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Rana Pratap Singh
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Rana Pratap Singh's Discussions

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 75 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

परम आत्मीय स्वजन 75वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started Jun 21

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
11 Replies

परम आत्मीय स्वजन 74वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Rana Pratap Singh Jun 22.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
13 Replies

परम आत्मीय स्वजन 73वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब है|ASHFAQ ALI  बढ़…Continue

Started this discussion. Last reply by Rana Pratap Singh Jun 22.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
33 Replies

परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Mahendra Kumar May 4.

 

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Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 72 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मुहतरम जनाब राणा साहिब,ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक -72 के संकलन और कामयाब संचालन के लिए मुबाकबाद क़ुबूल फरमायें"
May 5
Mahendra Kumar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 72 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय मंच संचालक महोदय, ओबीओ लाइव तरही मुशायरा, अंक-72 ‌‌के सफल आयोजन एवं संकलन की हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। आपसे निवेदन है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत ग़ज़ल के पहले ऐबदार मिसरे को निम्नलिखित मिसरे से प्रतिस्थापित करने की कृपा करें। पहली दफ़ा…"
May 4
Mahendra Kumar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय मंच संचालक महोदय, देरी के लिए क्षमा चाहूँगा। प्रस्तुत ग़ज़ल में चिह्नित मिसरे के साथ-साथ मैंने ग़ज़ल में एक शेर (दूसरे स्थान पर) भी जोड़ दिया है। इसलिए पूरी ग़ज़ल यहाँ पर पुनः पेश कर रहा हूँ।  कृपया इसे देख कर प्रतिस्थापित करने की…"
May 4
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"दूसरे शायरों के बारे में क्या कह सकता हूँ,हम तो यहां आपके मिसरे पर बात कर रहे हैं,यहां 'खो बैठे'पूरा वाक्य है इसलिये 'खो'शब्द यहां स्वतंत्र नहीं रहेगा,अंत में अगर फेलुन 22 होता तो आप उसे 112 कर सकते थे,लेकिन यहां अंत में फाइलुन…"
Apr 12
Dayaram Methani replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय, मेरे कहने का अर्थ ये था कि खो बैठे में खो स्वतंत्र है आैर बैठे अलग है। कई शायरों को एेसे शब्द जिसमें दोनों दीर्घ मात्रा होती है उसमें प्रथम मात्रा को लघु करते देखा है। इस लिये अपनी जानकारी के लिये जानना चाहा था। जवाब देने के लिये धन्यवाद।…"
Apr 12
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"सबसे पहले तो जवाब देर से देने के लिये क्षमा चाहता हूँ । आपके मिसरे का आख़री शब्द है "खो बैठे"अब चूँकि आख़री रुक्न फाइलुन है इस लिहाज़ से यहाँ 212 लेना है,और आपका आख़री शब्द है "खो बैठे"तो इस शब्द में आप बीच के शब्द 'बै' की…"
Apr 10
Dayaram Methani replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय समर कबीर जी, बैठे शब्द में दोनों दीर्घ मात्रा है। मैने कई गजलकारों को एेसे शब्दों में प्रथम दीर्घ मात्रा को लघु करते देखा है। इसी आधार पर बैठे की बै का मैंप लघु गिना था। मैं केवल ये समझना चाहता हूं कि जब शब्द में दोनों दीर्घ मात्रा है तो हम…"
Apr 7
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"'कामयाबी के नशे में होश अपना खो बैठे' इस मिसरे में 'खो बैठे'222 है जबकि 212 होना चाहिए न ,आपका मिसरा यूँ किया जा सकता है :- "कामयाबी के नशे में होश अपने खो दिये" 'भोली भाली आम जनता'में एक ही वचन है, बहुवचन…"
Apr 7
Dayaram Methani replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय, कामयाबी के नशे में होश अपना खो बैठे 2122  2122 2122 212 को आपने बहर से खारिज किया है। ये कैसे खारिज हुआ। बैठे में बै को लघु किया है क्या इस कारण? भोली भाली आम जनता अब सयानी हो गईं........में भी आपने कमी बताई है। आम जनता को तो बहु वचन ही…"
Apr 6
भुवन निस्तेज replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"धन्यवाद आदरणीय !"
Mar 30
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"'बे-मआनी'क़ाफ़िया ही गलत है,भाई भुवन निस्तेज जी,इस पर आयोजन में हुई चर्चा नहीं पढ़ी आपने ?"
Mar 30
भुवन निस्तेज replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा भाई, एक दुविधा हो गई है, वह ये कि 'ज़र्द पत्तों की सदाएँ बे-मआनी हो गईं' को मैंने ज़र्द पत्तों/2122/की सदाएँ/2122/बे-मआनी/2122/हो गईं/212/ लिया है पर मिसरे की लाली कन्फ्यूज कर गयी ।"
Mar 29
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"शुक्रिया जनाब ।"
Mar 28

