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बृजेश कुमार 'ब्रज'
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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"उचित है आदरणीय समर कबीर जी एवं आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी..सर्व प्रथम देर से आने के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ...आदरणीय तिवारी जी से मैं असहमत नहीं था बस भावनात्मक रूप से सहमत नहीं हो पा रहा हूँ लेकिन भावनाएं सदैव सही ही हों ये जरुरी नहीं है...ऐसा भी नहीं…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी के गीत प्रयास से प्रसन्नता भी हुई और संतोष भी हुआ. मात्रिकता का यथोचित निर्वहन भी उत्साहित कर रहा है‘  उनको मिल रही सलाहें समीचीन हैं. इन सलाहों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. गीत के कथ्य और बिम्ब चयन में यदि तार्किकता न…"
Friday
Samar kabeer commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"जनाब बृजेश जी,कोई भी उपमा या बिम्ब मन्तिक़(तार्किकता)के आधार पर ही उचित होता है,मैं जनाब अजय तिवारी साहिब से पूरी तरह सहमत हूँ ।"
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "तारतम्यता"
"भावपक्ष ठीक लगा मुझे आपकी कविता में..बाकी तो विद्वान ही बता सकेंगे.."
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post सौदागर
"बिलकुल सही जगह पे चोट करती हुई लघुकथा..वाह"
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"वाह बड़ी ही अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय...हर एक शेर लाजबाब.."
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"बहुत ही अच्छी भावपूर्ण लघुकथा लिखी है आदरणीय..."
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post पति ब्रांड ...
"हाहाहा...बहुतखूब आदरणीय..क्या खूब हास्य रंग बिखेरा है.."
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय तिवारी जी छमा कीजिये मैं आपसे पूर्णरूप से सहमत भी नहीं हो पा रहा हूँ।चूँकि बच्चियों को तितलियों की उपमा दी है इसमें बच्चियों के गुणों का विलोप नहीं होना चाहिए।हो सकता है मैं गलत हूँ...कोशिश कर रहा हूँ कुछ और सन्दर्भ ढूंढ सकूँ।सादर"
Friday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शैतानियत और कलम" (लघुकथा)
"अच्छा कटाक्ष किया है आदरणीय वर्तमान सामाजिक सोच पे..."
Thursday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - पहल हो गई
"बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही आदरणीय..."
Thursday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"वाह...क्या ही शानदार रचना पढ़ने को मिली...पढ़ते हुए भाव अंतस में उतर गया और यही किसी भी रचना के बेहतरीन होने का मापदंड है मेरी नजर में।हार्दिक बधाई आदरणीया.."
Thursday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"वाह आदरणीय शर्मा जी बहुत ही सुन्दर गीत् रचा है..."
Thursday
Ajay Tiwari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी,  \\लेकिन छोटी बच्चियों की तुलना अक्सर हम तितलियों से करते हैं जो खिलखिलाती हैं,गुनगुनाती हैं...\\  छोटी बच्चियों की तुलना तितलियों से इस लिए होती है कि तितलियों की ही तरह मासूम, सुन्दर, और चंचल होती हैं. इस तुलना का…"
Thursday
Ajay Tiwari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी,  \\लेकिन छोटी बच्चियों की तुलना अक्सर हम तितलियों से करते हैं जो खिलखिलाती हैं,गुनगुनाती हैं...\\  छोटी बच्चियों की तुलना तितलियों से इस लिए होती है कि तितलियों की ही तरह मासूम, सुन्दर, और चंचल होती हैं. इस तुलना का…"
Thursday
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गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'

शोर भौरों का सुनोगे तितलियाँ अब मौन हैंरक्त रंजित हो उठा मन रोज के अख़बार से हर कली सहमी हुई है आह अत्याचार से इस चमन में भेड़ियों से आदमी ये कौन हैं शोर भौरों का सुनोगे तितलियाँ अब मौन हैंप्रीत का संगीत गुमसुम भाव के व्यापार में सत्य का उपहास करता छल कपट संसार में प्रेम है अनुबंध जैसा प्रेम परिणय गौण है शोर भौरों का सुनोगे तितलियाँ अब मौन हैं(मौलिक एवं अप्रकाशित) बृजेश कुमार 'ब्रज'See More
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गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'

