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Rana Pratap Singh's Discussions

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 75 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

परम आत्मीय स्वजन 75वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started on Wednesday

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
11 Replies

परम आत्मीय स्वजन 74वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Rana Pratap Singh on Thursday.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
13 Replies

परम आत्मीय स्वजन 73वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब है|ASHFAQ ALI  बढ़…Continue

Started this discussion. Last reply by Rana Pratap Singh on Thursday.

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
33 Replies

परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया गया है, लाल अर्थात बहर से खारिज मिसरे और हरे अर्थात ऐसे मिसरे जिनमे कोई न कोई ऐब…Continue

Started this discussion. Last reply by Mahendra Kumar May 4.

 

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जनाब तस्दीक अहमद साहब वांछित संशोधन कर दिया गया है|"
Thursday

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जनाब तस्दीक अहमद साहब वांछित संशोधन कर दिया गया है|"
Thursday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मुहतरम जनाब राणा साहिब ,मेरी ग़ज़ल का मतला तब्दील करने की जहमत करें । कौन देखे भला अब किसी की तरफ हर नज़र है लगी आप ही की तरफ शुक्रिया"
Thursday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मुहतरम राणा साहिब,मेरी ग़ज़ल के निम्न शेर में संशोधन करने की जहमत करें। यही सोच कर कभी हम तेरे बाम तक न पहुंचे। कहीं कोई अपनी ज़िल्लत तेरे नाम तक न पहुंचे।(शेर 1) मेरी जाँ बढ़ाएं कैसे ये है सिलसिला वफ़ा का (शेर 6 उला) यही सोच कर ही रह रह के में हंस रहा…"
Thursday
दिनेश कुमार replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"इसी प्रकार ' क्या ' को क्या हम 1 मात्रा पर ले सकते हैं आ."
Wednesday
दिनेश कुमार replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"शुक्रिया आ. राणा प्रताप जी। मेहरबानी। इनायत। मेरी याददाश्त बहुत कमज़ोर हो गई है। इसलिये आपको ज़हमत दी। इनायत।"
Wednesday

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जी बिलकुल बाँध सकते हैं इसे १ या 2 दोनों प्रकार से बांधा जा सकता है "
Wednesday

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"हुजूरे आली आपने मतले में जो काफियाबंदी की है उसे बाकी के अशआर में निभाना फ़र्ज़ है या नहीं, आप मतला हटा लें और हुस्ने मतला को मतला बना लें तो आपकी पूरी ग़ज़ल दुरुस्त हो जायेगी|"
Wednesday
दिनेश कुमार replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय एक संशय और हुआ है क्यूँ अभी से जा रहे हो,ज़रा आसमाँ तो देखो Kya क्यूँ ko 1 मात्रा पर बाँध सकते हैं? अगर हाँ.. तो क्या सभी परिस्थियों में .. या कोई विशेष .."
Wednesday

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जनाब तस्दीक अहमद साहिब आपके मतले में ऐब-ए-शुतुर्गुर्बा है और बाकी के मिसरैन में ऐब-ए-तकाबुले रदीफ़ है, अब ये आप के अख्तियार में हैं आप किस ऐब को मानते हैं और किसे नहीं मानते हैं वैसे आजकल बिना बहर की तुकबंदी भी लोग धड़ल्ले से कह रहे हैं और बाकायदा…"
Wednesday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 74 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मुहतरम राणा साहिब,तकाबुले रदीफेन को आजकल ऐब नहीं मानते ,हरे रंग के मिसरों की वजह बताने की जहमत कीजिये"
Wednesday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मुहतरम जनाब राणा साहिब, जो मिसरा तरह दी गयी उसका क़ाफ़िया ये था ,मेरा हर शेर का क़ाफ़िया उसेपूरा करता है ,आपकी बात से में मुत्मइन नहीं हूं ,बाकी आपकी मर्ज़ी चाहे शेर को हरा करें या लाल ,यह तो आपके अख्तयार में है ।"
Wednesday
दिनेश कुमार replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"इनायत। मेहरबानी। आ. राणा साहब। शुक्रिया।"
Wednesday

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Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जी ये मतला सही है, देवनागरी और उर्दू में , दोनों भाषाओं में ये एक अलग उच्चारण के वर्ण हैं इसलिए ही यह मतला बिलकुल दुरुस्त है|"
Wednesday
दिनेश कुमार replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 73 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"एक और संशय है आदरणीय। सबकी नज़रें हैं मेरी ख़ुशी की तरफ़। कोई तो देख ले बेबसी की तरफ़। जयनित साहब का यह मतला क़ाफ़िया बंदी के हिसाब से ठीक है ? अपनी जानकारी के लिये ही पूछ रहा हूँ सर।"
Wednesday

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Allahabad
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दो गज़लें

1.

