For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Balram Dhakar
Share
 

Balram Dhakar's Page

Latest Activity

Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"जनाब तस्दीक़ साहब, सुख़न नवाज़ी का बहुत बहुत शुक्रिया। सादर।"
Feb 25
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"आदरणीय समर सर, ग़ज़ल में आपकी शिरक़त और हौसला अफ़जाई का बहुत बहुत शुक्रिया। आपकी समझाइश और सुझाव हमेशा ही बेशकीमती और इसीलिये शिरोधार्य होते हैं। इस्लाह के मुताबिक सुधार कर लूँगा, सर।सादर।"
Feb 25
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"बहुत बहुत धन्यवाद, आ० राम अवध जी। सादर।"
Feb 25
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जनाब तस्दीक़ साहब, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। दाद के साथ मुबारक़बाद पेश करता हूँ। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जनाब आशीष जी, बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। मुबारक़बाद क़ुबूल फ़रमाएं। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० सुरेन्द्र जी, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। बधाई। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० सार्थक जी, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है। बधाई।सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० राम अवध जी, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार करें।सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० लक्ष्मण जी, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। बधाई। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आदरणीय गंगाधर जी, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है। बधाई।सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जनाब नादिर सा०, बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है। दाद के साथ मुबारक़बाद क़ुबूल फ़रमाएं। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"स्वागत योग्य प्रयास है आ० उस्मानी जी। बधाई स्वीकार करें। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० दण्डपाणि जी, मुशायरे में शिरक़त केलिए बहुत बहुत बधाई। ग़ज़ल के अच्छे प्रयास की बधाई। सादर।"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है, आ० मुकेश जी। बधाई !"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है, आ० हर्ष जी।  बधाई !"
Feb 24
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत बहुत आभार आपका, आदरणीया राजेश कुमारी जी। सादर।"
Feb 24

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, Madhya Pradesh
Native Place
Bareli, Raisen (MP)
Profession
Astr. Commissioner, GST

Balram Dhakar's Blog

ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)

1222,1222,1222,1222

ज़रूरी है अगर उपवास, रोज़ा भी ज़रूरी है।

रवाज़ों का ज़रा होना अलहदा भी ज़रूरी है।।

हमें ये फ़ख़्र होता है कि हम हिंदौस्तानी हैं,

हमारे बीच हमदर्दी का सौदा भी ज़रूरी है।

मनाने रूठ जाने के लिखे हों क़ाइदे जिसमें,

मुहब्बत के लिए ऐसा मसौदा भी ज़रूरी है।

किसानों के लिए बिजली ओ पानी ही नहीं काफ़ी,

उन्हें ख़सरा,…

Continue

Posted on February 21, 2018 at 12:23pm — 12 Comments

नई रुत का अभी तूफ़ान बाक़ी है... ग़ज़ल- बलराम धाकड़

१२२२,१२२२,१२२२

नई रुत का अभी तूफ़ान बाकी है।

निज़ामत का नया उन्वान बाकी है।

निवाले छीनकर ख़ुश हो मेरे आका,

अभी अपना ये दस्तरख़ान बाकी है।

अभी टूटा नहीं है सब्र का पुल भी,

ज़रा सा और इत्मीनान बाकी है।

अभी थोड़ी सी घाटी ही तो खोई है,

अभी तो सारा हिन्दुस्तान बाकी है।

हथेली पर तुम्हारी रख तो दीं आँखें,

हमारे पास सुरमेदान बाकी है।

कयामत के बचे होंगे महीने कुछ,

अभी इंसान में इंसान बाकी…

Continue

Posted on January 23, 2018 at 6:18pm — 14 Comments

चलो ये मान लेते हैं... (ग़ज़ल)- बलराम धाकड़

1222, 1222, 1222, 1222

चलो ये मान लेते हैं कि दफ़्तर तक पहुँचती है।

मगर क्या वाकई ये डाक, अफ़सर तक पहुँचती है।

नज़र मेरी सितारों के बराबर तक पहुँचती है।

दिया हूँ, रोशनी मेरी हर इक घर तक पहुँचती है।

वहां कैसा नज़ारा है, चलो देखें, ज़रा सोचें,

नज़र सैयाद की चींटी के अब पर तक पहुँचती है।

शरीफ़ों की हवेली में ये आहें गूँजती तो हैं,

ज़रा धीरे भरो सिसकी, ये बाहर तक पहुँचती है।

किसी से भी पता पूछा नहीं उसने कभी…

Continue

Posted on December 25, 2017 at 11:07am — 18 Comments

अब भी क़ायम है(ग़ज़ल)- बलराम धाकड़

१२२२,१२२२,१२२२,१२२२



दिलों पर कुछ ग़मों की हुक़्मरानी अब भी क़ाइम है,

कि निचली बस्तियों में सरगरानी अब क़ाइम है।



हक़ीक़त है कि उनके वास्ते सब कुछ किया हमने,

मगर औरत के लव पर बेज़ुबानी अब भी क़ाइम है।



मैं शादी तो करुँगी, मह्र, वालिद आप रख लेना,

कि अपनी बात पर बिटिया सयानी अब भी क़ाइम है।



यक़ीनन छोड़ दी हम सबने अब शर्मिन्दगी लेकिन,

हया का आँख में थोड़ा सा पानी अब भी क़ाइम है।



धड़कना दिल ने कुछ कम कर दिया, इस दौर में लेकिन,

लहू के… Continue

Posted on November 6, 2017 at 6:32pm — 26 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's blog post असमर्थ ( लघुकथा )
"हार्दिक बधाई आदरणीय मुजफ़्फ़र इक़बाल सिद्दिक़ी जी। बेहतरीन लघुकथा। मेरे मन में एक सवाल उठ रहा है। जब…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on Arpana Sharma's blog post लघुकथा- रिसते खूनी नासूर
"हार्दिक बधाई आदरणीय अर्पणा शर्मा जी। मार्मिक लघुकथा। आपने एक नाज़ुक विषय पर बेहद सावधानी एवम कुशलता…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post गोपालदास नीरज जी - श्रद्धांजलि [जीवनी]
"हार्दिक आभार आदरणीय बबिता गुप्ता जी।इस सद प्रयास के लिये। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली। एक अध्याय की इति…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post डायरी का अंतिम पृष्ठ (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय सतविंदर जी।बेहतरीन लघुकथा।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Mirza Hafiz Baig's blog post दर्द (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय मिर्ज़ा हाफ़िज़ बेग जी।आज की चिकित्सा व्यवस्था पर कटाक्ष करती बेहतरीन लघुकथा।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post साँझा चूल्हा - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रिलेशनशिप (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी, नमस्कार ।  अच्छी लघुकथा हुई है।  प्रस्तुति के लिए बधाई…"
2 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
""क्या बात है ..... बहुत खूब ... बधाई आप को " .सादर "
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on विनय कुमार's blog post सीख लिया है- एक ग़ज़ल
" आदरणीय तेजवीर सिंह जी, अच्छी सन्देश परक लघुकथा की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें । "
2 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
" आदरणीय तेजवीर सिंह जी, अच्छी सन्देश परक लघुकथा की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें । "
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service