For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

राजस्थानी साहित्य

Information

राजस्थानी साहित्य

इस ग्रुप मे राजस्थानी साहित्य लिखा जा सकता है |

Location: विश्व
Members: 32
Latest Activity: Apr 13

Discussion Forum

सावण सूखो क्यूँ !

सावण सूखो क्यूँ !इबकाळ रामजी न जाण के सूझी, क बरसण क दिनां मं च्यारूँ कान्या तावड़ की  बळबळती सिगड़ी सिलागायाँ बठ्यो है | जठे देखो बठे…Continue

Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' Mar 4, 2016.

बिठाऊँ केइया नाव म- - -- - - (राजस्थानी गीत)

बिठाऊँ केइया नाव म- - -- - - छोटी सी या म्हारी  है नाँव,जादू भरया लागे थारा पाँव |मनै डर सता रह्यों है राम,थानै बिठाऊँ केइया नाँव में | म्हारी तो या लकड़ी री नाँव,थे बणाद्यों भाटा न भी नार |ई सूं मनै…Continue

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Jun 27, 2015.

राजस्थानी कविता उत्सव 26 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित 1 Reply

राजस्थानी साहित्य प्रेमियों को यह जानकार प्रसन्नता होगी कि साहित्य अकादमी, दिल्ली और राजस्थान अध्ययन केंद्र, राजथान यूनिवर्सिटी, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 26 से 28 फरवरी,2015 तक राजस्थान…Continue

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला. Last reply by डिम्पल गौड़ 'अनन्या' Feb 27, 2015.

धरती रंग सुरंगी ...

धरती रंग सुरंगी सी मन मां रस जगावे रे ऊँचा ऊँचा टीबा इण रांजीवण री आस जगावे रेलहर लहर लहरियों उड़ उड़आसमान पर छावे रेपंछी भी तो गीत धरा का मधुर स्वरां म गावे रे धरती रंग सुरंगी सी मन मां रस जगावे…Continue

Tags: कविता

Started by डिम्पल गौड़ 'अनन्या' Feb 15, 2015.

कस्तूरी री महक 1 Reply

थारे बिण म्हारो जियो रे  भटके सुण क्यूं न  लेवे   तू म्हारी पुकार म्हाने रात्यां में नींद कोणी  आवे रे थारी ओल्युं ढोला म्हाने जगावे  रे बन मां व्याकुल घुमे रे हिरणीकस्तूरी री महक  लागे मनभावन आ…Continue

Tags: .., रचना, राजस्थानी

Started by डिम्पल गौड़ 'अनन्या'. Last reply by डिम्पल गौड़ 'अनन्या' Feb 2, 2015.

मीरा बाट जोवे थारी ..... 2 Replies

म्हारी आँख्यां  बाट जोवे थारी ओ  सावरिया म्हारा  गिरधारी मीरा रे मन री  बातां समझे रे कुणआ तो दरस निहारे थारी ओ बनवारीवीणां रां तार बाज्ये जद जद नाच्युं म तो प्रेम म  दिवानी होकर लीलाधर री लीला जाणे…Continue

Started by डिम्पल गौड़ 'अनन्या'. Last reply by डिम्पल गौड़ 'अनन्या' Jan 31, 2015.

फरक है याद रै मांय / राजस्थानी कविता/ कृष्ण वृहस्पति

म्हूं तेरै पांती रैमेह मांय भीजै हो जणा तू तपै ही मेरै हिस्सै रै तावड़ै मांय।आज भी तूं म्हारी याद रै मरूथळ मांय बळै है दिन-रात अर म्हे बैठ्यो हूं तेरी याद री ओढ्यां बादळी।मौलिक/ अप्रकाशितContinue

Started by Krishan Vrihaspati Sep 13, 2013.

सुप्रभात राजस्थान

लाल सुरंगो सूरज ऊग्यौ, सुरंगो हुयौ असमान।कहे बिरकाळी भायां नै, सुप्रभात राजस्थान।।बात बताऊं एक पते गी, सुणल्यौ ध्यान लगाय।आपणी भाषा राजस्थानी री, सरकारी मान्यता दिलाय।।अनुसूचि अठारवीं में, जुङै…Continue

Tags: दुहा, राजस्थानी

Started by सतवीर वर्मा 'बिरकाळी' Feb 28, 2013.

राजस्थानी भाषारी मान्यता र वास्ते

राजस्थानी भाषारी मान्यता र वास्ते  विकास बारे में राजस्थान साहित्य अकादमी न पुरजोर मांग कर राजस्थानी भाषा न  मान्यता दिलाबा र वास्ते जितरी कोशिश करनी चाहिए, कोणी हो रही।रानी लक्ष्मी कुमारी चुडावत रा…Continue

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला Feb 19, 2013.

महकेगी राजस्थानरी धोरांरी खुशबु 2 Replies

 विश्व प्रसिद्द जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जो दि 24 जनुअरी से 28 जनवरी 2013 तक कारणों तय हुयो है माय अबकी बार राजस्थान री भाषा और साहित्य वास्ते भी एक नई सौगात लेकर आसी ।  इमै राजस्थानरा कवियों और लेखका…Continue

Tags: फेस्टिवल, लिटरेचर, जयपुर

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला. Last reply by KISHAN KUMAR Feb 18, 2013.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"आखिरी शेर के पहले मिसरे में शायद तनाफुरे-लफ्जी है. लेकिन मिसरा मुझे इसी शक्ल में ठीक लगा."
34 minutes ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"ये बस जिस्मों की चाहत है ? नहीं तो मुहब्बत  बस  इबादत  है ? नहीं तो   तुम्हारा…"
49 minutes ago
Gurpreet Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"मिली क्या तुम को राहत है? नहीं तो वही पहली सी हालत है? नहीं तो ॥ सुना जो क्या हकीकत हैै? नहीं…"
2 hours ago
Anuraag Vashishth commented on Anuraag Vashishth's blog post पंडित-मुल्ला खुद नहीं समझे, हमको क्या समझायेंगे - अनुराग
"शुक्रिया आ. बृजेश जी."
2 hours ago
Anuraag Vashishth commented on Anuraag Vashishth's blog post पंडित-मुल्ला खुद नहीं समझे, हमको क्या समझायेंगे - अनुराग
"शुक्रिया आ. निलेश जी. तीसरे शेर में प्रयुक्त 'दुई' शब्द कबीर का है जिसे उन्होंने…"
2 hours ago
Anuraag Vashishth commented on Anuraag Vashishth's blog post पंडित-मुल्ला खुद नहीं समझे, हमको क्या समझायेंगे - अनुराग
"शुक्रिया आ. शिज्जु जी."
2 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बिछड़ जाना रवायत है? नहीं तो! बिछड़ कर दिल सलामत है? नहीं तो। वाह!वाह!!क्या ख़ूब मत्ला है । हर…"
2 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"आ. निलेश जी,  खूबसूरत शुभारम्भ की बधाई हो. सादर "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बिछड़ जाना रवायत है? नहीं तो! बिछड़ कर दिल सलामत है? नहीं तो! . वो दिल का टूट जाना था.. क़यामत, ये…"
3 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,
"शुक्रिया आ. बृजेश जी "
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार replied to Dr.Prachi Singh's discussion हौले हौले बोल चिरैया.....लोरी //डॉ० प्राची in the group बाल साहित्य
"वाह्ह्ह् सुन्दरम् आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी!"
4 hours ago
KALPANA BHATT commented on Mohammed Arif's blog post मेरे भीतर की कविता
"बहुत ही संवेदनशील भावपूर्ण रचना हुई है जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहब । हार्दिक बधाई ।"
4 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service