For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

narendrasinh chauhan
  • Male
  • anjar kutch gujarat
  • India
Share

Narendrasinh chauhan's Friends

  • Manisha Joban Desai
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • gumnaam pithoragarhi
  • savitamishra
  • Sushil Sarna
  • Madan Mohan saxena
  • Meena Pathak
  • vijay nikore
  • Dr.Prachi Singh
  • मिथिलेश वामनकर

narendrasinh chauhan's Groups

 

narendrasinh chauhan's Page

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on सतविन्द्र कुमार's blog post कुंडलियां
"खूब सुन्दर रचना "
Tuesday
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post 3. क्षणिकाएं :.....
"बहोत सुन्दर "
Tuesday
narendrasinh chauhan commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - तेरी आँखों में अभी तक है अदावत बाकी
"खूब सुन्दर रचना "
Jan 12
narendrasinh chauhan commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " फ़िर ग़ज़ल प्रेम की निशानी की "
"खूब सुन्दर रचना "
Jan 3
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post आत्म-संवाद
"बहोत खूब सुन्दर रचना "
Nov 30, 2017
narendrasinh chauhan commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल: अंगारो से प्रीत निभाया करता हूँ
"खूब सुन्दर रचना "
Nov 8, 2017
narendrasinh chauhan commented on Dr.Prachi Singh's blog post कशिश
"सुंदर रचना "
Nov 4, 2017
narendrasinh chauhan commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post बेहाल जिन्दगी
"बहुत सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on Balram Dhakar's blog post अब भी क़ायम है(ग़ज़ल)- बलराम धाकड़
"सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post गज़ल -अक्सीर दवा भी अभी’ नाकाम बहुत है
" सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post पगलाया विश्वास
"बहुत सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on Dr.Prachi Singh's blog post कशिश
",बहुत सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on Samar kabeer's blog post "अभी इक आदमी बाक़ी है जो इंकार कर देगा"
"बहुत सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on Dr.Prachi Singh's blog post स्त्री (एक शब्द चित्र)
",बहुत सुंदर रचना"
Nov 2, 2017
narendrasinh chauhan commented on rajesh kumari's blog post वक़्त ऐसी किताब माँगेगा (ग़ज़ल 'राज')
"बहुत उम्दा गजल.. लाजवाब "
Oct 13, 2017
narendrasinh chauhan commented on rajesh kumari's blog post इस ज़माने से कई राज़ छुपा रक्खे हैं (ग़ज़ल 'राज')
"KHUB SUNDAR RACHNA "
Oct 3, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
anjar gujarat
Native Place
anjar
Profession
service
About me
READING

Narendrasinh chauhan's Blog

तपस्या

क्या यह मुझे जानने में मदद करेगा
वहां उनकी हंसी है
रिक्त स्थान में भर
हवा में फसी

क्या यह मुझे सीखना शांत करेगा
हर जगह से आनंद के फैल  आँसू
दिल खुश से विस्फोट
जैसा कि यह केवल उचित है.

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on June 1, 2017 at 4:08pm — 1 Comment

मुझे

ईर्ष्या 

कृपया मुझे छोड़ दें

मुझे मुक्त चलने दें 

तेरी  समझ से

ईमानदारी

कृपया मुझे में भर

मेरे शब्दों को मुक्त कर 

उस विश्वास के साथ

मूर्खता

कृपया मुझे छोड़ दें

मुझे दो बार सुन लेकिन बोल

एक आवाज़ के साथ

अखंडता

कृपया मुझे सशक्त कर

मेरे दिमाग और शरीर को ऊपर ले

सही विकल्प बनाने के लिए

मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on May 27, 2017 at 10:30am — 1 Comment

तुम

यह तुम्हारी आंखें है

यह तुम्हारा मुंह है

यह तुम्हारी मुस्कुराहट है

तुम्हारा दिल

तुम्हारी  हंसी

लेकिन यह मेरा दिल है

मेरा डर

यह मेरा प्यार है

मेरी उम्मीद

मैं जिसके लिऐ  हूँ

Posted on May 26, 2017 at 9:57am — 2 Comments

मैं

जब यहां खड़े हो रहे हैं
तुम्हारे साथ
मुझे नहीं पता क्या करना है
या कौन हूँ 
खो गया और टूटा हुआ
आदमी
बाहर जोड़े अपने
हाथ
मुझे नहीं पता
कब बारी है
मुझे बहा दिया गया 
आपके द्वारा 
कुचला और टूटा भी
अब मुझे नहीं पता कि मैं कौन हूँ ...

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on May 24, 2017 at 12:30pm — 3 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:45pm on April 27, 2017, vijay nikore said…

मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए आभारी हूँ।

हरि ॐ.

विजय निकोर

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैंकंठ चीर तरु सरकंडों केअल्गोज़े की बीन बनी हैअंतड़ियों के बान…See More
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार posted a blog post

बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल

1222 1222 122 बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है अबस आँखों से झर कर टूटता हैगुमाँ ने कस लिया जिस पर शिकंजा…See More
1 hour ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”
"आदरणीय आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया!!!"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आपको मिला ये सम्मान हम सबके लिये असीम  गौरव का विषय है। हार्दिक बधाई आदरणीया राजेश कुमारी जी"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० शेख़ उस्मानी साहब, आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया. "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० अखिलेश जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...धूल की परतें-बृजेश कुमार 'ब्रज

1222 1222 1222 1222 गुलाबों से किताबों तक समाईं धूल की परतें जरा देखो तो अब माथे पे आईं धूल की…See More
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post चाँद से पूछें...
"आदरणीय बृजेश जी सृजन आपकी प्रशंसा का आभारी है।"
4 hours ago
Sushil Kumar Verma and K.Kumar are now friends
11 hours ago
Sushil Kumar Verma posted a blog post

ताकत कलम की

हे भारत के वीर युवाओं, कर लो नमन माँ सरस्वती को, दिखा दो ताकत दुनियाँ को, कितनी शक्ति है तेरे…See More
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अक़्ल पर ताले (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी। आपकी लघुकथायें सदैव ही एक संदेश छोड़ती हैं।इस लघुकथा के माध्यम…"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service