For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत '
Share

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Friends

  • Samar kabeer

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Groups

 

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Page

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,कुछ कुछ इसका अहसास मुझे भी था | लेकिन तात्कालिक  उपाय कुछ सूझा नहीं, क्या कोई उपाय हो सकता है ? सादर | पड़ती है मार.... को तो हटा सकते हैं लेकिन मतले क्या क्या किया जाये ? कृपया रास्ता दिखाएँ | "अपना सा…"
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,कुछ कुछ इसका अहसास मुझे भी था | लेकिन तात्कालिक  उपाय कुछ सूझा नहीं, क्या कोई उपाय हो सकता है ? सादर | पड़ती है मार.... को तो हटा सकते हैं लेकिन मतले क्या क्या किया जाये ? कृपया रास्ता दिखाएँ | "
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on Samar kabeer's blog post ओ.बी.ओ.की 9 वी सालगिरह का तुहफ़ा
"शानदार ,सर ,ओबीओ के इस प्रतिष्ठित मंच के सभी संचालकों ,लेखकों और पाठकों को सालगिरह पर बधाई | "
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"आप सही हैं सर Samar kabeer साहेब ,ये ग़ज़ल रिपीट हो गई थी मैंने डिलीट कर दी है | सादर आभार | "
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
17 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post सुकून-ओ-अम्न पर कसनी ज़िमाम अच्छी नहीं हरगिज़(५० )
"शुक्रिया आदरणीय गिरिराज भंडारी जी "
18 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post सुकून-ओ-अम्न पर कसनी ज़िमाम अच्छी नहीं हरगिज़(५० )
"आदरनीय गिरधारी भाई , बड़ी खूब सूरत ग़ज़ल कही , हार्दिक बधाई स्वीकार करें"
Jul 7
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post हाय क्या हयात में दिखाए रंग प्यार भी (४९)
"आदरणीय  गिरिराज भंडारी जी ,हौसला आफजाई के लिए शुक्रिया "
Jul 5
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मन के आँगन में फूटा जो प्रीतांकुर नवजात |(४८ )
"आदरणीय  गिरिराज भंडारी जी ,आपकी सराहना के लिए हार्दिक आभार | "
Jul 5

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मन के आँगन में फूटा जो प्रीतांकुर नवजात |(४८ )
"क्या बात है , आदरणीय गिरधारी भाई , बढिया गीत रचना की है , हार्दिक बधाई"
Jul 5

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post हाय क्या हयात में दिखाए रंग प्यार भी (४९)
"आदरणीय गिरधारी भाई , खूब सूरत ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाईयाँ"
Jul 5
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post न हसरतों से ज़ियादा रखें लगाव कभी (५४)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,मुझे ऐसा लगता है इस ग़ज़ल को आपने दोबारा पोस्ट किया है? एक बार चेक कर के बताएँ, अपनी टिप्पणी आपके जवाब के बाद दूँगा ।"
Jul 3
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ये हुआ है कैसा जहाँ खुदा यहाँ पुरख़तर हुई ज़िंदगी (५२)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'कहीं वहशतों का निज़ाम है कहीं दहशतें खुले-आम है' इस मिसरे के अंत में 'है' को "हैं" कर लें ।"
Jul 3
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'लगता है दर्द ग़ैर का अपना है इसलिए' इस मिसरे में रदीफ़ से इंसाफ़ नहीं हो सका,देखियेगा । 'पड़ती है मार पर उसे सच्चा है इसलिए' इस मिसरे का…"
Jul 3
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
Jul 1
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post सुकून-ओ-अम्न पर कसनी ज़िमाम अच्छी नहीं हरगिज़(५० )
"//ज़रूरी शग़्ल है कोई मुहब्बत और पीरी में// ये मिसरा अब ठीक है । //ख़िराम लूगत में स्त्रीलिंग ही लिखा था इसलिए इतेमाल किया// आपकी लूग़त ग़लत जानकारी दे रही है,"ख़िराम" शब्द पुल्लिंग है ।"
Jul 1

Profile Information

Gender
Male
City State
BIKANER (RAJASTHAN)
Native Place
BIKANER
Profession
RETIRED GOVT EMPLOYEE
About me
POET WRITER

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Blog

"मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )

एक गीत प्रीत का

===========

"मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |

**

लता के सम लिपट जाना , नखों से पीठ खुजलाना |

अधर से चूम लेना मुख,नयन से कुछ कहा जाना |

कभी पहना दिया हमदम,गले में हार बाहों का

अचानक गोद में लेकर,तुम्हारा केश सहलाना |

हथेली से छुपा लेना, तुम्हारा नैन को मेरे

इशारे प्यार के थे या, शरारत भेद यह खोलो |

"मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो…

Continue

Posted on July 20, 2019 at 4:00pm — 2 Comments

ये हुआ है कैसा जहाँ खुदा यहाँ पुरख़तर हुई ज़िंदगी (५२)

(११२१२ ११२१२ ११२१२ ११२१२ )

.

