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Gajendra shrotriya
  • 35, Male
  • Kota , Rajasthan
  • India
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Gajendra shrotriya commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आपका आभारी हूँ आ.सुरेन्द्र नाथ जी।"
Monday
Gajendra shrotriya commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"धन्यवाद आ.लक्ष्मण धामी  जी।"
Monday
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"बहुत शुुक्रिया आ.Ram Awadh VIshwakarma  जी।"
Monday
Gajendra shrotriya commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"उत्साहवर्धन  हेेतु  आपका आभारी हूूँ   आ. Gurpreet Singh जी"
Monday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आद0 गजेंद्र जी सादर अभिवादन, बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने, बहुत बहुत बधाई आपको।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई"
Sunday
Ram Awadh VIshwakarma commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आदरणीय गजेन्द्र जी आपकी ग़ज़ल का हर शेर लाजबाब है। आपको बहुत बहुत बधाई।"
Saturday
Gurpreet Singh commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"वाह वाह आदरणीय गजेन्द्र जी,,बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है आपने ,,,,"
Dec 8
Gajendra shrotriya commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
" बहुुुत उम्दा खयाल  बुने हेै आ० पंकजोम जी । बहुुुत बधाई आपकाो  इस ग़ज़ल के  लिए।"
Dec 8
Gajendra shrotriya posted blog posts
Dec 8
Gajendra shrotriya commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आ० समर कबीर साहिब सादर अभिवादन !  ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ । आपके द्वारा निर्देशित सुधार कर रहा हूँ। सादर।"
Dec 7
Gajendra shrotriya commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आ० अजय तिवारी जी  सादर अभिवादन ! ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका आभारी हूँ । आपका सुझाव उपयुक्त हेै, तदनुसार संशोधन कर रहा हूँ। आगे भी आपके मार्गदर्शन का आकांक्षी हूंँ। सादर।"
Dec 7
Samar kabeer commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"जनाब गजेन्द्र जी आदाब,बहुत उम्दा तरही ग़ज़ल हुई,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । दूसरे शैर के ऊला मिसरे पर जनाब अजय तिवारी जी का सुझाव उत्तम है,और सानी मिसरे में 'चेह्रा' को "चहरा" कर लें । तीसरे शैर के ऊला मिसरे में सही शब्द है…"
Dec 7
Ajay Tiwari commented on Gajendra shrotriya's blog post चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल
"आदरणीय गजेन्द्र जी, उम्दा ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाईयाँ. 'कर ग़ौर अपने तौर-तरीकों मिज़ाज पर' को अगर ठीक लगे तो 'कर ग़ौर अपने तौर-तरीकों पे एक बार'  कर सकते हैं. सादर"
Dec 7
Gajendra shrotriya commented on Afroz 'sahr''s blog post ग़ज़ल,,,,इशारों का साथ दो,,,,,,,
"//ये वक़्त का तकाजा़ है दानाइ भी यही।रक्खो ज़ुबान बंद इशारों का साथ दो// वाह ! बहुत शानदार ग़ज़ल कही जनाब अफरोज  साहब। बहुत उम्दा ! बहुुुत बधाई ।"
Dec 6
Gajendra shrotriya posted a blog post

चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल

221  2121 1221 212 राह- ए- बदी से हम कभी वाक़िफ़ नहीं रहे  फिर भी तेरे निशाने पे वाइज़ हमीं रहे     कर ग़ौर अपने तौर-तरीकों पे एक बार चहरा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे  दिल के दियार की ज़रा रौनक बहाल हो गर इस मकाँ में आप सा कोई मकीं रहेकर इश्क या जगा दे तसव्वुफ़ तेरी रज़ा ऐ दिल तेरे खिलाफ़ कभी हम नहीं रहे  अब भी यहीं हैं फूल कली चाँद सब मगर दिलकश तुम्हारे बाद ये उतने नहीं रहे दिल के फ़लक पे ख़ूब सितारे अयाँ हैं पर बनके यहाँ पे चाँद हमारा तुम्हीं रहे सब है ख़ुदा के हाथ में सच है यही मगर  खुद पर भी ऐ बशर…See More
Dec 6

