन एवम् बधाई के लिए हार्दिक आभार।"
15 minutes ago
Samar kabeer commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post ऐ पागल पथिक !
"मुहतरमा डॉ. गीता चौधरी जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
59 minutes ago
Dr. Geeta Chaudhary commented on Usha Awasthi's blog post हिन्दी सी भला मिठास कहाँ?
"आदरणीय उषा मैडम, अदभुत मीठें शब्दों  में हिंदी की मिठास को व्य करती कविता, बहुत अच्छी लगी। हार्दिक बधाई आपको।"
7 hours ago
Dr. Geeta Chaudhary posted a blog post

ऐ पागल पथिक !

ऐ पागल पथिक ! ठहरो जरा ,रुको जरा , सांस लो तनिक ,सम्भलो जरा I सब कुछ पाने की चाह में ,कुछ टूट गया उस आशियाने में,कुछ छूट गया उस हसीं फ़सानें में ,ठहरों, रुको, उसे सवारों, उसे खोजो जरा I रुको जरा ........ घर पर नन्हों की आस में , और बुजुर्गों की लम्बी प्यास में ,छूटे किसी साज और रियाज़ में ,वक्त की चीनी घोलो जरा, कोई सुर ताल छेड़ो जरा I रुको जरा ........ लूडो की गोटियाँ खोजो ,शतरंज की बिसात बिछाओ जरा ,कैरम की धूल झाड़ो,रानी पर नजर लगाओ जरा I रुको जरा .......पर भूल न जाना एक नेक काम ,फिर हो न जाना…See More
yesterday
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"
"आदरणीय समर कबीर जी उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। "
Jan 24
Samar kabeer commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"
"मुहतरमा गीता चौधरी जी आदाब,अच्छी जज़्बाती कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 19
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार।"
Jan 15
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"
"आ. गीता जी, समसामयिक विषय पर अच्छी अभिव्यक्ति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 14
Dr. Geeta Chaudhary posted a blog post

कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"

तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?ये दुश्चरित्र है तुम्हारा,सताता मुझे क्यूँ है?तुम इन्सान ही बुरे हो,इल्जाम धर्म और जात पर क्यूँ है?तुम्हे इसमें सुकून है बहुत,ये मेरे सुकूं को खाता क्यूँ है?ये धर्म के ठेकेदार हैं,फिर मानवता के भक्षक क्यूँ हैं?ये दोषी है समाज के, कतार में इतने रक्षक क्यूँ है?क्या तेरा ईमान है, कहाँ तेरा ज़मीर है?भौंडे कुतर्कों का इतना गुमान क्यूँ है?कर्म- संदेशी इस धरा पर,कर्म से भटका मानव क्यूँ है?गंगा- जमुनी इस तहजीब में,लगा ये कलंक क्यूँ है?कौन रहेगा कौन सहेगा?किसकी होगी…See More
Jan 12
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post गीत: तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये!
"आदरणीय समर कबीर जी बधाई के लिए सादर आभार। सुझाव एवम् संशोधन के लिए मै विशेष रूप से आपका आभार व्यक्त करती हूं। आपकी प्रतिक्रिया का बहुत इंतजार रहता है जो आगे बढ़ने एवम् नया सीखने, लिखने की प्रेरणा देता है। सादर आभार।"
Jan 4
Samar kabeer commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post गीत: तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये!
"मुहतरमा डॉ. गीता चौधरी जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें । और संभाले ना संभले मन' "और सँभाले न सँभले मन" 'और खोजे अक्श मेरा तुम्हारा मन' इस पंक्ति में 'अक्श' को "अक्स" कर लें । "
Jan 3
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post गीत: तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये!
"आदरणीय प्रदीप देवीशरण जी रचना आपको पसंद आईI हार्दिक आभारI"
Jan 2
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post गीत: तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये!
"बहुत खूब गीता जी, जब मेरी कमी तुमको खले,और खोजे अक्श* मेरा तुम्हारा मन *(अक्स) और आसुओं से धुँधले हो जाएं नयन।"
Jan 2
Dr. Geeta Chaudhary and आशीष यादव are now friends
Jan 1
Dr. Geeta Chaudhary commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post नववर्ष की शुभकामनाएं (मत्तगयंद छंद)
"नववर्ष पर नव शुभ भाव एवम् सुंदर शब्दों में प्रस्तुति, बहुत आकर्षक लगी। बहुत बधाई आपको।"
Jan 1
Dr. Geeta Chaudhary commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो
"सुंदर प्रस्तुति , हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।"
Jan 1

Profile Information

Gender
Female
City State
Ghaziabad
Native Place
Ghaziabad
Profession
Associate professor

Dr. Geeta Chaudhary's Blog

ऐ पागल पथिक !

