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Rana Pratap Singh
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Rana Pratap Singh's Discussions

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
2 Replies

परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Anuraag Vashishth 3 hours ago.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 72 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

परम आत्मीय स्वजन 72वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started Mar 4

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 71 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
9 Replies

परम आत्मीय स्वजन 71वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Tasdiq Ahmed Khan Jun 19, 2016.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 70 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
1 Reply

परम आत्मीय स्वजन 70वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Tasdiq Ahmed Khan Jun 3, 2016.

 

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Anuraag Vashishth replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी,  'लोकतंत्र की बातें अब किस्सा कहानी हो गईं' की जगह 'जनता की सरकार की बातें पुरानी हो गईं' को शामिल करने की कृपा करें.  धन्यवाद."
3 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी, इस त्वरित प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.    "
4 hours ago

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Rana Pratap Singh posted a discussion

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब है|_________________________________________________________________________________Nilesh Shevgaonkarहिकमतें सदियों की पल भर में कहानी हो गईं, झूठ फैला, सच की तहज़ीबें पुरानी हो गईं. नाख़ुदा शश्दर, समुन्दर भी ठगा सा रह गया, कश्तियाँ तूफां से मिलकर बादबानी हो गईं. वक्त ने कुछ रंजिशें रक्खीं अगर मेरे खिलाफ़, रंजिशें…See More
5 hours ago

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय आकाश जी ऐब ए तनाफुर तो यहाँ भी है , किसने इनकार किया|"
7 hours ago

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय अहमद साहब क्या खूब अशआर कहे हैं ..ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल फरमाएं. पानी पानी हो गईं......पानी पानी होना एक मुहावरा है जिसका अर्थ है शर्मसार होना ..यहाँ पर यह प्रयोग बदमजगी पैदा कर रहा है  ला-मकानी ..पर मैं भी निलेश जी से सहमत हूँ…"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब ..ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल फरमाएं  हुस्न पर कितनी हि क़ुरबां ज़िंदगानी हो गईं |.. राहे उल्फ़त में अमर लाखों कहानी हो गईं |.......इन मिसरैन में रदीफ़ मेल नहीं खा रहा है ..नज्रेसानी कर लें| बहुत…"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय शिज्जू जी ग़ज़ल पर पहले ही गुनिजन बात कर चुके हैं मैं सिर्फ एक शेर पर अपनी बात कहता हूँ  जब तिरंगे में लिपटकर इक बहादुर लौटा तोसैकड़ों आँखें नगर की पानी-पानी हो गईं...यहाँ पर पानी पानी का प्रयोग जायज़ नहीं है ..पानी पानी होना..अर्थात…"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी  आजकल उनसे मुलाकातें कहानी हो गईं,शोखियाँ उनकी अदाएँ अब पुरानी हो गईं।....बहुत खूब ..सुन्दर मतला रूठ के जब वो गये उनको मना हम ना सके,जिंदगी में गलतियाँ कुछ ना-गहानी हो गईं।....अच्छा शेर है…"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"मैने जो अपनी मुहब्बत को उला में लिख दियाखुद ब खुद तेरी जफाएं मिसरा सानी हो गईं ॥ वाह वाह वाह ...बहुत खूब आदरणीय गुरप्रीत जी क्या कमाल के शेर कहे हैं ...गिरह के शेर में भी जो ख़याल पिरोया है जो मंज़रकशी है कि दिल खुश हो गया ....जिंदाबाद ग़ज़ल| बस अंतिम…"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आ गईं घर में बहारें उनके आते ही "समर"दिन शगुफ़्ता हो गये रातें सुहानी हो गईं वाह वाह...वाह  आदरणीय समर साहब खूबसूरत ग़ज़ल के लिए ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल फरमाएं| एक एक शेर सादा बयानी की मिसाल है ...बहुत बहुत शुभकामनाएं|"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय भुवन जी बहुत ही कमाल के अशआर कहे हैं, एक दो जगह रदीफ़ गलत हो गई है, कुछ अल्फाज़ ग़लत वज्न में हैं जैसा कि आदरणीय योगराज जी ने इशारा कर ही दिया है| ढेर सारी दाद गिरह के शेर के लिए, बहुत बहुत शुभकामनाएं|"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ जी ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद, यह शेर मुझे बहुत पसंद आया  ज़िन्दगी के रास्ते बेहद कठिन ही थे मग़रतेरी रहमत से खजायें भी सुहानी हो गईं || शुभकामनाएं|"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय गंगाधर शर्मा जी जैसा कि नीलेश जी ने पहले ही कह दिया है यह ग़ज़ल दी गई ज़मीन पर नहीं है, अतः इस पर चर्चा करना यहाँ ठीक नहीं है| हार्दिक शुभकामनाएं|"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"जनाब  अशफाक अली साहब ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद कबूल फरमाएं|"
yesterday

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Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय नीलेश जी इस कठिन ज़मीन पर क्या ख़ूबसूरत अशार कहे हैं जो शेर मुझे बहुत पसंद आये उन्हें यहाँ पेश कर रहा हूँ  कुछ महकते ख्व़ाब अक्सर छेड़ जाते हैं मुझे,  उन की यादें ज़ह’न-ओ-दिल की रातरानी हो गईं वस्ल पर पहले-पहल ये शोर करती थीं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Admin's discussion "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ
"मुशायरे की अवधि २४ मार्च  से लेकर २५ मार्च तक है अर्थात मुशायरे में आज मध्य रात्रि के बाद से ग़ज़लें पोस्ट की सकती हैं, रिप्लाई बॉक्स अभी बंद है जो मध्य रात्रि से खुल जायेगा| मुशायरे का लिंक http://www.openbooksonline.com/forum/topics/81"
Thursday

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दो गज़लें

1.

