For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिनेश कुमार
  • Male
  • पुण्डरी। हरियाणा
  • India
Share

दिनेश कुमार's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Gurpreet Singh
  • Anuj
  • jaan' gorakhpuri
  • Hari Prakash Dubey
  • khursheed khairadi
  • गिरिराज भंडारी
  • सूबे सिंह सुजान
  • मिथिलेश वामनकर
  • Saurabh Pandey
  • Rana Pratap Singh

दिनेश कुमार's Groups

 

दिनेश कुमार's Page

Latest Activity

दिनेश कुमार posted a blog post

ग़ज़ल -- बाद मरने के भी दुनिया में हो चर्चा मेरा / दिनेश कुमार

2122--1122--1122--22बाद मरने के भी दुनिया में हो चर्चा मेरा ऐसी शोहरत की बुलन्दी हो ठिकाना मेरामैं हूँ इक प्रेम पुजारी ऐ मेरी जाने-हयात तू ही मन्दिर, तू कलीसा, तू ही का'बा मेरामेरे बेटे की निगाहों में हैं कुछ ख़्वाब मेरे ज़िन्दगी उसकी है जीने का सहारा मेरामौत भी चैन से आती है कहाँ इन्सां को ज़ेह्न में गूँजता ही रहता है मेरा मेराअब भी रातों को मेरी नींद उचट जाती है आह इक चाँद को छूने का वो सपना मेराअनकही बात मेरी क्या वो समझ पाएंगे ? क्या मुकम्मल कभी हो पायेगा क़िस्सा मेरा ??सिलवटें वक़्त की…See More
Thursday
Ravi Shukla commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार
"आदरणीय दिनेश जी बड़ी अच्छी ग़ज़ल आपने कही रवानी भी खूब है इस पर हुई चर्चा से कई बातें सीखने को मिली सीधी जुबान के शेर पर आपने अच्छी कोशिश की है उस पर आए सुझावों से रवानी और भी ज्यादा बढ़ गई है दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए"
May 7
Ravi Shukla commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"आदरणीय दिनेश जी अच्छी ग़ज़ल कही आपने शेर दर शेर मुबारकबाद पेश करता हूं"
May 7
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार
"आद0 दिनेश जी सादर नमन। बढिया ग़ज़ल कही आपने। आद0 समर साहब के इस्लाह से और निखर गयी ग़ज़ल। बहुत बहुत बधाई आपको।"
May 7
दिनेश कुमार commented on Samar kabeer's blog post 'ग़ज़ल कहने जो बैठोगे तो नानी याद आएगी'
"बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई आदरणीय समर साहब। वाह वाह। मत्ला विशेष हुआ है। और आख़िरी का जवाब नहीं। मैंने भी आपकी और उनकी वो चर्चा का बख़ू…"
May 7
TEJ VEER SINGH commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"हार्दिक बधाई आदरणीय दिनेश जी। बेहतरीन गज़ल। सितमगरों के इशारों पे खेल होता हैअदालतों में कोई फ़ैसला नहीं होता.जुड़ा ही रहता है ममता की गर्भनाल से वोवजूद बेटे का माँ से जुदा नहीं होता"
May 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"आ. भाई दिनेश जी, अच्छी गजल हुई है , हार्दिक बधाई ।"
May 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार
"आ. भाई दिनेश जी अच्छी गजल हुई है हार्दिक बधाई ।"
May 6
Samar kabeer commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"जी,मुझे याद है,इसी लिये लिख देता हूँ  ।"
May 6
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"हौसला अफ़ज़ाई के लिये आभार आदरणीय निलेश सर जी। बहुत शुक्रिया। अगर कहीं चूक लगे, अवश्य point out किया करें। सादर। "
May 6
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"बहुत बहुत शुक्रिया आ. समर साहब, हौसला अफ़ज़ाई और सुधार…"
May 6
दिनेश कुमार posted blog posts
May 6
Nilesh Shevgaonkar commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"अच्छी ग़ज़ल है आ. दिनेश भाई,बधाई "
May 6
Samar kabeer commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब,ग़ज़ल अच्छी हुई है,बधाई स्वीकार करें । मतले का सानी यूँ भी कह सकते हैं :- "अगर तू ठान ले दिल में तो क्या नहीं होता' 4था शैर यूँ भी कह सकते हैं :; "ये तज्रिबा है हमारा मुशाहिदा भी है अमीर-ए-शह्र किसी का सगा नहीं…"
May 6
Harash Mahajan commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार
"वाह आदरणीय दिनेश जी सच में आपके अहसास आ०समर जी औऱआ० नीलेश जी की इस्लाह के बाद कितने मुखर होकर उभरे हैं । बहुत खूब ग़ज़ल हुई है । 'बता नाम क्या दूँ मैं उस अजनबी को' ..कितना मर्म है इसमें । बधाई । सादर ।"
May 6
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार
"अब comments post हो रहे हैं, अजीब है। ☺"
May 6

Profile Information

Gender
Male
City State
कैथल हरियाणा
Native Place
कैथल
Profession
अध्यापक

दिनेश कुमार's Blog

ग़ज़ल -- बाद मरने के भी दुनिया में हो चर्चा मेरा / दिनेश कुमार

2122--1122--1122--22

बाद मरने के भी दुनिया में हो चर्चा मेरा

ऐसी शोहरत की बुलन्दी हो ठिकाना मेरा

मैं हूँ इक प्रेम पुजारी ऐ मेरी जाने-हयात

तू ही मन्दिर, तू कलीसा, तू ही का'बा मेरा

मेरे बेटे की निगाहों में हैं कुछ ख़्वाब मेरे

ज़िन्दगी उसकी है जीने का सहारा मेरा

मौत भी चैन से आती है कहाँ इन्सां को

ज़ेह्न में गूँजता ही रहता है मेरा मेरा

अब भी रातों को मेरी नींद उचट जाती है

आह इक चाँद को छूने का वो सपना मेरा

अनकही बात मेरी क्या वो…

Continue

Posted on May 17, 2018 at 5:31am

ग़ज़ल --- कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता // दिनेश कुमार

1212---1122--1212--22

.

