For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

narendrasinh chauhan
  • Male
  • anjar kutch gujarat
  • India
Share

Narendrasinh chauhan's Friends

  • Manisha Joban Desai
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • gumnaam pithoragarhi
  • savitamishra
  • Sushil Sarna
  • Madan Mohan saxena
  • Meena Pathak
  • vijay nikore
  • Dr.Prachi Singh
  • मिथिलेश वामनकर
 

narendrasinh chauhan's Page

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
"ख़ुश्बू सी यूँ हवा में है, लगता वो आने वाला है आबोहवा का हाल भी पिछले ज़माने वाला है  बहोत खूब।  सुन्दर रचना "
yesterday
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post इस दर्पण में ......
"खूब सुन्दर प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें"
Friday
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"खूब सुन्दर सरल रचनाएँ हार्दिक बधाई "
Wednesday
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post प्रणय-हत्या
"सुन्दर भावपूर्ण रचना के लिए हार्दिक शुभकामनाये "
Nov 10
राज़ नवादवी commented on narendrasinh chauhan's blog post और इस तरह
"आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान साहब, आदाब. अच्छी कविता हुई है, मुबारकबाद पेश करता हूँ. सादर "
Nov 7
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post अंतर्द्वन्द्व
"आदरणीय विजय निकोरे जी खूब सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई , लाजवाब  "
Nov 6
narendrasinh chauhan posted blog posts
Nov 4
Samar kabeer commented on narendrasinh chauhan's blog post और इस तरह से
"जनाब नरेंद्र सिंह चौहान साहिब आदाब,कविता का प्रयास अच्छा है,लेकिन कविता कुछ और समय चाहती है । '  और इस तरह से' इस पंक्ति में 'इस तरह' के बाद 'से' लिखने की ज़रूरत नहीं होती । बाक़ी की पंक्तियों में कहीं सम्बोधन…"
Nov 3
narendrasinh chauhan commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कहीं हद तोड़ कर तट भी अगर मझधार हो जाता - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी "मुसाफिर" जी हार्दिक बधाई। खूब सुन्दर  गज़ल।"
Nov 3
narendrasinh chauhan commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६५
" आदरणीय राज़ जी हार्दिक बधाई। खूब सुन्दर  गज़ल।"
Nov 3
narendrasinh chauhan commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post गजल- नहीं आती
"जिन्दगी से न कोई मिल पाता मौत मिलने अगर नहीं आती खूब सही फ़रमाया  सुन्दर रचना "
Nov 2
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post दर्द के दायरे
"आदरणीय खूब सुन्दर  सृजन के लिए बहुत बधाई"
Nov 1
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post कसमों की डोरी ....
"आदरणीय सुशील  जी खूब  सुंदर रचना के लिए  बहोत बधाई"
Oct 31
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post 2 क्षणिकाएं - शान्ति/होड़
"सर बहोत खूब सुन्दर प्रस्तुति "
Oct 30
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post ज़िंदगी..............
"खुब सुन्दर रचना सर"
Oct 29
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post रावण :
"खूब सही कहा है सर आपने , सुन्दर रचना "
Oct 22

Profile Information

Gender
Male
City State
anjar gujarat
Native Place
anjar
Profession
service
About me
READING

