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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Friends

  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"
 

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Page

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बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आ0 छोटेलाल सिंह जी ग़ज़ल को आपसे मान मिला, बहुत बहुत आभार।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आ0 आसिफ़ ज़ैदी जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आ0 प्रतिभा पांडे जी आपका हृदय तल से आभार।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आ0 समर साहिब ग़ज़ल को आपसे मान मिला आपका बहुत बहुत आभार। ' हैं रचनाकार सब गोपी तू सबका ही कन्हाई है' उपरोक्त मिसरे में वचनगत अशुद्धि है तो, यह संशोधन कैसा रहेगा: सभी शायर ओ कविगण गोपियाँ हैं तू कन्हाई है अथवा कथ्य नहीं बैठा, कृपया…"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह सुचि बहन बेटी पर बहुत ही भावभीनी रचना पेश की है। बहुत बधाई।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आ0 सुरेंद्र नाथ सिंह जी लावणी छंद आधारित बहुत ही मधुर गीत हुआ है। आस लगाए बेटे का पर, बिटिया घर आ जाती हैमूर्ख कई फिर रो पड़ते हैं, मायूसी छा जाती हैबचपन को वह जान न पाती, किस विधि आता जाता हैैहोता है आभास उसे तब, जिस दिन बनती माता है।। दिल को…"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"ओ बी ओ मंच को समर्पित ग़ज़ल (1222*4) तुझे सौवें महा उत्सव की ओ बी ओ बधाई है,हमारे दिल में चाहत बस तेरी ही रहती छाई है। मिला इक मंच तुझ जैसा हमें अभिमान है इसका,हमारी इस जहाँ में ओ बी ओ से ही बड़ाई है। सभी इक दूसरे से सीखते हैं और सिखाते हैं,हमारी…"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह आ0 राजेश कुमारी जी बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है। दिल से बधाई।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह आ0 अखिलेश श्री वास्तव जी भाव विह्वल करती रचना को 'दिल से' नमन।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह आ0 समर साहिब महा उत्सव का आगाज़ खूबसूरत ग़ज़ल से। हम रखें यह दिमाग़ एक तरफ मान ओ बी ओ को सनम दिल से।"
Monday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह सौरभ पांडे जी गागर में सागर भरता गीत। बधाई। बोल की सौरभ से क्यों मन को टटोले... भाव से ही बात हो, अधर न बोले।"
Monday
Samar kabeer commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post षट ऋतु हाइकु
"जनाब बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी आदाब,अच्छे हाइकू लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 4
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post षट ऋतु हाइकु
"आ0 लक्ष्मण धामी जी बहुत बहुत आभार।"
Feb 2
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post षट ऋतु हाइकु
"आ0 सुरेंद्र नाथ जी आपसे हाइकु को सराहना मिली, आपका बहुत बहुत आभार। मेघ हैं सांद्र= मेघ घने हैं। सांद्र"=घने तोष यानि सन्तुष्टि, प्रसन्नता इत्यादि। रजाई तोष प्रदान करने वाली है। तापे आगुन= आग तप रहा है"
Feb 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post षट ऋतु हाइकु
"आ. भाई वासुदेव जी, सुंदर हाइकू हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
Feb 1
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post षट ऋतु हाइकु
"आद0 बासुदेव अग्रवाल जी सादर अभिवादन। बढ़िया हाइकू लिखा आपने,, सच कहूं तो पहली बार तीनो पंक्तियों में तुकांतता की हाइकू पहली बार ही पढ़ा मैंने। कुछ जगहों पर मैं अर्थ समझ न सका जैसे-"मेघ हैं सांद्र", "रजाई तोष", "तापे…"
Jan 31