फैलुन फैलुन फैलुन फैलुन फाइलुन

२२ २२ २२ २२ २१२ 

बहरे मुतदारिक कि मुजाहिफ सूरत 

************************************************************************************************************************

जब से वो मेरी दीवानी हो गई 

पूरी अपनी राम कहानी हो गई 

काटों ने फूलों से कर लीं यारियां 

गुलचीं को थोड़ी आसानी हो गई 

थोड़ा थोड़ा देकर इस दिल को सुकूं

याद पुरानी आँख का पानी हो गई 

सारे बादल…

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Posted on July 6, 2015 at 7:00pm — 28 Comments

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Posted on July 27, 2014 at 1:30pm — 1 Comment

ग़ज़ल

जिन्होंने रास्तों पर खुद कभी चलकर नहीं देखा

वही कहते हैं हमने मील का पत्थर नहीं देखा

.

मिलाकर हाँथ अक्सर मुस्कुराते हैं सियासतदाँ

छिपा क्या मुस्कराहट के कभी भीतर नहीं देखा

.

उन्हें गर्मी का अब होने लगवा अहसास शायद कुछ

कई दिन हो गए उनको लिए मफलर नहीं देखा

.

सड़क पर आ गई थी पूरी दिल्ली एक दिन लेकिन

बदायूं को तो अब तक मैंने सड़कों पर नहीं देखा

.

फ़क़त सुनकर तआर्रुफ़ हो गया कितना परेशां वो

अभी तो उसने मेरा कोई भी तेवर नहीं…

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Posted on June 5, 2014 at 10:26am — 19 Comments

एक गीत: राणा प्रताप सिंह

नया साल है चलकर आया देखो नंगे पांव

आने वाले कल में आगे देखेगा क्या गाँव

 

धधक रही भठ्ठी में

महुवा महक रहा है

धनिया की हंसुली पर

सुनरा लहक रहा है  

कारतूस की गंध

अभी तक नथुनों में है

रोजगार गारंटी अब तक

सपनों में है

हो लखीमपुर खीरी, बस्ती

या, फिर हो डुमरांव

कब तक पानी पर तैरायें

काग़ज़ वाली नांव !

 

माहू से सरसों, गेहूं को

चलो बचाएं जी

नील गाय अरहर की बाली

क्यों…

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Posted on December 28, 2013 at 2:30pm — 40 Comments

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At 2:58am on April 4, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय राणा सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 12:09pm on March 7, 2014, Zid said…

Dear Mr. Rana pratap, 

I had sent two gazals so far. Both of them apparently did not meet your requirements of legitimacy. I would be grateful for your kind guidance in making me learn about the constitutional errors if any. 

Zid 

At 9:03am on April 4, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगल कामनाएं श्री राना प्रताप सिंह जी, माँ शारदा की कृपा बनी रहे 

 आपका और हमारा स्नेह बना रहे, यही प्रभु से प्रार्थना है | जन्म दिन की बधाई | 

At 7:41am on April 4, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी आपको जन्मदिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ 

At 11:07am on April 3, 2013, ram shiromani pathak said…

janmdin ki hardik subhkamana adarneey

At 10:37pm on December 3, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

राणा भाई, हार्दिक शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

At 3:02pm on April 8, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

dhanyvaad, aadarniya rana pratap ji, mitrta hetu.

At 1:22pm on April 4, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

adarniya rana pratap singh ji sadar abhivadan ke sath janam din ki hardik shubh kamnayen swikaar karne ki krapa karen.

happy birth day. sir

At 10:08am on December 3, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई राणाजी .. शुभकामनाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद.

परस्पर सहयोग बना रहे. ..

At 3:29pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Rajasthan ki shaan Maharana pratap hain,shaan-e-O-B-O priwaar Keshree Rana pratap hain|
 
 
 

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"आ0 मित्र श्री जयनित मेहता जी सादर आभार ।"
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"आ0 गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी आभार ।"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post 52 शेर की ग़ज़ल।
"भाई जयनित मेहता जी आभार मित्र"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आ0 अनिता मौर्या जी शुक्रिया ।"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल- कैसे कहूँ मै आप से मुझको गिला नहीं
"आ0 जयनित मेहता जी सादर आभार ।"
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पश्चिम का आँधी
"आदरणीय डॉ गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी, आप बिलकुल सही हैं, यह १६ १० मात्रा पर ही है, फुर्र हुई चिट्ठी…"
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