शोर भौरों का सुनोगे

तितलियाँ अब मौन हैं

रक्त रंजित हो उठा मन

रोज के अख़बार से

हर कली सहमी हुई है

आह अत्याचार से

इस चमन में भेड़ियों से

आदमी ये कौन हैं

शोर भौरों का सुनोगे

तितलियाँ अब मौन हैं

प्रीत का संगीत गुमसुम

भाव के व्यापार में

सत्य का उपहास करता

छल कपट संसार में

प्रेम है अनुबंध जैसा

प्रेम परिणय गौण है

शोर भौरों का सुनोगे

तितलियाँ अब मौन हैं

(मौलिक एवं…

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Posted on September 17, 2018 at 6:00pm — 17 Comments

ग़ज़ल...यादों के सरमाये-बृजेश कुमार 'ब्रज'

बह्र-ए-मीर पर आधारित ग़ज़ल

कमबख्त कहाँ से आये इतनी रात गये

उनकी यादों के साये इतनी रात गये

आज उभर के आया है इक दर्द पुराना

बेलौस हवा सहलाये इतनी रात गये

कश्ती कागज की गहरे यादों के दरिया

अब नींद कहाँ से आये इतनी रात गये

गीली मिटटी की सौंधी सौंधी सी खुशबू

अंतस में आग लगाये इतनी रात गये

किस प्रियतम के लिए हुआ बैचैन पपीहा

जो घड़ी घड़ी चिल्लाये इतनी रात गये

दूर उफ़क़ से आती हैं ग़मगीन…

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Posted on July 1, 2018 at 4:30pm — 8 Comments

ग़ज़ल....दिल जला के रौशनी होती नहीं है-बृजेश कुमार 'ब्रज'

फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन

दर्द अपना यूँ सर-ए-बाज़ार कर के

क्या मिलेगा वक़्त से तक़रार कर के

कुछ नहीं हासिल,समझते क्यों नहीं हो

गम उठाना आह भरना प्यार कर के

सामने उस मोड़ पर कुछ अनमना सा

शख़्स इक बैठा है सब न्योछार कर के

बन्दगी उल्फत है मैं था इस गुमां में

वो नहीं आया अना को पार कर के

दिल जला के रौशनी होती नहीं है

ये भी 'ब्रज' ने देखा है सौ बार कर के



(मौलिक एवं अप्रकाशित)…

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Posted on June 25, 2018 at 6:00pm — 24 Comments

लघुकथा-पराकाष्ठा

मोबाइल पर मेल का नोटिफिकेशन देख मोहन की आँखें चमक उठीं।शायद पायल का मेल हो।जल्दी से मेल खोला..हाँ ,ठीक 17 दिन बाद पायल का मेल था।अक्सर मेल नोटिफिकेशन देख खिल जाता है मोहन लेकिन अक्सर मायूसी ही हाथ लगती।खैर देखूं तो सही क्या लिखा है...अपने चश्मे को ठीक करता हुआ मोहन मेल पढ़ने लगा।"56 को हो गईं हूँ मैं और आप भी 60-65 तो होंगे ही,अब तो बता दो क्या मायने रखती हूँ मैं?और क्यों?" पिछले 40 सालों से ये सवाल कई बार पूछा था पायल ने लेकिन "कुछ सवालों को लाजबाब रहने दो" कह कर हर बार टाल गया मोहन।पर…

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Posted on June 22, 2018 at 5:30pm — 20 Comments

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At 6:59pm on October 24, 2017, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

स्वागत है आदरणीय ,  आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है .

At 11:43pm on November 17, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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