Profile Information

Gender
Male
City State
Tinsukia
Native Place
Tinsukia
Profession
कवि
About me
परिचय -बासुदेव अग्रवाल 'नमन' नाम- बासुदेव अग्रवाल; शिक्षा - B. Com. जन्म दिन - 28 अगस्त, 1952; स्थान - सुजानगढ़ (राजस्थान) रुचि - हर विधा में कविता लिखना। मुक्त छंद, पारम्परिक छंद, हाइकु, मुक्तक इत्यादि। गीत ग़ज़ल में भी रुचि है। परिचय - वर्तमान में मैँ असम प्रदेश के तिनसुकिया नगर में हूँ। मैं नारायणी साहित्य अकादमी से जुड़ा हुवा हूँ। हमारी नियमित रूप से मासिक कवि गोष्ठी होती है जिनमें मैं नियमित रूप से भाग लेता हूँ। नारायणी के माध्यम से मैं देश के प्रतिष्ठित साहित्यिकारों से जुड़ा हुवा हूँ। whatsup के कई ग्रुप से जुड़ा हुवा हूँ जिससे साहित्यिक कृतियों एवम् विचारों का आदान प्रदान गणमान्य साहित्यकारों से होता रहता है। Blog - narayanitsk.blogspot.com बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Blog

षट ऋतु हाइकु

षट ऋतु हाइकु

चैत्र वैशाख
छायी 'बसंत'-साख।
बौराई शाख।
**
ज्येष्ठ आषाढ़
जकड़े 'ग्रीष्म'-दाढ़
स्वेद की बाढ़।
**
श्रावण भाद्र
'वर्षा' से धरा आर्द्र
मेघ हैं सांद्र।
**
क्वार कार्तिक
'शरद' अलौकिक
शुभ्र सात्विक।
**
अग्हन पोष
'हेमन्त' भरे रोष
रजाई तोष।
**
माघ फाल्गुन
'शिशिर' है पाहुन
तापे आगुन।
*******

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on January 31, 2019 at 12:00pm — 5 Comments

ग़ज़ल (आज फैशन है)

ग़ज़ल (आज फैशन है)

1222 1222 1222 1222

लतीफ़ों में रिवाजों को भुनाना आज फैशन है,

छलावा दीन-ओ-मज़हब को बताना आज फैशन है।

ठगों ने हर तरह के रंग के चोले रखे पहने,

सुनहरे स्वप्न जन्नत के दिखाना आज फैशन है।

दबे सीने में जो शोले जमाने से रहें महफ़ूज़,

पराई आग में रोटी पकाना आज फैशन है।

कभी बेदर्द सड़कों पे न ऐ दिल दर्द को बतला,

हवा में आह-ए-मुफ़लिस को उड़ाना आज फैशन है।

रहे आबाद हरदम ही अना की बस्ती…

Continue

Posted on May 2, 2018 at 8:30am — 13 Comments

ग़ज़ल (कैसी ये मज़बूरी है)

ग़ज़ल (कैसी ये मज़बूरी है)

22 22 22 22 22 22 22 2

गदहे को भी बाप बनाऊँ कैसी ये मज़बूरी है,

कुत्ते सा बन पूँछ हिलाऊँ कैसी ये मज़बूरी है।

एक गाम जो रखें न सीधा चलना मुझे सिखायें वे,

उनकी सुन सुन कदम बढ़ाऊँ कैसी ये मज़बूरी है।

झूठ कपट की नई बस्तियाँ चमक दमक से भरी हुईं,

उन बस्ती में घर को बसाऊँ कैसी ये मज़बूरी है।

सबसे पहले ऑफिस आऊँ और अंत में घर जाऊँ,

मगर बॉस को रिझा न पाऊँ कैसी ये मज़बूरी है।

ऊँचे घर…

Continue

Posted on April 22, 2018 at 3:30pm — 13 Comments

ग़ज़ल(याद आती हैं जब)

ग़ज़ल(याद आती हैं जब)

212 212 212 212

याद आतीं हैं जब आपकी शोखियाँ,

और भी तब हसीं होतीं तन्हाइयाँ।

आपसे बढ़ गईं इतनी नज़दीकियाँ,

दिल के लगने लगीं पास अब दूरियाँ।

डालते गर न दरिया में कर नेकियाँ,

हारते हम न यूँ आपसे बाज़ियाँ।

गर न हासिल वफ़ा का सिला कुछ हुआ,

उनकी शायद रही कुछ हों मज़बूरियाँ।

मिलता हमको चराग-ए-मुहब्बत अगर,

राह में स्याह आतीं न दुश्वारियाँ।

हुस्नवालों से दामन बचाना ए…

Continue

Posted on April 3, 2018 at 8:30am — 9 Comments

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At 7:13pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
श्री बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:42pm on August 21, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

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