Narendrasinh chauhan's Blog

और इस तरह

मेरी आँखें बंद करो

और इस तरह से

दुनिया को बंद करना

मैं तुम्हें फिर मिलूंगा

तुम  शानदार हो 

जीवित और ज्वलंत

मेरे सीने  से गहरी सांस लेना

मैं तुम्हारी मुस्कान  की तस्वीर बना लूँगा 

तुम्हारी  आंखों के पीछे का नरम  प्रकाश

मेरे दिमाग में यादों का  मीलो  चलना

इच्छा है कि मैं एक चील  की तरह झपट के 

और तुम्हें उस जगह  ले जाऊ 

जिस  जगह जहां आँसू गिरते थे 

जबकि हम आमने-सामने बैठे थे

एक दूसरे के गाल पर हाथ

फुसफुसाते हुए "सब ठीक…

Continue

Posted on November 3, 2018 at 2:30pm — 2 Comments

इच्छा

मैं

एक पंख  

बिना उद्देश्य से उड़ता 

भाग्य की हवा की चोटी पर अनियंत्रित

हवा की धाराओं पर 

मुझे 

कृपया प्रेरित करे  

शायद एक दिन

भाग्य एक यादृच्छिक हवा 

 मुझे ले जाये

जहां मैं कभी नहीं उड़ा

उस दिशा में

 जो अंततः

मुझे पहुचाये 

आपके करीब

अमोलिक अप्रकाषित 

Posted on September 4, 2018 at 12:28pm — 3 Comments

कविता

पेंसिल या पेन

किस तरह का स्याही

आप फैल रहे हैं?

आग पर कीबोर्ड

सपने और इच्छाएं

कुछ हास्य

कुछ आँसू

गंभीरता  एक खुराक

जीतने वाले शब्द

शब्दों को विभाजित करना

शब्द जो हमें एक साथ लाते हैं

शब्द जो जीवन बोलते हैं

कोई बात नहीं कविता या टुकड़ा

कविता है

और हमेशा जीवित रहेगी

मौलिक व अप्रकाशित.

Posted on March 22, 2018 at 1:13pm — 4 Comments

तपस्या

क्या यह मुझे जानने में मदद करेगा
वहां उनकी हंसी है
रिक्त स्थान में भर
हवा में फसी

क्या यह मुझे सीखना शांत करेगा
हर जगह से आनंद के फैल  आँसू
दिल खुश से विस्फोट
जैसा कि यह केवल उचित है.

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on June 1, 2017 at 4:08pm — 1 Comment

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:45pm on April 27, 2017, vijay nikore said…

मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए आभारी हूँ।

हरि ॐ.

विजय निकोर

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"क्षणिकाएँ अच्छी बनी हैं, हार्दिक बधाई, आदरणीय सुशील जी"
3 hours ago
vijay nikore commented on santosh khirwadkar's blog post मिट गए नक़्श सभी....संतोष
"गज़ल अच्छी लगी। हार्दिक बधाई, आदरणीय संतोष जी"
3 hours ago
vijay nikore commented on TEJ VEER SINGH's blog post पहल - लघुकथा -
"बेह्तरीन, कसी हुई लघु कथा के लिए हार्द्क बधाई भाई तेज वीर सिंह जी"
3 hours ago
vijay nikore commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post एक ग़ज़ल - शिज्जु शकूर
"इस अच्छी गज़ल के लिए दिल से बधाई, आदरणीय शिज्जू शकूर जी"
3 hours ago
vijay nikore replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"प्रतिभा पांडे जी, आपका जीवन सुखमय हो। जन्मदिन की हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
vijay nikore replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"भाई योगराज जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ"
4 hours ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"हरिगीतिका छंद में यह लाडली है देश की आकाश को छूने चलीसब तोड़कर बाधा बढ़ी है आज वह हक़ की गली जग सोचता…"
7 hours ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"हरिगीतिका छन्द में यह लाडली है देश की आकाश को छूने चलीसब तोड़कर बाधा चली है आज वह हक़ की गली जग…"
7 hours ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह जनाबे मोहतरम समर कबीर साहब, उस्ताद वाली नज़र पड़ी और रचना धन्य हुई। बहुत बहुत शुक्रिया इतनी…"
8 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,रचना आपको पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ,आपकी प्रशंसा पाकर मुग्ध हूँ,…"
8 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत शुक्रिया आपका,मुहतरमा प्रतिभा पाण्डेय साहिबा ।"
8 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह! वाह!! वाह! बहुत ख़ूब ! बहुत ख़ूब ! छंद पढ़कर मज़ा आ गया । अभिभूत हो गया हूँ । बहुत सशक्त…"
8 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service