फैलुन फैलुन फैलुन फैलुन फाइलुन

२२ २२ २२ २२ २१२ 

बहरे मुतदारिक कि मुजाहिफ सूरत 

************************************************************************************************************************

जब से वो मेरी दीवानी हो गई 

पूरी अपनी राम कहानी हो गई 

काटों ने फूलों से कर लीं यारियां 

गुलचीं को थोड़ी आसानी हो गई 

थोड़ा थोड़ा देकर इस दिल को सुकूं

याद पुरानी आँख का पानी हो गई 

सारे बादल…

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Posted on July 6, 2015 at 7:00pm — 28 Comments

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Open_Books_Online.apk…

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Posted on July 27, 2014 at 1:30pm — 1 Comment

ग़ज़ल

जिन्होंने रास्तों पर खुद कभी चलकर नहीं देखा

वही कहते हैं हमने मील का पत्थर नहीं देखा

.

मिलाकर हाँथ अक्सर मुस्कुराते हैं सियासतदाँ

छिपा क्या मुस्कराहट के कभी भीतर नहीं देखा

.

उन्हें गर्मी का अब होने लगवा अहसास शायद कुछ

कई दिन हो गए उनको लिए मफलर नहीं देखा

.

सड़क पर आ गई थी पूरी दिल्ली एक दिन लेकिन

बदायूं को तो अब तक मैंने सड़कों पर नहीं देखा

.

फ़क़त सुनकर तआर्रुफ़ हो गया कितना परेशां वो

अभी तो उसने मेरा कोई भी तेवर नहीं…

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Posted on June 5, 2014 at 10:26am — 19 Comments

एक गीत: राणा प्रताप सिंह

नया साल है चलकर आया देखो नंगे पांव

आने वाले कल में आगे देखेगा क्या गाँव

 

धधक रही भठ्ठी में

महुवा महक रहा है

धनिया की हंसुली पर

सुनरा लहक रहा है  

कारतूस की गंध

अभी तक नथुनों में है

रोजगार गारंटी अब तक

सपनों में है

हो लखीमपुर खीरी, बस्ती

या, फिर हो डुमरांव

कब तक पानी पर तैरायें

काग़ज़ वाली नांव !

 

माहू से सरसों, गेहूं को

चलो बचाएं जी

नील गाय अरहर की बाली

क्यों…

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Posted on December 28, 2013 at 2:30pm — 40 Comments

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At 2:58am on April 4, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय राणा सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 12:09pm on March 7, 2014, Zid said…

Dear Mr. Rana pratap, 

I had sent two gazals so far. Both of them apparently did not meet your requirements of legitimacy. I would be grateful for your kind guidance in making me learn about the constitutional errors if any. 

Zid 

At 9:03am on April 4, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगल कामनाएं श्री राना प्रताप सिंह जी, माँ शारदा की कृपा बनी रहे 

 आपका और हमारा स्नेह बना रहे, यही प्रभु से प्रार्थना है | जन्म दिन की बधाई | 

At 7:41am on April 4, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी आपको जन्मदिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ 

At 11:07am on April 3, 2013, ram shiromani pathak said…

janmdin ki hardik subhkamana adarneey

At 10:37pm on December 3, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

राणा भाई, हार्दिक शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

At 3:02pm on April 8, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

dhanyvaad, aadarniya rana pratap ji, mitrta hetu.

At 1:22pm on April 4, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

adarniya rana pratap singh ji sadar abhivadan ke sath janam din ki hardik shubh kamnayen swikaar karne ki krapa karen.

happy birth day. sir

At 10:08am on December 3, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई राणाजी .. शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

परस्पर सहयोग बना रहे. ..

At 3:29pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Rajasthan ki shaan Maharana pratap hain,shaan-e-O-B-O priwaar Keshree Rana pratap hain|
 
 
 

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परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया…See More
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय गुमनाम भाई ग़जल बेशक अच्छी हुई है, पर गिरह का शेर भी नदारद है और रदीफ़ की क्रिया भी एक वचन हो…"
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय भाई.... कृपया मेरी बात को हल्की-फुल्की टिप्पणी के रूप में लीजिए !!!"
5 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आ. आकाश जी. क्या खूब कहा है ! ज़ालिमों ने बन्द कर दी सारे सूबे में शराब किस क़दर मुश्किल हमें शामें…"
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"सभी अशआर बस मन को भा गए. और बाबा जुकर वाले शेर का तो बस... बधाई हो आदरणीय..."
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"वर्तमान के प्रति आपकी चिन्ता इस ग़ज़ल में बखूबी झलक रही है आ० राजेश दीदी. कृप्या दाद कबूल करें ."
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"बहुत आभार नादिर भाई !!!"
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"Like.... bhaai !!!  "
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"जी, सर.... आप सामने आये, मैं होश में आ गया.... अत्यन्त आभार आपका आदरणीय समर साहब.... बरसी में…"
5 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आ. मिथिलेश बहुत अच्छी ग़ज़ल है बधाई हो."
5 hours ago

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