ऐ पागल पथिक ! ठहरो जरा ,

रुको जरा , सांस लो तनिक ,

सम्भलो जरा I

सब कुछ पाने की चाह में ,

कुछ टूट गया उस आशियाने में,

कुछ छूट गया उस हसीं फ़सानें में ,

ठहरों, रुको, उसे सवारों, उसे खोजो जरा I

रुको जरा ........

घर पर नन्हों की आस में ,

और बुजुर्गों की लम्बी प्यास में ,

छूटे किसी साज और रियाज़ में ,

वक्त की चीनी घोलो जरा, कोई सुर ताल छेड़ो जरा I

रुको जरा ........

लूडो की गोटियाँ खोजो ,

शतरंज की बिसात बिछाओ जरा ,

कैरम की धूल…

Continue

Posted on March 27, 2020 at 3:32pm — 2 Comments

कविता: "तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?"

तुम्हारे हित देशहित से बड़े क्यूँ है?

ये दुश्चरित्र है तुम्हारा,

सताता मुझे क्यूँ है?

तुम इन्सान ही बुरे हो,

इल्जाम धर्म और जात पर क्यूँ है?

तुम्हे इसमें सुकून है बहुत,

ये मेरे सुकूं को खाता क्यूँ है?

ये धर्म के ठेकेदार हैं,

फिर मानवता के भक्षक क्यूँ हैं?

ये दोषी है समाज…

Continue

Posted on January 12, 2020 at 8:09pm — 4 Comments

गीत: तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये!

जब पीड़ा आसुओं को मात दे,

और संभाले ना संभले मन।

जब यादें मेरी दिल पर दस्तक दें,

और बेचैन हो ये अंतर्मन।

तब तुम कोई गीत लिखना प्रिये,

मैं आऊँगी भाव बनकर ज़रूर।

जब मेरी कमी तुमको खले,

और खोजे अक्श मेरा तुम्हारा मन।

जब बोझिल हो रातें काटे ना कटे,

और नींद से आँख-मिचौली खेले नयन।

तब तुम कोई सपना सजाना प्रिये,

मैं आऊँगी तुमसे मिलने ज़रूर।

जब पतझड़ में झड़ते हो पत्ते पुरातन,

और लहरों को देख विचलित हो मन।…

Continue

Posted on December 26, 2019 at 2:00pm — 6 Comments

कविता: कुछ ख़ास है उन बातों की बात

वो लड़कपन के सपनों की बात,
काग़ज की नाव और कागज़ी जहाजों की बात।
वो जवानी की ज़िद्दी उमंगों की बात,
हर ख़्वाब को हकीकत बनाने की बात।
कुछ ख़ास है उन बातों की बात।
वो हसीं ख्वाबों, ख्यालों की रात,
वो चुराई हसीं मुलाकातों की बात।
वो कही अनकही बातों की बात,
वो बिखरते सिमटते जज्बातों की बात।
कुछ ख़ास है उन बातों की बात।
वो चाही, अनचाही विदाई की बात,
और जुदाई में छलके आंसुओ की…
Continue

Posted on November 10, 2019 at 6:30pm — 8 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post ऐ पागल पथिक !
"आदरणीय समर कबीर जी उत्साहवर्धन एवम् बधाई के लिए हार्दिक आभार।"
15 minutes ago
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"2122-1122-1122-22/112   चोट खा खा के कोई फ़र्द बशर बनता है रिज़्क़ जब गलता है पानी में, ख़ुमर बनता…"
24 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post सरकारी राशन
"आपका आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
24 minutes ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ज़रा  सोचें  अगर इंसान सब लोहा-बदन  होते(७५ )
"जी,मैं जानता हूँ,लेकिन मैं जो भी जानकारी आपको या मंच को देता हूँ वो 100% सहीह होती है,जो लोग भाषा…"
32 minutes ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post बोल उठी सच हैं लकीरें तेरी पेशानी की(७६ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें…"
44 minutes ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post सरकारी राशन
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
55 minutes ago
Samar kabeer commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post ऐ पागल पथिक !
"मुहतरमा डॉ. गीता चौधरी जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
59 minutes ago
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post हिन्दी सी भला मिठास कहाँ?
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब,हिन्दी भाषा के प्रति आपकी कविता अच्छी है,मुझे तो हमारे देश में बोली जाने…"
1 hour ago
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"आदरणीय  dandpani nahak जी, वाह वह बहुत अछा प्रयास  इल्तिज़ा है कि सभी लोग घरों…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post कोरोना का तांडव
"जनाब आशुतोष मिश्र जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई लें ।"
1 hour ago
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
" आदरणीया Rachna Bhatia जी,  अछा प्रयास है. जीस्त का यूँ ही नहीं यारो कवर बनता…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Bhupender singh ranawat's blog post कोरोना पर जीत मंत्र
"जनाब भूपेंद्र सिंह राणावत जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई ।"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service