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सतविन्द्र कुमार
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सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आदरणीय नीलेश नूर जी,सादर नमन!आप द्वारा दिए प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन के लिए आभारी हूँ।मतले को पुनः कहने का प्रयास जारी है।आपके मार्गदर्शन का सदैव आकांकांक्षी हूँ।प्रयास रहेगा कि आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतर सकूँ।सादर"
13 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आदरणीय नीलेश नूर जी,सादर नमन!आप द्वारा दिए प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन के लिए आभारी हूँ।मतले को पुनः कहने का प्रयास जारी है।आपके मार्गदर्शन का सदैव आकांकांक्षी हूँ।प्रयास रहेगा कि आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतर सकूँ।सादर"
13 hours ago
सतविन्द्र कुमार replied to Saurabh Pandey's discussion ओबीओ ’चित्र से काव्य तक’ छंदोत्सव" अंक- 73 की समस्त रचनाएँ चिह्नित in the group चित्र से काव्य तक
"सादर हार्दिक आभार संग नमन श्रद्धेय सरजी!"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आदरणीय सतविन्द्र भाई , खूबसूरत गज़ल के लिये हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें ।"
Tuesday
Anuraag Vashishth commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आ. सतविन्द्र जी, आच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक शुभकामनाएं. सादर  "
Tuesday
narendrasinh chauhan commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"खूब सुरत रचना "
Monday
Gurpreet Singh commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"खूबसूरत ग़ज़ल कही है आदरणीय सतविन्दर जी "
Monday
Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"जनाब सतविन्द्र कुमार जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । मतले और शिल्प पर निलेश जी की बात पर ध्यान दें ।"
Monday
Mohammed Arif commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आदरणीय सतविंद्र जी आदाब, अच्छा प्रयास । बधाई स्वीकार करें । आदरणीय नीलेश जी की बातों पर ग़ौर करें ।"
Monday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"आद0 भाई सतविंदर जी सादर अभिवादन, इस उम्दा तरही ग़ज़ल पर शैर दर शैर मुबारकबाद कबूल फरमायें।"
Monday
Nilesh Shevgaonkar commented on सतविन्द्र कुमार's blog post किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)
"अच्छी ग़ज़ल हुई है आ. सतविन्द्र जी...सहरा में पानी का दीदार अक्सर होता है जो बहुदा मारीचिका होता है.. अत: सिर्फ दीदार जीने की गारंटी नहीं है ..और फिर मृत्यु भी शाश्वत है ... पानी नहीं तो किसी अन्य कारण से भी हो सकती है ....मतला अगर हो सके तो किसी और…"
Monday
सतविन्द्र कुमार posted blog posts
Monday
सतविन्द्र कुमार replied to Saurabh Pandey's discussion ओबीओ ’चित्र से काव्य तक’ छंदोत्सव" अंक- 73 की समस्त रचनाएँ चिह्नित in the group चित्र से काव्य तक
"पीता जो दारू रहे,भर-भर खूब गिलास सुख का वह परिवार के, करता जाता ह्रास करता जाता ह्रास,आस उसकी सब खोती लेकर चप्पल हाथ,घरैतिन चंडी होती सतविन्दर कविराय,व्यक्ति वह सुख से जीता तजकर मदिरापान,प्रेम रस को जो पीता। डर-डर कर जिन्दा रहें,कम हैं ऐसी नार नर…"
Sunday
सतविन्द्र कुमार replied to Saurabh Pandey's discussion ओबीओ ’चित्र से काव्य तक’ छंदोत्सव" अंक- 73 की समस्त रचनाएँ चिह्नित in the group चित्र से काव्य तक
"श्रद्धेय सौरभ सर सादर नमन!छंदोत्सव 73 के सफल संचालन के लिए हार्दिक बधाई एवं त्वरित संकलन के लिए सादर आभार।"
Sunday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 73 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक जी,दोनों छ्न्द उत्तम हुए हैं,हारदिकहारदिक बधाई स्वीकारें! हाथ जोड़ ले /नाक/ रगड़ले ,ही होगा शायद।सादर"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 73 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी,सादर नमन अनुमोदन,प्रोत्साहन व मार्गदर्शन के लिए बहुत-बहुत आभार।"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार's Blog

किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)

1222 1222 1222 1222

किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए

अगर सहरा में पानी का ज़रा दीदार हो जाए



ये गिरना भी सबक कोई सँभलने के लिए होगा

मिलेगी कामयाबी हौंसला हर बार हो जाए



वफ़ा करके नहीं मिलती वफ़ा सबको यहाँ यारो

किसी की जीत उल्फत में,किसी की हार जाए



कि खुलकर आज कह डालो दबी है बात जो दिल में

*बुरा क्या है हकीकत का अगर इज़हार हो जाए*



खमोशी को हमेशा ही समझते हो क्यों कमजोरी?

यही गर्दिश में इंसाँ का बड़ा औज़ार हो… Continue

Posted on May 22, 2017 at 9:00am — 10 Comments

एक हांडी दो पेट(लघुकथा)

एक हांडी दो पेट(लघुकथा)

हाई स्कूल के बाद, उसके आगे न पढ़ने के ऐलान करने पर माँ ने जोर देते हुए कहा,"बेटा!बिना पढ़ाई के आज कोई इज्जत नहीं है।तुझे यह कितनी बार समझाऊँ?"

पिता ने जोड़ा,"ठीक कह रही है तेरी माँ।"

वह झल्ला कर बोली,"माँ,बापू मेरे बस का नहीं है पढ़ना।ज्यादा धक्का ना करो।क्या कर लूँगी पढ़ के मैं?"

पिता बोले,"पढ़-लिख जावेगी तो अपने पैरों पर खड़ी हो सकेगी।किसी की तरफ देखना न पड़ेगा।जिंदगी में तेरे काम आवेगी पढ़ाई।"

"अच्छा!",उसने मुँह बनाया।

"बेटा!मैं ना पढ़… Continue

Posted on May 14, 2017 at 8:00pm — 18 Comments

गीतिका/सतविन्द्र

(16 मात्राएँ)
कर्म करें तो बढ़ते सारे
बिना किये किस्मत भी हारे

रात चाँदनी और ये तारे
नहीं सुहाते बिना तुम्हारे

मजहब क्या दीवार है कोई
लिख डाले जो इतने नारे

रात अँधेरी से क्या डरना
हैं उम्मीदों के उजियारे

बीच भँवर में जीवन नैया
डोल रही,हैं दूर किनारे

खींचेगी फूलों की खुशबू
चलो देख कर काँटे प्यारे।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on May 7, 2017 at 8:03am — 27 Comments

है गिला, तो गिला कीजिए(गजल)/सतविन्द्र

212 212 212
बात जो हो कहा कीजिए
दिल में ही क्यों रखा कीजिए?

चार दिन की है ये जिंदगी
बस ख़ुशी से रहा कीजिए

जो बुराई करे आपकी
आप उसका भला कीजिए।

रूठना बात अच्छी नहीं
है गिला, तो गिला कीजिए

मिल गये जब जरूरत हुई
बे ग़रज भी मिला कीजिए।

टूटता वो अकड़ता है जो
वक्त आए झुका कीजिए।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on May 3, 2017 at 11:00pm — 18 Comments

Comment Wall (7 comments)

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At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

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