ये हुआ है कैसा जहाँ खुदा यहाँ पुरख़तर हुई ज़िंदगी

न किसी को ग़ैर पे है यक़ीं न मुक़ीम अब है यहाँ ख़ुशी

**

कहीं रंज़िशें कहीं साज़िशें कहीं बंदिशें कहीं गर्दिशें

कहाँ जा रहा है बता ख़ुदा ये नए ज़माने का आदमी

**

कहीं तल्ख़ियों का शिकार है कहीं मुफ़्लिसी की वो मार है

मुझे शक है अब ये बशर कभी हो  रहेगा ज़ीस्त में शाद भी

**

कहीं वहशतों का निज़ाम है कहीं दहशतें खुले-आम हैं 

मिले आदमी से यूँ आदमी मिले अजनबी से जूँ…

Continue

Posted on June 30, 2019 at 2:30am — 1 Comment

ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)

(२२१ २१२१ १२२१ २१२ )

ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए

लगता है दर्द ग़ैर का अपना है इसलिए

**

जब और कोई राह न सूझे ग़रीब को

रस्ता हुज़ूर ज़ुर्म का चुनता है इसलिए

**

झूठों का कुछ बिगाड़ न सकते हुज़ूर आप

पड़ती है मार पर उसे सच्चा है इसलिए

**

बाज़ार के उसूल हुए लागू इश्क़ पर

बिकता है ख़ूब इन दिनों सस्ता है इसलिए

**

आसाँ न दरकिनार उसे करना ज़ीस्त से

दिल का हुज़ूर आपके टुकड़ा…

Continue

Posted on June 28, 2019 at 11:00pm — 2 Comments

सुकून-ओ-अम्न पर कसनी ज़िमाम अच्छी नहीं हरगिज़(५० )



सुकून-ओ-अम्न पर कसनी ज़िमाम अच्छी नहीं हरगिज़

अगर पैहम है तकलीफ़-ए-अवाम अच्छी नहीं हरगिज़

**

निज़ामत देखती रहती वतन में क़त्ल-ओ-गारत क्यों

नज़रअंदाज़ की खू-ए-निज़ाम अच्छी नहीं हरगिज़

**

न रोके तिफ़्ल की परवाज़ कोई भी ज़माने में

कभी सपने के घोड़े पर लगाम अच्छी नहीं हरगिज़

**

किसी को हक़ नहीं है ये कि ले क़ानून हाथों में

मगर सूरत वतन में है ये आम अच्छी नहीं हरगिज़

**

क़ज़ा को घर बुलाना है तुम्हें तो ख़ूब पी लेना

वगरना मय है पक्की या है ख़ाम अच्छी…

Continue

Posted on June 27, 2019 at 9:15pm — 5 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,कुछ कुछ इसका अहसास मुझे भी था | लेकिन तात्कालिक  उपाय कुछ…"
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़म को क़रीब से कभी देखा है इसलिए(५१)
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,कुछ कुछ इसका अहसास मुझे भी था | लेकिन तात्कालिक  उपाय कुछ…"
8 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"सार छंद   आहट पाकर सावन की फिर , झूमे डाली-डाली । हर्षित हैं सब बाग़-बगीचे, छायी है हरियाली…"
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on Samar kabeer's blog post ओ.बी.ओ.की 9 वी सालगिरह का तुहफ़ा
"शानदार ,सर ,ओबीओ के इस प्रतिष्ठित मंच के सभी संचालकों ,लेखकों और पाठकों को सालगिरह पर बधाई | "
8 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"आप सही हैं सर Samar kabeer साहेब ,ये ग़ज़ल रिपीट हो गई थी मैंने डिलीट कर दी है | सादर आभार…"
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

तन्हाई में ...

तन्हाई में ...होती है बहुत ज़रूरत तन्हाई में तन्हा हाथ को अपने से एक हाथ की बोलता रहे जिसका स्पर्श…See More
9 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (ग़ज़ल)

ग़ज़ल (वो जब भी मिली)बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (12112*2)वो जब भी मिली, महकती मिली, गुलाब सी वो, खिली…See More
9 hours ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 99 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत सुंदर"
10 hours ago
Samar kabeer commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ग़ज़ल - आँसू बहाने के लिए
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,आपकी ग़ज़लों पर दिन ब दिन निखार आता जा रहा है,ये देख कर प्रसन्नता हुई…"
12 hours ago
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post इलाज़  - लघुकथा  -
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
12 hours ago
Samar kabeer commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post महक
"जनाब गोपाल नारायण जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
12 hours ago
Samar kabeer commented on C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"'s blog post दुर्मिल सवैया
"जनाब सी.एम. उपाध्याय जी आदाब,अच्छा छन्द लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
12 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service