For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सतविन्द्र कुमार
  • Male
  • karnal,haryana
  • India
Share

सतविन्द्र कुमार's Friends

  • पंखराज
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • महिमा  वर्मा
  • KALPANA BHATT
  • रामबली गुप्ता
  • रतन राठौड़
  • sameer ranjan
  • Pawan Jain
  • Sunil Verma
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • TEJ VEER SINGH
  • Seema Singh
 

सतविन्द्र कुमार's Page

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार commented on Dr.Prachi Singh's blog post दो कुण्डलिया छंद
"दूसरी कुण्डलिया में पाँचवा नहींरोला का सातवां चरण"
21 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on Dr.Prachi Singh's blog post दो कुण्डलिया छंद
"आदरणीया प्राची सिंह जी,आपकी हर रचना की तरह ये कुण्डलिया छ्न्द भी उत्तम भावों से युक्त हैं हारदिक बधाई स्वीकारें!कुण्डलिया छ्न्द विधान को जहाँ तक हमने समझा है पहली कुण्डलिया के रोला छ्न्द का तीसरा चरण और इसी प्रकार दूसरी कुण्डलिया के रोला छ्न्द का…"
21 hours ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय गजेंद्र जी,उम्दा गजल हुई है,हार्दिक बधाई"
yesterday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीया सुनन्दा जी हारदिक बधाई इस उम्दा प्रयास हेतु।बह्र पर जरा गौर कीजियेगा।"
yesterday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"वाह्ह्ह् मोहतरम जनाब नादिर साहब,उम्दा गजल हुई है"
yesterday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदणीय गिरी जी,जनाब नादिर साहब की बात पर गौर फरमाएँ।हार्दिक शुभकामनाएँ!"
yesterday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय समर कबीर जी,उम्दा गजल हुई है,सादर हार्दिक बधाई स्वीकारें!"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"उम्दा गजल कही है आदरणीय रवि सर,सादर हारदिक बधाई"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय मुनीश जी उम्दा गजल हुई है,हारदिक बधाईबधाई। उन्हें वादों की ,वाले शेर में शुतुर्गुबा महसूस हो रहा है,सादर"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"इस प्रयास के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय मोहन बेगोवाल जी"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"उम्दा गजल हुई है आदरणीय महिंद्र कुमार जी,हार्दिक बधाई स्वीकारें!"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय धामी से ,बेहतरीन गजल कही है,हार्दिक बधाई"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"वाह्ह्ह् आदरणीय डॉ मिश्र जी बेहतरीन अशआर निकले हैं आपकी कलम से,हार्दिक बधाई स्वीकारें !"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय नीलेश जी उम्दा गजल कही है,हार्दिक बधाई स्वीकारें।गिरह का अंदाज निराला है।"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"हार्दिक बधाई आदरणीय गिरिराज सर इस उम्दा गजल के लिए। कुछ मुश्किल अल्फाज के मायने भी लिख दिए जाएँ तो बात तक पहुंचने में और आसानी हो।सादर"
Saturday
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय बासुदेव जी,खूब अशआर हुए हैं,हार्दिक बधाई"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
करनाल हरियाणा
Native Place
गाँव व डाक बालराजपूतान
Profession
अध्यापक
About me
I am a simple person living simply.I have interests in reading,movies and enjoy these timely.try to write somthings when there is time to do so.Believe in nationalism as an ideology.

सतविन्द्र कुमार's Blog

कुण्डलिया

जग कर रमलू जी जपें,राम नाम के बोल

कुल्ला करने के लिए,नल देते हैं खोल

नल देते हैं खोल,भूल गए बन्द करना

जल बहता है व्यर्थ,उन्हें क्यों इससे डरना

सतविन्दर कविराय,टैंक ने लिया उन्हें ठग

साबुन चिपकी गात,हाथ में है खाली जग





बात पते की एक है,सुन लो! मेरे पास

कुछ भी तब भाता नहीं,दिल हो अगर उदास

दिल हो अगर उदास,जहाँ की खुशियाँ सारी

देती दुख ही हाय!, बनीं कंटक की डारी

सतविन्दर कविराय,उठाओ दुख का ढाबा

दिन जीवन के चार,ख़ुशी से काटो… Continue

Posted on May 25, 2017 at 11:30pm

किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए(तरही गजल)

1222 1222 1222 1222

किसी मरते को जीने का वहाँ अधिकार हो जाए

अगर सहरा में पानी का ज़रा दीदार हो जाए



ये गिरना भी सबक कोई सँभलने के लिए होगा

मिलेगी कामयाबी हौंसला हर बार हो जाए



वफ़ा करके नहीं मिलती वफ़ा सबको यहाँ यारो

किसी की जीत उल्फत में,किसी की हार जाए



कि खुलकर आज कह डालो दबी है बात जो दिल में

*बुरा क्या है हकीकत का अगर इज़हार हो जाए*



खमोशी को हमेशा ही समझते हो क्यों कमजोरी?

