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शिज्जु "शकूर"
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शिज्जु "शकूर" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"ख़मोशी तेरी फितरत है? नहीं तो या दिल में कोई दहशत है? नहीं तो तुम्हारे क़त्ल की बातें हुई थीं किसी दुश्मन की हरकत है? नहीं तो फ़क़त बातों के दम पर राज करना ये अपनी-अपनी किस्मत है? नहीं तो बराबर सबको शीशे में उतारा तो क्या ये भी तिजारत है? नहीं…"
8 hours ago
Arpana Sharma commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले
"" एकता टूटने पाए ना कभी, मसनद पर, आपके बैठे हुए हैं हमें लड़ाने वाले.." , बहुत अच्छी रचना हुई है।"
16 hours ago

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शिज्जु "शकूर" commented on Sushil Sarna's blog post क़ैद रहा ...
"आ. सुशील सरना जी अच्छी रचना है, बधाई आपको। एक बात मगर कहना चाहूँगा कि अल्फ़ाज़ अपने आप में बहुवचन है उसे अल्फ़ाजों कहना ठीक नहीं है।"
22 hours ago

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शिज्जु "शकूर" commented on Anuraag Vashishth's blog post पंडित-मुल्ला खुद नहीं समझे, हमको क्या समझायेंगे - अनुराग
"अच्छी ग़ज़ल हुई है आ. अनुराग जी शेर दर शेर मुबारकबाद कुबूल करें"
22 hours ago

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शिज्जु "शकूर" commented on vijay nikore's blog post क्षणिकाएँ
"वाह आदरणीय विजय निकोर सर अच्छी भावपूर्ण क्षणिकाएँ हुईं हैं, सादर बधाई आपको"
22 hours ago
Sushil Sarna commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले
"अपने क़ातिल से शिकायत नहीं कोई मुझकोकर गए ग़र्क मेरी कश्ती, बचाने वाले।। वाह आदरणीय शिज्जु शकूर साहिब गज़ब के अशआर कहे हैं आदरणीय ... दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं सर।"
yesterday
Anuraag Vashishth commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले
"आ. शिज्जु जी. अच्छी ग़ज़ल हुई है. कई शेरों में राजनीतिक संकेत भी है.बधाई हो. 'वो मेरे दोस्त मुझे रस्ता दिखाने वाले' इस मिसरे में 'रस्ता' की जगह शायद 'राह' ज्यादा स्वाभाविक होगी. सादर "
yesterday
Nilesh Shevgaonkar commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले
"बहुत ख़ूब आदरणीय शिज्जू भाई ... बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है ..कुछ अशआर और कसे जा   सकते हैं... बधाई "
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - दुश्मनी घुट के मर न जाये कहीं - ( गिरिराज )
"आ. गिरिराज सर अच्छी रचना हुई है बधाई आपको, बाकी समर साहब ने कह ही दिया है"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...जहर से भरी वादियों में हवा है
"सुधिजनों अपने विचार व्यक्त कर दिये हैं, मेरी तरफ से इस प्रयास के लिए बधाई लीजिए"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"एक अलग कथानक है, हालाँकि सच्चाई बयान करती हुई लघुकथा है। बहुत बहुत बधाई आपको आ. राजेश दीदी"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on Seema Mishra's blog post जंगल के फूल -सीमा पांडे मिश्रा "सुशी"
"आ. सीमा मिश्रा जी आपकी लघुकथा रियलिटी शो के सच को उजागर करती है, हालाँकि यही कामयाबी का पैमाना हो गया है, आजकल सिर्फ प्रतिभा ही सबकुछ नहीं होती. बहुत बहुत बधाई आपको"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on indravidyavachaspatitiwari's blog post आशा का पौधा
"अच्छी रचना है बधाई आपको"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,
"बेहतरीन आ. निलेश भाई हमेशा की तरह लाजवाब ग़ज़ल है, शेर दर शेर दाद कुबूल फरमाएँ"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on Dr.Prachi Singh's blog post मैं अलमस्त फकीर ..... गीत / डॉ० प्राची
"आ. प्राची जी बहुत दिनों बाद आपकी रचना से गुज़र रहा हूँ, बेहतरीन गीत हुआ है बहुत बहुत बधाई आपको"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरम मो. आरिफ़ साहिब आपका"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
Raipur
Native Place
Raipur
Profession
Creative writer in Konsole group
About me
I emotional and introvert person usually like to spend time alone, it is selfish nature because sometimes our beloved one wishing to spend time with us

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कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले

2122 1122 1122 22/112

कितने अच्छे थे मेरा ऐब बताने वाले

वो मेरे दोस्त मुझे रस्ता दिखाने वाले



वक्त ने, काश! उन्हें रुकने दिया होता ज़रा

साथ ही छोड़ गए साथ निभाने वाले



मुफ़लिसी मक्र की छाई है सियाही अब भी

पर बताओ हैं कहाँ शम्अ जलाने वाले



अपने क़ातिल से शिकायत नहीं कोई मुझको

कर गए ग़र्क मेरी कश्ती, बचाने वाले



खूब तासीर नज़र आई मुहब्बत की यूँ

रो पड़े जाँ को मेरी फ़ैज़ उठाने वाले



एकता टूटने पाए न कभी, मसनद पर

आके बैठे…

Continue

Posted on April 25, 2017 at 11:30am — 8 Comments

दुआओं की पहुँच तो आसमाँ तक है

1222 1222 1222
दुआओं की पहुँच तो आसमाँ तक है
मगर तू बोल तेरी हद कहाँ तक है

तेरी ख़ामोशी तेरा घर जला देगी
अभी शोला पड़ोसी के मकाँ तक है

ज़माना चाँद को छू आया है लेकिन
तू अब भी जुगनुओं की दास्ताँ तक है

परस्तिश देखिए गौ माँ के भक्तों की
अक़ीदत सिर्फ़ उन सबकी ज़बाँ तक है

वहाँ से देखता हूँ दुनिया को ऐ जाँ
रसाई तेरी नज़रों की जहाँ तक है

Meaning:
परस्तिश - पूजा, अक़ीदत - श्रद्धा
रसाई - पहुँच
-मौलिक व अप्रकाशित

Posted on April 12, 2017 at 7:44pm — 6 Comments

लफ़्जों से दर्द की दवा करके

2122 1212 22/112



लफ़्जों से दर्द की दवा करके

देखा है यूँ भी तज़्रबा करके



तुम पे दहशत कोई मुसल्लत थी

करना क्या था तुम आए क्या करके



खींचता हूँ हयात को मैं फ़क़त

कट रही है खुदा खुदा करके



अपने माज़ी से है सवाल मेरा

क्या मिला उनसे राबिता करके



होश आ जाए नामुरादों को

देखिए मुहतरम दुआ करके



खिड़कियाँ खोल दी शबिस्ताँ की

दिल से सपनो को अब जुदा करके



दस्तबरदार तुमसे हो जाऊँ

सोचा था मैंने हौसला… Continue

Posted on March 30, 2017 at 1:30pm — 14 Comments

पत्ता था, सब्ज़, टूटके खिड़की में आ गया

221 2121 1221 212

पत्ता था, सब्ज़, टूटके खिड़की में आ गया

हस्ती शजर की बाकी है मुझको बता गया

 

माना हवाएँ तेज़ हैं मेरे खिलाफ़ भी

लेकिन जुनून लड़ने का इस दिल पे छा गया

 

खोने को पास कुछ भी नहीं था हयात में

किसकी तलाफ़ी हो अभी तक मेरा क्या गया

 

शायद ये दुनिया मेरे लिए थी नहीं कभी

फिर शिकवा क्यों करुँ कि खुदा फ़ैज़ उठा गया

 

ख़्वाबों को ज़िन्दा करके भी क्या होता, दोस्तो!

मेरा जो वक्त था…

Continue

Posted on March 17, 2017 at 2:30pm — 9 Comments

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At 10:50pm on April 18, 2016, RATNA PRIYA PANDEY said…
धन्यवाद सर
At 7:06pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 9:27pm on April 19, 2015, Mala Jha said…
सप्रेम धन्यवाद महोदय मुझे OBO जैसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान देने के लिए।बहुत बहुत आभार आपका।
At 9:48am on December 31, 2014, Rahul Dangi said…
आदरणीय शिज्जू "शकूर" जी आपका स्वागत है ! और धन्यवाद भी कि आपने मुझ कम बुद्धि को भी अपनी दोस्ती के काबिल समझा! सादर!
At 9:42pm on June 18, 2014, Sushil Sarna said…

aadrneey Shijju Shakoor saahib aapke margdarshan ka main aabhaaree hoon....koshish kroonga ki bataaee bahar pr aage badh skoon....tahe dil se shukriya

At 7:39pm on June 17, 2014, Sushil Sarna said…

हा हा हा …… बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय शिज्जु शकूर जी आपने हमारी रचना को कविता का दर्जा तो दिया। .... काश हमें भी ग़ज़ल लिखने का अंदाज़ आ जाए ? सर मेरी कोशिश तो ग़ज़ल लिखने की थी मगर बह्र में उलझता चला गया कभी ११२ कभी ११२१ करता फिर जब उलझन से छुटकारा न मिला तो रचना बना कर डाल दिया। आप की ज़र्रा नवाज़ी होगी अगर मेहरबानी करके इसी की नीचे लिखी चंद पंक्तियों की बह्र बना कर मुझ नौसिखिये को ग़ज़ल का हुनर सिखाएंगे। तकलीफ के लिए मुआफ़ी चाहता हूँ। शुक्रिया

अपनी हर सांस में...तुझे करीब पाता हूँ
तुझे हर ख्याल में अपना हबीब पाता हूँ
बिन तेरे ज़िंदगी की हर मसर्रत है झूठी
राहे वफ़ा में तुझे अपना नसीब पाता हूँ

At 3:39pm on June 3, 2014, Sushil Sarna said…

aadrbeey Shajju jee, namaskaar-kya apko aik takleef de sakta hoon ? aapkee kripa hogee yadi mujhe thoda sa trhee gazal kya hotee hai, btaayenge. gazal to samajh rhaa hoon pr trhee gazal smajh naheen aa rhee.aapke amuly smay men se kuch smay maang rhaa hoon, please dont mind. 

sushil sarna

At 10:59am on June 3, 2014, RACHNA JAIN said…

आपकी सभी रचनाएँ बहुत खूब हैं सर .... फिर भी, आपकी सलाह पर अमल करेंगे ... शुक्रिया !!

At 10:25am on June 3, 2014, RACHNA JAIN said…

बहुत खूब लिखा सर आपने... बधाई ...!!

At 5:30pm on December 13, 2013, Dr Dilip Mittal said…

 क्षणिकाये पसंद आने के लिये  धन्यवाद 

 
 
 

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