For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

narendrasinh chauhan
  • Male
  • anjar kutch gujarat
  • India
Share

Narendrasinh chauhan's Friends

  • Manisha Joban Desai
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • gumnaam pithoragarhi
  • savitamishra
  • Sushil Sarna
  • Madan Mohan saxena
  • Meena Pathak
  • vijay nikore
  • Dr.Prachi Singh
  • मिथिलेश वामनकर
 

narendrasinh chauhan's Page

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"खुब सुन्दर "
Sunday
narendrasinh chauhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"बहोत सुन्दर "
Saturday
narendrasinh chauhan commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post बरबादियाँ ही सब तरफ आती हैं इससे बस - गजल
"सुन्दर रचना"
Sep 13
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post ओस कण ...
"लाजवाब । सर हार्दिक बधाई । "
Sep 12
narendrasinh chauhan commented on Hari Prakash Dubey's blog post रिश्तों का सच
"बहोत खूब सुन्दर रचना । हार्दिक बधाई ।"
Sep 12
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post भ्रम ... (दो क्षणिकाएं )
"बहोत खुब सुन्दर रचनाये"
Sep 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on narendrasinh chauhan's blog post इच्छा
"आद0 नरेंद्र जी सादर अभिवादन। आद0 समर साहब की बातों पर गौर कीजिए। सादर"
Sep 5
babitagupta commented on narendrasinh chauhan's blog post इच्छा
"बेहतरीन रचना ,निराश होकर अपने को भाग्य भरोसे छोड़ना।हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय नरेंद्र सरजी।"
Sep 5
Samar kabeer commented on narendrasinh chauhan's blog post इच्छा
"जनाब नरेन्द्र सिंह चौहान साहिब आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखने का नियम है,लेकुन आपने //अमोलिक अप्रकाषित// लिखा है,क्या ये आपकी रचना नहीं है?"
Sep 5
narendrasinh chauhan posted a blog post

इच्छा

मैंएक पंख  बिना उद्देश्य से उड़ता भाग्य की हवा की चोटी पर अनियंत्रितहवा की धाराओं पर मुझे कृपया प्रेरित करे  शायद एक दिनभाग्य एक यादृच्छिक हवा  मुझे ले जायेजहां मैं कभी नहीं उड़ाउस दिशा में जो अंततःमुझे पहुचाये आपके करीबअमोलिक अप्रकाषित See More
Sep 4
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post मिश्रित दोहे -2
"खुब सुन्दर"
Sep 4
narendrasinh chauhan commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post गजल - गुनगुनाने से रहे
"बहोत खुब"
Sep 1
narendrasinh chauhan commented on mirza javed baig's blog post मिर्ज़ा ग़ालिब की ज़मीन में एक कोशिश ।
"खुब सुन्दर रचना....हार्दिक बधाई."
Aug 31
narendrasinh chauhan commented on Naveen Mani Tripathi's blog post अब तीरगी से जंग कोई आर पार हो
"बहोत खुब"
Aug 29
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे मुक्तक :मात्रा आधारित....
"खुब सुन्दर रचनाए"
Aug 29
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post अफ़सुर्दा सा लम्हा ....
"बहोत खूब। .."
Aug 27

Profile Information

Gender
Male
City State
anjar gujarat
Native Place
anjar
Profession
service
About me
READING

Narendrasinh chauhan's Blog

इच्छा

मैं

एक पंख  

बिना उद्देश्य से उड़ता 

भाग्य की हवा की चोटी पर अनियंत्रित

हवा की धाराओं पर 

मुझे 

कृपया प्रेरित करे  

शायद एक दिन

भाग्य एक यादृच्छिक हवा 

 मुझे ले जाये

जहां मैं कभी नहीं उड़ा

उस दिशा में

 जो अंततः

मुझे पहुचाये 

आपके करीब

अमोलिक अप्रकाषित 

Posted on September 4, 2018 at 12:28pm — 3 Comments

कविता

पेंसिल या पेन

किस तरह का स्याही

आप फैल रहे हैं?

आग पर कीबोर्ड

सपने और इच्छाएं

कुछ हास्य

कुछ आँसू

गंभीरता  एक खुराक

जीतने वाले शब्द

शब्दों को विभाजित करना

शब्द जो हमें एक साथ लाते हैं

शब्द जो जीवन बोलते हैं

कोई बात नहीं कविता या टुकड़ा

कविता है

और हमेशा जीवित रहेगी

मौलिक व अप्रकाशित.

Posted on March 22, 2018 at 1:13pm — 4 Comments

तपस्या

क्या यह मुझे जानने में मदद करेगा
वहां उनकी हंसी है
रिक्त स्थान में भर
हवा में फसी

क्या यह मुझे सीखना शांत करेगा
हर जगह से आनंद के फैल  आँसू
दिल खुश से विस्फोट
जैसा कि यह केवल उचित है.

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on June 1, 2017 at 4:08pm — 1 Comment

मुझे

ईर्ष्या 

कृपया मुझे छोड़ दें

मुझे मुक्त चलने दें 

तेरी  समझ से

ईमानदारी

कृपया मुझे में भर

मेरे शब्दों को मुक्त कर 

उस विश्वास के साथ

मूर्खता

कृपया मुझे छोड़ दें

मुझे दो बार सुन लेकिन बोल

एक आवाज़ के साथ

अखंडता

कृपया मुझे सशक्त कर

मेरे दिमाग और शरीर को ऊपर ले

सही विकल्प बनाने के लिए

मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on May 27, 2017 at 10:30am — 1 Comment

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:45pm on April 27, 2017, vijay nikore said…

मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए आभारी हूँ।

हरि ॐ.

विजय निकोर

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"जरूर आदरणीय समर कबीर जी...रचना पटल पे आपकी गरिमामयी उपस्थिति सदैव उत्साहवर्धक होती है...सादर"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय तिवारी जी आपसे असहमति का कोई कारण नहीं है..लेकिन गीत की पृष्ठभूमि जरूर बताना चाहूँगा उसके…"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय डा. साहब...आपको गीत पसंद आया जानकर बड़ी प्रसन्नता हुई..सादर आभार"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post सौदागर
"जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"जनाब विनय कुमार जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post पति ब्रांड ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"जनाब अजय तिवारी जी आदाब,अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । जनाब अजय तिवारी जी की बात का संज्ञान…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"जनाब अजय तिवारी जी,ये रचना सुशील जी की नहीं,मोहतरमा अमिता तिवारी जी की है ।"
3 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post है दूर मंज़िल घना तिमिर है------ग़ज़ल, इस्लाह की गुजारिश के साथ
"आदरणीय बाऊजी प्रणाम। आपके सुझाव के अनुरूप सुधार करता हूँ"
3 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post है दूर मंज़िल घना तिमिर है------ग़ज़ल, इस्लाह की गुजारिश के साथ
"आदरणीय अजय जी बहुत आभार"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई पंकज जी, गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार।"
4 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service