यही गर्दिश में इंसाँ का बड़ा औज़ार हो… Continue

Posted on May 22, 2017 at 9:00am — 18 Comments

एक हांडी दो पेट(लघुकथा)

एक हांडी दो पेट(लघुकथा)

हाई स्कूल के बाद, उसके आगे न पढ़ने के ऐलान करने पर माँ ने जोर देते हुए कहा,"बेटा!बिना पढ़ाई के आज कोई इज्जत नहीं है।तुझे यह कितनी बार समझाऊँ?"

पिता ने जोड़ा,"ठीक कह रही है तेरी माँ।"

वह झल्ला कर बोली,"माँ,बापू मेरे बस का नहीं है पढ़ना।ज्यादा धक्का ना करो।क्या कर लूँगी पढ़ के मैं?"

पिता बोले,"पढ़-लिख जावेगी तो अपने पैरों पर खड़ी हो सकेगी।किसी की तरफ देखना न पड़ेगा।जिंदगी में तेरे काम आवेगी पढ़ाई।"

"अच्छा!",उसने मुँह बनाया।

"बेटा!मैं ना पढ़… Continue

Posted on May 14, 2017 at 8:00pm — 18 Comments

गीतिका/सतविन्द्र

(16 मात्राएँ)
कर्म करें तो बढ़ते सारे
बिना किये किस्मत भी हारे

रात चाँदनी और ये तारे
नहीं सुहाते बिना तुम्हारे

मजहब क्या दीवार है कोई
लिख डाले जो इतने नारे

रात अँधेरी से क्या डरना
हैं उम्मीदों के उजियारे

बीच भँवर में जीवन नैया
डोल रही,हैं दूर किनारे

खींचेगी फूलों की खुशबू
चलो देख कर काँटे प्यारे।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on May 7, 2017 at 8:03am — 27 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:34am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय सतविंदर भाई ये मार्गदर्शन आपके द्वारा ही दिया गया है। हार्दिक आभार ।
At 7:41am on January 27, 2016, Omprakash Kshatriya said…
बहुतबहुत शुक्रिया आप का आदरणीय सतविंदर कुमार जी . आप ने मेरा जन्म दिन याद रख कर मुझे अमूल्य/अतुल्य शुभकामनाएं दी. इस हेतु मैं आप का आजीवन ऋणी रहूंगा .
At 8:46pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर शुभकामनाएं!
At 6:59pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 7:16pm on December 18, 2015, सतविन्द्र कुमार said…
बहुत बहुत आभार आदरणीयEr Ganesh Jee Bagi सर।
At 7:54pm on December 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सतविंदर कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:59am on October 2, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई सतविंदरजी, 

आपका हार्दिक धन्यवाद कि आपको मेरी विवेचना तोषकारी लगी है.

आप किसी आयोजन या इवेण्ट पर अपनी भावनाएँ उसी थ्रेड में पोस्ट किया करें. यदि आपने अपना धन्यवाद ज्ञापन संकलित लघुकथाओं के पोस्ट में ही किया होता या अब भी कर दें तो यह अधिक उचित होगा.

पुनः धन्यवाद, भाईजी

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manan Kumar singh posted blog posts
34 minutes ago
Rahila commented on Rahila's blog post ***बदलते सुर***(लघुकथा)राहिला
"बहुत आभार आदरणीय उस्मानी साहब!"
50 minutes ago
Barkha Shukla updated their profile
50 minutes ago
Rahila commented on Rahila's blog post ***बदलते सुर***(लघुकथा)राहिला
"आदरणीय आरिफ़ साहब!बहुत शुक्रिया ।आप सही हैं मेरा ध्यान इस बार इस बात से चूक गया।"
51 minutes ago
KALPANA BHATT shared their blog post on Facebook
4 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on मोहन बेगोवाल's blog post झूठ का साया(लघुकथा)
"संभवतः आज के समय में यह संभव नहीं है पर आज से पचास वर्ष पूर्व निसंदेह संभव था। यह कहानी का स्पष्ट…"
9 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on मोहन बेगोवाल's blog post झूठ का साया(लघुकथा)
"संभवतः आज के समय में यह संभव नहीं है पर आज से पचास वर्ष पूर्व निसंदेह संभव था। यह कहानी का स्पष्ट…"
12 hours ago
KALPANA BHATT commented on KALPANA BHATT's blog post डॉ रेखा ( (कहानी)
"धन्यवाद सर"
15 hours ago
KALPANA BHATT posted a blog post

डॉ रेखा ( (कहानी)

"ये कहाँ जा रही हो अम्मी ?" पड़ोस वाली महिला ने पूछा"अरे वो अपनी मधु है न उसके घर से खबर आयी है ,…See More
15 hours ago
Mohammed Arif commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post सच का चोगा पहना दो - शिज्जु शकूर
"आदरणीय शिज्जू शकूर जी आदाब, छोटी बह्र वाली बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ…"
19 hours ago
Mohammed Arif commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...क्या क्रांति की है दुन्दभि या सिर्फ ये उफान है
"आदरणीय बृजेश कुमार जी आदाब, बहुत अच्छी ग़ज़ल । दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें । गुणीजन शैल्पिक विधान…"
19 hours ago
narendrasinh chauhan posted a blog post

मुझे

ईर्ष्या कृपया मुझे छोड़ देंमुझे मुक्त चलने दें तेरी  समझ सेईमानदारीकृपया मुझे में भरमेरे शब्दों को…See More
20 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service