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय शिज्जू जी वांछित संशोधन कर दिया है|"
Mar 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय नादिर खान वांछित संशोधन कर दिया है|"
Mar 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मर गईं ख़ुशियाँ हमारी रेज़ा रेज़ा टूट करथोड़ी उम्मीदें बची थीं वो भी फ़ानी हो गईं इस शेर में फानी का प्रयोग सही नहीं है, दरअसल "फानी" विशेषण है क्रिया तो "फना होना" है ....अब आप इसे ध्यान में रखकर यह शेर फिर से कहिये|अन्य दो शेर…"
Mar 28

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Allahabad
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दो गज़लें

1.

फैलुन फैलुन फैलुन फैलुन फाइलुन

२२ २२ २२ २२ २१२ 

बहरे मुतदारिक कि मुजाहिफ सूरत 

************************************************************************************************************************

जब से वो मेरी दीवानी हो गई 

पूरी अपनी राम कहानी हो गई 

काटों ने फूलों से कर लीं यारियां 

गुलचीं को थोड़ी आसानी हो गई 

थोड़ा थोड़ा देकर इस दिल को सुकूं

याद पुरानी आँख का पानी हो गई 

सारे बादल…

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Posted on July 6, 2015 at 7:00pm — 28 Comments

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Posted on July 27, 2014 at 1:30pm — 1 Comment

ग़ज़ल

जिन्होंने रास्तों पर खुद कभी चलकर नहीं देखा

वही कहते हैं हमने मील का पत्थर नहीं देखा

.

मिलाकर हाँथ अक्सर मुस्कुराते हैं सियासतदाँ

छिपा क्या मुस्कराहट के कभी भीतर नहीं देखा

.

उन्हें गर्मी का अब होने लगवा अहसास शायद कुछ

कई दिन हो गए उनको लिए मफलर नहीं देखा

.

सड़क पर आ गई थी पूरी दिल्ली एक दिन लेकिन

बदायूं को तो अब तक मैंने सड़कों पर नहीं देखा

.

फ़क़त सुनकर तआर्रुफ़ हो गया कितना परेशां वो

अभी तो उसने मेरा कोई भी तेवर नहीं…

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Posted on June 5, 2014 at 10:26am — 19 Comments

एक गीत: राणा प्रताप सिंह

नया साल है चलकर आया देखो नंगे पांव

आने वाले कल में आगे देखेगा क्या गाँव

 

धधक रही भठ्ठी में

महुवा महक रहा है

धनिया की हंसुली पर

सुनरा लहक रहा है  

कारतूस की गंध

अभी तक नथुनों में है

रोजगार गारंटी अब तक

सपनों में है

हो लखीमपुर खीरी, बस्ती

या, फिर हो डुमरांव

कब तक पानी पर तैरायें

काग़ज़ वाली नांव !

 

माहू से सरसों, गेहूं को

चलो बचाएं जी

नील गाय अरहर की बाली

क्यों…

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Posted on December 28, 2013 at 2:30pm — 40 Comments

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At 2:58am on April 4, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय राणा सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 12:09pm on March 7, 2014, Zid said…

Dear Mr. Rana pratap, 

I had sent two gazals so far. Both of them apparently did not meet your requirements of legitimacy. I would be grateful for your kind guidance in making me learn about the constitutional errors if any. 

Zid 

At 9:03am on April 4, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगल कामनाएं श्री राना प्रताप सिंह जी, माँ शारदा की कृपा बनी रहे 

 आपका और हमारा स्नेह बना रहे, यही प्रभु से प्रार्थना है | जन्म दिन की बधाई | 

At 7:41am on April 4, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी आपको जन्मदिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ 

At 11:07am on April 3, 2013, ram shiromani pathak said…

janmdin ki hardik subhkamana adarneey

At 10:37pm on December 3, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

राणा भाई, हार्दिक शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

At 3:02pm on April 8, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

dhanyvaad, aadarniya rana pratap ji, mitrta hetu.

At 1:22pm on April 4, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

adarniya rana pratap singh ji sadar abhivadan ke sath janam din ki hardik shubh kamnayen swikaar karne ki krapa karen.

happy birth day. sir

At 10:08am on December 3, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई राणाजी .. शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

परस्पर सहयोग बना रहे. ..

At 3:29pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Rajasthan ki shaan Maharana pratap hain,shaan-e-O-B-O priwaar Keshree Rana pratap hain|
 
 
 

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