कठिन, सरल का कोई मसअला नहीं होता

अगर तू ठान ले दिल में तो क्या नहीं होता

.

अगर हो अज़्म तो पत्थर में छेद होता है

हुनर मगर ये सभी को अता नहीं होता

.

हमारे कर्म से प्रारब्ध भी बदलता है

नसीब अपना कभी तयशुदा नहीं होता

.

ये तज्रिबा है हमारा मुशाहिदा भी है

अमीर-ए-शह्र किसी का सगा नहीं होता

.

सितमगरों के इशारों पे खेल होता है

अदालतों में कोई फ़ैसला नहीं होता

.

जुड़ा ही रहता है ममता…

Continue

Posted on May 6, 2018 at 9:00am — 8 Comments

ग़ज़ल -- ये क्या हो गया है भले आदमी को // दिनेश कुमार

122----122----122----122

.

जो आँखों से दिखती नहीं है सभी को

मैं क्यों ढूँढ़ता हूँ उसी रौशनी को

.

जो समझे मेरे दिल की सब अन-कही को

मैं क्या नाम दूँ ऐसे इक अजनबी को

.

सुधारेगा कौन आपके बिन मुझे अब

मुझे डाँटने का था हक़ आप ही को

.

भले रोज़मर्रा में हों मुश्किलें ख़ूब

बहुत प्यार करता हूँ मैं ज़िंदगी को

.

कसौटी पे परखे जो किरदार अपना

भला इतनी फ़ुर्सत कहाँ है किसी को

.

तुम्हें नूरे-जाँ भी दिखेगा इसी में

कभी…

Continue

Posted on May 5, 2018 at 4:46am — 11 Comments

ग़ज़ल -- शीशा-ए-दिल से गर्द हटाने की बात कर // दिनेश कुमार

221---2121---1221---212

.

तू मुश्किलों को धूल चटाने की बात कर

तूफ़ाँ में भी चराग़ जलाने की बात कर

.

तू मीरे-कारवाँ है तो ये फ़र्ज़ है तिरा

भटके हुओं को राह दिखाने की बात कर

महफ़िल में जब बुलाया है मुझ जैसे रिन्द को

आँखों से सिर्फ़ पीने पिलाने की बात कर

.

ऐशो-तरब की चाह भी कर लेना बाद में

पहले उदर की आग बुझाने की बात कर

.

मुद्दत से मुन्तज़िर हूँ तिरा ऐ सुकूने-दिल

ख़्वाबों में ही सही कभी आने की बात कर

.

बस पैरहन…

Continue

Posted on April 29, 2018 at 6:30am — 18 Comments

दिनेश कुमार's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:41am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय श्री दिनेश कुमार जी सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए हार्दिक बधाई।
At 2:19pm on June 18, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय दिनेश जी आपकी रचना को यह सम्मान मिलना ही था इस उपलब्धि पर आपको हार्दिक बधाई

At 1:01pm on June 18, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय दिनेश कुमार जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  ग़ज़ल - सर से छप्पर ले गया को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 8:03pm on February 20, 2015, khursheed khairadi said…

आदरणीय दिनेश जी ,आपकी सक्रियता निर्विवाद रूप से स्वीकार्य है |मेरी ग़ज़लों पर भी आपका स्नेह निरंतर बरसता रहा है |आपको महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है |आपकी उत्कृष्ट रचनाओं ने मंच को साहित्य से परिपूर्ण किया है और आगे भी करती रहेगी |सादर अभिनंदन |

At 1:19pm on February 18, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

AADARNEE DINESH JEE

सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई i सादर i

At 10:53pm on February 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय दिनेश भाई जी "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) चुने जाने पर बहुत बहुत  बधाई स्वीकार करें |

At 9:07pm on February 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
दिनेश कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Anita Maurya commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"वाह, बहुत खूब..."
26 minutes ago
suraj pratap verma joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
6 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सतविन्द्र कुमार राणा's discussion चन्द बाल कविताएं ( शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"जीवन शैली में हमारी छोटी-बड़ी  ग़लतियों पर बेहतरीन विचारोत्तेजक, प्रेरक और प्रोत्साहक सृजन के…"
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion कोयल (बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बहुत बढ़िया शैली में रोचक और गुनगुनाने योग्य ताटंक छंदों के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और…"
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion बाल प्रार्थना (शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"बेहतरीन प्रेरक और प्रोत्साहक प्रार्थना सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion गौरैया (विश्व गौरेया दिवस पर बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बच्चों की प्रिय चिरैया पर बढ़िया रोचक और गेय कविता के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Shyam Narain Verma's discussion तब ही मंज़िल पाओगे | in the group बाल साहित्य
"ग्रीष्मावकाश के दौरान बढ़िया प्रेरणा देती प्रोत्साहक रचना के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद…"
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"प्रिय कल्पना भट्ट जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी आपकी दाद और इस्स्लाह का तहे दिल से स्वागत है मूल पोस्ट में सुधार कर चुकी हूँ…"
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० नरेन्द्र सिंह जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० राज लाली बटाला जी ग़ज़ल पर शिरकत और सुखन नवाज़ी का बेहद शुक्रिया "
11 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Ganga Dhar Sharma 'Hindustan''s blog post ग़ज़ल : नौकरी है कहाँ बता भाई. (२१२२ १२१२ २२)
"अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय | "
13 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service