Profile Information

Gender
Male
City State
kota Rajsthan
Native Place
rajsthan
Profession
Teacher at state govt. Rajasthan

Gajendra shrotriya's Blog

चेह्रा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे - तरही ग़ज़ल

221  2121 1221 212



राह- ए- बदी से हम कभी वाक़िफ़ नहीं रहे 

फिर भी तेरे निशाने पे वाइज़ हमीं रहे     

कर ग़ौर अपने तौर-तरीकों पे एक बार

चहरा फ़क़त हसीं न हो दिल भी हसीं रहे 



दिल के दियार की ज़रा रौनक बहाल हो

गर इस मकाँ में आप सा कोई मकीं रहे

कर इश्क या जगा दे तसव्वुफ़ तेरी रज़ा

ऐ दिल तेरे खिलाफ़ कभी हम नहीं रहे 



अब भी यहीं हैं फूल कली चाँद सब मगर

दिलकश तुम्हारे बाद ये उतने नहीं रहे



दिल के…

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Posted on December 6, 2017 at 8:30pm — 12 Comments

दिल बड़ा अपना बनाने की ज़रूरत आज है-ग़ज़ल

2122 /2122/ 2122 /212



दिल बड़ा अपना बनाने की ज़रूरत आज है

टूटते रिश्ते बचाने की ज़रुरत आज है



प्यार जितना है जताने की ज़रूरत आज है

अपनापन खुलकर दिखाने की ज़रूरत आज है



हँसते आँगन में पसर जाए न सन्नाटा कहीं

सब गिले शिकवे भुलाने की ज़रूरत आज है



दिल के रिश्तों को ज़ुबाँ से तोड़ना मुमकिन कहाँ

अपनों को अपना बनाने की ज़रूरत आज है



घर बनाना है अगर मज़बूत फिर खुद को हमे

नींव का पत्थर बनाने की ज़रूरत आज है



अपने हक़ की बात करना… Continue

Posted on November 5, 2017 at 7:00pm — 19 Comments

गज़ल- आज ढ़लती धूप सी हैं

2122/2122/2122/212



आज ढ़लती धूप सी हैं दादी नानी फिर कहाँ

तिफ़्ल सुनले चाँद परियों की कहानी फिर कहाँ



घर घरोंदे गुड्डे गुडिया राजा रानी फिर कहाँ

कश्तियाँ कागज की ये बारिश का पानी फिर कहाँ



छोड़ ये टीवी मोबाइल दौड़कर तितली पकड़

बचपना जी भरके जी ऐसी रवानी फिर कहाँ



पेड़ों की शाखें हैं सूनी खेल के मैदान चुप

जूझना हालात से सीखे जवानी फिर कहाँ



माँ के आंचल से पिता के कांधे तक फैली थी जो

बचपने की वो हुकूमत हुक्मरानी फिर… Continue

Posted on September 1, 2017 at 9:11pm — 16 Comments

ग़ज़ल - इक जलतरंग दिल में बजाकर चले गए

221 / 2121 / 1221 / 212



इक जलतरंग दिल में बजाकर चले गए

वो रंगे इश्क मुझपे चढ़ाकर चले गए



जैसे गुलाब की कली हो जाए संदली

ख़ुशबू फिज़ा में ऐसी मिलाकर चले गए



बादल उड़े फ़लक पे बने नक़्श वो हसीं

उस नाज़नीं की याद दिलाकर चले गए



मुस्कान दे गए मुझे बचपन के यार कुछ

मेरी उदासियों को चुराकर चले गए



जुगनू ही बनके रह गए सूरज कई यहाँ

कोरस में गीत कितने ही गाकर चले गए



क्यूं शम्स के उजाले ये नींदों के फूलों से

ख्वाबों की… Continue

Posted on August 5, 2017 at 9:30pm — 21 Comments

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At 7:22pm on April 6, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय गजेन्द्र श्रोतिया जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी प्रस्तुति  ग़ज़ल ("ओबीओ लाइव तरही मुशायरा" अंक 45 में प्रस्तुत) को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |


शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 

ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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